हाई बेस से थर्रा उठी दुकान, नीचे गिरने लगी दवाईयां... एक वीडियो इंटरनेट पर चर्चा में है, जिसमें एक दुकानदार तेज बेस वाले डीजे संगीत से बुरी तरह परेशान नजर आ रहा है. हालात इतने खराब थे कि दुकानदार हाथ जोड़कर डीजे वालों से आवाज कम करने की गुहार लगाता है. उसकी हालत यह बताने के लिए काफी है कि यह सिर्फ शोर नहीं, बल्कि सीधे तौर पर इंसानों की सेहत पर हमला है. वीडियो के कैप्शन में लिखा था कि तेज आवाज का असर सिर्फ कानों तक सीमित नहीं रहता है, बल्कि यह हृदय रोगियों, उच्च रक्तचाप के मरीजों, बुजुर्गों और शिशुओं के लिए गंभीर खतरा बन सकती है. विशेषज्ञों के मुताबिक, अत्यधिक ध्वनि से रक्तचाप अचानक बढ़ सकता है, दिल की धड़कन अनियमित हो सकती है, घबराहट के दौरे पड़ सकते हैं और सुनने की क्षमता स्थायी रूप से कम हो सकती है. इसके बावजूद शादियों, राजनीतिक रैलियों और धार्मिक जुलूसों में तेज डीजे अब आम बात बन चुकी है.
हाई बेस से थर्रा उठी दुकान, नीचे गिरने लगी दवाईयां... एक वीडियो इंटरनेट पर चर्चा में है, जिसमें एक दुकानदार तेज बेस वाले डीजे संगीत से बुरी तरह परेशान नजर आ रहा है. हालात इतने खराब थे कि दुकानदार हाथ जोड़कर डीजे वालों से आवाज कम करने की गुहार लगाता है. उसकी हालत यह बताने के लिए काफी है कि यह सिर्फ शोर नहीं, बल्कि सीधे तौर पर इंसानों की सेहत पर हमला है. वीडियो के कैप्शन में लिखा था कि तेज आवाज का असर सिर्फ कानों तक सीमित नहीं रहता है, बल्कि यह हृदय रोगियों, उच्च रक्तचाप के मरीजों, बुजुर्गों और शिशुओं के लिए गंभीर खतरा बन सकती है. विशेषज्ञों के मुताबिक, अत्यधिक ध्वनि से रक्तचाप अचानक बढ़ सकता है, दिल की धड़कन अनियमित हो सकती है, घबराहट के दौरे पड़ सकते हैं और सुनने की क्षमता स्थायी रूप से कम हो सकती है. इसके बावजूद शादियों, राजनीतिक रैलियों और धार्मिक जुलूसों में तेज डीजे अब आम बात बन चुकी है.
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- हाई बेस से थर्रा उठी दुकान, नीचे गिरने लगी दवाईयां... एक वीडियो इंटरनेट पर चर्चा में है, जिसमें एक दुकानदार तेज बेस वाले डीजे संगीत से बुरी तरह परेशान नजर आ रहा है. हालात इतने खराब थे कि दुकानदार हाथ जोड़कर डीजे वालों से आवाज कम करने की गुहार लगाता है. उसकी हालत यह बताने के लिए काफी है कि यह सिर्फ शोर नहीं, बल्कि सीधे तौर पर इंसानों की सेहत पर हमला है. वीडियो के कैप्शन में लिखा था कि तेज आवाज का असर सिर्फ कानों तक सीमित नहीं रहता है, बल्कि यह हृदय रोगियों, उच्च रक्तचाप के मरीजों, बुजुर्गों और शिशुओं के लिए गंभीर खतरा बन सकती है. विशेषज्ञों के मुताबिक, अत्यधिक ध्वनि से रक्तचाप अचानक बढ़ सकता है, दिल की धड़कन अनियमित हो सकती है, घबराहट के दौरे पड़ सकते हैं और सुनने की क्षमता स्थायी रूप से कम हो सकती है. इसके बावजूद शादियों, राजनीतिक रैलियों और धार्मिक जुलूसों में तेज डीजे अब आम बात बन चुकी है.1
- Post by MAKKI TV NEWS1
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