उत्तर प्रदेश के भदोही जनपद स्थित कलनुआ गांव निवासी मंगला प्रसाद पाण्डेय ने 50 वर्षों से काबिज भूमि पर धान की रोपाई से रोके जाने के खिलाफ संबंधित अधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपा है। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि अदालती आदेशों के बावजूद विपक्षी पक्ष ने पुलिस बल के माध्यम से उन्हें शेष भूमि पर खेती करने से जबरन रोक दिया है। यह मामला गाटा संख्या 34 की लगभग 3 बीघा भूमि से जुड़ा है, जिसका पट्टा वर्ष 1967 में मंगला प्रसाद की दादी केवलपत्ति को मिला था। पीड़ित परिवार पिछले 50 वर्षों से इस भूमि पर काबिज है और खेती करता आ रहा है। इस भूमि को लेकर अनुसूचित जाति पक्ष के साथ वर्ष 2001 से माननीय उच्च न्यायालय में वाद विचाराधीन है। वर्ष 2010 में अदम पैरवी के कारण स्टे निरस्त होने के बाद रिकॉल प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया था, जो आज भी उच्च न्यायालय में लंबित है, जबकि प्रकरण बोर्ड ऑफ रेवेन्यू में भी चल रहा है। इसी दौरान रमाशंकर पुत्र साधु सरोज और अन्य चार व्यक्तियों पर चोरी-छिपे अवैध रूप से इस भूमि का पट्टा अपने नाम कराने का आरोप है। पीड़ित के अनुसार, वर्ष 1995 और वर्ष 2026 में मुंसिफ न्यायालय ज्ञानपुर द्वारा पारित आदेशों के बाद उन्होंने अपनी 3 बीघा भूमि में से लगभग 15 बिस्सा में धान की रोपाई कर ली थी। हालांकि, बिना अभिलेखों का समुचित परीक्षण किए और बिना उचित अवसर दिए एकतरफा कार्यवाही करते हुए उन्हें शेष भूमि पर रोपाई करने से रोक दिया गया। पीड़ित ने मांग की है कि उच्च न्यायालय में विचाराधीन वाद का अंतिम निर्णय आने तक उन्हें 50 वर्षों के कब्जे से न हटाया जाए और खेती करने से न रोका जाए।
उत्तर प्रदेश के भदोही जनपद स्थित कलनुआ गांव निवासी मंगला प्रसाद पाण्डेय ने 50 वर्षों से काबिज भूमि पर धान की रोपाई से रोके जाने के खिलाफ संबंधित अधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपा है। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि अदालती आदेशों के बावजूद विपक्षी पक्ष ने पुलिस बल के माध्यम से उन्हें शेष भूमि पर खेती करने से जबरन रोक दिया है। यह मामला गाटा संख्या 34 की लगभग 3 बीघा भूमि से जुड़ा है, जिसका पट्टा वर्ष 1967 में मंगला प्रसाद की दादी केवलपत्ति को मिला था। पीड़ित परिवार पिछले 50 वर्षों से इस भूमि पर काबिज है और खेती करता आ रहा है। इस भूमि को लेकर अनुसूचित जाति पक्ष के साथ वर्ष 2001 से माननीय उच्च न्यायालय में वाद विचाराधीन है। वर्ष 2010 में अदम पैरवी के कारण स्टे निरस्त होने के बाद रिकॉल प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया था, जो आज भी उच्च न्यायालय में लंबित है, जबकि प्रकरण बोर्ड ऑफ रेवेन्यू में भी चल रहा है। इसी दौरान रमाशंकर पुत्र साधु सरोज और अन्य चार व्यक्तियों पर चोरी-छिपे अवैध रूप से इस भूमि का पट्टा अपने नाम कराने का आरोप है। पीड़ित के अनुसार, वर्ष 1995 और वर्ष 2026 में मुंसिफ न्यायालय ज्ञानपुर द्वारा पारित आदेशों के बाद उन्होंने अपनी 3 बीघा भूमि में से लगभग 15 बिस्सा में धान की रोपाई कर ली थी। हालांकि, बिना अभिलेखों का समुचित परीक्षण किए और बिना उचित अवसर दिए एकतरफा कार्यवाही करते हुए उन्हें शेष भूमि पर रोपाई करने से रोक दिया गया। पीड़ित ने मांग की है कि उच्च न्यायालय में विचाराधीन वाद का अंतिम निर्णय आने तक उन्हें 50 वर्षों के कब्जे से न हटाया जाए और खेती करने से न रोका जाए।
- भदोही में कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा और कानून व्यवस्था को पूरी तरह चुस्त-दुरुस्त और चौकस रखा जाएगा। यात्रा के दौरान महिला कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए विशेष रूप से महिला पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने व्यवस्थाओं और तैयारियों को लेकर जानकारी दी है।1
- भदोही जनपद के कलनुआ गांव में धान की रोपाई रोकने से भारी क्षति का मामला सामने आया है। पीड़ित मंगला प्रसाद पाण्डेय ने बताया कि वर्ष 1967 में उनकी दादी श्रीमती केवलपत्ती को ग्राम सभा से गाटा संख्या 34 की लगभग 3 बीघा भूमि का पट्टा मिला था। उनका परिवार पिछले लगभग 50 वर्षों से इस भूमि पर लगातार खेती करता आ रहा है। वर्तमान में इस जमीन को लेकर मामला माननीय उच्च न्यायालय तथा बोर्ड ऑफ रेवेन्यू में विचाराधीन है। मंगला प्रसाद पाण्डेय का कहना है कि उन्होंने न्यायालयों के आदेशों के आधार पर अपनी जमीन में धान की रोपाई शुरू की थी, लेकिन शेष भूमि में रोपाई करने से उन्हें पुलिस की मौजूदगी में रोक दिया गया। उनका आरोप है कि अधिकारियों ने उनके अभिलेखों का समुचित परीक्षण किए बिना ही उन्हें खेती करने से रोक दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि उच्च न्यायालय के अंतिम निर्णय तक उन्हें वर्षों पुराने कब्जे वाली भूमि पर धान की रोपाई और खेती करने की अनुमति दी जाए तथा बेदखली की कोई कार्रवाई न की जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि उच्च न्यायालय का जो भी अंतिम फैसला होगा, वह उसे पूरी तरह से स्वीकार करेंगे।1
- उत्तर प्रदेश के भदोही जनपद स्थित कलनुआ गांव निवासी मंगला प्रसाद पाण्डेय ने 50 वर्षों से काबिज भूमि पर धान की रोपाई से रोके जाने के खिलाफ संबंधित अधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपा है। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि अदालती आदेशों के बावजूद विपक्षी पक्ष ने पुलिस बल के माध्यम से उन्हें शेष भूमि पर खेती करने से जबरन रोक दिया है। यह मामला गाटा संख्या 34 की लगभग 3 बीघा भूमि से जुड़ा है, जिसका पट्टा वर्ष 1967 में मंगला प्रसाद की दादी केवलपत्ति को मिला था। पीड़ित परिवार पिछले 50 वर्षों से इस भूमि पर काबिज है और खेती करता आ रहा है। इस भूमि को लेकर अनुसूचित जाति पक्ष के साथ वर्ष 2001 से माननीय उच्च न्यायालय में वाद विचाराधीन है। वर्ष 2010 में अदम पैरवी के कारण स्टे निरस्त होने के बाद रिकॉल प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया था, जो आज भी उच्च न्यायालय में लंबित है, जबकि प्रकरण बोर्ड ऑफ रेवेन्यू में भी चल रहा है। इसी दौरान रमाशंकर पुत्र साधु सरोज और अन्य चार व्यक्तियों पर चोरी-छिपे अवैध रूप से इस भूमि का पट्टा अपने नाम कराने का आरोप है। पीड़ित के अनुसार, वर्ष 1995 और वर्ष 2026 में मुंसिफ न्यायालय ज्ञानपुर द्वारा पारित आदेशों के बाद उन्होंने अपनी 3 बीघा भूमि में से लगभग 15 बिस्सा में धान की रोपाई कर ली थी। हालांकि, बिना अभिलेखों का समुचित परीक्षण किए और बिना उचित अवसर दिए एकतरफा कार्यवाही करते हुए उन्हें शेष भूमि पर रोपाई करने से रोक दिया गया। पीड़ित ने मांग की है कि उच्च न्यायालय में विचाराधीन वाद का अंतिम निर्णय आने तक उन्हें 50 वर्षों के कब्जे से न हटाया जाए और खेती करने से न रोका जाए।1
- श्रावण मेला और कांवड़ यात्रा-2026 को लेकर भदोही पुलिस पूरी तरह अलर्ट है। पुलिस अधीक्षक भदोही अभिनव त्यागी ने बताया कि कांवड़ श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम यातायात सुनिश्चित करने के लिए बड़े पैमाने पर व्यवस्था की गई है। यातायात को व्यवस्थित रखने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग पर कांवड़ियों के लिए अलग से लेन बनाई गई है। इसके अलावा 28 ट्रैफिक प्वाइंट और 3 चेक पोस्ट बनाए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल और पीएसी की तैनाती के साथ-साथ पूरे इलाके में सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जा रही है। क्षेत्र में यूपी-112 की लगातार गश्त जारी रहेगी और सोशल मीडिया की भी मॉनिटरिंग की जा रही है। पुलिस प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं और वाहन चालकों से जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने की अपील की है।1
- मिर्ज़ापुर में मानदेय की माँग को लेकर पैरावेट पशुमित्रों ने प्रदर्शन किया है। अपनी माँग के समर्थन में पैरावेट पशुमित्रों ने स्पष्ट रूप से टीकाकरण कार्य के बहिष्कार का ऐलान कर दिया है।1
- Post by Raju Yadav1
- भदोही में कांवड़ यात्रा को लेकर की जा रही तैयारियों और व्यवस्थाओं के संबंध में जिलाधिकारी शैलेश कुमार ने जानकारी साझा की है। यात्रा के दौरान की गई प्रशासनिक व्यवस्थाओं और तैयारियों को लेकर भदोही के जिलाधिकारी शैलेश कुमार क्या कुछ कह रहे हैं, सुनिए।1
- भदोही जनपद से एक बड़ी धमाकेदार खबर सामने आई है, जहाँ एक ट्रक चालक अचानक टावर पर चढ़ गया। चालक के टावर पर चढ़ने के चलते हाइवे पर जाम लग गया। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। हाइवे की स्थिति को संभालने और टावर पर चढ़े ट्रक चालक से जुड़े इस पूरे मामले को लेकर पुलिस को घंटों तक कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।1