अमेठी जिले के मुसाफिरखाना तहसील सभागार में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 34 शिकायतें दर्ज की गईं। इन शिकायतों की सुनवाई उपजिलाधिकारी नितेश राज, तहसीलदार राहुल सिंह तथा क्षेत्राधिकारी अतुल सिंह की अध्यक्षता में की गई। इस दौरान तहसील क्षेत्र के सभी थाना प्रभारी, राजस्व निरीक्षक, चकबंदी विभाग के अधिकारी और अन्य संबंधित विभागों के कर्मचारी मौजूद रहे। प्राप्त शिकायतों में राजस्व विभाग की सर्वाधिक 14 शिकायतें शामिल थीं। इसके अतिरिक्त, पुलिस विभाग से संबंधित 8, विकास कार्यों से जुड़ी 3, और अन्य विभागों से संबंधित 9 शिकायतें दर्ज की गईं। तहसीलदार राहुल सिंह ने जानकारी दी कि कुल 34 शिकायतों में से तीन मामलों का निस्तारण मौके पर ही कर दिया गया। वहीं, तीन अन्य मामलों में संयुक्त राजस्व एवं पुलिस टीम को जांच के लिए तुरंत मौके पर भेजा गया है। शेष सभी प्रकरणों के निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने उपस्थित कर्मचारियों को भी शिकायतों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
अमेठी जिले के मुसाफिरखाना तहसील सभागार में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 34 शिकायतें दर्ज की गईं। इन शिकायतों की सुनवाई उपजिलाधिकारी नितेश राज, तहसीलदार राहुल सिंह तथा क्षेत्राधिकारी अतुल सिंह की अध्यक्षता में की गई। इस दौरान तहसील क्षेत्र के सभी थाना प्रभारी, राजस्व निरीक्षक, चकबंदी विभाग के अधिकारी और अन्य संबंधित विभागों के कर्मचारी मौजूद रहे। प्राप्त शिकायतों में राजस्व विभाग की सर्वाधिक 14 शिकायतें शामिल थीं। इसके अतिरिक्त, पुलिस विभाग से संबंधित 8, विकास कार्यों से जुड़ी 3, और अन्य विभागों से संबंधित 9 शिकायतें दर्ज की गईं। तहसीलदार राहुल सिंह ने जानकारी दी कि कुल 34 शिकायतों में से तीन मामलों का निस्तारण मौके पर ही कर दिया गया। वहीं, तीन अन्य मामलों में संयुक्त राजस्व एवं पुलिस टीम को जांच के लिए तुरंत मौके पर भेजा गया है। शेष सभी प्रकरणों के निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने उपस्थित कर्मचारियों को भी शिकायतों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
- अमेठी जिले के मुसाफिरखाना तहसील सभागार में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 34 शिकायतें दर्ज की गईं। इन शिकायतों की सुनवाई उपजिलाधिकारी नितेश राज, तहसीलदार राहुल सिंह तथा क्षेत्राधिकारी अतुल सिंह की अध्यक्षता में की गई। इस दौरान तहसील क्षेत्र के सभी थाना प्रभारी, राजस्व निरीक्षक, चकबंदी विभाग के अधिकारी और अन्य संबंधित विभागों के कर्मचारी मौजूद रहे। प्राप्त शिकायतों में राजस्व विभाग की सर्वाधिक 14 शिकायतें शामिल थीं। इसके अतिरिक्त, पुलिस विभाग से संबंधित 8, विकास कार्यों से जुड़ी 3, और अन्य विभागों से संबंधित 9 शिकायतें दर्ज की गईं। तहसीलदार राहुल सिंह ने जानकारी दी कि कुल 34 शिकायतों में से तीन मामलों का निस्तारण मौके पर ही कर दिया गया। वहीं, तीन अन्य मामलों में संयुक्त राजस्व एवं पुलिस टीम को जांच के लिए तुरंत मौके पर भेजा गया है। शेष सभी प्रकरणों के निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने उपस्थित कर्मचारियों को भी शिकायतों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।1
- सुल्तानपुर के लम्भुआ कोतवाली क्षेत्र स्थित हरिहरपुर गांव में खलिहान पर अवैध कब्जे की शिकायत एक महिला को महंगी पड़ गई है। शिकायतकर्ता गुड़िया और उसके परिवार के सदस्यों पर विपक्षियों ने लाठी-डंडों से जमकर मारपीट की, जिसमें परिवार के तीन लोग घायल हो गए। इस मारपीट का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। गुड़िया ने थाने में तहरीर देकर बताया कि 12 जून को उन्होंने उपजिलाधिकारी को खलिहान पर हुए अवैध कब्जे को लेकर प्रार्थना पत्र दिया था। इसके बाद 18 जून को लम्भुआ कोतवाली में भी शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि कोई कार्रवाई न होने पर उन्होंने 20 जून 2026 को आयोजित तहसील समाधान दिवस में भी अपनी शिकायत दोहराई थी, जहां उन्होंने परिवार पर किसी भी घटना की आशंका व्यक्त की थी। शिकायत के अनुसार, इसी दिन 20 जून की शाम करीब 7 बजे गांव के कई लोगों ने उनके घर पर हमला कर दिया। हमले में लाठी-डंडे और धारदार हथियारों का प्रयोग किया गया, जिसके परिणामस्वरूप तीन लोग घायल हो गए। घायलों को 112 पर सूचना देकर एंबुलेंस से लम्भुआ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। पीड़ित पक्ष ने पुलिस से हमलावरों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।1
- अयोध्या जिले के हैरिंग्टनगंज में थाना कोतवाली इनायतनगर क्षेत्र की सागर पट्टी ग्राम पंचायत के पूरे पहाड़ीपुर गांव में नाली के विवाद को लेकर एक महिला से मारपीट का मामला सामने आया है। पुलिस ने पीड़िता की तहरीर के आधार पर दो लोगों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गांव निवासी शंकुतला पत्नी देव नारायण ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि सुबह करीब 6:30 बजे विनय कुमार पुत्र स्वर्गीय जगत नारायण और रोशनी पत्नी जगत नारायण लाठी-डंडा लेकर आए और गाली-गलौज करते हुए उनसे मारपीट करने लगे। पीड़िता के शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए, जिसके बाद कथित आरोपित उन्हें जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से चले गए। शंकुतला ने बताया कि मारपीट में उन्हें शरीर के कई हिस्सों में चोटें आईं। इस मामले में प्रभारी निरीक्षक के निर्देश पर उपनिरीक्षक राणा दिग्विजय सिंह को विवेचना सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच पूरी होने और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1
- बिहार के पूर्व विधायक राजन तिवारी ने भरत तिवारी प्रकरण पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि भरत तिवारी की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए। तिवारी ने यह भी दावा किया कि भरत तिवारी के परिवार पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। इस दौरान राजन तिवारी ने दृढ़ता से कहा, "किसी माई के लाल में इतना दम नहीं है कि परिवार को आंख दिखा सके।" उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही। साथ ही, उन्होंने ब्राह्मण समाज से एकजुट रहने और अन्याय के खिलाफ मिलकर आवाज उठाने की अपील भी की।1
- उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर किए जा रहे बड़े दावों के बावजूद, जमीनी हकीकत बेहद खौफनाक बनी हुई है। जनपद सुल्तानपुर के थाना चांदा क्षेत्र से एक ऐसा ही ताजा मामला सामने आया है, जहाँ एक रसूखदार ग्राम प्रधान और उसके भाइयों की दबंगई के आगे स्थानीय पुलिस पूरी तरह घुटने टेक चुकी है। यहाँ एक असहाय परिवार पर घर में घुसकर जानलेवा हमला किया गया और बेटियों से छेड़खानी की गई, लेकिन पुलिस राजनीतिक रसूख के दबाव में पीड़ितों की एफआईआर तक दर्ज नहीं कर रही है। पीड़िता पुष्पा शुक्ला पत्नी हेमन्त कुमार शुक्ला ने इस मामले में सुल्तानपुर के पुलिस अधीक्षक (SP) को रोते हुए प्रार्थना पत्र सौंपा है। यह पूरा मामला थाना चांदा के ग्राम फरमापुर (पो० कोइरीपुर) का है, जहाँ पीड़िता का आरोप है कि गाँव के वर्तमान प्रधान हृदयनारायण सिंह उर्फ पप्पू सिंह और उनके भाई सर्वेश सिंह ने उनके परिवार का जीना मुहाल कर रखा है। शिकायत के अनुसार, मामूली बात पर विवाद शुरू हुआ जिसके बाद प्रधान के भाई सर्वेश सिंह ने पीड़िता के घर आकर गाली-गलौज की और उनके नाती को जान से मारने की धमकी दी। हैरानी की बात यह है कि जब पीड़िता इस बात की शिकायत करने थाने पहुँची, तो पुलिस ने सुरक्षा देने के बजाय उन्हें वापस भेज दिया। इसके तुरंत बाद, शाम करीब 5 बजे आरोपी सर्वेश सिंह और प्रधान हृदयनारायण सिंह उर्फ पप्पू सिंह अपने साथ 4-5 अज्ञात गुंडों को लेकर पीड़िता के घर में घुस गए। वहाँ मौजूद एक लड़की के साथ सरेआम छेड़खानी की गई और जब पीड़िता के दो मासूम नातियों ने अपनी मां की इज्जत बचाने की कोशिश की, तो दबंगों ने उन पर लाठी-डंडों और चाकू से जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में एक नाती को गंभीर चोटें आई हैं और दबंगों ने पूरे परिवार को उनके ही घर से बाहर खदेड़ दिया है। पीड़िता पुष्पा शुक्ला ने अपने पत्र में साफ लिखा है कि आरोपी सर्वेश सिंह एक शातिर और आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है, जिसके खिलाफ थाने में पहले से कई मुकदमे दर्ज हैं और प्रधान जी भी 203 में जेल जा चुके हैं। इसके बावजूद चांदा थाना पुलिस इस अपराधी और दबंग के आगे नतमस्तक बनी हुई है। आज यह गरीब और असहाय ब्राह्मण परिवार अपने ही घर से बेघर होकर इंसाफ के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहा है। पीड़ित परिवार ने अब सुल्तानपुर के पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई है कि दोषियों के खिलाफ सख्त धाराओं में एफआईआर दर्ज की जाए और उन्हें तत्काल गिरफ्तार किया जाए। अब सवाल यह उठता है कि क्या सुल्तानपुर पुलिस इन दबंगों पर शिकंजा कसेगी या फिर सत्ता और रसूख के दबाव में इस असहाय परिवार को न्याय से वंचित रखा जाएगा।1
- अमेठी एसपी सरवणन टी. के निर्देश और एएसपी ज्ञानेंद्र कुमार सिंह के पर्यवेक्षण में शनिवार को जिले के सभी थाना परिसरों, चौकियों और पुलिस कार्यालयों में एक विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य पुलिस कार्यालयों और परिसरों को स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ वातावरण से युक्त बनाना था, साथ ही आमजन के बीच स्वच्छता के प्रति जागरूकता का संदेश फैलाना भी था। इस दौरान, अधिकारियों और कर्मचारियों ने मिलकर कार्यालय कक्षों, अभिलेखागार, मेस, शस्त्रागार, महिला हेल्प डेस्क, आगंतुक कक्ष और बैरकों सहित थाना परिसरों तथा आसपास के क्षेत्रों की व्यापक साफ-सफाई की। परिसर में उगी अनावश्यक झाड़ियों को हटाया गया और कूड़ा-कचरा साफ कर स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित किया गया। इसके अतिरिक्त, अभिलेखों और कार्यालयी सामग्री को व्यवस्थित कर कार्यस्थलों को सुव्यवस्थित बनाया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ऐसे अभियान समय-समय पर जारी रखे जाएंगे, ताकि पुलिस कार्यालयों में एक बेहतर कार्य वातावरण बना रहे और लोगों को स्वच्छता के लिए प्रेरित किया जा सके।2
- लखनऊ के महानगर कमिश्नरेट के न्यू हैदराबाद पुलिस चौकी क्षेत्र में नशीले पदार्थों की कथित बिक्री को लेकर स्थानीय लोगों में गहरी चिंता और नाराजगी देखी जा रही है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो के वायरल होने के बाद क्षेत्र में नशे के कारोबार को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि नशीले पदार्थों की इस कथित बिक्री से स्कूल-कॉलेज जाने वाले बच्चों और युवाओं पर बुरा असर पड़ सकता है। नागरिकों का कहना है कि इस तरह के अवैध धंधे समाज और नई पीढ़ी के भविष्य के लिए एक गंभीर खतरा बन सकते हैं, जिससे युवाओं के नशे की ओर आकर्षित होने का जोखिम बढ़ जाता है। हालांकि, वायरल वीडियो और लगाए गए आरोपों की अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है; किसी भी व्यक्ति की संलिप्तता पुलिस जांच और आधिकारिक तथ्यों के आधार पर ही तय की जाएगी। स्थानीय नागरिकों ने कमिश्नरेट पुलिस से इस मामले की निष्पक्ष जांच करने, क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने और यदि कोई अवैध गतिविधि पाई जाती है तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। पुलिस जांच के बाद ही इस मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।1