देश की सरकारों ने जनता के जरूरी मुद्दे को भटका कर गलत मुद्दों पर राजनीति की परंपरा चलाई है। एअरपोर्ट पर प्रेस वार्ता। अभी सभी तरह के धर्म-मजहब के लोगों को पूजा करने की आजादी, छठ करने की आजादी, सब जगह हम लोग स्वतंत्र हैं। भगवान आस्था की चीज है। अब बनारस के घाट पर इफ्तार करने वाले को गिरफ्तार कर लिया। ये डाइवर्ट करते रहते हैं। यूजीसी के मुद्दों पर गलत तरीके से तोड़-मरोड़ करके जो समाज के बच्चों के बीच में पॉलिटिकलाइज किया जा रहा है, ये बिल्कुल गलत है। सर्वोच्च न्यायालय को चाहिए कि सरकार को निर्णय लेने देने का, कि आप निर्णय लें कि इसमें बच्चों के हित में क्या होगा। हम इस मामले में क्या बोलें? हर मामले में सरकार मुद्दों से दिग्भ्रमित करने के लिए कभी यूजीसी के मुद्दों को राजनीतिकरण करती है। अभी तो बहुत मुद्दे हैं जिसका राजनीतिकरण करेंगे ये चुनाव है। किन-किन मुद्दों पर राजनीति ये लोग करेंगे कहना मुश्किल है। इसलिए हमारे बच्चों के बीच में कोई बंटवारा न हो। एजुकेशन, जो कॉमन एजुकेशन की बात है और जिस तरह एजुकेशन को भी खत्म करने की जो गहरी साजिश है, हमें उन मुद्दों पर ख्यालात करने की जरूरत है। जैसे मैंने रेलवे में कहा कि 33% बच्चियों को आप रोजगार दीजिए, नौकरी दीजिए। उसमें आरक्षण भी दीजिए और बेटियों की नौकरी में कोई जात-पात मत कीजिए। आप मुद्दों से भटकाते रहते हैं। मैंने कहा कि किसी कीमत पर आप जो परीक्षा देने बच्चे जाते हैं उसको फ्री कीजिए। इन सब मुद्दों से भटकाने के लिए ये यूजीसी जैसे मुद्दों को लाती है और सरकार का ये पैदा किया हुआ ये मुद्दा है। सरकार समाज को बांटना चाहती है, समाज को मुद्दों से अलग करना चाहती है।
देश की सरकारों ने जनता के जरूरी मुद्दे को भटका कर गलत मुद्दों पर राजनीति की परंपरा चलाई है। एअरपोर्ट पर प्रेस वार्ता। अभी सभी तरह के धर्म-मजहब के लोगों को पूजा करने की आजादी, छठ करने की आजादी, सब जगह हम लोग स्वतंत्र हैं। भगवान आस्था की चीज है। अब बनारस के घाट पर इफ्तार करने वाले को गिरफ्तार कर लिया। ये डाइवर्ट करते रहते हैं। यूजीसी के मुद्दों पर गलत तरीके से तोड़-मरोड़ करके जो समाज के बच्चों के बीच में पॉलिटिकलाइज किया जा रहा है, ये बिल्कुल गलत है। सर्वोच्च न्यायालय को चाहिए कि सरकार को निर्णय लेने देने का, कि आप निर्णय लें कि इसमें बच्चों के हित में क्या होगा। हम इस मामले में क्या बोलें? हर मामले में सरकार मुद्दों से दिग्भ्रमित करने के लिए कभी यूजीसी के मुद्दों को राजनीतिकरण करती है। अभी तो बहुत मुद्दे हैं जिसका राजनीतिकरण करेंगे ये चुनाव है। किन-किन मुद्दों पर राजनीति ये लोग करेंगे कहना मुश्किल है। इसलिए हमारे बच्चों के बीच में कोई बंटवारा न हो। एजुकेशन, जो कॉमन एजुकेशन की बात है और जिस तरह एजुकेशन को भी खत्म करने की जो गहरी साजिश है, हमें उन मुद्दों पर ख्यालात करने की जरूरत है। जैसे मैंने रेलवे में कहा कि 33% बच्चियों को आप रोजगार दीजिए, नौकरी दीजिए। उसमें आरक्षण भी दीजिए और बेटियों की नौकरी में कोई जात-पात मत कीजिए। आप मुद्दों से भटकाते रहते हैं। मैंने कहा कि किसी कीमत पर आप जो परीक्षा देने बच्चे जाते हैं उसको फ्री कीजिए। इन सब मुद्दों से भटकाने के लिए ये यूजीसी जैसे मुद्दों को लाती है और सरकार का ये पैदा किया हुआ ये मुद्दा है। सरकार समाज को बांटना चाहती है, समाज को मुद्दों से अलग करना चाहती है।
- एक जवान बेटा के लिए बूढ़े मां बाप का दर्द देखिए अपने बेटे के लिए ये बूढ़ा आदमी आप सभी से गुहार लगा रहे हैं1
- एअरपोर्ट पर प्रेस वार्ता। अभी सभी तरह के धर्म-मजहब के लोगों को पूजा करने की आजादी, छठ करने की आजादी, सब जगह हम लोग स्वतंत्र हैं। भगवान आस्था की चीज है। अब बनारस के घाट पर इफ्तार करने वाले को गिरफ्तार कर लिया। ये डाइवर्ट करते रहते हैं। यूजीसी के मुद्दों पर गलत तरीके से तोड़-मरोड़ करके जो समाज के बच्चों के बीच में पॉलिटिकलाइज किया जा रहा है, ये बिल्कुल गलत है। सर्वोच्च न्यायालय को चाहिए कि सरकार को निर्णय लेने देने का, कि आप निर्णय लें कि इसमें बच्चों के हित में क्या होगा। हम इस मामले में क्या बोलें? हर मामले में सरकार मुद्दों से दिग्भ्रमित करने के लिए कभी यूजीसी के मुद्दों को राजनीतिकरण करती है। अभी तो बहुत मुद्दे हैं जिसका राजनीतिकरण करेंगे ये चुनाव है। किन-किन मुद्दों पर राजनीति ये लोग करेंगे कहना मुश्किल है। इसलिए हमारे बच्चों के बीच में कोई बंटवारा न हो। एजुकेशन, जो कॉमन एजुकेशन की बात है और जिस तरह एजुकेशन को भी खत्म करने की जो गहरी साजिश है, हमें उन मुद्दों पर ख्यालात करने की जरूरत है। जैसे मैंने रेलवे में कहा कि 33% बच्चियों को आप रोजगार दीजिए, नौकरी दीजिए। उसमें आरक्षण भी दीजिए और बेटियों की नौकरी में कोई जात-पात मत कीजिए। आप मुद्दों से भटकाते रहते हैं। मैंने कहा कि किसी कीमत पर आप जो परीक्षा देने बच्चे जाते हैं उसको फ्री कीजिए। इन सब मुद्दों से भटकाने के लिए ये यूजीसी जैसे मुद्दों को लाती है और सरकार का ये पैदा किया हुआ ये मुद्दा है। सरकार समाज को बांटना चाहती है, समाज को मुद्दों से अलग करना चाहती है।1
- HM की हरकत से ग्रामीण परेशान,HM ने 20हरे पेड़ को काट दिया, ग्रामीणों ने करवाई के लिए अधिकारियों को दिया आवेदन। #hairstyleideas #northindianfood #Diabetes #fltnesschallenge #ambaniwedding #GlamorousModel #famousfood #yogawithwall1
- हत्या सहित कई मामलों में फरार चल रहे अपराधी के घर इश्तेहार तामिला करते हुए चिपकाए गया1
- फलका बाजार में पिछले 40 वर्षों से ग्राहकों का भरोसा बना हुआ है – माँ वैष्णो देवी इंटरप्राइजेज। यहाँ आपको हर तरह के मॉडर्न और मजबूत फर्नीचर जैसे बेड, सोफा, अलमारी, टेबल, कुर्सी आदि उचित कीमत पर मिलते हैं। अगर आप अपने घर या दुकान के लिए टिकाऊ और बढ़िया क्वालिटी का फर्नीचर लेना चाहते हैं तो एक बार जरूर आइए। 📍 स्थान: फलका बाजार 🙏 आपका अपना – माँ वैष्णो देवी इंटरप्राइजेज1
- चैती नवरात्रा में वैष्णो देवी रूप में हुई मां दुर्गा की पूजा जलालगढ़, एक संवाददाता। चैती नवरात्रा के पावन अवसर पर जलालगढ़ प्रखंड में श्रद्धा और भक्ति का माहौल देखने को मिला। प्रखंड के विभिन्न मंदिरों और घरों में मां दुर्गा की पूजा-अर्चना विधि-विधान के साथ की जा रही है। चक पंचायत के वार्ड संख्या 6 स्थित संजय चौहान के परिसर में प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी मां दुर्गा की पूजा वैष्णो देवी के रूप में की जा रही है। यहां श्रद्धालुओं द्वारा पूरे उत्साह और भक्ति भाव के साथ पूजा का आयोजन किया गया है। पूजा की शुरुआत कलश स्थापना के साथ की गई, जिसके बाद मां दुर्गा के विभिन्न रूपों की आराधना की जा रही है। वहीं मां काली, लक्ष्मी और सरस्वती की प्रतिमाएं स्थापित कर उनकी विशेष पूजा-अर्चना भी की जा रही है।पंडित गणेश झा ने बताया कि चैती नवरात्रा में मां दुर्गा की पूजा वैष्णो देवी स्वरूप में करने की परंपरा है। नवरात्र के प्रथम दिन मां के प्रथम स्वरूप शैलपुत्री की पूजा-अर्चना विधिपूर्वक की गई। आज जलालगढ़ प्रखंड के कई मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी, जहां भक्तों ने मां दुर्गा की पूजा कर सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। पूरे क्षेत्र में भक्ति का माहौल बना हुआ है।1
- कटिहार। पवित्र रमजान माह के आखिरी जुमे की नमाज शुक्रवार को पूरे जिले में अकीदत और शांति के माहौल में अदा की गई। शहर के प्रमुख मंगल बाजार जामा मस्जिद सहित जिले की सभी मस्जिदों में बड़ी संख्या में नमाजियों ने एक साथ नमाज अदा कर अमन-चैन और देश की तरक्की के लिए दुआ मांगी। रमजान के आखिरी जुमे की नमाज को लेकर सुबह से ही मस्जिदों में नमाजियों की भीड़ उमड़ने लगी थी। दोपहर होते-होते मस्जिदों के अंदर और बाहर तक नमाजियों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। नमाजियों ने पूरे अनुशासन के साथ नमाज अदा की और रमजान की बरकतों के लिए अल्लाह से दुआ की। शहर के मंगल बाजार स्थित जामा मस्जिद में नमाज के दौरान नमाजियों की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन द्वारा विशेष इंतजाम किए गए थे। नमाज के समय शहीद चौक से मंगल बाजार जाने वाले मार्ग को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया, ताकि नमाज अदा करने आए लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और व्यवस्था सुचारू रूप से बनी रहे। प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। मस्जिदों के आसपास पुलिस बल की तैनाती की गई थी और अधिकारियों द्वारा लगातार स्थिति पर नजर रखी जा रही थी। प्रशासन ने यातायात व्यवस्था को भी नियंत्रित किया, जिससे नमाजियों को आवागमन में किसी तरह की परेशानी न हो। रमजान के आखिरी जुमे की नमाज शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न होने पर लोगों ने प्रशासन और पुलिस व्यवस्था की सराहना की। नमाज के बाद लोगों ने देश में अमन-शांति, आपसी भाईचारा और खुशहाली के लिए दुआ की।3
- बिहार के पूर्णिया जिला के बायसी थाना क्षेत्र के एन एच 31 स्थित भौडा पुल चौक के पास हुई दर्दनाक हादसा तेज रफ्तार ट्रक ने 21 वर्षीय लड़की को कुचल डाला1