संत रामपाल जी महाराज के 76वें अवतरण दिवस पर हुए विभिन्न जनकल्याणकारी कार्यक्रम रूपनगढ़। संत रामपाल जी महाराज के 76वें अवतरण दिवस के अवसर पर 6 से 8 सितंबर तक देशभर में विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। आयोजनों में आध्यात्मिक प्रवचन, सामुदायिक भंडारा, रक्तदान तथा समाज सुधार से जुड़े कार्यक्रम प्रमुख रहे। राजस्थान में भी संत रामपाल जी महाराज के अनुयायियों की ओर से जनसेवा से जुड़े कार्यक्रमों में भागीदारी की गई। हाल ही में राजस्थान के विभिन्न जिलों से ग्रामीणों, सरपंचों और गौशाला प्रतिनिधियों ने संत रामपाल जी महाराज से मुलाकात कर अपने क्षेत्रों की समस्याएं रखीं। अनुयायियों के अनुसार संत रामपाल जी महाराज के मार्गदर्शन में गौसेवा, जरूरतमंदों की सहायता, जल संरक्षण और अन्नपूर्णा मुहिम जैसे सामाजिक अभियानों पर भी जोर दिया जा रहा है। राजस्थान के कुछ गांवों से गौशालाओं के लिए शेड तथा पेयजल व्यवस्था से जुड़ी मांगें भी रखी गई हैं। अवतरण दिवस के कार्यक्रमों में सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता और मानव सेवा का संदेश दिया गया। आयोजकों ने सेवा, सद्भाव और समाज सुधार को कार्यक्रमों का प्रमुख उद्देश्य बताया।
संत रामपाल जी महाराज के 76वें अवतरण दिवस पर हुए विभिन्न जनकल्याणकारी कार्यक्रम रूपनगढ़। संत रामपाल जी महाराज के 76वें अवतरण दिवस के अवसर पर 6 से 8 सितंबर तक देशभर में विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। आयोजनों में आध्यात्मिक प्रवचन, सामुदायिक भंडारा, रक्तदान तथा समाज सुधार से जुड़े कार्यक्रम प्रमुख रहे। राजस्थान में भी संत रामपाल जी महाराज के अनुयायियों की ओर से जनसेवा से जुड़े कार्यक्रमों में भागीदारी की गई। हाल ही में राजस्थान के विभिन्न जिलों से ग्रामीणों, सरपंचों और गौशाला प्रतिनिधियों ने संत रामपाल जी महाराज से मुलाकात कर अपने क्षेत्रों की समस्याएं रखीं। अनुयायियों के अनुसार संत रामपाल जी महाराज के मार्गदर्शन में गौसेवा, जरूरतमंदों की सहायता, जल संरक्षण और अन्नपूर्णा मुहिम जैसे सामाजिक अभियानों पर भी जोर दिया जा रहा है। राजस्थान के कुछ गांवों से गौशालाओं के लिए शेड तथा पेयजल व्यवस्था से जुड़ी मांगें भी रखी गई हैं। अवतरण दिवस के कार्यक्रमों में सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता और मानव सेवा का संदेश दिया गया। आयोजकों ने सेवा, सद्भाव और समाज सुधार को कार्यक्रमों का प्रमुख उद्देश्य बताया।
- संत रामपाल जी महाराज के 76वें अवतरण दिवस पर हुए विभिन्न जनकल्याणकारी कार्यक्रम रूपनगढ़। संत रामपाल जी महाराज के 76वें अवतरण दिवस के अवसर पर 6 से 8 सितंबर तक देशभर में विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। आयोजनों में आध्यात्मिक प्रवचन, सामुदायिक भंडारा, रक्तदान तथा समाज सुधार से जुड़े कार्यक्रम प्रमुख रहे। राजस्थान में भी संत रामपाल जी महाराज के अनुयायियों की ओर से जनसेवा से जुड़े कार्यक्रमों में भागीदारी की गई। हाल ही में राजस्थान के विभिन्न जिलों से ग्रामीणों, सरपंचों और गौशाला प्रतिनिधियों ने संत रामपाल जी महाराज से मुलाकात कर अपने क्षेत्रों की समस्याएं रखीं। अनुयायियों के अनुसार संत रामपाल जी महाराज के मार्गदर्शन में गौसेवा, जरूरतमंदों की सहायता, जल संरक्षण और अन्नपूर्णा मुहिम जैसे सामाजिक अभियानों पर भी जोर दिया जा रहा है। राजस्थान के कुछ गांवों से गौशालाओं के लिए शेड तथा पेयजल व्यवस्था से जुड़ी मांगें भी रखी गई हैं। अवतरण दिवस के कार्यक्रमों में सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता और मानव सेवा का संदेश दिया गया। आयोजकों ने सेवा, सद्भाव और समाज सुधार को कार्यक्रमों का प्रमुख उद्देश्य बताया।1
- दूदू के 25 वार्डों मे 12 पर कांग्रेस, 10 में BJP और 2 वार्डो मे निर्दलीय व एक मे RLP ने की जीत की हासिल दूदू नगर पालिका के चुनाव में नतीजे सामने आने के बाद कांग्रेस बहुमत के काफी करीब है। जानकारी के अनुसार नगर पालिका में कुल 25 वार्ड हैं और कांग्रेस ने 12 वार्डों में जीत दर्ज कर ली है। 10 वार्डों में बीजेपी, 2 वार्डों में निर्दलीय और आरएलपी ने एक वार्ड में जीत दर्ज की है। इसके साथी ही चुनावों में वार्ड 24 में सबसे रोमांचक टक्कर रही, जहां भाजपा के हनुमान धाभाई मात्र 2 वोटों के अंतर से विजयी रहे। वहीं वार्ड 1 में भी कांग्रेस के इशाक ने मात्र 9 वोटों से जीत दर्ज की। वहीं, वार्ड 9 में भाजपा के पुरुषोत्तम स्वामी ने 243 वोटों के सबसे बड़े अंतर से जीत हासिल की। वार्ड 19 में कांग्रेस की सीता देवी भी 224 वोटों के भारी अंतर से जीतीं। जानकारी के अनुसार दूदू नगर पालिका में पार्षद पद के लिए 9 सितंबर को वोट डाले गए थे। इसमें 89.16 प्रतिशत वोटरों ने हिस्सा लिया था। दूदू नगर पालिका में कुल 25 वार्ड हैं। इन पर 99 उम्मीदवार मैदान में थे। चेयरमैन का पद ओपन रखा गया है।1
- व्हाट्सएप स्टेटस लगाए और पैसे कमाने का मौका पाए लाइक करें सब्सक्राइब करें Ajmer निर्दलीयों उम्मीदवारों ने बाजी मारी Dainik News AJMER1
- अजमेर नगर निगम में निर्दलीयों का दम! सोफिया कुरैशी-अजहर खान की जीत, मेयर पद पर क्या बोले नीरज जैन? अजमेर नगर निगम चुनाव के नतीजों के बाद अब मेयर पद को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। वार्ड नंबर 11 से निर्दलीय प्रत्याशी सोफिया कुरैशी ने 232 वोटों से, जबकि वार्ड नंबर 14 से निर्दलीय प्रत्याशी अजहर खान ने 41 वोटों से जीत दर्ज की। वहीं वार्ड नंबर 80 से भाजपा ने जीत हासिल की। चुनावी नतीजों के बीच नगर निगम के पूर्व मेयर नीरज जैन से मेयर पद को लेकर खास बातचीत की गई। उन्होंने कहा कि मेयर पद के लिए जो भी संभव होगा, वह कोशिश करेंगे। इस खास ग्राउंड रिपोर्ट में विजेता पार्षदों, वार्ड 80 के भाजपा प्रत्याशी के पिता और नीरज जैन से बातचीत के जरिए जानिए—अजमेर नगर निगम में जीत के बाद क्या है पार्षदों का रुख और मेयर पद का सियासी गणित क्या कहता है? देखिए अजमेर नगर निगम चुनाव की खास ग्राउंड रिपोर्ट।1
- एक सुनहरे कल की ओर 🌍 ब्रिक्स परिवार #BRICS2026 Jay Ho Bharat Mata Ki1
- रामसर में गणेश चतुर्थी पर 13 स्थानों पर विराजे गजानन, तेजाजी चौक में 9 फीट की प्रतिमा बनी आकर्षण का केंद्र रामसर में गणेश चतुर्थी पर 13 स्थानों पर विराजे गजानन, तेजाजी चौक में 9 फीट की प्रतिमा बनी आकर्षण का केंद्र1
- पीसांगन नगर पालिका वार्ड 2 निर्दलीय प्रत्याशी लोकेश लांबा ने ली जीत के बाद शपथ, रिटर्निंग अधिकारी मोहनलाल चौधरी ने दिलाई शपथ, लिया जीत का प्रमाण पत्र ,जनता का जताया आभार पीसांगन नगर पालिका वार्ड 2 निर्दलीय प्रत्याशी लोकेश लांबा ने ली जीत के बाद शपथ, रिटर्निंग अधिकारी मोहनलाल चौधरी ने दिलाई शपथ, लिया जीत का प्रमाण पत्र ,जनता का जताया आभार1
- रूपनगढ़ में जेसीबी से गणेश प्रतिमा को पहनाई फूलों की माला, सिंह द्वार पर दिखा अनोखा आस्था का नजारा रूपनगढ़। रूपनगढ़ के मुख्य सिंह द्वार पर रविवार को आस्था और परंपरा का अनोखा दृश्य देखने को मिला। गणेश जी महाराज की विशाल प्रतिमा पर जेसीबी मशीन की मदद से फूलों की माला पहनाई गई और विधिवत पूजा-अर्चना की गई। जेसीबी के माध्यम से प्रतिमा तक पहुंचकर माला पहनाने का यह अनूठा तरीका राहगीरों और स्थानीय लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। इस दौरान श्रद्धालुओं ने गणेश जी महाराज के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। आस्था के इस अनोखे अंदाज ने एक बार फिर रूपनगढ़ की धार्मिक परंपरा और अलग पहचान को दर्शाया।1