logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

दौसा जिले से संबंधित एक मामला पिछले दो सालों से लंबित है, जिसे अभी तक कोई मान्यता नहीं मिल पाई है।

15 hrs ago
user_Rakesh Kumar Bairwa
Rakesh Kumar Bairwa
बेजुपाड़ा, दौसा, राजस्थान•
15 hrs ago

दौसा जिले से संबंधित एक मामला पिछले दो सालों से लंबित है, जिसे अभी तक कोई मान्यता नहीं मिल पाई है।

More news from राजस्थान and nearby areas
  • दौसा जिले के सैंथल उपखंड अधिकारी (SDM) नवज्योति कांवरिया ने कार्यभार संभालने के बाद शुक्रवार को कुण्डल तहसील मुख्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया, जिससे तहसील कार्यालय में दिनभर सक्रियता और हलचल का माहौल बना रहा। निरीक्षण के दौरान SDM कांवरिया ने विभिन्न अनुभागों का दौरा कर वहाँ के रिकॉर्ड संधारण, लंबित प्रकरणों की स्थिति और आमजन को प्रदान की जा रही सेवाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कुण्डल तहसीलदार हरिकेश मिरोठा और अन्य कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए कि राजस्व से संबंधित मामलों, नामांतरण, सीमांकन सहित सभी लंबित प्रकरणों का निस्तारण समयबद्ध और पूरी पारदर्शिता के साथ सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही, जनसुनवाई व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया गया। नवज्योति कांवरिया ने कार्यालय परिसर की साफ-सफाई, महत्वपूर्ण अभिलेखों के रखरखाव की प्रणाली और पूरी कार्यप्रणाली का भी बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि आमजन को सरल, पारदर्शी और त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
    4
    दौसा जिले के सैंथल उपखंड अधिकारी (SDM) नवज्योति कांवरिया ने कार्यभार संभालने के बाद शुक्रवार को कुण्डल तहसील मुख्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया, जिससे तहसील कार्यालय में दिनभर सक्रियता और हलचल का माहौल बना रहा।

निरीक्षण के दौरान SDM कांवरिया ने विभिन्न अनुभागों का दौरा कर वहाँ के रिकॉर्ड संधारण, लंबित प्रकरणों की स्थिति और आमजन को प्रदान की जा रही सेवाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कुण्डल तहसीलदार हरिकेश मिरोठा और अन्य कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए कि राजस्व से संबंधित मामलों, नामांतरण, सीमांकन सहित सभी लंबित प्रकरणों का निस्तारण समयबद्ध और पूरी पारदर्शिता के साथ सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही, जनसुनवाई व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया गया।

नवज्योति कांवरिया ने कार्यालय परिसर की साफ-सफाई, महत्वपूर्ण अभिलेखों के रखरखाव की प्रणाली और पूरी कार्यप्रणाली का भी बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि आमजन को सरल, पारदर्शी और त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
    user_RIVENDRA KUMAR SHARMA
    RIVENDRA KUMAR SHARMA
    Local News Reporter बेजुपाड़ा, दौसा, राजस्थान•
    7 hrs ago
  • दौसा जिले से संबंधित एक मामला पिछले दो सालों से लंबित है, जिसे अभी तक कोई मान्यता नहीं मिल पाई है।
    1
    दौसा जिले से संबंधित एक मामला पिछले दो सालों से लंबित है, जिसे अभी तक कोई मान्यता नहीं मिल पाई है।
    user_Rakesh Kumar Bairwa
    Rakesh Kumar Bairwa
    बेजुपाड़ा, दौसा, राजस्थान•
    15 hrs ago
  • राजस्थान के दौसा जिले की ग्राम पंचायत काली पहाड़ी के पुरोहितों का बास निवासी अशोक का लंबी बीमारी सिलिकोसिस के कारण निधन हो गया। इस बीमारी के इलाज के चलते उनके परिवार की आर्थिक स्थिति पूरी तरह से कमजोर हो चुकी थी। अपने पीछे पत्नी और तीन छोटे बच्चों को छोड़कर गए अशोक के परिवार के सामने उनके निधन के बाद जीवनयापन का गंभीर संकट खड़ा हो गया था। इस मुश्किल घड़ी में पीड़ित परिवार की सहायता के लिए मां वैष्णो मां नर्बदा सेवा समिति और सर्व समाज एकजुट होकर आगे आया। रंगलाल मीना और सुनील के नेतृत्व में एक विशेष सहायता अभियान चलाया गया, जिसमें कुल 508 दानदाताओं ने सहयोग किया और ₹3,06,954 की राशि जुटाई। समिति ने इस एकत्रित राशि में से तीनों बच्चों के नाम पर एक-एक लाख रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) करवाई। बची हुई राशि परिवार को बच्चों की पढ़ाई और घर खर्च के लिए सौंप दी गई, जिससे उन्हें तत्काल आर्थिक सहारा मिल सके।
    1
    राजस्थान के दौसा जिले की ग्राम पंचायत काली पहाड़ी के पुरोहितों का बास निवासी अशोक का लंबी बीमारी सिलिकोसिस के कारण निधन हो गया। इस बीमारी के इलाज के चलते उनके परिवार की आर्थिक स्थिति पूरी तरह से कमजोर हो चुकी थी। अपने पीछे पत्नी और तीन छोटे बच्चों को छोड़कर गए अशोक के परिवार के सामने उनके निधन के बाद जीवनयापन का गंभीर संकट खड़ा हो गया था।

इस मुश्किल घड़ी में पीड़ित परिवार की सहायता के लिए मां वैष्णो मां नर्बदा सेवा समिति और सर्व समाज एकजुट होकर आगे आया। रंगलाल मीना और सुनील के नेतृत्व में एक विशेष सहायता अभियान चलाया गया, जिसमें कुल 508 दानदाताओं ने सहयोग किया और ₹3,06,954 की राशि जुटाई।

समिति ने इस एकत्रित राशि में से तीनों बच्चों के नाम पर एक-एक लाख रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) करवाई। बची हुई राशि परिवार को बच्चों की पढ़ाई और घर खर्च के लिए सौंप दी गई, जिससे उन्हें तत्काल आर्थिक सहारा मिल सके।
    user_जितेन्द्र कुमार शर्मा पत्रकार
    जितेन्द्र कुमार शर्मा पत्रकार
    बेजुपाड़ा, दौसा, राजस्थान•
    15 hrs ago
  • दौसा पुलिस द्वारा सामाजिक सरोकारों के तहत चलाया जा रहा जागरूकता अभियान पुलिस की संवेदनशील सोच का परिचायक है। यह मुहिम साइबर अपराध, महिला सुरक्षा, छात्राओं की आत्मरक्षा, डिजिटल सुरक्षा और कानून के प्रति जागरूकता जैसे विषयों पर केंद्रित है, जो आज प्रत्येक नागरिक के जीवन से सीधे जुड़े हुए हैं। समाज के बीच जाकर संवाद स्थापित करने की यह पहल निश्चित रूप से सकारात्मक और दूरगामी है। हालांकि, इस अभियान का वास्तविक उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक सुरक्षा और जागरूकता का संदेश पहुंचाना है, जिसके लिए इसकी सबसे अधिक आवश्यकता दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में है। गांवों में बड़ी संख्या में लोग साइबर अपराधों के बदलते तौर-तरीकों से अनभिज्ञ हैं। वे मोबाइल फोन और डिजिटल बैंकिंग का उपयोग करते हैं, लेकिन साइबर ठगों की चालाकियों को पहचानने का प्रशिक्षण उनके पास नहीं है, जिससे वे आसानी से ठगी का शिकार बन जाते हैं। इसी तरह, ग्रामीण महिलाओं और छात्राओं के लिए आत्मरक्षा, साइबर सुरक्षा, कानूनी अधिकार और आपातकालीन सहायता जैसे विषयों पर व्यवस्थित प्रशिक्षण और संवाद का अभाव है। अधिकांश गांवों में ऐसी कोई नियमित व्यवस्था नहीं है और न ही सामाजिक संस्थाएं इस दिशा में व्यापक स्तर पर कार्य करती दिखती हैं, जिससे पुलिस की भूमिका कानून लागू करने तक सीमित न रहकर समाज को जागरूक और आत्मविश्वासी बनाने की भी हो जाती है। दौसा पुलिस अधीक्षक द्वारा शुरू की गई यह मुहिम इसी सोच का एक सशक्त उदाहरण है। अब समय की मांग है कि इस अभियान को जिला मुख्यालय तक सीमित न रखकर प्रत्येक उपखंड, पंचायत समिति, ग्राम पंचायत, राजकीय एवं निजी विद्यालय, महाविद्यालय, महिला समूह, स्वयं सहायता समूह और ग्रामीण चौपाल तक पहुंचाया जाए। यदि पुलिस अधिकारी, बीट कांस्टेबल, कालिका पेट्रोलिंग यूनिट, ग्राम रक्षा समितियां, जनप्रतिनिधि, शिक्षक और स्थानीय स्वयंसेवी संगठन एक साझा मंच पर आकर नियमित जागरूकता कार्यक्रम संचालित करें, तो इसका प्रभाव कहीं अधिक व्यापक और स्थायी होगा। अपराधियों के तरीके तेजी से बदल रहे हैं और साइबर अपराधी गांव-शहर में कोई अंतर नहीं करते, इसलिए जागरूकता भी हर गांव, हर ढाणी और हर परिवार तक समान रूप से पहुंचनी चाहिए। यह केवल पुलिस का अभियान नहीं, बल्कि समाज को सुरक्षित, जागरूक और आत्मनिर्भर बनाने का एक जनआंदोलन बन सकता है। यदि इस पहल का विस्तार पूरे जिले में चरणबद्ध रूप से किया जाए, तो दौसा जिला सामुदायिक पुलिसिंग का एक अनुकरणीय मॉडल बन सकता है। इससे न केवल अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित होगा, बल्कि पुलिस और जनता के बीच विश्वास का संबंध भी मजबूत होगा। यदि इस मुहिम को गांव-गांव तक पहुंचाने की दिशा में त्वरित और ठोस कदम उठाए जाते हैं, तो यह राजस्थान पुलिस, विशेषकर दौसा जिला पुलिस की जनहितैषी कार्यशैली का एक ऐतिहासिक और दूरगामी अध्याय साबित होगा।
    1
    दौसा पुलिस द्वारा सामाजिक सरोकारों के तहत चलाया जा रहा जागरूकता अभियान पुलिस की संवेदनशील सोच का परिचायक है। यह मुहिम साइबर अपराध, महिला सुरक्षा, छात्राओं की आत्मरक्षा, डिजिटल सुरक्षा और कानून के प्रति जागरूकता जैसे विषयों पर केंद्रित है, जो आज प्रत्येक नागरिक के जीवन से सीधे जुड़े हुए हैं। समाज के बीच जाकर संवाद स्थापित करने की यह पहल निश्चित रूप से सकारात्मक और दूरगामी है।

हालांकि, इस अभियान का वास्तविक उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक सुरक्षा और जागरूकता का संदेश पहुंचाना है, जिसके लिए इसकी सबसे अधिक आवश्यकता दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में है। गांवों में बड़ी संख्या में लोग साइबर अपराधों के बदलते तौर-तरीकों से अनभिज्ञ हैं। वे मोबाइल फोन और डिजिटल बैंकिंग का उपयोग करते हैं, लेकिन साइबर ठगों की चालाकियों को पहचानने का प्रशिक्षण उनके पास नहीं है, जिससे वे आसानी से ठगी का शिकार बन जाते हैं। इसी तरह, ग्रामीण महिलाओं और छात्राओं के लिए आत्मरक्षा, साइबर सुरक्षा, कानूनी अधिकार और आपातकालीन सहायता जैसे विषयों पर व्यवस्थित प्रशिक्षण और संवाद का अभाव है। अधिकांश गांवों में ऐसी कोई नियमित व्यवस्था नहीं है और न ही सामाजिक संस्थाएं इस दिशा में व्यापक स्तर पर कार्य करती दिखती हैं, जिससे पुलिस की भूमिका कानून लागू करने तक सीमित न रहकर समाज को जागरूक और आत्मविश्वासी बनाने की भी हो जाती है।

दौसा पुलिस अधीक्षक द्वारा शुरू की गई यह मुहिम इसी सोच का एक सशक्त उदाहरण है। अब समय की मांग है कि इस अभियान को जिला मुख्यालय तक सीमित न रखकर प्रत्येक उपखंड, पंचायत समिति, ग्राम पंचायत, राजकीय एवं निजी विद्यालय, महाविद्यालय, महिला समूह, स्वयं सहायता समूह और ग्रामीण चौपाल तक पहुंचाया जाए। यदि पुलिस अधिकारी, बीट कांस्टेबल, कालिका पेट्रोलिंग यूनिट, ग्राम रक्षा समितियां, जनप्रतिनिधि, शिक्षक और स्थानीय स्वयंसेवी संगठन एक साझा मंच पर आकर नियमित जागरूकता कार्यक्रम संचालित करें, तो इसका प्रभाव कहीं अधिक व्यापक और स्थायी होगा। अपराधियों के तरीके तेजी से बदल रहे हैं और साइबर अपराधी गांव-शहर में कोई अंतर नहीं करते, इसलिए जागरूकता भी हर गांव, हर ढाणी और हर परिवार तक समान रूप से पहुंचनी चाहिए।

यह केवल पुलिस का अभियान नहीं, बल्कि समाज को सुरक्षित, जागरूक और आत्मनिर्भर बनाने का एक जनआंदोलन बन सकता है। यदि इस पहल का विस्तार पूरे जिले में चरणबद्ध रूप से किया जाए, तो दौसा जिला सामुदायिक पुलिसिंग का एक अनुकरणीय मॉडल बन सकता है। इससे न केवल अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित होगा, बल्कि पुलिस और जनता के बीच विश्वास का संबंध भी मजबूत होगा। यदि इस मुहिम को गांव-गांव तक पहुंचाने की दिशा में त्वरित और ठोस कदम उठाए जाते हैं, तो यह राजस्थान पुलिस, विशेषकर दौसा जिला पुलिस की जनहितैषी कार्यशैली का एक ऐतिहासिक और दूरगामी अध्याय साबित होगा।
    user_Khemraj Joshi
    Khemraj Joshi
    Yoga instructor राहुवास, दौसा, राजस्थान•
    18 hrs ago
  • बढ़ती और कथित अवैध टोल वसूली से मेहनतकश टैक्सी चालक तथा आम जनता सबसे अधिक प्रभावित हो रही है, जिससे उनके जीवन-यापन पर भारी बोझ पड़ रहा है। जनहित के इस मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी उन सभी साथियों के साथ मजबूती से खड़ी है जो इसके खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं। इसमें शाहपुरा विधायक मनीष जी यादव और कांग्रेस के सभी पदाधिकारी व कार्यकर्ता शामिल हैं। कांग्रेस के पदाधिकारियों ने लाल झंडा टैक्सी यूनियन द्वारा आयोजित धरने में भाग लिया और टोल की कथित अवैध वसूली के खिलाफ अपनी आवाज़ बुलंद की। पार्टी की मांग है कि आमजन और टैक्सी चालकों को राहत देने के लिए टोल वसूली से जुड़े मुद्दों का निष्पक्ष समाधान किया जाए और जनता के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।
    1
    बढ़ती और कथित अवैध टोल वसूली से मेहनतकश टैक्सी चालक तथा आम जनता सबसे अधिक प्रभावित हो रही है, जिससे उनके जीवन-यापन पर भारी बोझ पड़ रहा है। जनहित के इस मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी उन सभी साथियों के साथ मजबूती से खड़ी है जो इसके खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं। इसमें शाहपुरा विधायक मनीष जी यादव और कांग्रेस के सभी पदाधिकारी व कार्यकर्ता शामिल हैं।

कांग्रेस के पदाधिकारियों ने लाल झंडा टैक्सी यूनियन द्वारा आयोजित धरने में भाग लिया और टोल की कथित अवैध वसूली के खिलाफ अपनी आवाज़ बुलंद की।

पार्टी की मांग है कि आमजन और टैक्सी चालकों को राहत देने के लिए टोल वसूली से जुड़े मुद्दों का निष्पक्ष समाधान किया जाए और जनता के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।
    user_RIVENDRA KUMAR SHARMA
    RIVENDRA KUMAR SHARMA
    Local News Reporter बेजुपाड़ा, दौसा, राजस्थान•
    15 hrs ago
  • करौली में एक नाबालिग बच्चे से मारपीट के प्रकरण में पुलिस प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
    1
    करौली में एक नाबालिग बच्चे से मारपीट के प्रकरण में पुलिस प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
    user_Yogesh Kumar Gupta
    Yogesh Kumar Gupta
    पत्रकार बस्सी, जयपुर, राजस्थान•
    9 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.