अंतर्राष्ट्रीय तम्बाकू निषेध दिवस के अवसर पर 31 मई को जतारा की सबजेल में सुबह 7 बजे 'ऋषियुग्म' के दिव्य संरक्षण में एक संगोष्ठी आयोजित की गई। इस कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि सहायक जेल अधीक्षक राजकिशोर गुर्जर और कार्यक्रम संयोजक बृजकिशोर तिवारी आचार्य ने दीप प्रज्वलन और भारत माता पूजन के साथ किया। पूजन के उपरांत किशोरकुमार नामदेव और दीनदयाल साहू ने 'प्रज्ञागीत मनुज देवता बने' प्रस्तुत किया, जिसके बाद संतोषकुमार साहू ने सामूहिक जप एवं ध्यान साधना कराई। साधना के पश्चात, बृजकिशोर तिवारी आचार्य ने सभी बंदीजनों को व्यसनों की लत, जैसे बीड़ी, सिगरेट, तम्बाकू और मदिरा से व्यक्ति, परिवार और समाज को होने वाली हानियों के बारे में संबोधित किया, और उनके त्याग पर जोर दिया। सहायक जेल अधीक्षक राजकिशोर गुर्जर ने जेल को अनुशासन, चिंतन और सुधार का केंद्र बताते हुए बंदीजनों से 'बदला नहीं, स्वयं बदलने की भावना' अपनाने का आग्रह किया। कार्यक्रम के अंत में एक टोली द्वारा नशा निवारण गीत प्रस्तुत किया गया, जिसके पश्चात सभी को व्यसन मुक्ति का संकल्प दिलाया गया। इस आयोजन में जेल स्टाफ, बंदीगण और कर्मचारी गण उपस्थित रहे।
अंतर्राष्ट्रीय तम्बाकू निषेध दिवस के अवसर पर 31 मई को जतारा की सबजेल में सुबह 7 बजे 'ऋषियुग्म' के दिव्य संरक्षण में एक संगोष्ठी आयोजित की गई। इस कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि सहायक जेल अधीक्षक राजकिशोर गुर्जर और कार्यक्रम संयोजक बृजकिशोर तिवारी आचार्य ने दीप प्रज्वलन और भारत माता पूजन के साथ किया। पूजन के उपरांत किशोरकुमार नामदेव और दीनदयाल साहू ने 'प्रज्ञागीत मनुज देवता बने' प्रस्तुत किया, जिसके बाद संतोषकुमार साहू ने सामूहिक जप एवं ध्यान साधना कराई। साधना के पश्चात, बृजकिशोर तिवारी आचार्य ने सभी बंदीजनों को व्यसनों की लत, जैसे बीड़ी, सिगरेट, तम्बाकू और मदिरा से व्यक्ति, परिवार और समाज को होने वाली हानियों के बारे में संबोधित किया, और उनके त्याग पर जोर दिया। सहायक जेल अधीक्षक राजकिशोर गुर्जर ने जेल को अनुशासन, चिंतन और सुधार का केंद्र बताते हुए बंदीजनों से 'बदला नहीं, स्वयं बदलने की भावना' अपनाने का आग्रह किया। कार्यक्रम के अंत में एक टोली द्वारा नशा निवारण गीत प्रस्तुत किया गया, जिसके पश्चात सभी को व्यसन मुक्ति का संकल्प दिलाया गया। इस आयोजन में जेल स्टाफ, बंदीगण और कर्मचारी गण उपस्थित रहे।
- अंतर्राष्ट्रीय तम्बाकू निषेध दिवस के अवसर पर 31 मई को जतारा की सबजेल में सुबह 7 बजे 'ऋषियुग्म' के दिव्य संरक्षण में एक संगोष्ठी आयोजित की गई। इस कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि सहायक जेल अधीक्षक राजकिशोर गुर्जर और कार्यक्रम संयोजक बृजकिशोर तिवारी आचार्य ने दीप प्रज्वलन और भारत माता पूजन के साथ किया। पूजन के उपरांत किशोरकुमार नामदेव और दीनदयाल साहू ने 'प्रज्ञागीत मनुज देवता बने' प्रस्तुत किया, जिसके बाद संतोषकुमार साहू ने सामूहिक जप एवं ध्यान साधना कराई। साधना के पश्चात, बृजकिशोर तिवारी आचार्य ने सभी बंदीजनों को व्यसनों की लत, जैसे बीड़ी, सिगरेट, तम्बाकू और मदिरा से व्यक्ति, परिवार और समाज को होने वाली हानियों के बारे में संबोधित किया, और उनके त्याग पर जोर दिया। सहायक जेल अधीक्षक राजकिशोर गुर्जर ने जेल को अनुशासन, चिंतन और सुधार का केंद्र बताते हुए बंदीजनों से 'बदला नहीं, स्वयं बदलने की भावना' अपनाने का आग्रह किया। कार्यक्रम के अंत में एक टोली द्वारा नशा निवारण गीत प्रस्तुत किया गया, जिसके पश्चात सभी को व्यसन मुक्ति का संकल्प दिलाया गया। इस आयोजन में जेल स्टाफ, बंदीगण और कर्मचारी गण उपस्थित रहे।1
- जतारा स्थित पत्रिका कार्यालय में हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र के अनेक पत्रकारों ने हिस्सा लिया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य हिंदी पत्रकारिता के महत्व, दायित्वों और वर्तमान चुनौतियों पर गहन विचार-विमर्श करना था। कार्यक्रम का संचालन करते हुए पत्रकार आदम कादरी ने सभी पत्रकारों से सकारात्मक सोच के साथ कार्य करने, एक-दूसरे को नीचा दिखाने के बजाय निष्पक्षता और अपने विशिष्ट अंदाज में पत्रकारिता करने का आह्वान किया। इस अवसर पर, पूर्व जिला उपाध्यक्ष मुकेश तिवारी ने पत्रकारिता को समाज की सशक्त आवाज बताते हुए पत्रकारों को ईमानदारी और निष्ठा के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने पर विशेष जोर दिया। बालकिशन प्रजापति ने पत्रकारिता के मूल गुणों और उसकी सामाजिक जिम्मेदारियों पर विस्तृत प्रकाश डाला, जबकि दशरथ विश्वकर्मा ने पत्रकारों की भूमिका को लोकतंत्र का एक अति महत्वपूर्ण स्तंभ बताया। लाली झा ने जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता से उठाने तथा समाज के प्रति पत्रकारों की जवाबदेही पर अपने महत्वपूर्ण विचार साझा किए। वहीं, आलोक भार्गव ने हिंदी पत्रकारिता दिवस के इतिहास और उसके महत्व की विस्तृत जानकारी दी, जबकि बॉबी दुबे ने पत्रकारिता के आदर्शों, नैतिक मूल्यों और जनसेवा की भावना को बनाए रखने का सशक्त संदेश दिया। कार्यक्रम के अंत में, जतारा के सभी पत्रकारों ने एकजुट होकर जनहितकारी पत्रकारिता करने का संकल्प लिया।3
- सीएम डॉ मोहन यादव ने हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर सभी पत्रकार बंधुओं को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं।1
- मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले के पृथ्वीपुर में 31 मई 2026 को राजमाता अहिल्याबाई होलकर जी की एक भव्य शोभा यात्रा रैली निकाली गई। यह आयोजन पूरे क्षेत्र में बड़ी धूमधाम से संपन्न हुआ, जिसमें स्थानीय युवा और बुजुर्ग, दोनों उत्साहपूर्वक उपस्थित रहे।4
- टीकमगढ़ जिले के पलेरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एक बार फिर विवादों में घिर गया है, जहाँ मरीजों को समुचित उपचार नहीं मिल पा रहा और डॉक्टरों के बीच चल रहे विवाद का खामियाजा आम जनता भुगत रही है। अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार सुरक्षा संगठन के प्रदेश प्रमुख सचिव राम रतन दीक्षित और उनकी टीम ने इन शिकायतों के बाद अस्पताल का औचक निरीक्षण किया और अव्यवस्थाओं को अपनी आँखों से देखने के बाद सीएमएचओ डॉक्टर अनुरागी को भी अवगत कराया। आरोप है कि डॉक्टर मुकेश साहू, जिनका बंधपत्र अप्रैल 2026 में समाप्त हो चुका है, वे अब भी ओपीडी में बैठकर मरीजों का उपचार कर रहे हैं और सरकारी क्वार्टर में निवास कर रहे हैं। स्थानीय लोगों ने चिंता व्यक्त की है कि ऐसी स्थिति में यदि किसी मरीज की हालत बिगड़ती है तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। इसके अतिरिक्त, मरीजों को अस्पताल में उपलब्ध दवाइयों के बजाय बाहर की कमीशन वाली दवाइयां लिखी जा रही हैं, जिससे गरीब मरीजों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। अस्पताल में डॉक्टरों के बीच लगातार विवाद की स्थिति बनी हुई है, जिसके कारण मरीजों को भीषण गर्मी में घंटों भटकना पड़ता है। मरीजों और उनके परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर टी-शर्ट और चप्पल पहने हुए थे, जिससे उन्हें पहचानना मुश्किल हो रहा था। इस पूरे मामले में डॉ. अंकित राजपूत और डॉ. महेंद्र पटेल के नाम भी चर्चा में हैं। कुछ दिनों पहले अस्पताल परिसर में डॉक्टर के चेंबर में एक आवारा कुत्ते के आराम करते हुए फोटो सामने आने के बाद स्वास्थ्य केंद्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अस्पताल में साफ-सफाई और अनुशासन की स्थिति बेहद खराब है, और जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं। स्थानीय नागरिकों ने स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है, चेतावनी दी है कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।2
- छतरपुर जिले के सिविल लाइन थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बूढ़ा में खेत में गाय के घुसने को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। गांव निवासी 55 वर्षीय काशी प्रसाद कुशवाहा के साथ तीन युवकों ने लाठी-डंडों से मारपीट की, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।1