बदायूं जिले के थाना जरीफनगर क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम कादरचौक में रास्ते में गाड़ी खड़ी करने के विवाद के बाद एक युवक की मौत और फिर शव रखकर हंगामा करने के मामले में पुलिस ने त्वरित और सख्त कार्रवाई की है। इस पूरे प्रकरण में हत्या के 6 नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर पहले ही जेल भेजा जा चुका है, जबकि बाद में शव रखकर प्रदर्शन करने और आगजनी का प्रयास करने वाले 3 बाहरी लोगों को हिरासत में लिया गया है। घटनाक्रम के अनुसार, बीती 12/13 जुलाई 2026 की रात को कादरचौक गांव में दो पक्षों के बीच रास्ते में गाड़ी खड़ी करने को लेकर गाली-गलौज और मारपीट हुई थी। इस दौरान गांव के ही दूसरे पक्ष ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया, जिसमें 30 वर्षीय हरिओम (पुत्र कृपाल सिंह), जोगेंद्र और रामानंद गंभीर रूप से घायल हो गए। उपचार के दौरान हरिओम की मृत्यु हो गई, जिसके बाद पुलिस ने सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर 6 नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इसके बाद, 14 जुलाई 2026 की शाम को पोस्टमार्टम के बाद जब हरिओम का शव गांव लाया गया, तो अन्य जनपद से आए कुछ बाहरी तत्वों ने गांव के लोगों को भड़का दिया। पुलिस पर अनुचित दबाव बनाने के उद्देश्य से इन लोगों ने सड़क जाम कर दी, जिससे आम जनता को आवागमन में भारी असुविधा हुई। पुलिस प्रशासन ने बेहद धैर्यपूर्वक उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन करीब 5 घंटे तक चले इस जाम के दौरान बाहरी तत्वों ने पुलिस पर दबाव बनाने के लिए पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने का प्रयास भी किया। इस उपद्रव के संबंध में अब थाना जरीफनगर पर अलग से अभियोग पंजीकृत किया जा रहा है और मौके से 3 लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस द्वारा अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जा रही है। वर्तमान में क्षेत्र में पूरी तरह से शांति व्यवस्था कायम है और मृतक के शव को उनके परिजनों की सहमति से अंतिम संस्कार के लिए भेज दिया गया है।
बदायूं जिले के थाना जरीफनगर क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम कादरचौक में रास्ते में गाड़ी खड़ी करने के विवाद के बाद एक युवक की मौत और फिर शव रखकर हंगामा करने के मामले में पुलिस ने त्वरित और सख्त कार्रवाई की है। इस पूरे प्रकरण में हत्या के 6 नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर पहले ही जेल भेजा जा चुका है, जबकि बाद में शव रखकर प्रदर्शन करने और आगजनी का प्रयास करने वाले 3 बाहरी लोगों को हिरासत में लिया गया है। घटनाक्रम के अनुसार, बीती 12/13 जुलाई 2026 की रात को कादरचौक गांव में दो पक्षों के बीच रास्ते में गाड़ी खड़ी करने को लेकर गाली-गलौज और मारपीट हुई थी। इस दौरान गांव के ही दूसरे पक्ष ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया, जिसमें 30 वर्षीय हरिओम (पुत्र कृपाल सिंह), जोगेंद्र और रामानंद गंभीर रूप से घायल हो गए। उपचार के दौरान हरिओम की मृत्यु हो गई, जिसके बाद पुलिस ने सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर 6 नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इसके बाद, 14 जुलाई 2026 की शाम को पोस्टमार्टम के बाद जब हरिओम का शव गांव लाया गया, तो अन्य जनपद से आए कुछ बाहरी तत्वों ने गांव के लोगों को भड़का दिया। पुलिस पर अनुचित दबाव बनाने के उद्देश्य से इन लोगों ने सड़क जाम कर दी, जिससे आम जनता को आवागमन में भारी असुविधा हुई। पुलिस प्रशासन ने बेहद धैर्यपूर्वक उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन करीब 5 घंटे तक चले इस जाम के दौरान बाहरी तत्वों ने पुलिस पर दबाव बनाने के लिए पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने का प्रयास भी किया। इस उपद्रव के संबंध में अब थाना जरीफनगर पर अलग से अभियोग पंजीकृत किया जा रहा है और मौके से 3 लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस द्वारा अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जा रही है। वर्तमान में क्षेत्र में पूरी तरह से शांति व्यवस्था कायम है और मृतक के शव को उनके परिजनों की सहमति से अंतिम संस्कार के लिए भेज दिया गया है।
- बदायूं जिले के थाना जरीफनगर क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम कादरचौक में रास्ते में गाड़ी खड़ी करने के विवाद के बाद एक युवक की मौत और फिर शव रखकर हंगामा करने के मामले में पुलिस ने त्वरित और सख्त कार्रवाई की है। इस पूरे प्रकरण में हत्या के 6 नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर पहले ही जेल भेजा जा चुका है, जबकि बाद में शव रखकर प्रदर्शन करने और आगजनी का प्रयास करने वाले 3 बाहरी लोगों को हिरासत में लिया गया है। घटनाक्रम के अनुसार, बीती 12/13 जुलाई 2026 की रात को कादरचौक गांव में दो पक्षों के बीच रास्ते में गाड़ी खड़ी करने को लेकर गाली-गलौज और मारपीट हुई थी। इस दौरान गांव के ही दूसरे पक्ष ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया, जिसमें 30 वर्षीय हरिओम (पुत्र कृपाल सिंह), जोगेंद्र और रामानंद गंभीर रूप से घायल हो गए। उपचार के दौरान हरिओम की मृत्यु हो गई, जिसके बाद पुलिस ने सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर 6 नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इसके बाद, 14 जुलाई 2026 की शाम को पोस्टमार्टम के बाद जब हरिओम का शव गांव लाया गया, तो अन्य जनपद से आए कुछ बाहरी तत्वों ने गांव के लोगों को भड़का दिया। पुलिस पर अनुचित दबाव बनाने के उद्देश्य से इन लोगों ने सड़क जाम कर दी, जिससे आम जनता को आवागमन में भारी असुविधा हुई। पुलिस प्रशासन ने बेहद धैर्यपूर्वक उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन करीब 5 घंटे तक चले इस जाम के दौरान बाहरी तत्वों ने पुलिस पर दबाव बनाने के लिए पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने का प्रयास भी किया। इस उपद्रव के संबंध में अब थाना जरीफनगर पर अलग से अभियोग पंजीकृत किया जा रहा है और मौके से 3 लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस द्वारा अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जा रही है। वर्तमान में क्षेत्र में पूरी तरह से शांति व्यवस्था कायम है और मृतक के शव को उनके परिजनों की सहमति से अंतिम संस्कार के लिए भेज दिया गया है।1
- बदायूं में एक मामूली विवाद की वजह से हरिओम नाम के व्यक्ति की मौत हो गई है। इस दुखद घटना के बाद से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।1
- बदायूं के जरीफनगर थाना क्षेत्र के ग्राम कादरचौक में रास्ते में गाड़ी खड़ी करने को लेकर दो पक्षों के बीच हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। इस हिंसक मारपीट में गंभीर रूप से घायल हुए एक युवक की उपचार के दौरान मौत हो गई है। पुलिस के अनुसार, यह घटना 12/13 जुलाई 2026 की रात की है, जब रास्ते में वाहन खड़ा करने को लेकर दोनों पक्षों के बीच शुरू हुई कहासुनी देखते ही देखते मारपीट में तब्दील हो गई। इस दौरान एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई की। मृतक के परिजनों द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर जरीफनगर थाने में संबंधित धाराओं के तहत हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण डॉ. हृदेश कठेरिया ने बताया कि मामले में अभियोग पंजीकृत कर लिया गया है और सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि साक्ष्यों के आधार पर दोषियों के विरुद्ध कड़ी विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। वर्तमान में क्षेत्र में कानून-व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है और पुलिस स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।1
- बदायूं के जरीफनगर थाना क्षेत्र के कादरचौक गांव में शादी समारोह से लौट रहे युवक हरिओम की पीट-पीटकर हत्या के मामले ने मंगलवार को तूल पकड़ लिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हरिओम की मौत फेफड़ा फटने के कारण होने की पुष्टि हुई है। वहीं, परिजनों द्वारा युवक को गोली मारने का आरोप लगाए जाने के बाद शव का एक्स-रे भी कराया गया, लेकिन उसमें कोई गोली नहीं मिली। इस घटना से गुस्साए परिजनों ने नाधा पुलिस चौकी के सामने शव रखकर करीब डेढ़ घंटे तक जाम लगाया और पुलिस पर आरोपियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया। हालात बिगड़ते देख वरिष्ठ अधिकारियों को तुरंत मौके पर पहुंचना पड़ा। इस मामले में पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर वारदात में इस्तेमाल किया गया हथियार बरामद करने का दावा किया है।1
- बदायूं जिले के थाना जरीफनगर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम कादरचौक में रास्ते में गाड़ी खड़ी करने को लेकर दो पक्षों के बीच मारपीट हो गई। इस मारपीट के दौरान गंभीर रूप से घायल हुए एक युवक की उपचार के दौरान मौत हो गई है। इस मामले में कार्रवाई करते हुए थाना जरीफनगर में अभियोग पंजीकृत कर लिया गया है। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण डॉ. ह्रदेश कठेरिया ने इस पूरी घटना के संबंध में आधिकारिक तौर पर जानकारी दी है।1
- बदायूं के सहसवान थाना क्षेत्र के ग्राम भवानीपुर खल्ली में एक बंदर के साथ बर्बरता का गंभीर मामला सामने आया है। इस क्रूरता को लेकर पीपल फॉर एनिमल्स (पीएफए) के सदस्यों ने थाना सहसवान में प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए प्रार्थना पत्र दिया है। दरअसल, पीएफए संस्था के अध्यक्ष बीकेंद्र शर्मा को सूचना मिली थी कि मुन्ने अली पुत्र इकराम अली के घर के सदस्यों ने एक बंदर को बुरी तरह पीटा है। सूचना मिलते ही पीएफए टीम के सदस्य गौरव कुमार और नीरज मौर्य मौके पर पहुंचे, जहां उन्हें एक बंद पड़े घर में बंदर बेहद घायल अवस्था में मिला और उसके शरीर पर चोटों के निशान थे। टीम ने तुरंत 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बंदर को अपने कब्जे में लिया। जांच के दौरान घटनास्थल के पास लगे एक सीसीटीवी कैमरे की फुटेज भी मिली है। इस फुटेज में कुछ महिलाएं और बच्चे बंदर को मारते हुए दिखाई दे रहे हैं। संस्था के सदस्यों ने यह सीसीटीवी फुटेज पुलिस को ईमेल के जरिए भेज दिया है। फिलहाल सहसवान थाना पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और घायल बंदर का इलाज कराया जा रहा है।1