आइसार्क में धान नीतियों पर उच्च स्तरीय नीति संवाद का होने जा रहा आयोजन भारत में टिकाऊ एवं सुदृढ़ धान प्रणाली के लिए नीतिगत सुधारों पर होगी चर्चा वाराणसी, उत्तर प्रदेश (06.03.2026) — अंतर्राष्ट्रीय धान अनुसंधान संस्थान, दक्षिण एशिया क्षेत्रीय केंद्र (आइसार्क), भारतीय अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संबंध अनुसंधान परिषद के सहयोग से, 7–8 मार्च 2026 को आइसार्क, वाराणसी में दो दिवसीय उच्च स्तरीय नीति संवाद का आयोजन करने जा रहा है। इस कार्यक्रम का मुख्य विषय “भारत में टिकाऊ एवं सुदृढ़ धान प्रणाली के लिए नीतियों की पुनर्गठन - सीख एवं प्राथमिकताएँ है। इस दो दिवसीय कार्यक्रम में विभिन्न सरकारी संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी, नीति निर्माता, शोधकर्ता, विकास सहयोगी संस्थाएँ, निजी क्षेत्र के प्रतिनिधि तथा किसान भाग लेंगे। इसमें भारत की वर्तमान धान नीति की समीक्षा की जाएगी और भविष्य के लिए आवश्यक सुधारों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इस संवाद में उत्तर प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भाग लेंगे, जिनमें माननीय मुख्यमंत्री के सलाहकार, कृषि उत्पादन आयुक्त तथा प्रमुख सचिव शामिल होंगे। इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय अनुसंधान संस्थानों, विकास संगठनों तथा निजी क्षेत्र की कंपनियों, जिनमें बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ भी शामिल हैं व उनके प्रतिनिधि भी इस संवाद में सहभागिता करेंगे। धान भारत की खाद्य सुरक्षा, ग्रामीण आजीविका और कृषि अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण आधार है। भारत विश्व का सबसे बड़ा चावल निर्यातक और प्रमुख उत्पादक देश होने के कारण वैश्विक चावल बाजार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वर्तमान में भूजल स्तर में गिरावट, बढ़ती उत्पादन लागत और जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न अस्थिरता जैसी चुनौतियाँ धान प्रणाली की दीर्घकालिक स्थिरता के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर रही हैं। इन परिस्थितियों में वैज्ञानिक प्रमाणों पर आधारित नीतिगत सुधार और जलवायु-अनुकूल तकनीकों को बढ़ावा देना आवश्यक हो गया है। यह संवाद नीति-निर्माताओं और संबंधित पक्षों को सुधार के संभावित रास्तों पर गहन चर्चा का मंच प्रदान करेगा। आइसार्क के निदेशक डॉ. सुधांशु सिंह ने कहा कि यह संवाद नीति निर्माताओं और अन्य प्रमुख हितधारकों को संभावित सुधारों के मार्गों पर विचार-विमर्श का एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगा। चर्चा के प्रमुख विषयों में धान बाजार एवं व्यापार, पर्यावरणीय स्थिरता, तथा जलवायु-अनुकूल तकनीकों - जैसे धान की सीधी बुआई (डीएसआर) का विस्तार शामिल होगा, जिसमें पानी की खपत और मीथेन जैसी ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन को कम करने, उत्पादन लागत घटाने और कृषि प्रणाली को अधिक सुदृढ़ बनाने की क्षमता है। कार्यक्रम में मुख्य व्याख्यान, विशेषज्ञ पैनल चर्चा और विभिन्न हितधारकों के परामर्श सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनका उद्देश्य प्रमाण-आधारित नीति निर्माण को सुदृढ़ करना और संस्थागत समन्वय को मजबूत बनाना है, ताकि देशभर में टिकाऊ धान आधारित कृषि प्रणाली को बढ़ावा दिया जा सके।
आइसार्क में धान नीतियों पर उच्च स्तरीय नीति संवाद का होने जा रहा आयोजन भारत में टिकाऊ एवं सुदृढ़ धान प्रणाली के लिए नीतिगत सुधारों पर होगी चर्चा वाराणसी, उत्तर प्रदेश (06.03.2026) — अंतर्राष्ट्रीय धान अनुसंधान संस्थान, दक्षिण एशिया क्षेत्रीय केंद्र (आइसार्क), भारतीय अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संबंध अनुसंधान परिषद के सहयोग से, 7–8 मार्च 2026 को आइसार्क, वाराणसी में दो दिवसीय उच्च स्तरीय नीति संवाद का आयोजन करने जा रहा है। इस कार्यक्रम का मुख्य विषय “भारत में टिकाऊ एवं सुदृढ़ धान प्रणाली के लिए नीतियों की पुनर्गठन - सीख एवं प्राथमिकताएँ है। इस दो दिवसीय कार्यक्रम में विभिन्न सरकारी संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी, नीति निर्माता, शोधकर्ता, विकास सहयोगी संस्थाएँ, निजी क्षेत्र के प्रतिनिधि तथा किसान भाग लेंगे। इसमें भारत की वर्तमान धान नीति की समीक्षा की जाएगी और भविष्य के लिए आवश्यक सुधारों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इस संवाद में उत्तर प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भाग लेंगे, जिनमें माननीय मुख्यमंत्री के सलाहकार, कृषि उत्पादन आयुक्त तथा प्रमुख सचिव शामिल होंगे। इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय अनुसंधान संस्थानों, विकास संगठनों तथा निजी क्षेत्र की कंपनियों, जिनमें बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ भी शामिल हैं व उनके प्रतिनिधि भी इस संवाद में सहभागिता करेंगे। धान भारत की खाद्य सुरक्षा, ग्रामीण आजीविका और कृषि अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण आधार है। भारत विश्व का सबसे बड़ा चावल निर्यातक और प्रमुख उत्पादक देश होने के कारण वैश्विक चावल बाजार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वर्तमान में भूजल स्तर में गिरावट, बढ़ती उत्पादन लागत और जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न अस्थिरता जैसी चुनौतियाँ धान प्रणाली की दीर्घकालिक स्थिरता के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर रही हैं। इन परिस्थितियों में वैज्ञानिक प्रमाणों पर आधारित नीतिगत सुधार और जलवायु-अनुकूल तकनीकों को बढ़ावा देना आवश्यक हो गया है। यह संवाद नीति-निर्माताओं और संबंधित पक्षों को सुधार के संभावित रास्तों पर गहन चर्चा का मंच प्रदान करेगा। आइसार्क के निदेशक डॉ. सुधांशु सिंह ने कहा कि यह संवाद नीति निर्माताओं और अन्य प्रमुख हितधारकों को संभावित सुधारों के मार्गों पर विचार-विमर्श का एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगा। चर्चा के प्रमुख विषयों में धान बाजार एवं व्यापार, पर्यावरणीय स्थिरता, तथा जलवायु-अनुकूल तकनीकों - जैसे धान की सीधी बुआई (डीएसआर) का विस्तार शामिल होगा, जिसमें पानी की खपत और मीथेन जैसी ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन को कम करने, उत्पादन लागत घटाने और कृषि प्रणाली को अधिक सुदृढ़ बनाने की क्षमता है। कार्यक्रम में मुख्य व्याख्यान, विशेषज्ञ पैनल चर्चा और विभिन्न हितधारकों के परामर्श सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनका उद्देश्य प्रमाण-आधारित नीति निर्माण को सुदृढ़ करना और संस्थागत समन्वय को मजबूत बनाना है, ताकि देशभर में टिकाऊ धान आधारित कृषि प्रणाली को बढ़ावा दिया जा सके।
- मिर्जापुर के चौबे टोला में उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक इलेक्ट्रॉनिक गोदाम में भीषण आग लग गई। बताया जा रहा है कि संतोष जैन का मकान किराए पर लेकर अरुण अग्रवाल द्वारा एसी, फ्रिज समेत कई इलेक्ट्रॉनिक सामान स्टोर किए गए थे। आग इतनी भयानक है कि अब तक दमकल विभाग की 5 गाड़ियां मौके पर पहुंच चुकी हैं, लेकिन काफी प्रयासों के बावजूद अभी तक आग पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका है। मौके पर पहुंचे नगर विधायक रत्नाकर सहित स्थानीय लोगों की भारी भीड़ मौके पर जुटी है और आग बुझाने का काम लगातार जारी है। नुकसान का आंकलन अभी नहीं हो सका है।1
- मिर्जापुर पुलिस ने अंतरजनपदीय वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। थाना कोतवाली शहर पुलिस और एसओजी/सर्विलांस की संयुक्त टीम ने इस कार्रवाई में चार शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनके कब्जे से चोरी की मोटरसाइकिलें और बड़ी मात्रा में उनके पार्ट्स बरामद किए गए हैं। इसमें 3 आरोपी जिले के और 1 पड़ोसी जनपद भदोही का रहने वाला है। एक रिपोर्ट Vo 1: पुलिस के अनुसार, कचहरी तिराहे के पास चेकिंग के दौरान संदिग्ध गतिविधि के आधार पर पवन कुमार विश्वकर्मा को पकड़ा गया। तलाशी लेने पर उसके पास से एक चोरी की मोटरसाइकिल बरामद हुई। पूछताछ में आरोपी ने अपने गैंग के अन्य साथियों की जानकारी दी, जिसके आधार पर पुलिस ने महेश कुमार बिन्द, रमेश केशरी और पिंटू कुमार बिन्द को भी गिरफ्तार कर लिया। इनके कब्जे से 2 चोरी की मोटर साइकिल, 11 इंजन, 3 कटी हुई चेसिस, 6 साइलेंसर, 4 पेट्रोल टंकी 22 रिंग सहित अन्य मोटरसाइकिल पार्ट्स बरामद किया गया। आरोपियों ने बताया कि उनका एक संगठित गिरोह है, जो अलग-अलग स्थानों पर खड़ी मोटरसाइकिलों को मौका देखकर चोरी करता था। चोरी के बाद वे वाहनों की नंबर प्लेट हटा देते थे और उन्हें छिपाकर रखते थे। बाद में गाड़ियों को काटकर उनके पार्ट्स अलग-अलग बेच दिए जाते थे, जिससे पहचान खत्म हो जाती थी और बिक्री आसान हो जाती थी। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ पहले से भी कई मुकदमे दर्ज हैं, जिससे स्पष्ट है कि वे लंबे समय से इस अवैध गतिविधि में संलिप्त थे। थाना कोतवाली शहर में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को न्यायालय भेज दिया गया है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और चोरी के नेटवर्क की भी जांच कर रही है। पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजक कौशिक ने सराहनीय कार्रवाई के लिए पुलिस टीम को 15,000 के पुरस्कार से सम्मानित किया है। Bite: अपर्णा रजक कौशिक, एसपी, मिर्जापुर।3
- मीरजापुर में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी दस्तावेजों के जरिए अवैध रूप से भारत में रह रहे 4 बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी क्रेशर प्लांट पर काम कर रहे थे और फर्जी आधार व पैन कार्ड बनवाकर अपनी पहचान छुपा रहे थे। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है।1
- मिर्जापुर : पुलिस ने अंतर्जजनपदीय शातिर वाहन गैंग का किया पर्दाफाश पुलिस ने चार शातिर चोरो को किया गिरफ्तार इनके पास चोरी के दो मोटरसाइकिल 11 इंजन,तीन चेसिस और मोटरसाइकिल का पार्ट किया बरामद शातिर चोर मोटरसाइकिल चोरी कर उसके पार्ट्स को बेचा करते थे. बाइकों की चोरी कर पार्ट्स को अलग-अलग बेच कर परिवार का भरण पोषण करते थे पुलिस ने पूछताछ कर चारों को भेजा जेल एसपी अपर्णा रजत कौशिक ने प्रेसवार्ता कर दी जानकारी।4
- थाना को0कटरा पुलिस द्वारा कूटरचित/फर्जी दस्तावेज के माध्यम से अवैध रूप से भारत में निवास कर रहे 04 बांग्लादेशी गिरफ्तार, 04 अदद मोबाइल फोन सहित अन्य दस्तावेज बरामद मिर्जापुर अपर्णा रजत कौशिक पुलिस अधीक्षक मीरजापुर द्वारा अपराध की रोकथाम एवं अपराधियों की धरपकड़ तथा वांछित/वारण्टी/इनामियां अभियुक्तों की गिरफ्तारी सहित संदिग्ध व्यक्तियों एवं वाहनों की सघन चेकिंग हेतु जनपद के समस्त प्रभारी निरीक्षक/थानाध्यक्षगण को प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए है उक्त निर्देश के अनुक्रम में अपर पुलिस अधीक्षक नगर व क्षेत्राधिकारी नगर के नेतृत्व में थाना को0कटरा पुलिस द्वारा क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्तियों एवं वाहनों की चेकिंग करते समय फर्जी दस्तवाजे के माध्यम से भारत में अवैध रुप से निवास कर रहे 04 बांग्लादेशियों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हाथ लगी है । दिनांकः06.04.2026 को थाना को0कटरा पुलिस टीम क्षेत्र में भ्रमणशील थी कि इस दौरान रेलवे स्टेशन मीरजापुर के पास एक संदिग्ध व्यक्ति पर नजर पड़ी, संदेह होने पर पूछताछ की गयी तो उसने अपना नाम पता मो0 सबूज हुसैन पुत्र मो0 समसुलहक निवासी दनाजपुर थाना पीरगंज जिला ठाकुरगांव/ठाकुरगंज विभाग रंगपुर (प्रदेश) बंगलादेश बताते हुए यह भी बताया कि उसका भाई सब्बीर हुसैन जो बांग्लादेश से मुझे व 02 अन्य साथियों के साथ लाया है जो वर्तमान समय में डगमगपुर पड़ी मीरजापुर में प्रदीप सिंह के पी0के0 क्रेशर पर कार्य करते है । अभियुक्त की निशानदेही पर उपरोक्त क्रेशर प्लांट से 03 अन्य अभियुक्तों सब्बीर हुसैन पुत्र मो0समसुलहक निवासी दनाजपुर थाना पीरगंज जिला ठाकुरगंज विभाग रंगपुर(प्रदेश)बांग्लादेश, नरेशदास पुत्र सुनील दास ग्राम बाराबन्दर योगेन्दर बाबू मठ थाना कोतवाली दनाजपुर विभाग रंगपुर (प्रदेश)बांग्लादेश व जयदास पुत्र नमोचन्द्रदास ग्राम नरेशदादा के गांव बांग्लादेश को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 04 अदद मोबाइल फोन बरामद किया गया । बरामद मोबाइलों से आधार कार्ड व पैन कार्ड, बांग्लादेश की वोटर आईडी व पासपोर्ट सहित अन्य दस्तावेज बरामद हुए । उक्त गिरफ्तारी व बरामदगी के सम्बन्ध में थाना को0कटरा पर मु0अ0सं0-94/2026 धारा 319(2),318(4),338,336(3),340(2),61(2) बीएनएस, 2/17 नागरिकता अधिनियम व 3/21 अप्रवास व विदेशियों विषयक अधिनियम पंजीकृत कर नियमानुसार अग्रिम विधिक कार्यवाही करते हुए गिरफ्तार अभियुक्तों को मा0न्यायालय/जेल भेजा जा रहा है गिरफ्तार अभियुक्तों द्वारा पूछताछ में बताया गया कि हम लोग बांग्लादेश से दलाल को पैसे देकर सीमा/नदी पार कर पश्चिम बंगाल के रायगंज पहुंचे, वहां से कालियागंज रेलवे स्टेशन से ट्रेन के माध्यम से उ0प्र0 आगरा गए और काम की तलाश में आगरा से मीरजापुर आयें । जहां डगमगपुर पड़री में पी0के0 क्रेशर पर अपनी बांग्लादेशी पहचान छुपाकर काम करने लगे तथा सब्बीर व मो0सबूज ने फर्जी तरीके से कूटरचित दस्तावेज तैयार कर ग्राम दसौती पोस्ट सौधी जिला कैमूर बिहार के पते पर अपना आधार कार्ड व पैन कार्ड बनवा लिया और तब से हम लोग प्रदीप सिंह के क्रेशर पर काम कर रहे थे ।3
- हेडलाइन: भारी आंधी-तूफान में गिरा आम का पेड़, बाल-बाल बचे लोग समाचार: जंगीगंज क्षेत्र के कुलमनपुर गांव में तेज आंधी और तूफान के चलते एक बड़ा आम का पेड़ अचानक गिर पड़ा। घटना उस समय हुई जब मौसम ने अचानक करवट ली और तेज हवाओं के साथ धूल भरी आंधी चलने लगी। ग्रामीणों के अनुसार, पेड़ गिरने से आसपास अफरा-तफरी मच गई, लेकिन गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई। हालांकि, पेड़ गिरने से रास्ता कुछ समय के लिए बाधित हो गया और स्थानीय लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग की चेतावनी के बावजूद अचानक आई इस आंधी ने ग्रामीण क्षेत्रों में कई जगह नुकसान पहुंचाया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि रास्ता जल्द साफ कराया जाए ताकि आवागमन सामान्य हो सके। अपील: तेज आंधी-तूफान के दौरान लोग सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों व कमजोर ढांचों से दूरी बनाए रखें।1
- -सेवा एवं संरक्षण को लेकर प्रशासन सक्रिय, भदोही में 4415 से अधिक गोवंश सुरक्षित1
- मीरजापुर । थाना कोतवाली कटरा पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से अवैध रूप से भारत में निवास कर रहे चार बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चार मोबाइल फोन सहित आधार कार्ड, पैन कार्ड, बांग्लादेशी वोटर आईडी व पासपोर्ट से संबंधित दस्तावेज भी बरामद किए हैं। पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक के निर्देश पर जनपद में अपराधियों की धरपकड़ एवं संदिग्ध व्यक्तियों की सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक नगर व क्षेत्राधिकारी नगर के नेतृत्व में थाना कटरा पुलिस टीम क्षेत्र में चेकिंग कर रही थी। इस दौरान रेलवे स्टेशन मीरजापुर के पास एक संदिग्ध युवक को रोककर पूछताछ की गई। पूछताछ में उसने अपना नाम मोहम्मद सबूज हुसैन निवासी जिला ठाकुरगांव, बांग्लादेश बताया। उसने खुलासा किया कि वह अपने भाई सब्बीर हुसैन व अन्य साथियों के साथ अवैध रूप से भारत आया है और डगमगपुर पड़री स्थित एक क्रेशर प्लांट पर कार्य कर रहा है। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर उक्त क्रेशर प्लांट पर छापेमारी कर तीन अन्य आरोपियों—सब्बीर हुसैन, नरेश दास व जय दास—को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान चारों के पास से मोबाइल फोन बरामद हुए, जिनमें फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड के साथ बांग्लादेशी पहचान पत्र व पासपोर्ट के दस्तावेज मिले। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे दलाल को पैसे देकर सीमा पार कर पश्चिम बंगाल के रास्ते भारत में प्रवेश किए थे। वहां से ट्रेन द्वारा आगरा पहुंचे और बाद में काम की तलाश में मीरजापुर आकर क्रेशर प्लांट पर मजदूरी करने लगे। अपनी पहचान छुपाने के लिए उन्होंने बिहार के पते पर फर्जी आधार व पैन कार्ड बनवा लिए थे। पुलिस ने इस मामले में थाना कोतवाली कटरा में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर सभी आरोपियों को न्यायालय भेज दिया है। साथ ही, इस पूरे नेटवर्क की जांच भी शुरू कर दी गई है।2