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उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में फूलपुर स्थित इफको किसान सेवा केंद्र पर यूरिया और डीएपी खाद न मिलने से भड़के किसानों ने जमकर हंगामा किया और धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। पिछले कई दिनों से केंद्र का मुख्य सर्वर ठप होने के कारण किसानों को खाद उपलब्ध नहीं हो पा रही है, जिससे दिनभर लाइन में लगने के बाद भी उन्हें खाली हाथ वापस लौटना पड़ रहा है। खाद न मिलने से नाराज किसानों ने केंद्र के बाहर जोरदार नारेबाजी की और खाद की कालाबाजारी तथा धांधली का आरोप लगाया।

14 hrs ago
user_Kewala Prasad Gautam News pray
Kewala Prasad Gautam News pray
Photographer हंडिया, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
14 hrs ago

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में फूलपुर स्थित इफको किसान सेवा केंद्र पर यूरिया और डीएपी खाद न मिलने से भड़के किसानों ने जमकर हंगामा किया और धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। पिछले कई दिनों से केंद्र का मुख्य सर्वर ठप होने के कारण किसानों को खाद उपलब्ध नहीं हो पा रही है, जिससे दिनभर लाइन में लगने के बाद भी उन्हें खाली हाथ वापस लौटना पड़ रहा है। खाद न मिलने से नाराज किसानों ने केंद्र के बाहर जोरदार नारेबाजी की और खाद की कालाबाजारी तथा धांधली का आरोप लगाया।

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  • भदोही में कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा और कानून व्यवस्था को पूरी तरह चुस्त-दुरुस्त और चौकस रखा जाएगा। यात्रा के दौरान महिला कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए विशेष रूप से महिला पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने व्यवस्थाओं और तैयारियों को लेकर जानकारी दी है।
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    भदोही में कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा और कानून व्यवस्था को पूरी तरह चुस्त-दुरुस्त और चौकस रखा जाएगा। यात्रा के दौरान महिला कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए विशेष रूप से महिला पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने व्यवस्थाओं और तैयारियों को लेकर जानकारी दी है।
    user_Rajesh Tiwari
    Rajesh Tiwari
    Local News Reporter Gyanpur, Bhadohi•
    10 hrs ago
  • प्रयागराज में गुरुवार को बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन करते हुए जोरदार नारेबाजी की। इस दौरान अधिवक्ताओं ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ हुए दुर्व्यवहार और लाठीचार्ज की कड़े शब्दों में निंदा की। अधिवक्ताओं ने कहा कि अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग करना लोकतंत्र के सिद्धांतों के पूरी तरह खिलाफ है। प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने "छात्र एकता जिंदाबाद", "ताना शाही नहीं चलेगी" और "जंतर-मंतर की घटना शर्मनाक है" के नारे लगाए। अधिवक्ताओं ने सरकार से मांग की है कि छात्रों की जायज मांगों को तुरंत स्वीकार किया जाए और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। अधिवक्ताओं ने चेतावनी भी दी कि अगर छात्रों की समस्याओं का जल्द समाधान नहीं निकाला गया, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे और सड़कों पर उतरकर छात्रों का समर्थन करेंगे।
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    प्रयागराज में गुरुवार को बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन करते हुए जोरदार नारेबाजी की। इस दौरान अधिवक्ताओं ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ हुए दुर्व्यवहार और लाठीचार्ज की कड़े शब्दों में निंदा की। अधिवक्ताओं ने कहा कि अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग करना लोकतंत्र के सिद्धांतों के पूरी तरह खिलाफ है।

प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने "छात्र एकता जिंदाबाद", "ताना शाही नहीं चलेगी" और "जंतर-मंतर की घटना शर्मनाक है" के नारे लगाए। अधिवक्ताओं ने सरकार से मांग की है कि छात्रों की जायज मांगों को तुरंत स्वीकार किया जाए और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। अधिवक्ताओं ने चेतावनी भी दी कि अगर छात्रों की समस्याओं का जल्द समाधान नहीं निकाला गया, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे और सड़कों पर उतरकर छात्रों का समर्थन करेंगे।
    user_दिवाकर पाल
    दिवाकर पाल
    करछना, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • प्रयागराज में गुरुवार को अधिवक्ताओं ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ हुए दुर्व्यवहार और लाठीचार्ज के खिलाफ विरोध जताया। बड़ी संख्या में एकत्र हुए अधिवक्ताओं ने छात्रों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की और इस पूरी घटना की कड़े शब्दों में निंदा की। अधिवक्ताओं का स्पष्ट कहना है कि अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग करना लोकतंत्र के खिलाफ है। विरोध प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने "छात्र एकता जिंदाबाद", "ताना शाही नहीं चलेगी" और "जंतर-मंतर की घटना शर्मनाक है" जैसे नारे लगाए। अधिवक्ताओं ने सरकार से मांग की है कि छात्रों की जायज मांगों को तुरंत माना जाए और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि वह छात्रों से सीधे संवाद कर समस्या का समाधान निकाले। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि छात्रों की समस्याओं का समाधान जल्द नहीं हुआ, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे तथा सड़कों पर उतरकर छात्रों का समर्थन करेंगे।
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    प्रयागराज में गुरुवार को अधिवक्ताओं ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ हुए दुर्व्यवहार और लाठीचार्ज के खिलाफ विरोध जताया। बड़ी संख्या में एकत्र हुए अधिवक्ताओं ने छात्रों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की और इस पूरी घटना की कड़े शब्दों में निंदा की। अधिवक्ताओं का स्पष्ट कहना है कि अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग करना लोकतंत्र के खिलाफ है।

विरोध प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने "छात्र एकता जिंदाबाद", "ताना शाही नहीं चलेगी" और "जंतर-मंतर की घटना शर्मनाक है" जैसे नारे लगाए। अधिवक्ताओं ने सरकार से मांग की है कि छात्रों की जायज मांगों को तुरंत माना जाए और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि वह छात्रों से सीधे संवाद कर समस्या का समाधान निकाले। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि छात्रों की समस्याओं का समाधान जल्द नहीं हुआ, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे तथा सड़कों पर उतरकर छात्रों का समर्थन करेंगे।
    user_Anil kumar prajapati
    Anil kumar prajapati
    करछना, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • भदोही जनपद के कलनुआ गांव में धान की रोपाई रोकने से भारी क्षति का मामला सामने आया है। पीड़ित मंगला प्रसाद पाण्डेय ने बताया कि वर्ष 1967 में उनकी दादी श्रीमती केवलपत्ती को ग्राम सभा से गाटा संख्या 34 की लगभग 3 बीघा भूमि का पट्टा मिला था। उनका परिवार पिछले लगभग 50 वर्षों से इस भूमि पर लगातार खेती करता आ रहा है। वर्तमान में इस जमीन को लेकर मामला माननीय उच्च न्यायालय तथा बोर्ड ऑफ रेवेन्यू में विचाराधीन है। मंगला प्रसाद पाण्डेय का कहना है कि उन्होंने न्यायालयों के आदेशों के आधार पर अपनी जमीन में धान की रोपाई शुरू की थी, लेकिन शेष भूमि में रोपाई करने से उन्हें पुलिस की मौजूदगी में रोक दिया गया। उनका आरोप है कि अधिकारियों ने उनके अभिलेखों का समुचित परीक्षण किए बिना ही उन्हें खेती करने से रोक दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि उच्च न्यायालय के अंतिम निर्णय तक उन्हें वर्षों पुराने कब्जे वाली भूमि पर धान की रोपाई और खेती करने की अनुमति दी जाए तथा बेदखली की कोई कार्रवाई न की जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि उच्च न्यायालय का जो भी अंतिम फैसला होगा, वह उसे पूरी तरह से स्वीकार करेंगे।
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    भदोही जनपद के कलनुआ गांव में धान की रोपाई रोकने से भारी क्षति का मामला सामने आया है। पीड़ित मंगला प्रसाद पाण्डेय ने बताया कि वर्ष 1967 में उनकी दादी श्रीमती केवलपत्ती को ग्राम सभा से गाटा संख्या 34 की लगभग 3 बीघा भूमि का पट्टा मिला था। उनका परिवार पिछले लगभग 50 वर्षों से इस भूमि पर लगातार खेती करता आ रहा है। वर्तमान में इस जमीन को लेकर मामला माननीय उच्च न्यायालय तथा बोर्ड ऑफ रेवेन्यू में विचाराधीन है।

मंगला प्रसाद पाण्डेय का कहना है कि उन्होंने न्यायालयों के आदेशों के आधार पर अपनी जमीन में धान की रोपाई शुरू की थी, लेकिन शेष भूमि में रोपाई करने से उन्हें पुलिस की मौजूदगी में रोक दिया गया। उनका आरोप है कि अधिकारियों ने उनके अभिलेखों का समुचित परीक्षण किए बिना ही उन्हें खेती करने से रोक दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि उच्च न्यायालय के अंतिम निर्णय तक उन्हें वर्षों पुराने कब्जे वाली भूमि पर धान की रोपाई और खेती करने की अनुमति दी जाए तथा बेदखली की कोई कार्रवाई न की जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि उच्च न्यायालय का जो भी अंतिम फैसला होगा, वह उसे पूरी तरह से स्वीकार करेंगे।
    user_Ram sajivan pandey
    Ram sajivan pandey
    Local News Reporter ज्ञानपुर, भदोही, उत्तर प्रदेश•
    17 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के भदोही जनपद स्थित कलनुआ गांव निवासी मंगला प्रसाद पाण्डेय ने 50 वर्षों से काबिज भूमि पर धान की रोपाई से रोके जाने के खिलाफ संबंधित अधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपा है। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि अदालती आदेशों के बावजूद विपक्षी पक्ष ने पुलिस बल के माध्यम से उन्हें शेष भूमि पर खेती करने से जबरन रोक दिया है। यह मामला गाटा संख्या 34 की लगभग 3 बीघा भूमि से जुड़ा है, जिसका पट्टा वर्ष 1967 में मंगला प्रसाद की दादी केवलपत्ति को मिला था। पीड़ित परिवार पिछले 50 वर्षों से इस भूमि पर काबिज है और खेती करता आ रहा है। इस भूमि को लेकर अनुसूचित जाति पक्ष के साथ वर्ष 2001 से माननीय उच्च न्यायालय में वाद विचाराधीन है। वर्ष 2010 में अदम पैरवी के कारण स्टे निरस्त होने के बाद रिकॉल प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया था, जो आज भी उच्च न्यायालय में लंबित है, जबकि प्रकरण बोर्ड ऑफ रेवेन्यू में भी चल रहा है। इसी दौरान रमाशंकर पुत्र साधु सरोज और अन्य चार व्यक्तियों पर चोरी-छिपे अवैध रूप से इस भूमि का पट्टा अपने नाम कराने का आरोप है। पीड़ित के अनुसार, वर्ष 1995 और वर्ष 2026 में मुंसिफ न्यायालय ज्ञानपुर द्वारा पारित आदेशों के बाद उन्होंने अपनी 3 बीघा भूमि में से लगभग 15 बिस्सा में धान की रोपाई कर ली थी। हालांकि, बिना अभिलेखों का समुचित परीक्षण किए और बिना उचित अवसर दिए एकतरफा कार्यवाही करते हुए उन्हें शेष भूमि पर रोपाई करने से रोक दिया गया। पीड़ित ने मांग की है कि उच्च न्यायालय में विचाराधीन वाद का अंतिम निर्णय आने तक उन्हें 50 वर्षों के कब्जे से न हटाया जाए और खेती करने से न रोका जाए।
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    उत्तर प्रदेश के भदोही जनपद स्थित कलनुआ गांव निवासी मंगला प्रसाद पाण्डेय ने 50 वर्षों से काबिज भूमि पर धान की रोपाई से रोके जाने के खिलाफ संबंधित अधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपा है। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि अदालती आदेशों के बावजूद विपक्षी पक्ष ने पुलिस बल के माध्यम से उन्हें शेष भूमि पर खेती करने से जबरन रोक दिया है।

यह मामला गाटा संख्या 34 की लगभग 3 बीघा भूमि से जुड़ा है, जिसका पट्टा वर्ष 1967 में मंगला प्रसाद की दादी केवलपत्ति को मिला था। पीड़ित परिवार पिछले 50 वर्षों से इस भूमि पर काबिज है और खेती करता आ रहा है। इस भूमि को लेकर अनुसूचित जाति पक्ष के साथ वर्ष 2001 से माननीय उच्च न्यायालय में वाद विचाराधीन है। वर्ष 2010 में अदम पैरवी के कारण स्टे निरस्त होने के बाद रिकॉल प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया था, जो आज भी उच्च न्यायालय में लंबित है, जबकि प्रकरण बोर्ड ऑफ रेवेन्यू में भी चल रहा है। इसी दौरान रमाशंकर पुत्र साधु सरोज और अन्य चार व्यक्तियों पर चोरी-छिपे अवैध रूप से इस भूमि का पट्टा अपने नाम कराने का आरोप है।

पीड़ित के अनुसार, वर्ष 1995 और वर्ष 2026 में मुंसिफ न्यायालय ज्ञानपुर द्वारा पारित आदेशों के बाद उन्होंने अपनी 3 बीघा भूमि में से लगभग 15 बिस्सा में धान की रोपाई कर ली थी। हालांकि, बिना अभिलेखों का समुचित परीक्षण किए और बिना उचित अवसर दिए एकतरफा कार्यवाही करते हुए उन्हें शेष भूमि पर रोपाई करने से रोक दिया गया। पीड़ित ने मांग की है कि उच्च न्यायालय में विचाराधीन वाद का अंतिम निर्णय आने तक उन्हें 50 वर्षों के कब्जे से न हटाया जाए और खेती करने से न रोका जाए।
    user_Mangla Pandey
    Mangla Pandey
    Gyanpur, Bhadohi•
    18 hrs ago
  • दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों की मांगों को लेकर हुए प्रदर्शन और उन पर हुई पुलिस कार्रवाई की गूंज अब प्रयागराज तक पहुंच गई है। जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन और उसके बाद हुए पुलिस एक्शन का असर अब प्रयागराज में भी महसूस किया जा रहा है।
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    दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों की मांगों को लेकर हुए प्रदर्शन और उन पर हुई पुलिस कार्रवाई की गूंज अब प्रयागराज तक पहुंच गई है। जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन और उसके बाद हुए पुलिस एक्शन का असर अब प्रयागराज में भी महसूस किया जा रहा है।
    user_दिवाकर पाल
    दिवाकर पाल
    करछना, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • भदोही में कांवड़ यात्रा को लेकर की जा रही तैयारियों और व्यवस्थाओं के संबंध में जिलाधिकारी शैलेश कुमार ने जानकारी साझा की है। यात्रा के दौरान की गई प्रशासनिक व्यवस्थाओं और तैयारियों को लेकर भदोही के जिलाधिकारी शैलेश कुमार क्या कुछ कह रहे हैं, सुनिए।
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    भदोही में कांवड़ यात्रा को लेकर की जा रही तैयारियों और व्यवस्थाओं के संबंध में जिलाधिकारी शैलेश कुमार ने जानकारी साझा की है। यात्रा के दौरान की गई प्रशासनिक व्यवस्थाओं और तैयारियों को लेकर भदोही के जिलाधिकारी शैलेश कुमार क्या कुछ कह रहे हैं, सुनिए।
    user_Rajesh Tiwari
    Rajesh Tiwari
    Local News Reporter Gyanpur, Bhadohi•
    16 hrs ago
  • हम सलाम करते हैं आपके संघर्ष को बड़े भैया जी 🇳🇪🙏🙏🙏
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    हम सलाम करते हैं आपके संघर्ष को बड़े भैया जी 🇳🇪🙏🙏🙏
    user_Shubham kumar jatav
    Shubham kumar jatav
    करछना, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
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