फर्रुखाबाद में स्कूली बच्चों को ले जाने वाले वाहनों के खिलाफ शनिवार को दोपहर 12 बजे के बाद सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। आरटीओ-प्रवर्तन, कानपुर राहुल श्रीवास्तव के नेतृत्व में परिवहन विभाग की चार टीमों ने टैम्पो, ई-रिक्शा, मारुति वैन और निजी वाहनों की जांच की। इस अभियान के तहत कुल 42 वाहनों के चालान किए गए और 6 वाहनों को सीज कर दिया गया। इन उल्लंघनों पर 4.35 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। कार्रवाई के दौरान परिवहन विभाग ने स्कूल बसों के लिए निर्धारित सुरक्षा मानकों को भी दोहराया। इन मानकों के अनुसार स्कूल बस का रंग पीला होना चाहिए, उस पर 'स्कूल बस' लिखा होना चाहिए और स्कूल का नाम व टेलीफोन नंबर अंकित होना अनिवार्य है। इसके अलावा बस में 2 किलोग्राम क्षमता के दो अग्निशमन यंत्र, फर्स्ट-एड बॉक्स और प्रत्येक सीट पर सीट बेल्ट होना जरूरी है। बस में प्रेशर हॉर्न या मल्टी-टोन हॉर्न लगाने पर रोक है, और चालक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस के साथ कम से कम पांच साल का वाहन चलाने का अनुभव होना आवश्यक है। अधिकारियों ने बताया कि यह चेकिंग अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा। आगे इस सघन कार्रवाई में कानपुर देहात, कन्नौज, औरैया और कानपुर नगर की टीमें भी शामिल होंगी।
फर्रुखाबाद में स्कूली बच्चों को ले जाने वाले वाहनों के खिलाफ शनिवार को दोपहर 12 बजे के बाद सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। आरटीओ-प्रवर्तन, कानपुर राहुल श्रीवास्तव के नेतृत्व में परिवहन विभाग की चार टीमों ने टैम्पो, ई-रिक्शा, मारुति वैन और निजी वाहनों की जांच की। इस अभियान के तहत कुल 42 वाहनों के चालान किए गए और 6 वाहनों को सीज कर दिया गया। इन उल्लंघनों पर 4.35 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। कार्रवाई के दौरान परिवहन विभाग ने स्कूल बसों के लिए निर्धारित सुरक्षा मानकों को भी दोहराया। इन मानकों के अनुसार स्कूल बस का रंग पीला होना चाहिए,
उस पर 'स्कूल बस' लिखा होना चाहिए और स्कूल का नाम व टेलीफोन नंबर अंकित होना अनिवार्य है। इसके अलावा बस में 2 किलोग्राम क्षमता के दो अग्निशमन यंत्र, फर्स्ट-एड बॉक्स और प्रत्येक सीट पर सीट बेल्ट होना जरूरी है। बस में प्रेशर हॉर्न या मल्टी-टोन हॉर्न लगाने पर रोक है, और चालक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस के साथ कम से कम पांच साल का वाहन चलाने का अनुभव होना आवश्यक है। अधिकारियों ने बताया कि यह चेकिंग अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा। आगे इस सघन कार्रवाई में कानपुर देहात, कन्नौज, औरैया और कानपुर नगर की टीमें भी शामिल होंगी।
- फर्रुखाबाद के आवास विकास स्थित समाजवादी पार्टी कार्यालय में रविवार दोपहर संविधान मान स्तंभ स्थापना दिवस मनाया गया।1
- उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) ने आगामी विधानसभा चुनावों और संगठन विस्तार को लेकर रविवार को एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की। इस कार्यक्रम में जिले भर से 100 से अधिक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल हुए। बैठक में युवा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष बलवीर सिंह शिवाजी और किसान प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष बलवीर सिंह चौहान का कार्यकर्ताओं ने गर्मजोशी से स्वागत किया। बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत बनाना, सदस्यता अभियान चलाना, आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करना और चुनावी रणनीति को गति देना रहा। समीक्षा बैठक के दौरान युवा अध्यक्ष बलवीर सिंह शिवाजी ने कहा कि पार्टी किसानों, युवाओं, महिलाओं और समाज के प्रत्येक वर्ग को समान अधिकार व उचित भागीदारी दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है और जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाती रहेगी। वहीं किसान प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष बलवीर सिंह चौहान ने कार्यकर्ताओं से गांव-गांव और घर-घर जाकर पार्टी की नीतियों को पहुंचाने का आह्वान करते हुए कहा कि मजबूत संगठन ही चुनावी सफलता की कुंजी है। जिलाध्यक्ष सुशील सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेश में बदलाव का समय आ चुका है और एकजुटता व मेहनत के बल पर पार्टी आगामी चुनावों में बेहतर प्रदर्शन करेगी। कार्यक्रम के अंत में जिलाध्यक्ष सुशील सिंह चौहान ने सभी कार्यकर्ताओं को जनसत्ता दल की नीतियों और विचारधारा को घर-घर तक पहुंचाने का संकल्प दिलाया। बैठक में जिला सचिव सिद्धांत सिंह, किसान प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष अवनीश सिंह तोमर, विनय प्रताप सिंह राठौर, मुकेश चौहान, जोगराम राजपूत, राहुल चौहान, राणा प्रताप सिंह, रोहित सिंह सोमवंशी, विमलेश मिश्रा, शुभम राजावत, रोहन सोलंकी, कुलदीप चौहान, अरविंद चौहान, विवेक सिंह गहरवार, अमित सोमवंशी सहित शुभम, विकास, अनुज, जितेंद्र, शिवा, सुनील अंश और विशाल भारद्वाज समेत बड़ी संख्या में पदाधिकारी व युवा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ हुई कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में शनिवार शाम फर्रुखाबाद में जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने कैंडल मार्च निकाला। यह प्रदर्शन फर्रुखाबाद चौक से शुरू होकर नेहरू रोड, घूमना बाजार और अन्य प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए सुभाष गेट पर पहुंचकर समाप्त हुआ। हाथों में मोमबत्तियां थामे कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान “राहुल गांधी जिंदाबाद”, “कांग्रेस पार्टी जिंदाबाद” तथा “मोदी जब-जब डरता है, पुलिस को आगे करता है” जैसे नारे लगाए गए। प्रदर्शन में शामिल कांग्रेस नेताओं ने कहा कि छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने छात्रों पर हुई कार्रवाई की निंदा की और उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने की बात कही। इस दौरान जिला कांग्रेस कमेटी की जिलाध्यक्ष शकुंतला देवी, लुइस खुर्शीद, नगर अध्यक्ष शंकर मिश्रा, मृत्युंजय शर्मा, पुन्नी शुक्ला, डॉ. पी.एम. सक्सेना, डालचंद कठेरिया, शिव आशीष तिवारी, तन्मय मिश्रा, बिलाल सफाई और अंबर अली जैदी समेत कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। कैंडल मार्च की सूचना मिलने पर पुलिस-प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क रहा। क्षेत्राधिकारी (सिटी) खुद मौके पर पहुंचे और कोतवाली पुलिस के साथ सुरक्षा व्यवस्था व यातायात की निगरानी की। पुलिस की मौजूदगी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का यह विरोध-प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।2
- हरदोई जनपद के शाहाबाद में खेड़ा तिराहा से कुछ दूरी पर माँ संकटा देवी का अत्यंत प्राचीन सिद्ध मंदिर स्थित है। इस पावन धाम को हरदोई जिले के प्रमुख सिद्ध दरबारों में से एक माना जाता है। यहाँ की धार्मिक मान्यता है कि जीवन में घोर संकटों से घिरे भक्त यदि केवल यहाँ आकर पूजा-अर्चना करते हैं, तो उनके सभी कष्ट और संकट टल जाते हैं। मंदिर परिसर में एक आश्रम भी स्थित है, जहाँ का वातावरण अत्यंत पवित्र और आसपास का प्राकृतिक परिदृश्य बेहद मनोरम है। नवरात्रि के दिनों में यहाँ विशेष मेले का आयोजन किया जाता है, जहाँ बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन और पूजन के लिए पहुँचते हैं।1
- Tum kam karta hun kam karta hun July ka aaj ka hai a sakta hai aapka Chhota Sa najar ko lagaen1
- हरदोई जिले के सुरसा थाना पुलिस द्वारा मुकदमा अपराध संख्या 254/2026 में बीएनएस की धारा 105/61(2) से संबंधित दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है।1
- कन्नौज जिले के सकराबा थाना क्षेत्र में रविवार को नीम के पेड़ को लेकर दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष हो गया। मामूली विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया और दोनों ओर से जमकर लाठी-डंडे चले। इस मारपीट में 7 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिससे गांव में अफरा-तफरी और भगदड़ मच गई। घायलों में प्रथम पक्ष से कुसमा देवी, उनकी बेटी प्रिया यादव, बेटा उमेश यादव, अनिकेत यादव और रामनरेश शामिल हैं, जबकि द्वितीय पक्ष से श्याम सिंह और उनका बेटा पुनीत घायल हुए हैं। सूचना पर पहुंची पुलिस ने सभी घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सौरिख में भर्ती कराया। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल कुसुम देवी, रामनरेश, प्रिया यादव, श्याम सिंह और पुनीत को मेडिकल कॉलेज तिर्वा रेफर कर दिया गया। घटना के दौरान अस्पताल में बड़ी लापरवाही देखने को मिली। जिस समय घायल सीएचसी पहुंचे, उसी समय सीएमओ डॉ. विकास चंद्रा निरीक्षण के लिए वहां मौजूद थे। आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर और फार्मासिस्ट सीएमओ की आवभगत में जुटे रहे, जिससे गंभीर मरीज करीब तीन घंटे तक इलाज के इंतजार में तड़पते रहे। सीएमओ के जाने के बाद ही इलाज शुरू हो सका, जिसे लेकर मरीजों के तीमारदारों में भारी आक्रोश है। घटना के बाद से गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है और पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।2