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आज उस स्थान पर दुनिया का सबसे बड़ा भगवान राम का मंदिर खड़ा है, जहाँ कुछ लोग बाबरी का गुलामी ढांचा देखना चाहते थे। इस बात को समाजवादी पार्टी की पीड़ा का मुख्य कारण बताया गया है। पोस्ट में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की स्थिति पर तीखा तंज कसते हुए कहा गया है कि उनसे तो गिरगिट भी शरमा रहा होगा।
Rishi Babu Ahirani
आज उस स्थान पर दुनिया का सबसे बड़ा भगवान राम का मंदिर खड़ा है, जहाँ कुछ लोग बाबरी का गुलामी ढांचा देखना चाहते थे। इस बात को समाजवादी पार्टी की पीड़ा का मुख्य कारण बताया गया है। पोस्ट में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की स्थिति पर तीखा तंज कसते हुए कहा गया है कि उनसे तो गिरगिट भी शरमा रहा होगा।
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- उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में दरोगा नरेश बाबू पर एक महिला का शारीरिक शोषण करने का गंभीर आरोप लगा है। यह मामला तब सामने आया जब महिला के पति से चल रहे विवाद की जांच दरोगा नरेश बाबू के पास थी। आरोप है कि जांच के दौरान दरोगा ने मदद के बहाने महिला का मोबाइल नंबर ले लिया। इसके बाद दरोगा महिला से फोन पर बात करने लगे और उनके घर आना-जाना भी शुरू हो गया। इन मुलाकातों के दौरान दरोगा नरेश बाबू ने कथित तौर पर महिला का अपने क्वार्टर और महिला के घर दोनों जगहों पर शारीरिक शोषण किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए, एसएसपी बरेली ने दरोगा नरेश बाबू को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है।1
- नेशनल मीडिया प्रेस क्लब के पत्रकार हितों के राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत, बीते मंगलवार 7 जुलाई को कानपुर नगर के ससैया घाट पर एक विशाल पैदल मार्च का आयोजन किया गया। इस दौरान पत्रकारों, कलमकारों और मीडियाकर्मियों ने अपनी सुरक्षा एवं सम्मान की मांग को लेकर जिलाधिकारी कानपुर के माध्यम से माननीय प्रधानमंत्री, भारत सरकार को संबोधित एक 7 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। यह अभियान नेशनल मीडिया प्रेस क्लब के राष्ट्रीय अध्यक्ष/चेयरमैन एम. डी. शर्मा के निर्देशन में चलाया जा रहा है। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पत्रकारों और मीडियाकर्मियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पैदल मार्च के दौरान उन्होंने "पत्रकार एकता जिंदाबाद", "पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करो", "पत्रकारों को पेंशन दो", "फर्जी मुकदमे बंद करो" और "स्वास्थ्य एवं जीवन बीमा लागू करो" जैसे नारे लगाए। उपस्थित वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में काम कर रहे पत्रकारों को सुरक्षा, सम्मान और सामाजिक संरक्षण प्रदान करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। ज्ञापन में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने, स्वास्थ्य बीमा एवं विशेष पत्रकार स्वास्थ्य कार्ड, पेंशन एवं सामाजिक सुरक्षा योजना, जीवन एवं दुर्घटना बीमा, फर्जी मुकदमों एवं उत्पीड़न पर रोक, राष्ट्रीय मीडिया आयोग के गठन तथा सरकारी विज्ञापनों के समान एवं पारदर्शी वितरण सहित 7 प्रमुख मांगों को शामिल किया गया है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एम. डी. शर्मा ने चेतावनी दी कि यदि सरकार पत्रकार हितों की इन संवैधानिक एवं न्यायोचित मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लेती है, तो नेशनल मीडिया प्रेस क्लब अपने देशव्यापी आंदोलन को और व्यापक रूप देगा। उन्होंने कहा कि संगठन पत्रकारों के अधिकारों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से लगातार संघर्ष करता रहेगा। ज्ञापन के समय उपस्थित कई वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने पत्रकारों की इन संवैधानिक मांगों को सही बताते हुए कानूनी रूप से उनके साथ खड़े रहने और अधिकार दिलाने में पूर्ण सहयोग करने का आश्वासन दिया। ज्ञापन प्राप्त करने के बाद, प्रशासन की ओर से प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया गया कि उक्त मांगों को नियमानुसार भारत सरकार तक प्रेषित किया जाएगा। कार्यक्रम का समापन सभी पत्रकारों और पदाधिकारियों द्वारा पत्रकार एकता, लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा तथा संगठन को मजबूत बनाने के संकल्प के साथ हुआ, जिसमें सैकड़ों सदस्य, पदाधिकारी, पत्रकार और अधिवक्तागण उपस्थित रहे।1
- कानपुर देहात के रूरा नहर पुल पर फल विक्रेताओं की बढ़ती आक्रामकता के कारण आम राहगीरों के साथ आए दिन मारपीट की घटनाएं चिंताजनक रूप से बढ़ रही हैं। जिला रिपोर्टर अनूप कुमार निषाद द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, हाल ही में एक वीडियो सामने आया है जिसमें लगभग ५ बजे एक दुकानदार और एक महिला तथा पुरुष के बीच फल खरीदने को लेकर मारपीट साफ देखी जा सकती है। इस गंभीर समस्या के बीच, रूरा नहर रोड पर ट्रैफिक पुलिस की उपस्थिति के बावजूद फल के ठेले धड़ल्ले से लगाए जा रहे हैं, जो स्थिति को और बिगाड़ रहा है। यह लगातार हो रही मारपीट की घटनाओं और पुलिस की मौजूदगी में भी अव्यवस्था बने रहने पर गंभीर सवाल खड़े करता है।1
- सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि यह एक 'डबल इंजन' की सरकार है, जो जनता की हर अपेक्षा पर पूरी तरह से खरी उतरेगी।1
- उत्तर प्रदेश के बिकरु में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ बिकरु पुलिस चौकी ही अखाड़ा बन गई। पुलिस की मौजूदगी में ही वहाँ जमकर ईंट-पत्थर चले।1