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ब्रेकिंग न्यूज़/- रामनगरी अयोध्या में दर्दनाक हादसा, स्कॉर्पियो की चपेट में आने से बच्चे की मौत अयोध्या के नया घाट चौकी क्षेत्र में राम कथा संग्रहालय के सामने रात करीब 8 बजे दर्दनाक हादसा हो गया। एक बच्चा स्कॉर्पियो वाहन की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गया हादसे के बाद घायल बच्चे को तत्काल उपचार के लिए श्री राम अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई पुलिस के मुताबिक हादसे में शामिल स्कॉर्पियो वाहन संख्या UP44BJ0007 को कब्जे में ले लिया गया है। वाहन चालक को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है पुलिस द्वारा मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।

8 hrs ago
user_BHARAT TODAY NEWS
BHARAT TODAY NEWS
Media house Saraswati Vihar, North West Delhi•
8 hrs ago

ब्रेकिंग न्यूज़/- रामनगरी अयोध्या में दर्दनाक हादसा, स्कॉर्पियो की चपेट में आने से बच्चे की मौत अयोध्या के नया घाट चौकी क्षेत्र में राम कथा संग्रहालय के सामने रात करीब 8 बजे दर्दनाक हादसा हो गया। एक बच्चा स्कॉर्पियो वाहन की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गया हादसे के बाद घायल बच्चे को तत्काल उपचार के लिए श्री राम अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई पुलिस के मुताबिक हादसे में शामिल स्कॉर्पियो वाहन संख्या UP44BJ0007 को कब्जे में ले लिया गया है। वाहन चालक को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है पुलिस द्वारा मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।

More news from North West Delhi and nearby areas
  • आप सभी को #_जगत_न्यूज़_24 परिवार की तरफ से 17 अगस्त नाग पंचमी की हार्दिक शुभकामनाएं।
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    आप सभी को #_जगत_न्यूज़_24 परिवार की तरफ से 17 अगस्त नाग पंचमी की हार्दिक शुभकामनाएं।
    user_JAGAT NEWS 24
    JAGAT NEWS 24
    Rohini, North West Delhi•
    11 hrs ago
  • Post by NIYAJUDDIN IDRISI
    1
    Post by NIYAJUDDIN IDRISI
    user_NIYAJUDDIN IDRISI
    NIYAJUDDIN IDRISI
    सिविल लाइन्स, मध्य दिल्ली, दिल्ली•
    15 hrs ago
  • यूपी में मंत्री संजय निषाद की सरकार को चेतावनी आरक्षण पर फैसले में कहीं देर ना हो जाए- संजय निषाद ज्यादा जानकारी दे रहे हैं संवाददाता कुमार अभिषेक #SanjayNishad #NishadParty #UttarPradesh #Reservation #OBCReservation | Aaj Tak
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    यूपी में मंत्री संजय निषाद की सरकार को चेतावनी आरक्षण पर फैसले में कहीं देर ना हो जाए- संजय निषाद ज्यादा जानकारी दे रहे हैं संवाददाता कुमार अभिषेक #SanjayNishad #NishadParty #UttarPradesh #Reservation #OBCReservation | Aaj Tak
    user_प्रमोद कुमार कश्यप
    प्रमोद कुमार कश्यप
    Local News Reporter लोनी, गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश•
    22 min ago
  • बाबा रामदेव ने कर दिया बड़ा ऐलान, बाबा रामदेव का बयान सुनकर हर कोई हैरान बाबा रामदेव ने कर दिया बड़ा ऐलान, बाबा रामदेव का बयान सुनकर हर कोई हैरान
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    बाबा रामदेव ने कर दिया बड़ा ऐलान, बाबा रामदेव का बयान सुनकर हर कोई हैरान 
बाबा रामदेव ने कर दिया बड़ा ऐलान, बाबा रामदेव का बयान सुनकर हर कोई हैरान
    user_ATISH KUMAR
    ATISH KUMAR
    वसंत विहार, नई दिल्ली, दिल्ली•
    29 min ago
  • क्या अब जनता इन चेहरों को पहचान कर अपने हक की लड़ाई खुद लड़ेगी? 📰 इंडिया न्यूज़ 9लाइव: विशेष इन्वेस्टिगेटिव प्रेस नोट & संपादकीय ​दिनांक: 16 अगस्त 2026 स्थान: कुरुक्षेत्र, हरियाणा ब्यूरो रिपोर्ट / फ्रीलांसर जर्नलिस्ट: विशाल शर्मा, 'इंडिया न्यूज़ 9लाइव' ​🏛️ मुख्य शीर्षक: कुरुक्षेत्र की महाभारत और विकास का चक्रव्यूह — 1996 से 2026 तक के सांसदों-विधायकों का कच्चा चिट्ठा और व्यवस्था से तीखे सवाल! ​धर्मनगरी कुरुक्षेत्र आज विकास के मोर्चे पर एक गंभीर अभिशाप बन चुकी है। इस्माइलाबाद से लेकर हिंगाखेड़ी, दुराला, सलपानी, पुराने बस अड्डे और झानसा रोड तक फैला 20 किलोमीटर का नर्क इस बात का जीता-जागता सबूत है कि पिछले तीन दशकों में यहां केवल सियासी चेहरे बदले हैं, लेकिन जनता की किस्मत और टूटी सड़कों का दर्द नहीं बदला। ​यहाँ स्पष्ट करना आवश्यक है कि राष्ट्रीय स्तर के नीतिगत मामलों और स्थानीय स्तर के घोटालों (जैसे हालिया अनाज घोटाले, खरीद फरोख्त में धांधली और प्रशासनिक लीपापोती) की जवाबदेही अलग-अलग स्तर पर तय होनी चाहिए। वर्तमान सांसद श्री नवीन जिंदल जी अपनी संसदीय भूमिका में हैं, वहीं स्थानीय स्तर पर हुए घोटालों और अव्यवस्थाओं में पूर्व मंत्री सुभाष सुधा जी, गृह मंत्रालय (जैसे श्री अनिल विज या संबंधित गृह मंत्रियों) और फूड सप्लाई विभाग की कार्यशैली सीधे तौर पर कटघरे में खड़ी होती है। ​आइए, 1996 से लेकर अब तक कुरुक्षेत्र की जनता पर राज करने वाले सांसदों और मुख्य विधानसभा सीट (थानेसर) के विधायकों का यह काला चिट्ठा देखें: ​📊 1. कुरुक्षेत्र लोकसभा क्षेत्र: सांसदों का लेखा-जोखा (1996 से 2024) वर्ष (Election Year)विजयी सांसद (Winning MP)राजनीतिक पार्टी कुरुक्षेत्र की बदहाली और जनता के सवाल 1996ओम प्रकाश जिंदल हरियाणा विकास पार्टी (HVP)औद्योगिक घरानों और राजनीति के गठजोड़ की शुरुआत, लेकिन बुनियादी सड़कों का विकास कोसों दूर रहा। 1998 - 1999कैलाशो देवी सैनी इंडियन नेशनल लोकदल (INLD)ग्रामीण और शहरी सड़कों की बदतर हालत को सुधारने के दावे कागजों तक ही सीमित रहे। 2004 - 2009नवीन जिंदल कांग्रेस (INC)दो बार प्रतिनिधित्व करने के बावजूद इस्माइलाबाद-झानसा मार्ग और ग्रामीण सड़कों का कायापलट क्यों नहीं हुआ? 2014राज कुमार सैनी भारतीय जनता पार्टी (BJP)जनता के बड़े बदलाव के नारों के बीच सड़कों और स्थानीय इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थिति जस की तस बनी रही। 2019नायब सिंह सैनी भारतीय जनता पार्टी (BJP)मुख्यमंत्री पद तक पहुँचने वाले इस कार्यकाल में भी सीएम सिटी की सड़कों के गड्ढे नहीं भरे जा सके। 2024 (वर्तमान)नवीन जिंदल भारतीय जनता पार्टी (BJP) [वर्तमान सांसद] उद्योग जगत के बड़े नाम होने के बावजूद, आज भी कुरुक्षेत्र की जनता टूटी सड़कों और जलभराव के बीच जीने को मजबूर क्यों है? 🏛️ 2. थानेसर (कुरुक्षेत्र शहरी) विधानसभा क्षेत्र: विधायकों का लेखा-जोखा (1996 से 2024) वर्ष (Election Year)विजयी विधायक (Winning MLA)राजनीतिक पार्टी स्थानीय विकास और प्रशासनिक नाकामी की हकीकत 1996अशोक अरोड़ा समता पार्टी शहर के मुख्य मार्गों और बुनियादी सुविधाओं के विकास में शुरुआती सुस्ती। 2000अशोक अरोड़ा जी इंडियन नेशनल लोकदल (INLD)टेंडर और ठेकों की राजनीति में आम जनता की अनदेखी। 2005रमेश गुप्ता जी कांग्रेस (INC)शहर की आंतरिक सड़कों की बदहाली और सुस्त प्रशासनिक रवैया। 2009अशोक अरोड़ा जी इंडियन नेशनल लोकदल (INLD)घोषणाएं बड़ी हुईं, लेकिन जमीन पर सड़कों का निर्माण केवल फाइलों तक सीमित रहा। 2014 & 2019सुभाष सुधा जी भारतीय जनता पार्टी (BJP)लगातार दो बार विधायक और मंत्री रहते हुए शहर में विकास के नाम पर केवल लीपापोती और कथित कमीशनखोरी के आरोप। 2024 (वर्तमान)अशोक अरोड़ा जी भारतीय जनता पार्टी (INC)[वर्तमान विधायक] जनता अब त्रस्त है और पिछले दशकों के कुप्रबंधन का हिसाब मांग रही है। 🔍 जनता की अदालत में सत्ताधीशों और जिम्मेदारों से 10 तीखे सवाल 20 किलोमीटर का नर्क और दो दशकों की लूट: सन 1996 से लेकर 2024 तक, इतने सारे दिग्गजों के सांसद और विधायक बनने के बाद भी इस्माइलाबाद से झानसा रोड और कुरुक्षेत्र के मुख्य मार्ग पिछले 14-20 सालों से 'मौत का रास्ता' क्यों बने हुए हैं? अनाज और खरीद घोटाले की जवाबदेही किसकी?: हालिया समय में मंडियों और खाद्यान्न वितरण में सामने आए अनाज घोटालों के तार स्थानीय नेताओं, पूर्व मंत्रियों (जैसे सुभाष सुधा जी) और फूड सप्लाई विभाग से क्यों जुड़ते हैं? क्या गरीबों के हक का अनाज और टैक्स का पैसा इन घोटालों की भेंट चढ़ गया? गृह मंत्रालय और प्रशासनिक संरक्षण: कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार पर लगाम कसने वाले गृह मंत्रालय (चाहे श्री अनिल विज का कार्यकाल रहा हो या अन्य गृह मंत्री) के तहत आने वाले विभागों ने इन भ्रष्ट ठेकेदारों और अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं की? कमीशनखोरी और घटिया निर्माण का सिंडिकेट: सड़कें बनने के कुछ ही दिनों बाद उखड़ क्यों जाती हैं? क्या हर टेंडर में नेताओं, विधायकों और अधिकारियों की मिलीभगत से होने वाली दलाली ही कुरुक्षेत्र के विकास का एकमात्र नियम है? 'काले अंग्रेजों' वाली कार्यशैली: एसी कमरों में बैठकर जनता के खून-पसीने की कमाई पर ऐश करने वाले ये हुक्मरान क्या खुद को आधुनिक दौर के 'काले अंग्रेज' साबित नहीं कर रहे हैं, जो झंडे और संविधान की आड़ में जनता को मूर्ख बना रहे हैं? स्वतंत्र पत्रकारिता पर दमन और षड्यंत्र: जब एक स्वतंत्र फ्रीलांसर पत्रकार ('इंडिया न्यूज़ 9 लाइव' टीम) लगातार इन घोटालों, घूसखोरी और टूटी सड़कों के सच को उजागर करता है, तो भ्रष्ट प्रशासनिक तंत्र और नेता उस आवाज को दबाने या फंसाने के लिए कुचक्र क्यों रचते हैं? श्वेतपत्र (White Paper) क्यों नहीं जारी होता? पिछले 30 सालों में पास हुए करोड़ों-अरबों के बजट का हिसाब जमीन पर क्यों नहीं दिखता? क्या सारा पैसा कागजों में डकार लिया गया? युवाओं का पलायन और बेरोजगारी: बेरोजगारी, टूटे रास्ते और लचर व्यवस्था के कारण कुरुक्षेत्र का युवा ठगा सा महसूस क्यों कर रहा है? इन जनप्रतिनिधियों ने यहां रोजगार के अवसर क्यों नहीं पैदा किए? प्रशासनिक जवाबदेही शून्य क्यों?: डीसी ऑफिस, पीडब्ल्यूडी (PWD) विभाग, और नगर निगम के अधिकारी एसी कमरों से बाहर निकलकर इन गड्ढों और हादसों की सुध क्यों नहीं लेते? क्या वे किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं? क्या जनता दोबारा इस चक्रव्यूह में फंसेगी?: महाभारत के चक्रव्यूह की तरह इन राजनीतिक दलों और घरानों के जाल में कुरुक्षेत्र की जनता को सदियों से उलझाकर रखा गया है। क्या अब जनता इन चेहरों को पहचान कर अपने हक की लड़ाई खुद लड़ेगी? जनता करे पुकार, साडा हक एथे रख! 'इंडिया न्यूज़ 9लाइव' इन तीखे सवालों के साथ तब तक डटा रहेगा जब तक भ्रष्ट तंत्र, इन काले अंग्रेजों और नकारे सिस्टम का पर्दाफाश नहीं हो जाता। जनता अब सब जानती है और वक्त आने पर इसका माकूल जवाब देगी। जारीकर्ता: विशाल शर्मा फ्रीलांसर जर्नलिस्ट, 'इंडिया न्यूज़ 9लाइव' कुरुक्षेत्र, हरियाणा
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    क्या अब जनता इन चेहरों को पहचान कर अपने हक की लड़ाई खुद लड़ेगी?
📰 इंडिया न्यूज़ 9लाइव: विशेष इन्वेस्टिगेटिव प्रेस नोट & संपादकीय
​दिनांक: 16 अगस्त 2026
स्थान: कुरुक्षेत्र, हरियाणा
ब्यूरो रिपोर्ट / फ्रीलांसर जर्नलिस्ट: विशाल शर्मा, 'इंडिया न्यूज़ 9लाइव'
​🏛️ मुख्य शीर्षक: कुरुक्षेत्र की महाभारत और विकास का चक्रव्यूह — 1996 से 2026 तक के सांसदों-विधायकों का कच्चा चिट्ठा और व्यवस्था से तीखे सवाल!
​धर्मनगरी कुरुक्षेत्र आज विकास के मोर्चे पर एक गंभीर अभिशाप बन चुकी है। इस्माइलाबाद से लेकर हिंगाखेड़ी, दुराला, सलपानी, पुराने बस अड्डे और झानसा रोड तक फैला 20 किलोमीटर का नर्क इस बात का जीता-जागता सबूत है कि पिछले तीन दशकों में यहां केवल सियासी चेहरे बदले हैं, लेकिन जनता की किस्मत और टूटी सड़कों का दर्द नहीं बदला।
​यहाँ स्पष्ट करना आवश्यक है कि राष्ट्रीय स्तर के नीतिगत मामलों और स्थानीय स्तर के घोटालों (जैसे हालिया अनाज घोटाले, खरीद फरोख्त में धांधली और प्रशासनिक लीपापोती) की जवाबदेही अलग-अलग स्तर पर तय होनी चाहिए। वर्तमान सांसद श्री नवीन जिंदल जी अपनी संसदीय भूमिका में हैं, वहीं स्थानीय स्तर पर हुए घोटालों और अव्यवस्थाओं में पूर्व मंत्री सुभाष सुधा जी, गृह मंत्रालय (जैसे श्री अनिल विज या संबंधित गृह मंत्रियों) और फूड सप्लाई विभाग की कार्यशैली सीधे तौर पर कटघरे में खड़ी होती है।
​आइए, 1996 से लेकर अब तक कुरुक्षेत्र की जनता पर राज करने वाले सांसदों और मुख्य विधानसभा सीट (थानेसर) के विधायकों का यह काला चिट्ठा देखें:
​📊 1. कुरुक्षेत्र लोकसभा क्षेत्र: सांसदों का लेखा-जोखा (1996 से 2024)
वर्ष (Election Year)विजयी सांसद (Winning MP)राजनीतिक पार्टी कुरुक्षेत्र की बदहाली और जनता के सवाल
1996ओम प्रकाश जिंदल हरियाणा विकास पार्टी (HVP)औद्योगिक घरानों और राजनीति के गठजोड़ की शुरुआत, लेकिन बुनियादी सड़कों का विकास कोसों दूर रहा।
1998 - 1999कैलाशो देवी सैनी इंडियन नेशनल लोकदल (INLD)ग्रामीण और शहरी सड़कों की बदतर हालत को सुधारने के दावे कागजों तक ही सीमित रहे।
2004 - 2009नवीन जिंदल कांग्रेस (INC)दो बार प्रतिनिधित्व करने के बावजूद इस्माइलाबाद-झानसा मार्ग और ग्रामीण सड़कों का कायापलट क्यों नहीं हुआ?
2014राज कुमार सैनी भारतीय जनता पार्टी (BJP)जनता के बड़े बदलाव के नारों के बीच सड़कों और स्थानीय इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थिति जस की तस बनी रही।
2019नायब सिंह सैनी भारतीय जनता पार्टी (BJP)मुख्यमंत्री पद तक पहुँचने वाले इस कार्यकाल में भी सीएम सिटी की सड़कों के गड्ढे नहीं भरे जा सके।
2024 (वर्तमान)नवीन जिंदल भारतीय जनता पार्टी (BJP)
[वर्तमान सांसद] उद्योग जगत के बड़े नाम होने के बावजूद, आज भी कुरुक्षेत्र की जनता टूटी सड़कों और जलभराव के बीच जीने को मजबूर क्यों है?
🏛️ 2. थानेसर (कुरुक्षेत्र शहरी) विधानसभा क्षेत्र: विधायकों का लेखा-जोखा (1996 से 2024)
वर्ष (Election Year)विजयी विधायक (Winning MLA)राजनीतिक पार्टी स्थानीय विकास और प्रशासनिक नाकामी की हकीकत
1996अशोक अरोड़ा समता पार्टी शहर के मुख्य मार्गों और बुनियादी सुविधाओं के विकास में शुरुआती सुस्ती।
2000अशोक अरोड़ा जी इंडियन नेशनल लोकदल (INLD)टेंडर और ठेकों की राजनीति में आम जनता की अनदेखी।
2005रमेश गुप्ता जी कांग्रेस (INC)शहर की आंतरिक सड़कों की बदहाली और सुस्त प्रशासनिक रवैया।
2009अशोक अरोड़ा जी इंडियन नेशनल लोकदल (INLD)घोषणाएं बड़ी हुईं, लेकिन जमीन पर सड़कों का निर्माण केवल फाइलों तक सीमित रहा।
2014 & 2019सुभाष सुधा जी भारतीय जनता पार्टी (BJP)लगातार दो बार विधायक और मंत्री रहते हुए शहर में विकास के नाम पर केवल लीपापोती और कथित कमीशनखोरी के आरोप।
2024 (वर्तमान)अशोक अरोड़ा जी भारतीय जनता पार्टी (INC)[वर्तमान विधायक] जनता अब त्रस्त है और पिछले दशकों के कुप्रबंधन का हिसाब मांग रही है।
🔍 जनता की अदालत में सत्ताधीशों और जिम्मेदारों से 10 तीखे सवाल
20 किलोमीटर का नर्क और दो दशकों की लूट:
सन 1996 से लेकर 2024 तक, इतने सारे दिग्गजों के सांसद और विधायक बनने के बाद भी इस्माइलाबाद से झानसा रोड और कुरुक्षेत्र के मुख्य मार्ग पिछले 14-20 सालों से 'मौत का रास्ता' क्यों बने हुए हैं?
अनाज और खरीद घोटाले की जवाबदेही किसकी?:
हालिया समय में मंडियों और खाद्यान्न वितरण में सामने आए अनाज घोटालों के तार स्थानीय नेताओं, पूर्व मंत्रियों (जैसे सुभाष सुधा जी) और फूड सप्लाई विभाग से क्यों जुड़ते हैं? क्या गरीबों के हक का अनाज और टैक्स का पैसा इन घोटालों की भेंट चढ़ गया?
गृह मंत्रालय और प्रशासनिक संरक्षण:
कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार पर लगाम कसने वाले गृह मंत्रालय (चाहे श्री अनिल विज का कार्यकाल रहा हो या अन्य गृह मंत्री) के तहत आने वाले विभागों ने इन भ्रष्ट ठेकेदारों और अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं की?
कमीशनखोरी और घटिया निर्माण का सिंडिकेट:
सड़कें बनने के कुछ ही दिनों बाद उखड़ क्यों जाती हैं? क्या हर टेंडर में नेताओं, विधायकों और अधिकारियों की मिलीभगत से होने वाली दलाली ही कुरुक्षेत्र के विकास का एकमात्र नियम है?
'काले अंग्रेजों' वाली कार्यशैली:
एसी कमरों में बैठकर जनता के खून-पसीने की कमाई पर ऐश करने वाले ये हुक्मरान क्या खुद को आधुनिक दौर के 'काले अंग्रेज' साबित नहीं कर रहे हैं, जो झंडे और संविधान की आड़ में जनता को मूर्ख बना रहे हैं?
स्वतंत्र पत्रकारिता पर दमन और षड्यंत्र:
जब एक स्वतंत्र फ्रीलांसर पत्रकार ('इंडिया न्यूज़ 9 लाइव' टीम) लगातार इन घोटालों, घूसखोरी और टूटी सड़कों के सच को उजागर करता है, तो भ्रष्ट प्रशासनिक तंत्र और नेता उस आवाज को दबाने या फंसाने के लिए कुचक्र क्यों रचते हैं?
श्वेतपत्र (White Paper) क्यों नहीं जारी होता?
पिछले 30 सालों में पास हुए करोड़ों-अरबों के बजट का हिसाब जमीन पर क्यों नहीं दिखता? क्या सारा पैसा कागजों में डकार लिया गया?
युवाओं का पलायन और बेरोजगारी:
बेरोजगारी, टूटे रास्ते और लचर व्यवस्था के कारण कुरुक्षेत्र का युवा ठगा सा महसूस क्यों कर रहा है? इन जनप्रतिनिधियों ने यहां रोजगार के अवसर क्यों नहीं पैदा किए?
प्रशासनिक जवाबदेही शून्य क्यों?:
डीसी ऑफिस, पीडब्ल्यूडी (PWD) विभाग, और नगर निगम के अधिकारी एसी कमरों से बाहर निकलकर इन गड्ढों और हादसों की सुध क्यों नहीं लेते? क्या वे किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं?
क्या जनता दोबारा इस चक्रव्यूह में फंसेगी?:
महाभारत के चक्रव्यूह की तरह इन राजनीतिक दलों और घरानों के जाल में कुरुक्षेत्र की जनता को सदियों से उलझाकर रखा गया है। क्या अब जनता इन चेहरों को पहचान कर अपने हक की लड़ाई खुद लड़ेगी?
जनता करे पुकार, साडा हक एथे रख!
'इंडिया न्यूज़ 9लाइव' इन तीखे सवालों के साथ तब तक डटा रहेगा जब तक भ्रष्ट तंत्र, इन काले अंग्रेजों और नकारे सिस्टम का पर्दाफाश नहीं हो जाता। जनता अब सब जानती है और वक्त आने पर इसका माकूल जवाब देगी।
जारीकर्ता:
विशाल शर्मा
फ्रीलांसर जर्नलिस्ट, 'इंडिया न्यूज़ 9लाइव'
कुरुक्षेत्र, हरियाणा
    user_INDIANEWS 9LIVE SOCIAL MEDIA
    INDIANEWS 9LIVE SOCIAL MEDIA
    Media company Chanakya Puri, New Delhi•
    36 min ago
  • लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने चौंकाने वाला खुलासा किया। लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने चौंकाने वाला खुलासा किया। राहुल गांधी 🔥— मुझे एक सांसद ने बताया कि राहुल जी अयोध्या में तीन बार सर्वे हुआ था , क्यूंकि नरेंद्र मोदी जी वाराणसी से नहीं अयोध्या से लड़ना चाहते थे। उनके सर्वेयर तीन बार सर्वे करने आए और नरेंद्र मोदी ख़ुद आए उसके बाद उनके सर्वेयर ने कह दिया कि, नरेंद्र मोदी जी अगर आप अयोध्या से चुनाव लड़ते हैं तो हार जाएंगे और आपका राजनीतिक करियर अयोध्या में खत्म हो जाएगा। वाराणसी में हम लोगों ने एक दो छोटी गलती कर दी वरना हम लोग वाराणसी में ही मोदी जी को हरा देते।
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    लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने चौंकाने वाला खुलासा किया। 

लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने चौंकाने वाला खुलासा किया। 
राहुल गांधी 🔥— मुझे एक सांसद ने बताया कि राहुल जी अयोध्या में तीन बार सर्वे हुआ था ,
क्यूंकि नरेंद्र मोदी जी वाराणसी से नहीं अयोध्या से लड़ना चाहते थे। 
उनके सर्वेयर तीन बार सर्वे करने आए और नरेंद्र मोदी ख़ुद आए उसके बाद उनके सर्वेयर ने कह दिया कि,
नरेंद्र मोदी जी अगर आप अयोध्या से चुनाव लड़ते हैं तो हार जाएंगे और आपका राजनीतिक करियर अयोध्या में खत्म हो जाएगा। 
वाराणसी में हम लोगों ने एक दो छोटी गलती कर दी वरना हम लोग वाराणसी में ही मोदी जी को हरा देते।
    user_SURENDRA KUMAR
    SURENDRA KUMAR
    चाणक्यपुरी, नई दिल्ली, दिल्ली•
    45 min ago
  • जय हिंद दोस्तों, भारत 15 अगस्त 1947 को आजाद होने के बाद महज़ 2 दिन बाद यानी 17 अगस्त को भारत पाकिस्तान सीमा का अंतिम फेसला आया था,
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    जय हिंद दोस्तों, भारत 15 अगस्त 1947 को आजाद होने के बाद महज़ 2 दिन बाद यानी 17 अगस्त को भारत पाकिस्तान सीमा का अंतिम फेसला आया था,
    user_JAGAT NEWS 24
    JAGAT NEWS 24
    Rohini, North West Delhi•
    15 hrs ago
  • भ्रष्ट तंत्र, इन काले अंग्रेजों और नकारे सिस्टम का पर्दाफाश 📰 इंडिया न्यूज़ 9लाइव: विशेष इन्वेस्टिगेटिव प्रेस नोट & संपादकीय ​दिनांक: 16 अगस्त 2026 स्थान: कुरुक्षेत्र, हरियाणा ब्यूरो रिपोर्ट / फ्रीलांसर जर्नलिस्ट: विशाल शर्मा, 'इंडिया न्यूज़ 9लाइव' ​🏛️ मुख्य शीर्षक: कुरुक्षेत्र की महाभारत और विकास का चक्रव्यूह — 1996 से 2026 तक के सांसदों-विधायकों का कच्चा चिट्ठा और व्यवस्था से तीखे सवाल! ​धर्मनगरी कुरुक्षेत्र आज विकास के मोर्चे पर एक गंभीर अभिशाप बन चुकी है। इस्माइलाबाद से लेकर हिंगाखेड़ी, दुराला, सलपानी, पुराने बस अड्डे और झानसा रोड तक फैला 20 किलोमीटर का नर्क इस बात का जीता-जागता सबूत है कि पिछले तीन दशकों में यहां केवल सियासी चेहरे बदले हैं, लेकिन जनता की किस्मत और टूटी सड़कों का दर्द नहीं बदला। ​यहाँ स्पष्ट करना आवश्यक है कि राष्ट्रीय स्तर के नीतिगत मामलों और स्थानीय स्तर के घोटालों (जैसे हालिया अनाज घोटाले, खरीद फरोख्त में धांधली और प्रशासनिक लीपापोती) की जवाबदेही अलग-अलग स्तर पर तय होनी चाहिए। वर्तमान सांसद श्री नवीन जिंदल जी अपनी संसदीय भूमिका में हैं, वहीं स्थानीय स्तर पर हुए घोटालों और अव्यवस्थाओं में पूर्व मंत्री सुभाष सुधा जी, गृह मंत्रालय (जैसे श्री अनिल विज या संबंधित गृह मंत्रियों) और फूड सप्लाई विभाग की कार्यशैली सीधे तौर पर कटघरे में खड़ी होती है। ​आइए, 1996 से लेकर अब तक कुरुक्षेत्र की जनता पर राज करने वाले सांसदों और मुख्य विधानसभा सीट (थानेसर) के विधायकों का यह काला चिट्ठा देखें: ​📊 1. कुरुक्षेत्र लोकसभा क्षेत्र: सांसदों का लेखा-जोखा (1996 से 2024) वर्ष (Election Year)विजयी सांसद (Winning MP)राजनीतिक पार्टी कुरुक्षेत्र की बदहाली और जनता के सवाल 1996ओम प्रकाश जिंदल हरियाणा विकास पार्टी (HVP)औद्योगिक घरानों और राजनीति के गठजोड़ की शुरुआत, लेकिन बुनियादी सड़कों का विकास कोसों दूर रहा। 1998 - 1999कैलाशो देवी सैनी इंडियन नेशनल लोकदल (INLD)ग्रामीण और शहरी सड़कों की बदतर हालत को सुधारने के दावे कागजों तक ही सीमित रहे। 2004 - 2009नवीन जिंदल कांग्रेस (INC)दो बार प्रतिनिधित्व करने के बावजूद इस्माइलाबाद-झानसा मार्ग और ग्रामीण सड़कों का कायापलट क्यों नहीं हुआ? 2014राज कुमार सैनी भारतीय जनता पार्टी (BJP)जनता के बड़े बदलाव के नारों के बीच सड़कों और स्थानीय इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थिति जस की तस बनी रही। 2019नायब सिंह सैनी भारतीय जनता पार्टी (BJP)मुख्यमंत्री पद तक पहुँचने वाले इस कार्यकाल में भी सीएम सिटी की सड़कों के गड्ढे नहीं भरे जा सके। 2024 (वर्तमान)नवीन जिंदल भारतीय जनता पार्टी (BJP) [वर्तमान सांसद] उद्योग जगत के बड़े नाम होने के बावजूद, आज भी कुरुक्षेत्र की जनता टूटी सड़कों और जलभराव के बीच जीने को मजबूर क्यों है? 🏛️ 2. थानेसर (कुरुक्षेत्र शहरी) विधानसभा क्षेत्र: विधायकों का लेखा-जोखा (1996 से 2024) वर्ष (Election Year)विजयी विधायक (Winning MLA)राजनीतिक पार्टी स्थानीय विकास और प्रशासनिक नाकामी की हकीकत 1996अशोक अरोड़ा समता पार्टी शहर के मुख्य मार्गों और बुनियादी सुविधाओं के विकास में शुरुआती सुस्ती। 2000अशोक अरोड़ा जी इंडियन नेशनल लोकदल (INLD)टेंडर और ठेकों की राजनीति में आम जनता की अनदेखी। 2005रमेश गुप्ता जी कांग्रेस (INC)शहर की आंतरिक सड़कों की बदहाली और सुस्त प्रशासनिक रवैया। 2009अशोक अरोड़ा जी इंडियन नेशनल लोकदल (INLD)घोषणाएं बड़ी हुईं, लेकिन जमीन पर सड़कों का निर्माण केवल फाइलों तक सीमित रहा। 2014 & 2019सुभाष सुधा जी भारतीय जनता पार्टी (BJP)लगातार दो बार विधायक और मंत्री रहते हुए शहर में विकास के नाम पर केवल लीपापोती और कथित कमीशनखोरी के आरोप। 2024 (वर्तमान)अशोक अरोड़ा जी भारतीय जनता पार्टी (INC)[वर्तमान विधायक] जनता अब त्रस्त है और पिछले दशकों के कुप्रबंधन का हिसाब मांग रही है। 🔍 जनता की अदालत में सत्ताधीशों और जिम्मेदारों से 10 तीखे सवाल 20 किलोमीटर का नर्क और दो दशकों की लूट: सन 1996 से लेकर 2024 तक, इतने सारे दिग्गजों के सांसद और विधायक बनने के बाद भी इस्माइलाबाद से झानसा रोड और कुरुक्षेत्र के मुख्य मार्ग पिछले 14-20 सालों से 'मौत का रास्ता' क्यों बने हुए हैं? अनाज और खरीद घोटाले की जवाबदेही किसकी?: हालिया समय में मंडियों और खाद्यान्न वितरण में सामने आए अनाज घोटालों के तार स्थानीय नेताओं, पूर्व मंत्रियों (जैसे सुभाष सुधा जी) और फूड सप्लाई विभाग से क्यों जुड़ते हैं? क्या गरीबों के हक का अनाज और टैक्स का पैसा इन घोटालों की भेंट चढ़ गया? गृह मंत्रालय और प्रशासनिक संरक्षण: कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार पर लगाम कसने वाले गृह मंत्रालय (चाहे श्री अनिल विज का कार्यकाल रहा हो या अन्य गृह मंत्री) के तहत आने वाले विभागों ने इन भ्रष्ट ठेकेदारों और अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं की? कमीशनखोरी और घटिया निर्माण का सिंडिकेट: सड़कें बनने के कुछ ही दिनों बाद उखड़ क्यों जाती हैं? क्या हर टेंडर में नेताओं, विधायकों और अधिकारियों की मिलीभगत से होने वाली दलाली ही कुरुक्षेत्र के विकास का एकमात्र नियम है? 'काले अंग्रेजों' वाली कार्यशैली: एसी कमरों में बैठकर जनता के खून-पसीने की कमाई पर ऐश करने वाले ये हुक्मरान क्या खुद को आधुनिक दौर के 'काले अंग्रेज' साबित नहीं कर रहे हैं, जो झंडे और संविधान की आड़ में जनता को मूर्ख बना रहे हैं? स्वतंत्र पत्रकारिता पर दमन और षड्यंत्र: जब एक स्वतंत्र फ्रीलांसर पत्रकार ('इंडिया न्यूज़ 9 लाइव' टीम) लगातार इन घोटालों, घूसखोरी और टूटी सड़कों के सच को उजागर करता है, तो भ्रष्ट प्रशासनिक तंत्र और नेता उस आवाज को दबाने या फंसाने के लिए कुचक्र क्यों रचते हैं? श्वेतपत्र (White Paper) क्यों नहीं जारी होता? पिछले 30 सालों में पास हुए करोड़ों-अरबों के बजट का हिसाब जमीन पर क्यों नहीं दिखता? क्या सारा पैसा कागजों में डकार लिया गया? युवाओं का पलायन और बेरोजगारी: बेरोजगारी, टूटे रास्ते और लचर व्यवस्था के कारण कुरुक्षेत्र का युवा ठगा सा महसूस क्यों कर रहा है? इन जनप्रतिनिधियों ने यहां रोजगार के अवसर क्यों नहीं पैदा किए? प्रशासनिक जवाबदेही शून्य क्यों?: डीसी ऑफिस, पीडब्ल्यूडी (PWD) विभाग, और नगर निगम के अधिकारी एसी कमरों से बाहर निकलकर इन गड्ढों और हादसों की सुध क्यों नहीं लेते? क्या वे किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं? क्या जनता दोबारा इस चक्रव्यूह में फंसेगी?: महाभारत के चक्रव्यूह की तरह इन राजनीतिक दलों और घरानों के जाल में कुरुक्षेत्र की जनता को सदियों से उलझाकर रखा गया है। क्या अब जनता इन चेहरों को पहचानकर अपने हक की लड़ाई खुद लड़ेगी? जनता करे पुकार, साडा हक एथे रख! 'इंडिया न्यूज़ 9लाइव' इन तीखे सवालों के साथ तब तक डटा रहेगा जब तक भ्रष्ट तंत्र, इन काले अंग्रेजों और नकारे सिस्टम का पर्दाफाश नहीं हो जाता। जनता अब सब जानती है और वक्त आने पर इसका माकूल जवाब देगी। जारीकर्ता: विशाल शर्मा फ्रीलांसर जर्नलिस्ट, 'इंडिया न्यूज़ 9लाइव' कुरुक्षेत्र, हरियाणा
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    भ्रष्ट तंत्र, इन काले अंग्रेजों और नकारे सिस्टम का पर्दाफाश
📰 इंडिया न्यूज़ 9लाइव: विशेष इन्वेस्टिगेटिव प्रेस नोट & संपादकीय
​दिनांक: 16 अगस्त 2026
स्थान: कुरुक्षेत्र, हरियाणा
ब्यूरो रिपोर्ट / फ्रीलांसर जर्नलिस्ट: विशाल शर्मा, 'इंडिया न्यूज़ 9लाइव'
​🏛️ मुख्य शीर्षक: कुरुक्षेत्र की महाभारत और विकास का चक्रव्यूह — 1996 से 2026 तक के सांसदों-विधायकों का कच्चा चिट्ठा और व्यवस्था से तीखे सवाल!
​धर्मनगरी कुरुक्षेत्र आज विकास के मोर्चे पर एक गंभीर अभिशाप बन चुकी है। इस्माइलाबाद से लेकर हिंगाखेड़ी, दुराला, सलपानी, पुराने बस अड्डे और झानसा रोड तक फैला 20 किलोमीटर का नर्क इस बात का जीता-जागता सबूत है कि पिछले तीन दशकों में यहां केवल सियासी चेहरे बदले हैं, लेकिन जनता की किस्मत और टूटी सड़कों का दर्द नहीं बदला।
​यहाँ स्पष्ट करना आवश्यक है कि राष्ट्रीय स्तर के नीतिगत मामलों और स्थानीय स्तर के घोटालों (जैसे हालिया अनाज घोटाले, खरीद फरोख्त में धांधली और प्रशासनिक लीपापोती) की जवाबदेही अलग-अलग स्तर पर तय होनी चाहिए। वर्तमान सांसद श्री नवीन जिंदल जी अपनी संसदीय भूमिका में हैं, वहीं स्थानीय स्तर पर हुए घोटालों और अव्यवस्थाओं में पूर्व मंत्री सुभाष सुधा जी, गृह मंत्रालय (जैसे श्री अनिल विज या संबंधित गृह मंत्रियों) और फूड सप्लाई विभाग की कार्यशैली सीधे तौर पर कटघरे में खड़ी होती है।
​आइए, 1996 से लेकर अब तक कुरुक्षेत्र की जनता पर राज करने वाले सांसदों और मुख्य विधानसभा सीट (थानेसर) के विधायकों का यह काला चिट्ठा देखें:
​📊 1. कुरुक्षेत्र लोकसभा क्षेत्र: सांसदों का लेखा-जोखा (1996 से 2024)
वर्ष (Election Year)विजयी सांसद (Winning MP)राजनीतिक पार्टी कुरुक्षेत्र की बदहाली और जनता के सवाल
1996ओम प्रकाश जिंदल हरियाणा विकास पार्टी (HVP)औद्योगिक घरानों और राजनीति के गठजोड़ की शुरुआत, लेकिन बुनियादी सड़कों का विकास कोसों दूर रहा।
1998 - 1999कैलाशो देवी सैनी इंडियन नेशनल लोकदल (INLD)ग्रामीण और शहरी सड़कों की बदतर हालत को सुधारने के दावे कागजों तक ही सीमित रहे।
2004 - 2009नवीन जिंदल कांग्रेस (INC)दो बार प्रतिनिधित्व करने के बावजूद इस्माइलाबाद-झानसा मार्ग और ग्रामीण सड़कों का कायापलट क्यों नहीं हुआ?
2014राज कुमार सैनी भारतीय जनता पार्टी (BJP)जनता के बड़े बदलाव के नारों के बीच सड़कों और स्थानीय इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थिति जस की तस बनी रही।
2019नायब सिंह सैनी भारतीय जनता पार्टी (BJP)मुख्यमंत्री पद तक पहुँचने वाले इस कार्यकाल में भी सीएम सिटी की सड़कों के गड्ढे नहीं भरे जा सके।
2024 (वर्तमान)नवीन जिंदल भारतीय जनता पार्टी (BJP)
[वर्तमान सांसद] उद्योग जगत के बड़े नाम होने के बावजूद, आज भी कुरुक्षेत्र की जनता टूटी सड़कों और जलभराव के बीच जीने को मजबूर क्यों है?
🏛️ 2. थानेसर (कुरुक्षेत्र शहरी) विधानसभा क्षेत्र: विधायकों का लेखा-जोखा (1996 से 2024)
वर्ष (Election Year)विजयी विधायक (Winning MLA)राजनीतिक पार्टी स्थानीय विकास और प्रशासनिक नाकामी की हकीकत
1996अशोक अरोड़ा समता पार्टी शहर के मुख्य मार्गों और बुनियादी सुविधाओं के विकास में शुरुआती सुस्ती।
2000अशोक अरोड़ा जी इंडियन नेशनल लोकदल (INLD)टेंडर और ठेकों की राजनीति में आम जनता की अनदेखी।
2005रमेश गुप्ता जी कांग्रेस (INC)शहर की आंतरिक सड़कों की बदहाली और सुस्त प्रशासनिक रवैया।
2009अशोक अरोड़ा जी इंडियन नेशनल लोकदल (INLD)घोषणाएं बड़ी हुईं, लेकिन जमीन पर सड़कों का निर्माण केवल फाइलों तक सीमित रहा।
2014 & 2019सुभाष सुधा जी भारतीय जनता पार्टी (BJP)लगातार दो बार विधायक और मंत्री रहते हुए शहर में विकास के नाम पर केवल लीपापोती और कथित कमीशनखोरी के आरोप।
2024 (वर्तमान)अशोक अरोड़ा जी भारतीय जनता पार्टी (INC)[वर्तमान विधायक] जनता अब त्रस्त है और पिछले दशकों के कुप्रबंधन का हिसाब मांग रही है।
🔍 जनता की अदालत में सत्ताधीशों और जिम्मेदारों से 10 तीखे सवाल
20 किलोमीटर का नर्क और दो दशकों की लूट:
सन 1996 से लेकर 2024 तक, इतने सारे दिग्गजों के सांसद और विधायक बनने के बाद भी इस्माइलाबाद से झानसा रोड और कुरुक्षेत्र के मुख्य मार्ग पिछले 14-20 सालों से 'मौत का रास्ता' क्यों बने हुए हैं?
अनाज और खरीद घोटाले की जवाबदेही किसकी?:
हालिया समय में मंडियों और खाद्यान्न वितरण में सामने आए अनाज घोटालों के तार स्थानीय नेताओं, पूर्व मंत्रियों (जैसे सुभाष सुधा जी) और फूड सप्लाई विभाग से क्यों जुड़ते हैं? क्या गरीबों के हक का अनाज और टैक्स का पैसा इन घोटालों की भेंट चढ़ गया?
गृह मंत्रालय और प्रशासनिक संरक्षण:
कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार पर लगाम कसने वाले गृह मंत्रालय (चाहे श्री अनिल विज का कार्यकाल रहा हो या अन्य गृह मंत्री) के तहत आने वाले विभागों ने इन भ्रष्ट ठेकेदारों और अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं की?
कमीशनखोरी और घटिया निर्माण का सिंडिकेट:
सड़कें बनने के कुछ ही दिनों बाद उखड़ क्यों जाती हैं? क्या हर टेंडर में नेताओं, विधायकों और अधिकारियों की मिलीभगत से होने वाली दलाली ही कुरुक्षेत्र के विकास का एकमात्र नियम है?
'काले अंग्रेजों' वाली कार्यशैली:
एसी कमरों में बैठकर जनता के खून-पसीने की कमाई पर ऐश करने वाले ये हुक्मरान क्या खुद को आधुनिक दौर के 'काले अंग्रेज' साबित नहीं कर रहे हैं, जो झंडे और संविधान की आड़ में जनता को मूर्ख बना रहे हैं?
स्वतंत्र पत्रकारिता पर दमन और षड्यंत्र:
जब एक स्वतंत्र फ्रीलांसर पत्रकार ('इंडिया न्यूज़ 9 लाइव' टीम) लगातार इन घोटालों, घूसखोरी और टूटी सड़कों के सच को उजागर करता है, तो भ्रष्ट प्रशासनिक तंत्र और नेता उस आवाज को दबाने या फंसाने के लिए कुचक्र क्यों रचते हैं?
श्वेतपत्र (White Paper) क्यों नहीं जारी होता?
पिछले 30 सालों में पास हुए करोड़ों-अरबों के बजट का हिसाब जमीन पर क्यों नहीं दिखता? क्या सारा पैसा कागजों में डकार लिया गया?
युवाओं का पलायन और बेरोजगारी:
बेरोजगारी, टूटे रास्ते और लचर व्यवस्था के कारण कुरुक्षेत्र का युवा ठगा सा महसूस क्यों कर रहा है? इन जनप्रतिनिधियों ने यहां रोजगार के अवसर क्यों नहीं पैदा किए?
प्रशासनिक जवाबदेही शून्य क्यों?:
डीसी ऑफिस, पीडब्ल्यूडी (PWD) विभाग, और नगर निगम के अधिकारी एसी कमरों से बाहर निकलकर इन गड्ढों और हादसों की सुध क्यों नहीं लेते? क्या वे किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं?
क्या जनता दोबारा इस चक्रव्यूह में फंसेगी?:
महाभारत के चक्रव्यूह की तरह इन राजनीतिक दलों और घरानों के जाल में कुरुक्षेत्र की जनता को सदियों से उलझाकर रखा गया है। क्या अब जनता इन चेहरों को पहचानकर अपने हक की लड़ाई खुद लड़ेगी?
जनता करे पुकार, साडा हक एथे रख!
'इंडिया न्यूज़ 9लाइव' इन तीखे सवालों के साथ तब तक डटा रहेगा जब तक भ्रष्ट तंत्र, इन काले अंग्रेजों और नकारे सिस्टम का पर्दाफाश नहीं हो जाता। जनता अब सब जानती है और वक्त आने पर इसका माकूल जवाब देगी।
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विशाल शर्मा
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कुरुक्षेत्र, हरियाणा
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    40 min ago
  • ब्रेकिंग न्यूज़/- रामनगरी अयोध्या में दर्दनाक हादसा, स्कॉर्पियो की चपेट में आने से बच्चे की मौत अयोध्या के नया घाट चौकी क्षेत्र में राम कथा संग्रहालय के सामने रात करीब 8 बजे दर्दनाक हादसा हो गया। एक बच्चा स्कॉर्पियो वाहन की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गया हादसे के बाद घायल बच्चे को तत्काल उपचार के लिए श्री राम अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई पुलिस के मुताबिक हादसे में शामिल स्कॉर्पियो वाहन संख्या UP44BJ0007 को कब्जे में ले लिया गया है। वाहन चालक को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है पुलिस द्वारा मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
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    ब्रेकिंग न्यूज़/- रामनगरी अयोध्या में दर्दनाक हादसा, स्कॉर्पियो की चपेट में आने से बच्चे की मौत
अयोध्या के नया घाट चौकी क्षेत्र में राम कथा संग्रहालय के सामने रात करीब 8 बजे दर्दनाक हादसा हो गया। एक बच्चा स्कॉर्पियो वाहन की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गया हादसे के बाद घायल बच्चे को तत्काल उपचार के लिए श्री राम अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई पुलिस के मुताबिक हादसे में शामिल स्कॉर्पियो वाहन संख्या UP44BJ0007 को कब्जे में ले लिया गया है। वाहन चालक को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है पुलिस द्वारा मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
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    BHARAT TODAY NEWS
    Media house Saraswati Vihar, North West Delhi•
    8 hrs ago
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