रायबरेली में 20 जून 2026 को जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका और पुलिस अधीक्षक रवि कुमार ने डलमऊ पंप कैनाल के अंतर्गत स्थित पंप हाउस का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान, उन्होंने पंपों के संचालन की स्थिति का जायजा लिया और मौके पर कुल 10 पंप संचालित पाए गए। जिलाधिकारी ने पंपों की कार्यक्षमता एवं संचालन व्यवस्था पर संतोष व्यक्त करते हुए उन्हें निरंतर सुचारू रूप से संचालित रखने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान, जिलाधिकारी ने सिंचाई व्यवस्था की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों को समय पर और पर्याप्त मात्रा में सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि वर्तमान मौसम और कृषि कार्यों को देखते हुए किसी भी स्थिति में सिंचाई व्यवस्था बाधित नहीं होनी चाहिए। तहसील दिवस में प्राप्त एक शिकायत का संज्ञान लेते हुए, जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता को डलमऊ पंप कैनाल के माध्यम से किसानों के खेतों तक शीघ्र पानी छोड़ना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि उन्हें कोई असुविधा न हो। इसके पश्चात, जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग के निरीक्षण भवन का भी निरीक्षण किया और उसकी व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए आवश्यक सुधार हेतु निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभागीय परिसरों की साफ-सफाई एवं रख-रखाव महत्वपूर्ण है, जिससे कार्यकुशलता में वृद्धि होती है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पंप हाउस का नियमित निरीक्षण किया जाए और किसी भी तकनीकी खराबी या समस्या को तत्काल दूर किया जाए। साथ ही, उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि जल वितरण प्रणाली पारदर्शी एवं व्यवस्थित रहे, जिससे सभी किसानों को समान रूप से लाभ मिल सके। इस अवसर पर अधिशाषी अभियंता सिंचाई सुशील यादव, अधिशासी अभियंता शारदा सहायक खण्ड शहनवाज, तहसीलदार डलमऊ मंजरी सिंह सिद्दीकी सहित सिंचाई विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
रायबरेली में 20 जून 2026 को जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका और पुलिस अधीक्षक रवि कुमार ने डलमऊ पंप कैनाल के अंतर्गत स्थित पंप हाउस का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान, उन्होंने पंपों के संचालन की स्थिति का जायजा लिया और मौके पर कुल 10 पंप संचालित पाए गए। जिलाधिकारी ने पंपों की कार्यक्षमता एवं संचालन व्यवस्था पर संतोष व्यक्त करते हुए उन्हें निरंतर सुचारू रूप से संचालित रखने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान, जिलाधिकारी ने सिंचाई व्यवस्था की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों को समय पर और पर्याप्त मात्रा में सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि वर्तमान मौसम और कृषि कार्यों को देखते हुए किसी भी स्थिति में सिंचाई व्यवस्था बाधित नहीं होनी चाहिए। तहसील दिवस में प्राप्त एक शिकायत का संज्ञान लेते हुए, जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता को डलमऊ पंप
कैनाल के माध्यम से किसानों के खेतों तक शीघ्र पानी छोड़ना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि उन्हें कोई असुविधा न हो। इसके पश्चात, जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग के निरीक्षण भवन का भी निरीक्षण किया और उसकी व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए आवश्यक सुधार हेतु निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभागीय परिसरों की साफ-सफाई एवं रख-रखाव महत्वपूर्ण है, जिससे कार्यकुशलता में वृद्धि होती है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पंप हाउस का नियमित निरीक्षण किया जाए और किसी भी तकनीकी खराबी या समस्या को तत्काल दूर किया जाए। साथ ही, उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि जल वितरण प्रणाली पारदर्शी एवं व्यवस्थित रहे, जिससे सभी किसानों को समान रूप से लाभ मिल सके। इस अवसर पर अधिशाषी अभियंता सिंचाई सुशील यादव, अधिशासी अभियंता शारदा सहायक खण्ड शहनवाज, तहसीलदार डलमऊ मंजरी सिंह सिद्दीकी सहित सिंचाई विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
- रायबरेली जिले के डीह विकासखंड की रोखा ग्राम सभा में एक प्राथमिक विद्यालय के निर्माण कार्य में इस्तेमाल हो रही सामग्री की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। इस संबंध में भूपेन्द्र चंद्र पांडेय नामक एक युवक ने उच्चाधिकारियों से शिकायत दर्ज कराई है। युवक भूपेन्द्र चंद्र पांडेय ने आरोप लगाया है कि पूरे खेऊ और पूरे जालिम गांव में बन रहे इस प्राथमिक विद्यालय के निर्माण में घटिया स्तर की सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि निर्माण सामग्री की गुणवत्ता निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं है। पांडेय ने इस पूरे मामले को लेकर रायबरेली के जिलाधिकारी सहित कई अधिकारियों से कई बार शिकायतें की हैं। हालांकि, उनका कहना है कि अब तक इन शिकायतों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से इस विषय की गहन जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की है।1
- उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले की ऊंचाहार कोतवाली क्षेत्र के अरखा कस्बे में कथित तौर पर अवैध रूप से संचालित हो रहे क्लिनिकों को लेकर ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि अरखा में लंबे समय से 'शिवांग पॉलीक्लिनिक' और एक अन्य क्लिनिक अवैध रूप से चल रहे हैं, जिनके संचालक स्वयं को डॉक्टर बताकर मरीजों का इलाज कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन क्लिनिकों के संचालकों की एमबीबीएस या अन्य कोई मान्यता प्राप्त डिग्री संदिग्ध है। उन पर मरीजों से मनमानी फीस वसूलने और महंगी दवाएं देने का आरोप है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि बिना उचित योग्यता के इलाज से मरीजों की जान को खतरा हो सकता है। नाम न छापने की शर्त पर एक ग्रामीण ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि वे मजबूरी में इन क्लिनिकों में जाते हैं, लेकिन इलाज महंगा होने के बावजूद कई बार आराम नहीं मिलता। उन्होंने सरकार से इन डॉक्टरों की प्रामाणिकता की जांच करने की मांग की है। इस संबंध में सीएमओ कार्यालय से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। हालांकि, ऊंचाहार सीएचसी अधीक्षक ने आश्वासन दिया है कि शिकायत मिलने पर नियमानुसार जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। अरखा में कथित झोलाछाप डॉक्टरों के बढ़ते बोलबाले को देखते हुए सीएमओ से सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है।1
- रायबरेली के ऊंचाहार क्षेत्र के सलीमपुर भैरव अकोढियां गाँव में तालाब, खलिहान और बंजर भूमि जैसी बेस कीमती सरकारी जमीनों पर भू-माफियाओं द्वारा अवैध कब्जा कर निर्माण कार्य जारी है। आरोप है कि इस मामले में शिकायतें किए जाने के बावजूद भी स्थानीय लेखपाल, एसडीएम और गाँव के प्रधान सहित जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिससे भू-माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। गाँव में इस बात को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है कि कहीं जिम्मेदार अधिकारी बेस कीमती सरकारी जमीनों को बेचने का कार्य तो नहीं कर रहे हैं। शिकायतकर्ताओं ने समाधान दिवस पर भी शिकायती पत्र दिए, लेकिन उन पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे ऊंचाहार तहसील प्रशासन पर भ्रष्टाचार की खुली पोल खुलने और सरकारी जमीनों पर हो रहे कब्जों को लेकर उसकी भूमिका संदिग्ध होने का दावा किया जा रहा है, जिसमें मिलीभगत की आशंका जताई गई है। एक शिकायतकर्ता ने मीडिया को दिए बयान में पूरे गाँव में अवैध कब्जे की बात कही है। यह भी आरोप है कि ऊंचाहार तहसील के जिम्मेदार अधिकारी उत्तर प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ के आदेशों का पालन नहीं कर रहे हैं और मीडिया की सुर्खियों में होने के बावजूद भी वे अनजान बने हुए हैं, जिससे सरकार की छवि धूमिल हो रही है।3
- बाराबंकी जिले में अवैध बीफ कारोबार और संदिग्ध गतिविधियों को लेकर 'जोहान फूड फ्रोजन' नामक फर्म की उच्चस्तरीय जांच की मांग उठाई गई है। सामाजिक कार्यकर्ता उषा द्विवेदी ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर इस फर्म की गतिविधियों, लाइसेंस, बिलिंग और वित्तीय लेन-देन की गहन जांच कराने की मांग की है। अपनी शिकायत में, उषा द्विवेदी ने विशेष रूप से 24 नवंबर 2024 से मई 2026 तक के सभी बिल, ई-वे बिल, स्टॉक रजिस्टर और जीएसटी रिकॉर्ड की विस्तृत जांच का आग्रह किया है। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ दिन पहले ही जिलाधिकारी को एक और प्रार्थना पत्र सौंपा गया था, जिसमें खाद्य सुरक्षा, पशुपालन और जीएसटी विभाग की एक संयुक्त जांच की मांग की गई थी। अब, शिकायतकर्ता ने आज पूरे लेन-देन की जांच के लिए वित्त विभाग में आईजीआरएस (IGRS) के माध्यम से एक नई शिकायत दर्ज कराई है। उषा द्विवेदी का स्पष्ट कहना है कि यदि कोई इस प्रकार का अवैध और गलत काम कर रहा है, तो उसे बेनकाब कर कानून के कटघरे में लाया जाना चाहिए। इस पूरे मामले में अब लोगों की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई हैं कि आगे क्या कदम उठाया जाता है।3
- सपा प्रमुख अखिलेश यादव के मुंबई पहुंचने पर उनके समर्थकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की एक झलक पाने के लिए समर्थक बेताब दिखे, जिसके चलते मुंबई में एक बड़ा जनसैलाब उमड़ आया और उनका जलवा देखने को मिला।1
- गाजीपुर थाना क्षेत्र के शाह कस्बा में शनिवार को एक बड़ी और दुखद घटना सामने आई। शराब के नशे में धुत एक ट्रैक्टर चालक तेज़ रफ्तार और अनियंत्रित होकर अपना ट्रैक्टर सीधे एक घर में घुसा दिया, जहाँ शादी का माहौल था। यह हादसा उस समय हुआ जब बारात से लौटे कुछ लोग अपनी मोटरसाइकिलों से उतर ही रहे थे, तभी पीछे से आ रहे बेकाबू ट्रैक्टर ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी, जिससे उनकी मोटरसाइकिल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। इस दुर्घटना में एक वर्षीय मासूम बच्चा अयांश घायल हो गया, वहीं एक महिला राजकली का पैर फ्रैक्चर हो गया। दोनों घायलों को तत्काल इलाज के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और ट्रैक्टर के साथ-साथ उसके चालक को भी अपनी हिरासत में ले लिया है। संबंधित चौकी प्रभारी द्वारा मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा गया है, और पुलिस फिलहाल पूरे मामले की गहनता से जांच में जुटी है।1
- जौनपुर के मड़ियाहूं कोतवाली क्षेत्र के पिपरा गाँव में 14 वर्षीय किशोर आरूष यादव का शव संदिग्ध परिस्थितियों में जंगल में मिलने से सनसनी फैल गई है, जिससे उसके परिवार में कोहराम मच गया है। आरूष घर से निकला था और शाम को उसका शव बरामद हुआ। उसके शरीर पर कई चोट के निशान पाए गए हैं। पुलिस को घटनास्थल से आरूष की जेब से एक माचिस और उसके पास से बीड़ी का एक बंडल भी मिला है। पुलिस इस मामले की सभी पहलुओं पर गहन जांच कर रही है और बताया गया है कि मौत के कारणों का सही खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही होगा।1
- उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर को समाजवादी पार्टी (सपा) प्रदेश मुख्यालय के पास एक होर्डिंग हमले का सामना करना पड़ा। यह पोस्टर सपा नेता मोहम्मद इखलाक द्वारा सपा कार्यालय के नजदीक लगवाया गया था। इस होर्डिंग के माध्यम से लगातार उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर के बयानों पर पलटवार किया जा रहा है, जो उनके खिलाफ एक स्पष्ट और सार्वजनिक चुनौती है।1
- अमेठी जिले के मुसाफिरखाना तहसील सभागार में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 34 शिकायतें दर्ज की गईं। इन शिकायतों की सुनवाई उपजिलाधिकारी नितेश राज, तहसीलदार राहुल सिंह तथा क्षेत्राधिकारी अतुल सिंह की अध्यक्षता में की गई। इस दौरान तहसील क्षेत्र के सभी थाना प्रभारी, राजस्व निरीक्षक, चकबंदी विभाग के अधिकारी और अन्य संबंधित विभागों के कर्मचारी मौजूद रहे। प्राप्त शिकायतों में राजस्व विभाग की सर्वाधिक 14 शिकायतें शामिल थीं। इसके अतिरिक्त, पुलिस विभाग से संबंधित 8, विकास कार्यों से जुड़ी 3, और अन्य विभागों से संबंधित 9 शिकायतें दर्ज की गईं। तहसीलदार राहुल सिंह ने जानकारी दी कि कुल 34 शिकायतों में से तीन मामलों का निस्तारण मौके पर ही कर दिया गया। वहीं, तीन अन्य मामलों में संयुक्त राजस्व एवं पुलिस टीम को जांच के लिए तुरंत मौके पर भेजा गया है। शेष सभी प्रकरणों के निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने उपस्थित कर्मचारियों को भी शिकायतों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।1