गोहर क्षेत्र की आराध्य माता त्रिपुर भैरवी अपने श्रद्धालुओं के साथ द्रंग विधानसभा क्षेत्र के ऋषि पराशर मंदिर पहुंचीं। पराशर पहुंचते ही पूरी पहाड़ियां माता के ढोल-नगाड़ों से गूंज उठीं। वहां पहुंचकर माता त्रिपुर भैरवी ने मंदिर में शीश नवाया और सभी भक्तों ने ऋषि पराशर से आशीर्वाद लिया। इसके बाद माता ने पराशर झील में शीश नवाया और वहां से एक पवित्र जलधारा फूट उठी। संध्याकालीन आरती के बाद पराशर ऋषि के गूर पुजारी अमर सिंह भंडारी द्वारा तीर्थराज के सानिध्य में जाग का आयोजन किया गया। इस भक्तिमय माहौल में मांहूनाग भजन मंडली के पुजारी दीनानाथ शर्मा झूम उठे, नृत्य किया और मंदिर में संध्या वंदन भी किया। दीनानाथ शर्मा के अनुसार, माता के कारदारों ने देव पराशर ऋषि के कारदारों को सम्मानित किया। इस भव्य आयोजन के बाद माता खुशी-खुशी अपने श्रद्धालुओं के साथ वापस अपने मंदिर लौट आईं, जिसके बाद श्रद्धालुओं ने ऋषि पराशर के कारदारों द्वारा किए गए शानदार स्वागत के लिए उनका धन्यवाद किया।
गोहर क्षेत्र की आराध्य माता त्रिपुर भैरवी अपने श्रद्धालुओं के साथ द्रंग विधानसभा क्षेत्र के ऋषि पराशर मंदिर पहुंचीं। पराशर पहुंचते ही पूरी पहाड़ियां माता के ढोल-नगाड़ों से गूंज उठीं। वहां पहुंचकर माता त्रिपुर भैरवी ने मंदिर में शीश नवाया और सभी भक्तों ने ऋषि पराशर से आशीर्वाद लिया। इसके बाद माता ने पराशर झील में शीश नवाया और वहां से एक पवित्र जलधारा फूट उठी। संध्याकालीन आरती के बाद पराशर ऋषि के गूर पुजारी अमर सिंह भंडारी द्वारा तीर्थराज के
सानिध्य में जाग का आयोजन किया गया। इस भक्तिमय माहौल में मांहूनाग भजन मंडली के पुजारी दीनानाथ शर्मा झूम उठे, नृत्य किया और मंदिर में संध्या वंदन भी किया। दीनानाथ शर्मा के अनुसार, माता के कारदारों ने देव पराशर ऋषि के कारदारों को सम्मानित किया। इस भव्य आयोजन के बाद माता खुशी-खुशी अपने श्रद्धालुओं के साथ वापस अपने मंदिर लौट आईं, जिसके बाद श्रद्धालुओं ने ऋषि पराशर के कारदारों द्वारा किए गए शानदार स्वागत के लिए उनका धन्यवाद किया।
- गोहर क्षेत्र की आराध्य माता त्रिपुर भैरवी अपने श्रद्धालुओं के साथ द्रंग विधानसभा क्षेत्र के ऋषि पराशर मंदिर पहुंचीं। पराशर पहुंचते ही पूरी पहाड़ियां माता के ढोल-नगाड़ों से गूंज उठीं। वहां पहुंचकर माता त्रिपुर भैरवी ने मंदिर में शीश नवाया और सभी भक्तों ने ऋषि पराशर से आशीर्वाद लिया। इसके बाद माता ने पराशर झील में शीश नवाया और वहां से एक पवित्र जलधारा फूट उठी। संध्याकालीन आरती के बाद पराशर ऋषि के गूर पुजारी अमर सिंह भंडारी द्वारा तीर्थराज के सानिध्य में जाग का आयोजन किया गया। इस भक्तिमय माहौल में मांहूनाग भजन मंडली के पुजारी दीनानाथ शर्मा झूम उठे, नृत्य किया और मंदिर में संध्या वंदन भी किया। दीनानाथ शर्मा के अनुसार, माता के कारदारों ने देव पराशर ऋषि के कारदारों को सम्मानित किया। इस भव्य आयोजन के बाद माता खुशी-खुशी अपने श्रद्धालुओं के साथ वापस अपने मंदिर लौट आईं, जिसके बाद श्रद्धालुओं ने ऋषि पराशर के कारदारों द्वारा किए गए शानदार स्वागत के लिए उनका धन्यवाद किया।2
- हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में मणिकर्ण घाटी की खस्ताहाल सड़क के विरोध में जनता ने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। सड़क की दयनीय स्थिति से नाराज लोग इस बदहाली के खिलाफ सड़क पर उतरकर अपना कड़ा विरोध दर्ज करा रहे हैं।1
- देवभूमि उत्तराखंड से सीधे भगवान के घर के पवित्र दर्शन कराए जा रहे हैं, जिसे आप यहाँ देख सकते हैं।1
- APMC चेयरमैन ललित ठाकुर ने चम्बा में अपने जनसेवा अभियान के तहत स्थानीय लोगों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को सुना। इस अभियान के दौरान उन्होंने मौके पर ही लोगों की कई समस्याओं का समाधान करवाया। इसके साथ ही, ललित ठाकुर ने प्रशासनिक अधिकारियों के माध्यम से भी जनता की विभिन्न समस्याओं का निस्तारण करवाकर लोगों को बड़ी राहत दिलाई है।1
- हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिला के विभिन्न क्षेत्रों में मौसम खुलने के बाद किसान और बागवान अपने खेतों की ओर लौट आए हैं। बुद्धि सिंह ठाकुर की रिपोर्ट के अनुसार, जिले के ऊपरी क्षेत्रों, जिनमें सैंज घाटी सहित अन्य ऊंचाई वाले इलाके शामिल हैं, में किसानों और बागवानों ने अगली फसल तैयार करने के लिए खेतों की जुताई का काम शुरू कर दिया है। गौरतलब है कि इस घाटी में बागवानी के साथ-साथ सब्जी उत्पादन ही यहां के किसानों की आमदनी का मुख्य साधन है। यही वजह है कि मौसम साफ होते ही किसान खेतों का रुख कर अपनी अगली फसल की तैयारियों में जुट गए हैं।1
- क्या महादेव सचमुच धरतीलोक से नाराज हो गए हैं और इसी वजह से बाबा बर्फानी अंतर्ध्यान हो गए हैं? बाबा अमरनाथ बर्फानी जी के इस तरह अंतर्ध्यान होने पर गहरी श्रद्धा और चिंता व्यक्त करते हुए 'जय बाबा अमरनाथ बर्फानी जी' का जयकारा लगाया गया है।1
- मंडी के गुरकोठा के पास एक बड़ा सड़क हादसा टल गया है। यहाँ सड़क धंसने की वजह से एक बस बाल-बाल बच गई। इस हादसे में बस की सभी सवारियां पूरी तरह सुरक्षित हैं।1