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बरेली : एक महिला गई मेडिकल स्टोर से दवाई लेने, वहां मौजूद मेडिकल संचालक ने महिला से छेड़छाड़ की जिसके बाद महिला ने चप्पल निकाल कर मेडिकल संचालक का गाल लाल कर दिया बहेड़ी थाना क्षेत्र की बाजार गली का मामला
संदीप कुमार शर्मा
बरेली : एक महिला गई मेडिकल स्टोर से दवाई लेने, वहां मौजूद मेडिकल संचालक ने महिला से छेड़छाड़ की जिसके बाद महिला ने चप्पल निकाल कर मेडिकल संचालक का गाल लाल कर दिया बहेड़ी थाना क्षेत्र की बाजार गली का मामला
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- रंगरेजान प्रथम में बदहाल रास्ते और चोक नालियों से बढ़ी परेशानी नई पानी टंकी के पास सड़क पर जमा गंदा पानी, स्कूली बच्चों और राहगीरों को आवागमन में हो रही दिक्कत पालिकाध्यक्ष के पास नगर की समस्याओं का समाधान कराने एवं विकास कराने की बजाए समस्याओं और विकास के मुद्दे उठाने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का बचा है काम पलियाकलां। नगर के मोहल्ला रंगरेजान प्रथम में नई पानी टंकी के पास बदहाल रास्ते और चोक नालियां मोहल्लेवासियों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई हैं। ये समस्या है तो है, ये कोई व्यक्ति विशेष का किया धरा नहीं है, बल्कि ये पालिका प्रशासन की लापरवाही है। नालियों से जलनिकासी बाधित होने के कारण घरों से निकलने वाला गंदा पानी सड़क पर जमा हो रहा है। इससे राहगीरों के साथ ही स्कूली बच्चों को भी आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। समस्या को लेकर स्थानीय लोगों में नगर पालिका प्रशासन के प्रति नाराजगी है। मोहल्लेवासियों के अनुसार नालियों की नियमित सफाई न होने और जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से पानी सड़क पर ही जमा हो जाता है। सड़क पर जलभराव के कारण पैदल निकलने वाले लोगों को परेशानी होती है, जबकि दोपहिया वाहन चालकों को भी काफी सावधानी बरतनी पड़ती है। सबसे अधिक समस्या स्कूली बच्चों को होती है, जिन्हें इसी रास्ते से होकर विद्यालय जाना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर में सड़क और नाली जैसी मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान कराया जाना चाहिए। उनका आरोप है कि कई स्थानों पर ऐसे कार्य कराए जा रहे हैं, जहां तत्काल आवश्यकता कम है, जबकि जलनिकासी और सड़क जैसी बुनियादी समस्याओं से जूझ रहे मोहल्लों की ओर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है। मोहल्लेवासियों ने पालिका प्रशासन से नालियों की तत्काल सफाई कराने, यदि आवश्यक हो तो नालियों का निर्माण कराने, जलनिकासी की व्यवस्था दुरुस्त करने और बदहाल सड़क का निर्माण कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे अपनी शिकायत उच्चाधिकारियों के समक्ष रखने को मजबूर होंगे। समस्याएं उठाने पर कार्रवाई को लेकर भी चर्चा उधर नगर की समस्याओं को लेकर आवाज उठाने वाले लोगों के खिलाफ हाल में दर्ज कराए गए मुकदमों का मुद्दा भी स्थानीय स्तर पर चर्चा में है। पालिकाध्यक्ष की ओर से दो ऐसे लोगों के खिलाफ कथित रूप से भ्रामक और गलत खबर प्रसारित करने व मानहानि के आरोप में कार्रवाई कराए जाने की बात सामने आई है। जिन्होंने नगर की समस्याओं को प्रमुखता से उठाकर पालिका प्रशासन की लापरवाही को सार्वजनिक किया। वहीं इसकी निन्दा करते हुए कुछ लोगों ने कहा है कि जनहित से जुड़े मुद्दों को सामने रखना उनका दायित्व है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क, नाली, जलभराव और सफाई जैसी समस्याएं किसी व्यक्ति विशेष की बनाई हुई नहीं हैं। इन्हें संबंधित विभाग को दूर करना चाहिए। उनका कहना है कि जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के सामने समस्याएं रखने का उद्देश्य समाधान कराना होना चाहिए। न कि समस्याओं को उठाने एवं जनप्रतिनिधियों की लापरवाही को उजागर करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराना। यदि इसी तरह चलता रहा तो आने वाले समय में कोई भी व्यक्ति समस्याओं को उठाने और जनप्रतिनिधियों की लापरवाही को उजागर करने की हिम्मत ही नहीं कर पाएगा। अब देखना यह है कि रंगरेजान प्रथम में लंबे समय से चली आ रही जलभराव और बदहाल सड़क की समस्या पर नगर पालिका प्रशासन कब तक संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई करता है और नगर की समस्याओं को उठाकर पालिका प्रशासन की लापरवाही को सार्वजनिक करने वाले और कितने लोगों के खिलाफ पालिकाध्यक्ष द्वारा मुकदमा दर्ज कराया जाता है। मित्रों ये समस्या केवल रंगरेजान मोहल्ले की ही नहीं है। पलिया नगर का ऐसा कोई मोहल्ला नहीं है, जहां सड़कों की बदहाल स्थिति आपको देखने को न मिल जाए। इसके बाद भी पालिकाध्यक्ष द्वारा समस्याओं को उठाने वालों के खिलाफ लगातार मुकदमें दर्ज कराए जा रहे हैं, शिकायती प्रार्थना पत्र दिए जा जा रहे हैं।3
- *धौरहरा के सिसैया खुर्द में आधी रात पुलिसिया कहर, सपा सांसद आनंद भदौरिया ने कहा - CBI जांच हो* स्क्रिप्ट ब्यूरो संजय कुमार राठौर लखीमपुर पूरी नेशनलन्यूज़ लाइव *लखीमपुर खीरी।* धौरहरा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम सिसैया खुर्द में 14 सितंबर की रात पुलिस द्वारा की गई कथित बर्बरता का मामला गरमा गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर आज धौरहरा सांसद आनंद भदौरिया के नेतृत्व में सपा का प्रतिनिधिमंडल गांव पहुंचा और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। *पूरा मामला क्या है -* ग्रामीण लंबे समय से गांव की टूटी सड़क, कीचड़ और जलभराव से परेशान थे। उन्होंने विधायक के खिलाफ प्रदर्शन कर *'काम नहीं तो वोट नहीं'* के पोस्टर लगाए थे। ग्रामीणों का आरोप है कि इसी से नाराज होकर 14 सितंबर की रात धौरहरा पुलिस ने गांव की लाइट काट दी और घरों में घुसकर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को लाठियों से पीटा। इस दौरान 16 से ज्यादा लोग घायल हुए थे, जिन्हें देर रात सीएचसी धौरहरा ले जाया गया था। *सांसद आनंद भदौरिया का वर्जन -* वीडियो में सांसद ने कहा - "मैं आज सिसैया खुर्द में 17 पीड़ित परिवारों से मिला। एक गर्भवती महिला ने बताया कि पुलिस ने उसके नवजात बच्चे को छीनकर पटक दिया, जिससे उसके प्राइवेट पार्ट पर गंभीर चोट आई है। बच्चा चने जितना था, अब सूजकर अमरूद जैसा हो गया है। महिलाओं को ऐसी जगहों पर मारा गया है जिसे वो बता भी नहीं सकतीं।" सांसद ने कहा कि ये घटना गुलाम भारत में अंग्रेजों के अत्याचार से भी बदतर है। आजाद भारत में जनता ने सड़क मांगी तो उसे लाठियां मिलीं। *सपा की 3 बड़ी मांगें -* प्रतिनिधिमंडल में जिलाध्यक्ष रामपाल यादव, पूर्व विधायक शमशेर बहादुर, रोशन लाल वर्मा, ज्ञानेश लोधी समेत कई नेता रहे। सांसद ने मांग की है कि - 1. 5 सिपाहियों के निलंबन से काम नहीं चलेगा, पूरे मामले की CBI जांच हो। 2. दोषी थानाध्यक्ष और अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जाए। 3. प्रत्येक घायल परिवार को 5-5 लाख का मुआवजा दिया जाए। बता दें कि एसपी डॉ. ख्याति गर्ग ने 5 पुलिसकर्मियों को निलंबित और कोतवाल को लाइन हाजिर किया है। वहीं लोधी समाज ने भी राज्यपाल को ज्ञापन देकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। *धौरहरा के सिसैया खुर्द में आधी रात पुलिसिया कहर, सपा सांसद आनंद भदौरिया ने कहा - CBI जांच हो* स्क्रिप्ट ब्यूरो संजय कुमार राठौर लखीमपुर पूरी नेशनलन्यूज़ लाइव *लखीमपुर खीरी।* धौरहरा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम सिसैया खुर्द में 14 सितंबर की रात पुलिस द्वारा की गई कथित बर्बरता का मामला गरमा गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर आज धौरहरा सांसद आनंद भदौरिया के नेतृत्व में सपा का प्रतिनिधिमंडल गांव पहुंचा और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। *पूरा मामला क्या है -* ग्रामीण लंबे समय से गांव की टूटी सड़क, कीचड़ और जलभराव से परेशान थे। उन्होंने विधायक के खिलाफ प्रदर्शन कर *'काम नहीं तो वोट नहीं'* के पोस्टर लगाए थे। ग्रामीणों का आरोप है कि इसी से नाराज होकर 14 सितंबर की रात धौरहरा पुलिस ने गांव की लाइट काट दी और घरों में घुसकर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को लाठियों से पीटा। इस दौरान 16 से ज्यादा लोग घायल हुए थे, जिन्हें देर रात सीएचसी धौरहरा ले जाया गया था। *सांसद आनंद भदौरिया का वर्जन -* वीडियो में सांसद ने कहा - "मैं आज सिसैया खुर्द में 17 पीड़ित परिवारों से मिला। एक गर्भवती महिला ने बताया कि पुलिस ने उसके नवजात बच्चे को छीनकर पटक दिया, जिससे उसके प्राइवेट पार्ट पर गंभीर चोट आई है। बच्चा चने जितना था, अब सूजकर अमरूद जैसा हो गया है। महिलाओं को ऐसी जगहों पर मारा गया है जिसे वो बता भी नहीं सकतीं।" सांसद ने कहा कि ये घटना गुलाम भारत में अंग्रेजों के अत्याचार से भी बदतर है। आजाद भारत में जनता ने सड़क मांगी तो उसे लाठियां मिलीं। *सपा की 3 बड़ी मांगें -* प्रतिनिधिमंडल में जिलाध्यक्ष रामपाल यादव, पूर्व विधायक शमशेर बहादुर, रोशन लाल वर्मा, ज्ञानेश लोधी समेत कई नेता रहे। सांसद ने मांग की है कि - 1. 5 सिपाहियों के निलंबन से काम नहीं चलेगा, पूरे मामले की CBI जांच हो। 2. दोषी थानाध्यक्ष और अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जाए। 3. प्रत्येक घायल परिवार को 5-5 लाख का मुआवजा दिया जाए। बता दें कि एसपी डॉ. ख्याति गर्ग ने 5 पुलिसकर्मियों को निलंबित और कोतवाल को लाइन हाजिर किया है। वहीं लोधी समाज ने भी राज्यपाल को ज्ञापन देकर निष्पक्ष जांच की मांग की है।1
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