उत्तर प्रदेश के मीरानपुर कटरा स्थित शान मैरिज हॉल में भारतीय कृषक दल द्वारा एक भव्य महा बैठक और विराट किसान कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में भारतीय कृषक दल की राष्ट्रीय अध्यक्ष सरोज दीक्षित और प्रमोद यादव सहित पार्टी के कई पदाधिकारी, कार्यकर्ता और क्षेत्र के बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। सम्मेलन में किसानों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। इसमें मुख्य रूप से आवारा पशुओं द्वारा फसलों को पहुंचाए जा रहे नुकसान की समस्या को प्रमुखता से उठाया गया। किसानों ने बताया कि आवारा पशुओं के कारण उनकी मेहनत से तैयार की गई फसलें नष्ट हो जाती हैं, जिससे उन्हें काफी आर्थिक हानि होती है। इसके अतिरिक्त, कृषि उपज के उचित मूल्य, किसानों की आय बढ़ाने के तरीके और सरकार की विभिन्न किसान कल्याण योजनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया। बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि क्या सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तव में किसानों तक पहुँच रहा है, और यदि कोई कमी है, तो उसे कैसे दूर किया जाए। उपस्थित किसानों ने अपनी समस्याओं को संगठन के पदाधिकारियों के सामने रखा, जिसके बाद पार्टी नेतृत्व ने उनकी समस्याओं को संबंधित अधिकारियों और सरकार तक पहुंचाने तथा उनके समाधान के लिए हरसंभव प्रयास करने का आश्वासन दिया।
उत्तर प्रदेश के मीरानपुर कटरा स्थित शान मैरिज हॉल में भारतीय कृषक दल द्वारा एक भव्य महा बैठक और विराट किसान कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में भारतीय कृषक दल की राष्ट्रीय अध्यक्ष सरोज दीक्षित और प्रमोद यादव सहित पार्टी के कई पदाधिकारी, कार्यकर्ता और क्षेत्र के बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। सम्मेलन में किसानों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। इसमें मुख्य रूप से आवारा पशुओं द्वारा फसलों को पहुंचाए जा रहे नुकसान की समस्या को प्रमुखता से उठाया गया। किसानों ने बताया कि आवारा पशुओं के कारण उनकी मेहनत से तैयार की गई फसलें नष्ट हो जाती हैं, जिससे उन्हें काफी आर्थिक हानि होती है। इसके अतिरिक्त, कृषि उपज के उचित मूल्य, किसानों की आय बढ़ाने के तरीके और सरकार की विभिन्न किसान कल्याण योजनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया। बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि क्या सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तव में किसानों तक पहुँच रहा है, और यदि कोई कमी है, तो उसे कैसे दूर किया जाए। उपस्थित किसानों ने अपनी समस्याओं को संगठन के पदाधिकारियों के सामने रखा, जिसके बाद पार्टी नेतृत्व ने उनकी समस्याओं को संबंधित अधिकारियों और सरकार तक पहुंचाने तथा उनके समाधान के लिए हरसंभव प्रयास करने का आश्वासन दिया।
- शाहजहांपुर में केंद्र सरकार के 12 वर्ष और उत्तर प्रदेश सरकार के 9 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में गुरुवार, 18 जून को गन्ना शोध परिषद सभागार में प्राकृतिक खेती कार्यशाला और जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विधायक ददरौल अरविंद सिंह, विधायक कटरा वीर विक्रम (प्रिंस), भाजपा जिलाध्यक्ष के.सी. मिश्रा, भाजपा महानगर अध्यक्ष शिल्पी गुप्ता, किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष दिनेश अवस्थी और मुख्य विकास अधिकारी ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित करके किया। इस कार्यशाला में जिला विकास अधिकारी, उप कृषि निदेशक, डॉ. पी.के.मिश्र, कपिल, गन्ना किसान प्रशिक्षण संस्थान के अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी, जिला कृषि रक्षा अधिकारी, जिला गन्ना अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी, और केवीके नियामतपुर के वैज्ञानिक डॉ. महेश गुप्ता व डॉ. विमल कुमार सिंह सहित कई अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान प्रगतिशील कृषक राजीव सिंह ने प्राकृतिक खेती के लाभ बताए, जबकि ज्ञानेश तिवारी ने किसानों को वर्मी कम्पोस्ट और अंशुल मिश्र ने प्राकृतिक खेती की विभिन्न विधियों के बारे में जानकारी दी। कृषि सखी रिंकी देवी और शशी देवी ने प्राकृतिक खेती से जुड़े अपने अनुभव, चुनौतियाँ और उनके समाधान किसानों के साथ साझा किए। उप कृषि निदेशक ने किसानों को प्राकृतिक खेती की रूपरेखा समझाई, वहीं वैज्ञानिकों ने गौ आधारित प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए जीवामृत, बीजामृत और घनजीवामृत तैयार करने की विधि विस्तार से बताई। जनप्रतिनिधियों ने किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने और सरकार की कृषि एवं पशुपालन योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में किसानों को तिल और बाजरा के मिनीकिट तथा लाइट ट्रैप का वितरण भी किया गया। अंत में, जिला विकास अधिकारी ने सभी अतिथियों, किसानों और अधिकारियों का आभार व्यक्त किया। अतिथियों ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए प्रदर्शनी स्टॉलों का निरीक्षण कर योजनाओं की जानकारी भी प्राप्त की।1
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- उत्तर प्रदेश के जलालाबाद, शाहजहांपुर में रजिस्ट्री कार्यालयों के निजीकरण और ई-पंजीकरण प्रणाली के विरोध में वकीलों का आंदोलन लगातार जारी है। इस मुद्दे पर वकीलों ने आपात बैठक बुलाई, जिसमें आगे की रणनीति तय की गई। आंदोलनरत अधिवक्ता निजीकरण के विरोध में अपनी कलमबंद हड़ताल जारी रखे हुए हैं। इस विरोध प्रदर्शन में बार एसोसिएशन जलालाबाद के सदस्य भी शामिल हैं, जो सरकार के इस कदम को लेकर अपनी असहमति व्यक्त कर रहे हैं।1
- शाहजहांपुर के तिलहर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में गुरुवार को टीबी परीक्षण कक्ष का जर्जर लिंटर अचानक भरभराकर गिर गया, जिससे अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही कि घटना के समय कक्ष में कोई मरीज या कर्मचारी मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लिंटर काफी समय से जर्जर हालत में था और इसकी खराब स्थिति को लेकर पहले भी चिंता जताई जा चुकी थी। इस घटना के बाद अस्पताल परिसर में दहशत का माहौल बन गया है। स्थानीय लोगों और मरीजों ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं, उनका कहना है कि यदि समय रहते भवन की मरम्मत कराई जाती तो यह स्थिति पैदा नहीं होती। अब सवाल उठ रहा है कि जर्जर भवन की जानकारी होने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों ने इस पर कार्रवाई क्यों नहीं की। फिलहाल, स्वास्थ्य विभाग की ओर से मामले में जांच और आवश्यक कार्रवाई की बात कही जा रही है। लोगों में यह सबसे बड़ा सवाल बना हुआ है कि इस लापरवाही के लिए आखिर कौन जवाबदेह होगा।1
- शाहजहांपुर से संबंधित एक वीडियो में किडनी को ठीक करने के घरेलू उपाय बताए गए हैं। इस वीडियो को लाइक करने, शेयर करने और फॉलो करने का आग्रह किया गया है।1
- शाहजहाँपुर जिले के तिलहर थाना क्षेत्र के कुंवर सदा गाँव में, पुलिस ने हत्या के एक मामले में वांछित एक महिला को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी उस मामले से संबंधित है जिसमें महिला की तलाश की जा रही थी।1
- उत्तर प्रदेश के कई क्षेत्रों में एचपी गैस द्वारा पाइपलाइन और घरेलू गैस कनेक्शन का कार्य तेजी से किया जा रहा है। कंपनी कनेक्शन के समय निर्धारित शुल्क उपभोक्ता से पहले ही जमा करा लेती है। हालांकि, जानकारी के अनुसार, गैस कनेक्शन चालू करने या चूल्हा शुरू करके देने के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क निर्धारित नहीं है। इसके बावजूद, कई स्थानों पर कनेक्शन करने आने वाले कुछ कर्मचारी उपभोक्ताओं से अतिरिक्त ₹200 की मांग कर रहे हैं। जब इस मामले में कस्टमर केयर से संपर्क किया जाता है, तो बताया जाता है कि चूल्हा चालू करने या गैस कनेक्शन सक्रिय करने के लिए कोई अलग शुल्क नहीं लिया जाता। ऐसे में यह सवाल खड़ा होता है कि यदि कंपनी द्वारा कोई अतिरिक्त शुल्क निर्धारित नहीं है, तो कर्मचारी उपभोक्ताओं से यह ₹200 किस आधार पर वसूल रहे हैं। यह मनमानी न केवल उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डालती है, बल्कि एचपी गैस जैसी प्रतिष्ठित कंपनी की छवि को भी नुकसान पहुंचा रही है, क्योंकि आम जनता कंपनी को दोषी मानने लगती है। कंपनी प्रबंधन से अनुरोध किया गया है कि इस मामले की गंभीरता से जांच की जाए। यदि अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई की जाए। साथ ही, उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों और वास्तविक शुल्कों की स्पष्ट जानकारी दी जाए ताकि वे अनावश्यक वसूली का शिकार न हों। उम्मीद है कि एचपी गैस इस विषय पर ध्यान देकर उपभोक्ताओं का विश्वास और मजबूत करेगी, क्योंकि पारदर्शिता और ईमानदारी किसी भी संस्था की सबसे बड़ी पहचान होती है।1
- Post by MAHARAJ SINGH1
- शाहजहाँपुर जनपद के मदनापुर थाना क्षेत्र में एक पति ने अपनी पत्नी पर जान से मारने की नीयत से तेजाब डाल दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। पुलिस ने इस घटना पर तत्काल कार्रवाई की है।1