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निर्भीक पत्रकार स्व. जय प्रकाश सिंह को श्रद्धांजलि, शिवहर में आयोजित हुआ भव्य कार्यक्रम निर्भीक पत्रकार स्व. जय प्रकाश सिंह को श्रद्धांजलि, शिवहर में आयोजित हुआ भव्य कार्यक्रम

2 hrs ago
user_Bihar ke Janta ki Awaaz
Bihar ke Janta ki Awaaz
शिवहर, शिवहर, बिहार•
2 hrs ago

निर्भीक पत्रकार स्व. जय प्रकाश सिंह को श्रद्धांजलि, शिवहर में आयोजित हुआ भव्य कार्यक्रम निर्भीक पत्रकार स्व. जय प्रकाश सिंह को श्रद्धांजलि, शिवहर में आयोजित हुआ भव्य कार्यक्रम

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  • निर्भीक पत्रकार स्व. जय प्रकाश सिंह को श्रद्धांजलि, शिवहर में आयोजित हुआ भव्य कार्यक्रम
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    निर्भीक पत्रकार स्व. जय प्रकाश सिंह को श्रद्धांजलि, शिवहर में आयोजित हुआ भव्य कार्यक्रम
    user_Bihar ke Janta ki Awaaz
    Bihar ke Janta ki Awaaz
    शिवहर, शिवहर, बिहार•
    2 hrs ago
  • Post by Vishwanath Sahni
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    Post by Vishwanath Sahni
    user_Vishwanath Sahni
    Vishwanath Sahni
    Nurse Madhuban, Purbi Champaran•
    13 hrs ago
  • --गर्मी से पहले प्रशासन सतर्क, स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ाई जागरूकता।एईएस/जेई से बचाव को लेकर स्टॉल और रोल प्ले के माध्यम से दिया गया अहम संदेश। (रवि कुमार भार्गव संपादक दैनिक अयोध्या टाइम्स बिहार) सीतामढ़ी 23 मार्च 2026-सीतामढ़ी:- बिहार दिवस के अवसर पर जिला भीबीडी (वेक्टर जनित रोग) नियंत्रण विभाग की ओर से जन जागरूकता के उद्देश्य से एक विशेष स्टॉल लगाया गया। इस स्टॉल के माध्यम से कालाजार, फाइलेरिया, मलेरिया, डेंगू तथा एईएस (चमकी)/जेई जैसी बीमारियों से बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी लोगों को दी गई।स्टॉल का उद्घाटन स्थानीय विधायक, जिला पदाधिकारी, सिविल सर्जन एवं अन्य पदाधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। कार्यक्रम में आने वाली गर्मी को ध्यान में रखते हुए विशेष रूप से एईएस (चमकी) और जेई से बचाव पर जोर दिया गया।इस दौरान ‘चमकी को धमकी’ अभियान के तहत एक जीवंत प्रदर्शन (रोल प्ले) प्रस्तुत किया गया, जिसमें सिविल सर्जन, जिला भीबीडी नियंत्रण पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, बीबीडीएस एवं आशा कार्यकर्ताओं ने स्वयं भाग लिया। एप्रन पहनकर उन्होंने “खिलाओ, जगाओ और अस्पताल ले जाओ” का संदेश देते हुए बताया कि बच्चों को खाली पेट न सुलाएं। यदि बच्चा बिना खाए सो जाए तो उसे उठाकर खाना खिलाना जरूरी है।साथ ही अभिभावकों को सलाह दी गई कि वे सुबह उठकर बच्चों की स्थिति अवश्य जांचें और यदि बच्चा सुस्त या बेहोश प्रतीत हो तो तुरंत अस्पताल ले जाएं। कार्यक्रम में यह भी प्रदर्शित किया गया कि किस प्रकार आशा कार्यकर्ता तत्काल एम्बुलेंस बुलाकर बच्चे को अस्पताल पहुंचाती है। एम्बुलेंस सेवा 24×7 उपलब्ध होने की जानकारी भी दी गई।मौके पर रीगा विधायक वैद्यनाथ प्रसाद ने इस प्रस्तुति की सराहना की और सेल्फी स्टैंड पर लोगों के साथ सहभागिता भी की। इस जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि समय पर पहचान और त्वरित इलाज से चमकी जैसी गंभीर बीमारी में बच्चों की जान बचाई जा सकती है। साथ ही यह भी बताया गया कि सभी सरकारी अस्पतालों में इसका इलाज निःशुल्क उपलब्ध है।जिला भीबीडी नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. रविन्द्र कुमार यादव ने जानकारी दी कि सदर अस्पताल में 37 बेड तथा सभी सीएचसी/पीएचसी में दो-दो बेड एईएस मरीजों के लिए आरक्षित किए गए हैं। सभी अस्पतालों में आवश्यक दवाएं और उपकरण उपलब्ध हैं।इस अवसर पर स्थानीय विधायक सुनील कुमार पिंटु, रीगा विधायक वैद्यनाथ प्रसाद, जिला पदाधिकारी रिची पाण्डेय, सिविल सर्जन डॉ. अखिलेश कुमार एवं अन्य अधिकारियों ने फाइलेरिया लाभार्थियों के बीच एमएमडीपी किट का वितरण भी किया।चमकी के लक्षणः-● सरदर्द, तेज बुखार आना जो 5-7 दिनों से ज्यादा का ना हो● अर्द्ध चेतना एवं मरीज में पहचानने की क्षमता नहीं होना/भ्रम की स्थिति में होना/बच्चे का बेहोश हो जाना।● शरीर में चमकी होना अथवा हाथ पैर में थरथराहट होना।● पूरे शरीर या किसी खास अंग में लकवा मारना या हाथ पैर का अकड़ जाना।● बच्चे का शारीरिक एवं मानसिक संतुलन ठीक नहीं होना।● उपरोक्त लक्षणों में से कोई भी लक्षण दिखने पर अविलंब अपने गांव की आशा/एएनएम दीदी से संपर्क कर अपने सबसे निकटतम स्वास्थ्य केन्द्र पर जाकर चिकित्सीय परामर्श लें। इसके उपरांत ही सदर अस्पताल/मेडिकल कॉलेज अस्पताल में बच्चों को ईलाज हेतु ले जायें।सामान्य उपचार एवं सावधानियांः-● अपने बच्चों को तेज धूप से बचाएं। घर से बाहर जाने पर सर पर टोपी या गीला गमछा रखें।● अपने बच्चों को दिन में दो बार स्नान कराएं।रात में बच्चों को भरपेट खाना खिलाकर ही सुलाएं।● गर्मी के दिनों में बच्चों को ओआरएस अथवा नमक-चीनी एवं नींबू पानी से शरबत बनाकर पिलायें।● रात में सोते समय घर की खिड़कियां एवं रौशनदान को खोल दें, ताकि हवा का आवागमन होता रहे।ध्यान देने वाली बातेंः-क्या करेंः-● तेज बुखार होने पर पूरे शरीर को ताजे पानी से पोछें एवं पंखा से हवा करें ताकि बुखार 100 डिग्री से कम हो सके।● पारासिटामोल की गोली/सीरप मरीज को चिकित्सीय सलाह पर दें।● यदि बच्चा बेहोश नहीं है तब साफ एवं पीने योग्य पानी में ओआरएस का घोल बनाकर पिलायें।बेहोशी/मिर्गी की अवस्था में बच्चे को छायादार एवं हवादार स्थान पर लिटाएं।● चमकी आने पर, मरीज को बाएं या दाएं करवट में लिटाकर तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल ले जाएं।● बच्चे के शरीर से कपड़े हटा लें एवं गर्दन सीधा रखें।अगर मुंह से लार या झाग निकल रहा हो तो साफ कपड़े से पोछें, जिससे कि सांस लेने में कोई दिक्कत ना हो।● तेज रोशनी से बचाने के लिए मरीज की अंखों को पट्टी या कपड़े से ढंकें।क्या ना करेंः-● बच्चे को कम्बल या गर्म कपड़ों में न लपेंटे।● बच्चे की नाक बंद नहीं करें।● बेहोशी/मिर्गी की अवस्था में बच्चे के मुंह से कुछ भी न दें।● बच्चे का गर्दन झुका हुआ नहीं रखें।● चूंकि यह दैविक प्रकोप नहीं है बल्कि अत्यधिक गर्मी एवं नमी के कारण होने वाली बीमारी है अतः बच्चे के ईलाज में ओझा गुणी में समय नष्ट न करें।● मरीज के बिस्तर पर ना बैठें तथा मरीज को बिना वजह तंग न करें।● ध्यान रहे कि मरीज के पास शोर न हो और शांत वातावरण बनायें रखें।इस गर्मी हम मिल के देंगे चमकी को धमकी :- ये 3 धमकियां याद रखें।● खिलायें-बच्चे को रात में सोने से पहले भरपेट खाना जरूर खिलाएं। यदि संभव हो तो कुछ मीठा भी खिलायें।● जगायें-रात के बीच में एवं सुबह उठते ही देखें कि कहीं बच्चा बेहोश या उसे चमकी तो नहीं।अस्पताल ले जायें-बेहोशी या चमकी दिखते ही आशा को सूचित कर तुरंत निःशुल्क 102 एंबुलेंस या उपलब्ध वाहन से नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र जायें।
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    --गर्मी से पहले प्रशासन सतर्क, स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ाई जागरूकता।एईएस/जेई से बचाव को लेकर स्टॉल और रोल प्ले के माध्यम से दिया गया अहम संदेश।
(रवि कुमार भार्गव संपादक दैनिक अयोध्या टाइम्स बिहार)
सीतामढ़ी 23 मार्च 2026-सीतामढ़ी:- बिहार दिवस के अवसर पर जिला भीबीडी (वेक्टर जनित रोग) नियंत्रण विभाग की ओर से जन जागरूकता के उद्देश्य से एक विशेष स्टॉल लगाया गया। इस स्टॉल के माध्यम से कालाजार, फाइलेरिया, मलेरिया, डेंगू तथा एईएस (चमकी)/जेई जैसी बीमारियों से बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी लोगों को दी गई।स्टॉल का उद्घाटन स्थानीय विधायक, जिला पदाधिकारी, सिविल सर्जन एवं अन्य पदाधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। कार्यक्रम में आने वाली गर्मी को ध्यान में रखते हुए विशेष रूप से एईएस (चमकी) और जेई से बचाव पर जोर दिया गया।इस दौरान ‘चमकी को धमकी’ अभियान के तहत एक जीवंत प्रदर्शन (रोल प्ले) प्रस्तुत किया गया, जिसमें सिविल सर्जन, जिला भीबीडी नियंत्रण पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, बीबीडीएस एवं आशा कार्यकर्ताओं ने स्वयं भाग लिया। एप्रन पहनकर उन्होंने “खिलाओ, जगाओ और अस्पताल ले जाओ” का संदेश देते हुए बताया कि बच्चों को खाली पेट न सुलाएं। यदि बच्चा बिना खाए सो जाए तो उसे उठाकर खाना खिलाना जरूरी है।साथ ही अभिभावकों को सलाह दी गई कि वे सुबह उठकर बच्चों की स्थिति अवश्य जांचें और यदि बच्चा सुस्त या बेहोश प्रतीत हो तो तुरंत अस्पताल ले जाएं। कार्यक्रम में यह भी प्रदर्शित किया गया कि किस प्रकार आशा कार्यकर्ता तत्काल एम्बुलेंस बुलाकर बच्चे को अस्पताल पहुंचाती है। एम्बुलेंस सेवा 24×7 उपलब्ध होने की जानकारी भी दी गई।मौके पर रीगा विधायक वैद्यनाथ प्रसाद ने इस प्रस्तुति की सराहना की और सेल्फी स्टैंड पर लोगों के साथ सहभागिता भी की। इस जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि समय पर पहचान और त्वरित इलाज से चमकी जैसी गंभीर बीमारी में बच्चों की जान बचाई जा सकती है। साथ ही यह भी बताया गया कि सभी सरकारी अस्पतालों में इसका इलाज निःशुल्क उपलब्ध है।जिला भीबीडी नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. रविन्द्र कुमार यादव ने जानकारी दी कि सदर अस्पताल में 37 बेड तथा सभी सीएचसी/पीएचसी में दो-दो बेड एईएस मरीजों के लिए आरक्षित किए गए हैं। सभी अस्पतालों में आवश्यक दवाएं और उपकरण उपलब्ध हैं।इस अवसर पर स्थानीय विधायक सुनील कुमार पिंटु, रीगा विधायक वैद्यनाथ प्रसाद, जिला पदाधिकारी रिची पाण्डेय, सिविल सर्जन डॉ. अखिलेश कुमार एवं अन्य अधिकारियों ने फाइलेरिया लाभार्थियों के बीच एमएमडीपी किट का वितरण भी किया।चमकी के लक्षणः-● सरदर्द, तेज बुखार आना जो 5-7 दिनों से ज्यादा का ना हो● अर्द्ध चेतना एवं मरीज में पहचानने की क्षमता नहीं होना/भ्रम की स्थिति में होना/बच्चे का बेहोश हो जाना।● शरीर में चमकी होना अथवा हाथ पैर में थरथराहट होना।● पूरे शरीर या किसी खास अंग में लकवा मारना या हाथ पैर का अकड़ जाना।● बच्चे का शारीरिक एवं मानसिक संतुलन ठीक नहीं होना।● उपरोक्त लक्षणों में से कोई भी लक्षण दिखने पर अविलंब अपने गांव की आशा/एएनएम दीदी से संपर्क कर अपने सबसे निकटतम स्वास्थ्य केन्द्र पर जाकर चिकित्सीय परामर्श लें। इसके उपरांत ही सदर अस्पताल/मेडिकल कॉलेज अस्पताल में बच्चों को ईलाज हेतु ले जायें।सामान्य उपचार एवं सावधानियांः-● अपने बच्चों को तेज धूप से बचाएं। घर से बाहर जाने पर सर पर टोपी या गीला गमछा रखें।● अपने बच्चों को दिन में दो बार स्नान कराएं।रात में बच्चों को भरपेट खाना खिलाकर ही सुलाएं।● गर्मी के दिनों में बच्चों को ओआरएस अथवा नमक-चीनी एवं नींबू पानी से शरबत बनाकर पिलायें।● रात में सोते समय घर की खिड़कियां एवं रौशनदान को खोल दें, ताकि हवा का आवागमन होता रहे।ध्यान देने वाली बातेंः-क्या करेंः-● तेज बुखार होने पर पूरे शरीर को ताजे पानी से पोछें एवं पंखा से हवा करें ताकि बुखार 100 डिग्री से कम हो सके।● पारासिटामोल की गोली/सीरप मरीज को चिकित्सीय सलाह पर दें।● यदि बच्चा बेहोश नहीं है तब साफ एवं पीने योग्य पानी में ओआरएस का घोल बनाकर पिलायें।बेहोशी/मिर्गी की अवस्था में बच्चे को छायादार एवं हवादार स्थान पर लिटाएं।● चमकी आने पर, मरीज को बाएं या दाएं करवट में लिटाकर तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल ले जाएं।● बच्चे के शरीर से कपड़े हटा लें एवं गर्दन सीधा रखें।अगर मुंह से लार या झाग निकल रहा हो तो साफ कपड़े से पोछें, जिससे कि सांस लेने में कोई दिक्कत ना हो।● तेज रोशनी से बचाने के लिए मरीज की अंखों को पट्टी या कपड़े से ढंकें।क्या ना करेंः-● बच्चे को कम्बल या गर्म कपड़ों में न लपेंटे।● बच्चे की नाक बंद नहीं करें।● बेहोशी/मिर्गी की अवस्था में बच्चे के मुंह से कुछ भी न दें।● बच्चे का गर्दन झुका हुआ नहीं रखें।● चूंकि यह दैविक प्रकोप नहीं है बल्कि अत्यधिक गर्मी एवं नमी के कारण होने वाली बीमारी है अतः बच्चे के ईलाज में ओझा गुणी में समय नष्ट न करें।● मरीज के बिस्तर पर ना बैठें तथा मरीज को बिना वजह तंग न करें।● ध्यान रहे कि मरीज के पास शोर न हो और शांत वातावरण बनायें रखें।इस गर्मी हम मिल के देंगे चमकी को धमकी :- ये 3 धमकियां याद रखें।● खिलायें-बच्चे को रात में सोने से पहले भरपेट खाना जरूर खिलाएं। यदि संभव हो तो कुछ मीठा भी खिलायें।● जगायें-रात के बीच में एवं सुबह उठते ही देखें कि कहीं बच्चा बेहोश या उसे चमकी तो नहीं।अस्पताल ले जायें-बेहोशी या चमकी दिखते ही आशा को सूचित कर तुरंत निःशुल्क 102 एंबुलेंस या उपलब्ध वाहन से नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र जायें।
    user_दैनिक अयोध्या टाईम्स बिहार
    दैनिक अयोध्या टाईम्स बिहार
    Newspaper publisher पकड़ी दयाल, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    16 min ago
  • Post by Expose sitamarhi
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    Post by Expose sitamarhi
    user_Expose sitamarhi
    Expose sitamarhi
    Local News Reporter डुमरा, सीतामढ़ी, बिहार•
    5 hrs ago
  • Sitamarhi jila Kisan ladkiyon
    1
    Sitamarhi jila Kisan ladkiyon
    user_Rambalam Patel
    Rambalam Patel
    बाजपट्टी, सीतामढ़ी, बिहार•
    2 hrs ago
  • Post by Aaj Sirsi Live
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    Post by Aaj Sirsi Live
    user_Aaj Sirsi Live
    Aaj Sirsi Live
    नानपुर, सीतामढ़ी, बिहार•
    5 hrs ago
  • Post by Santosh kumar
    1
    Post by Santosh kumar
    user_Santosh kumar
    Santosh kumar
    Farmer मीनापुर, मुजफ्फरपुर, बिहार•
    11 hrs ago
  • 📢 बिहार बोर्ड इंटर का रिजल्ट जारी 2026 | अभी-अभी घोषित
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    📢 बिहार बोर्ड इंटर का रिजल्ट जारी 2026 | अभी-अभी घोषित
    user_Bihar ke Janta ki Awaaz
    Bihar ke Janta ki Awaaz
    शिवहर, शिवहर, बिहार•
    9 hrs ago
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