Shuru
Apke Nagar Ki App…
जगदलपुर के पंडरी तराई तालाब का स्वरूप अब बदलने वाला है, जहाँ महापौर संजय पांडेय की पहल पर इसके सौंदर्यकरण का काम शुरू हो गया है। इस योजना के अंतर्गत, तालाब में रिटर्निंग वॉल का निर्माण किया जाएगा और श्रद्धालुओं के लिए एक छठ घाट विकसित किया जाएगा। इसके किनारे पर बाउंड्री के साथ एक फुटपाथ भी तैयार किया जाएगा, जिससे लोग सुरक्षित रूप से टहल सकें। रात में पूरे परिसर को आकर्षक और सुरक्षित माहौल देने के लिए लाइटिंग की व्यवस्था भी की जाएगी। वर्षों से उपेक्षित रहा यह तालाब अब शहरवासियों के लिए एक नया सार्वजनिक स्थल बन जाएगा।
Yogesh Sao
जगदलपुर के पंडरी तराई तालाब का स्वरूप अब बदलने वाला है, जहाँ महापौर संजय पांडेय की पहल पर इसके सौंदर्यकरण का काम शुरू हो गया है। इस योजना के अंतर्गत, तालाब में रिटर्निंग वॉल का निर्माण किया जाएगा और श्रद्धालुओं के लिए एक छठ घाट विकसित किया जाएगा। इसके किनारे पर बाउंड्री के साथ एक फुटपाथ भी तैयार किया जाएगा, जिससे लोग सुरक्षित रूप से टहल सकें। रात में पूरे परिसर को आकर्षक और सुरक्षित माहौल देने के लिए लाइटिंग की व्यवस्था भी की जाएगी। वर्षों से उपेक्षित रहा यह तालाब अब शहरवासियों के लिए एक नया सार्वजनिक स्थल बन जाएगा।
More news from छत्तीसगढ़ and nearby areas
- आगामी मानसून से पहले बलरामपुर जिले में जल संरक्षण और संवर्धन के कार्यों की जमीनी हकीकत जानने के लिए कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी विकासखंड बलरामपुर के ग्राम चम्पापुर पहुंचीं। भरी दोपहरी में उन्होंने पैदल खेतों की मेड़ नापते हुए मनरेगा के तहत बने मिट्टी बांध तक पहुँचकर जल संरक्षण संरचनाओं का मौके पर अवलोकन किया। इस दौरान कलेक्टर ने चम्पापुर में निर्मित बांध की उपयोगिता और ग्रामीणों को मिल रहे लाभ के बारे में जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर भी इस दौरान मौजूद रहीं। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने जोर देकर कहा कि वर्षा की हर बूंद को सहेजना समय की मांग है और यह आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मानसून शुरू होने से पहले सभी जल संरक्षण संरचनाओं को उपयोग के लिए तैयार रखा जाए, ताकि बारिश के अधिकतम पानी का संरक्षण किया जा सके। कलेक्टर ने 'मोर गांव मोर पानी' अभियान के तहत हो रहे कार्यों, ग्रामीण क्षेत्रों में 5 प्रतिशत मॉडल रिचार्ज स्ट्रक्चर और सोक-पिट निर्माण को बढ़ावा देने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्षा जल का स्थानीय स्तर पर संचयन भूजल संवर्धन का सबसे प्रभावी माध्यम है, जिससे जल स्तर में सुधार होगा और किसानों को सिंचाई के लिए अतिरिक्त जल मिल सकेगा। उन्होंने अधिकारियों को प्रत्येक गांव में वर्षा जल संचयन के प्रति जागरूकता बढ़ाने और अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़ने का निर्देश दिया। यह उल्लेखनीय है कि चम्पापुर में मनरेगा के तहत बनाए गए मिट्टी बांध से क्षेत्र के लगभग 40 परिवार सीधे तौर पर लाभान्वित हो रहे हैं। इस मिट्टी बांध में संरक्षित जल के कारण लगभग 180 से 200 एकड़ कृषि भूमि में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध हो रही है। इसके परिणामस्वरूप, ग्रामीण किसान गेहूं, मक्का, धान, सरसों और चना जैसी फसलों की खेती कर बेहतर उत्पादन प्राप्त कर रहे हैं। ये जल संरक्षण संरचनाएं ग्रामीण क्षेत्रों में जल सुरक्षा और कृषि समृद्धि की एक मजबूत आधारशिला बन रही हैं।3
- राज टॉकीज, रायपुर के लिए अपनी टिकटें अभी बुक करें।1
- दुर्ग जिला अस्पताल में 20 वर्षीय दीपिका गाड़ा की मौत के बाद एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि दीपिका गाड़ा खून की भारी कमी से जूझ रही थी, लेकिन इसके बावजूद उसे समय पर रक्त उपलब्ध नहीं कराया गया। वहीं, अस्पताल प्रशासन ने इन आरोपों के जवाब में कहा है कि मौत के असली कारण का पता जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा।1
- छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में एक व्यक्ति की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या करने के आरोप में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों ने कथित तौर पर मृतक की पत्नी के साथ मारपीट करने से नाराज होकर इस वारदात को अंजाम दिया। यह कार्रवाई पुरानी भिलाई पुलिस द्वारा की गई है। घटना 1 जून 2026 को रात करीब 9:00 बजे ग्राम मोहंदी के खाननाडी में हुई। विवरण के अनुसार, मृतक नीलकंठ साहू ने अपनी पत्नी सावित्री साहू को डंडे से पीटा था, जिससे उनके सिर में चोट आई थी। इसी बात को लेकर आरोपी राजेश वर्मा और अमर सिंह ने नीलकंठ साहू के साथ विवाद किया। आरोपी राजेश वर्मा ने डंडे से और अमर सिंह ने हाथ-मुक्कों से एक राय होकर नीलकंठ साहू के सिर, पैर, सीने और हाथों में गंभीर चोटें पहुंचाईं। इन गंभीर चोटों के कारण नीलकंठ साहू की मृत्यु अगले दिन, 2 जून 2026 को सुबह 9:00 बजे हो गई। मृतक की पत्नी सावित्री साहू की रिपोर्ट पर पुरानी भिलाई पुलिस ने अपराध क्रमांक 291/2026 दर्ज किया। जांच के दौरान, आरोपी राजेश वर्मा ने नीलकंठ यादव (sic) को डंडे से मारकर मौत के घाट उतारना स्वीकार किया। पुलिस ने बताया कि आरोपियों का कृत्य धारा 103(1), 3(5) बीएनएस के तहत पाया गया। इसके बाद, पुरानी भिलाई पुलिस ने 3 जून 2026 को दोनों आरोपियों - 50 वर्षीय राजेश वर्मा, पिता स्व० भारत वर्मा, निवासी इन्द्रा पारा थाना पुरानी भिलाई, और 45 वर्षीय अमर सिंह यादव, पिता नंदू यादव, निवासी ग्राम मोहंदी बांधापार पुरानी भिलाई थाना पुरानी भिलाई जिला दुर्ग - को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।1
- गोबरा नवापारा नगर पालिका परिषद के उपाध्यक्ष भूपेंद्र सोनी ने कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन को 'ढकोसला' करार दिया है। नवापारा राजिम में दिए गए अपने बयान में, सोनी ने आरोप लगाया कि जहाँ एक ओर कांग्रेस 'सुशासन तिहार' कार्यक्रम का विरोध कर रही है, वहीं दूसरी ओर उसी पार्टी के कई वार्डों के पार्षदों ने नगर की समस्याओं के निराकरण और विकास कार्यों के लिए कुल 20 आवेदन सौंपे हैं। उपाध्यक्ष सोनी के अनुसार, यह स्पष्ट संकेत है कि 'सुशासन तिहार' कार्यक्रम में जनता की वास्तविक समस्याओं और मांगों का समाधान किया जा रहा है। उन्होंने कांग्रेस पर जनता को भ्रमित करने और केवल राजनीतिक ढकोसले में लगे रहने का आरोप लगाया, जबकि 'सुशासन तिहार' सीधे नागरिकों की समस्याओं और आवश्यकताओं को प्राथमिकता देता है। सोनी ने जोर देकर कहा कि पार्षदों द्वारा आवेदन जमा करना यह साबित करता है कि कार्यक्रम जनता के हित में है और वास्तविक समस्याओं के समाधान में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे कांग्रेस के भ्रमजनक आंदोलनों में न फँसें और 'सुशासन तिहार' के माध्यम से अपने वार्ड की समस्याओं के समाधान का लाभ उठाएँ, क्योंकि कांग्रेस का आंदोलन केवल दिखावा है, जबकि 'सुशासन तिहार' ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ कार्य कर रहा है।1
- एक भयानक खराब रास्ता पिछले सात सालों से लगातार दुर्घटनाओं का कारण बन रहा है, जिससे इसकी स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है और यह राहगीरों के लिए बड़े खतरों का स्रोत बन गया है। इस जर्जर सड़क की बदहाली पर किसी का भी ध्यान नहीं जा रहा है, और विशेष रूप से किसी भी नेता ने इस समस्या को सुधारने के लिए कोई कदम नहीं उठाया है। स्थानीय लोग इस गंभीर स्थिति से निपटने के लिए सहयोग और समर्थन की मांग कर रहे हैं।1
- बलरामपुर जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत निर्माणाधीन सड़कों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने गुरुवार को विकासखंड बलरामपुर के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने मौके पर ही सड़क खुदवाकर उसकी गुणवत्ता की जांच की और निर्माण कार्यों की तकनीकी गुणवत्ता का बारीकी से परीक्षण किया। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित मानकों एवं स्वीकृत तकनीकी मापदंडों के अनुरूप सड़क निर्माण करने के निर्देश दिए। अपने निरीक्षण के दौरान, कलेक्टर ने पीएमजीएसवाई के अंतर्गत निर्माणाधीन शंकरपुर पहुंच मार्ग से तरकाखांड तक लगभग 5.25 किलोमीटर लंबी सड़क और पीएमजीएसवाई सड़क से शंकरपुर तक लगभग 4 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य का जायजा लिया। उन्होंने विभिन्न स्थानों पर सड़क की खुदाई करवाकर जीएसबी परत, मिट्टी कार्य तथा अन्य तकनीकी पहलुओं की गुणवत्ता की जांच की। इसके बाद, उन्होंने सिंदूर पुलिया से सोनहरा तक लगभग 4 किलोमीटर लंबी निर्माणाधीन सड़क का भी निरीक्षण किया, जहाँ उन्होंने सड़क की चौड़ाई, अर्थवर्क की गुणवत्ता और कार्य की प्रगति का अवलोकन किया। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर एवं कार्यपालन अभियंता पीएमजीएसवाई श्री सच्चिदानंद कांत भी मौजूद रहे। कलेक्टर श्रीमती त्रिपाठी ने संबंधित अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि सभी कार्य मानकों के अनुरूप हों और निर्माण कार्य में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों में बनने वाली सड़कें केवल आवागमन का माध्यम नहीं होतीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार और रोजगार के अवसरों तक पहुंच का महत्वपूर्ण आधार होती हैं। इसलिए, सड़क निर्माण कार्यों में गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखने तथा सभी कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि शासन की मंशा केवल सड़कों का निर्माण करना नहीं है, बल्कि मजबूत, टिकाऊ एवं गुणवत्तापूर्ण अधोसंरचना विकसित करना है, जिसका लाभ ग्रामीणों को लंबे समय तक मिले। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि निर्माण कार्यों में किसी भी स्तर पर अनियमितता पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों एवं संबंधित एजेंसी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।4
- रायपुर के राज टॉकीज़ में अब टिकटों की बुकिंग शुरू हो चुकी है। दर्शकों से अपनी टिकटें तुरंत बुक करने का आग्रह किया गया है।1
- गोबरा नवापारा नगर में व्याप्त गंभीर जनसमस्याओं के खिलाफ कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय महिलाओं ने 'सुशासन तिहार' के आयोजन स्थल पर जोरदार प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं हाथों में तख्तियां और खाली मटकी लेकर पहुंचीं, जहाँ उन्होंने पेयजल संकट सहित अन्य कई समस्याओं को लेकर सरकार के प्रति अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि नगर में अवैध रेत और अन्य खनिजों का परिवहन धड़ल्ले से जारी है, अवैध शराब बिक्री पर कोई अंकुश नहीं लग पा रहा है, गरीब और पात्र हितग्राहियों को समय पर पेंशन नहीं मिल रही है, किसानों को पर्याप्त खाद उपलब्ध नहीं हो रही है, तथा लगातार बिजली कटौती से आम जनता त्रस्त है। इन सभी ज्वलंत मुद्दों को लेकर कांग्रेस नेताओं और नागरिकों ने प्रशासन के समक्ष अपनी मांगें रखीं और तत्काल समाधान की अपेक्षा की। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने विशेष रूप से पानी की समस्या के विरोध में प्रतीकात्मक रूप से खाली मटकी को आयोजन स्थल पर पटककर फोड़ दिया, जिससे कुछ देर के लिए माहौल गरमा गया। प्रदर्शनकारियों ने "भाजपा सरकार मुर्दाबाद", "जनविरोधी नीतियां बंद करो" और "जनता को मूलभूत सुविधाएं दो" जैसे नारे लगाकर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। कांग्रेस नेताओं ने सरकार पर सुशासन का दावा करने के बावजूद धरातल पर जनता के मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करने का आरोप लगाया और चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा। इस प्रदर्शन की सूचना पर अभनपुर के एसडीएम मौके पर पहुंचे, उन्होंने प्रदर्शनकारियों से चर्चा की और उनकी मांगों को सुना। एसडीएम ने संबंधित समस्याओं के निराकरण के लिए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद प्रदर्शनकारी शांत हुए और धरना-प्रदर्शन समाप्त किया गया। इस विरोध प्रदर्शन में प्रदेश सचिव प्रवीण साहू, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष रामा यादव, ब्लॉक कांग्रेस नवापारा ग्रामीण अध्यक्ष गिरधारी साहू, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष धनराज मध्यानी, नेता प्रतिपक्ष संध्या राव, महिला कांग्रेस अध्यक्ष दीपाली राजपूत, पूर्व उपाध्यक्ष जीत सिंग चतुर, जगत जिला महामंत्री सौरभ शर्मा, शिखर चंद बाफना (मंडल अध्यक्ष), अजय साहू, अजय कोचर, चन्द्रहास साहू, सचिन बंगनी (पार्षद), अर्जुन साहू, टिकेश्वर गिलहरे, राम रतन निषाद, तरूण कंसारी, फागु राम देवांगन, हेमंत साहनी, रेखा तिवारी, अनूप खरे, निर्माण यादव, मितेश शाह, सुरेन्द्र साहू, राकेश सोनकर, यादवेंद्र सिंग राजपूत, अभिजीत श्रीवास, शेखर साहू, प्रदीप साहू, दाऊ राम साहू, विजय तारक, अजय गाड़ा, शहीद रज़ा, बल्लू देवांगन, मानसिंग ध्रुव, गुड्डू मिश्रा, नोहर कंसारी, अल्लू चक्रधारी, असफाक लखानी, निगम पटेल, श्यामू विश्वकर्मा, बीरबल राजपूत, भोला साहू, बल्लू साहू, बजरंगी कंसारी, बबलू खान, घनश्याम साहू, संजय यादव, रामकुमार शर्मा, वीरेन्द्र राजपूत, प्रतीक साहू, पूर्णान्द साहू, महेश साहू, अहमद रिज़वी, शशि प्रकाश साहू (सरपंच), गोपाल साहू (पूर्व सरपंच), गणपत साहू, सुरेश हिरवानी, धन्नू पाल (सेक्टर प्रभारी), लोकेश साहू, देवदत्त सेन, कोमल साहू, ओमनारायण साहू, घनश्याम साहू, भूपेश साहू, धनराज साहू, साहिल टंडन, बिसेसर साहू और देवनाथ साहू सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक उपस्थित थे।2