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Raju Yadav
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- Post by Raju Yadav1
- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में फूलपुर स्थित इफको किसान सेवा केंद्र पर यूरिया और डीएपी खाद न मिलने से भड़के किसानों ने जमकर हंगामा किया और धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। पिछले कई दिनों से केंद्र का मुख्य सर्वर ठप होने के कारण किसानों को खाद उपलब्ध नहीं हो पा रही है, जिससे दिनभर लाइन में लगने के बाद भी उन्हें खाली हाथ वापस लौटना पड़ रहा है। खाद न मिलने से नाराज किसानों ने केंद्र के बाहर जोरदार नारेबाजी की और खाद की कालाबाजारी तथा धांधली का आरोप लगाया।1
- भदोही में कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा और कानून व्यवस्था को पूरी तरह चुस्त-दुरुस्त और चौकस रखा जाएगा। यात्रा के दौरान महिला कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए विशेष रूप से महिला पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने व्यवस्थाओं और तैयारियों को लेकर जानकारी दी है।1
- प्रयागराज में गुरुवार को बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन करते हुए जोरदार नारेबाजी की। इस दौरान अधिवक्ताओं ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ हुए दुर्व्यवहार और लाठीचार्ज की कड़े शब्दों में निंदा की। अधिवक्ताओं ने कहा कि अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग करना लोकतंत्र के सिद्धांतों के पूरी तरह खिलाफ है। प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने "छात्र एकता जिंदाबाद", "ताना शाही नहीं चलेगी" और "जंतर-मंतर की घटना शर्मनाक है" के नारे लगाए। अधिवक्ताओं ने सरकार से मांग की है कि छात्रों की जायज मांगों को तुरंत स्वीकार किया जाए और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। अधिवक्ताओं ने चेतावनी भी दी कि अगर छात्रों की समस्याओं का जल्द समाधान नहीं निकाला गया, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे और सड़कों पर उतरकर छात्रों का समर्थन करेंगे।1
- प्रयागराज में गुरुवार को अधिवक्ताओं ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ हुए दुर्व्यवहार और लाठीचार्ज के खिलाफ विरोध जताया। बड़ी संख्या में एकत्र हुए अधिवक्ताओं ने छात्रों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की और इस पूरी घटना की कड़े शब्दों में निंदा की। अधिवक्ताओं का स्पष्ट कहना है कि अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग करना लोकतंत्र के खिलाफ है। विरोध प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने "छात्र एकता जिंदाबाद", "ताना शाही नहीं चलेगी" और "जंतर-मंतर की घटना शर्मनाक है" जैसे नारे लगाए। अधिवक्ताओं ने सरकार से मांग की है कि छात्रों की जायज मांगों को तुरंत माना जाए और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि वह छात्रों से सीधे संवाद कर समस्या का समाधान निकाले। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि छात्रों की समस्याओं का समाधान जल्द नहीं हुआ, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे तथा सड़कों पर उतरकर छात्रों का समर्थन करेंगे।1
- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले की हंडिया तहसील क्षेत्र के छात्र और उनके अभिभावक विभिन्न शैक्षणिक, प्रशासनिक और स्थानीय मुद्दों के समाधान की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस आंदोलन में हंडिया के जगदीशपुर, भारत धर्मपुर, कटरा, कटहरा, मड़वा, वारी, बिठौली रोड और सुरियावां रोड क्षेत्र के विद्यार्थी, उनके माता-पिता और स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में भाग ले रहे हैं। जंतर-मंतर के साथ-साथ हंडिया तहसील मुख्यालय पर भी स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर प्रदर्शन और विरोध मार्च का आयोजन किया जा रहा है। प्रदर्शन और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली और प्रयागराज दोनों ही स्थानों पर भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है। जंतर-मंतर और हंडिया तहसील के आसपास सुरक्षा घेराबंदी किए जाने से रास्तों पर यातायात और आम आवाजाही प्रभावित हुई है। प्रदर्शन स्थल पर सुरक्षा बलों और आंदोलनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक के बाद तनाव का माहौल बना हुआ है। स्थानीय प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने और कानून-व्यवस्था का पालन करने की अपील की है। वहीं, छात्र संगठनों और अभिभावकों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें जल्द नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और अधिक व्यापक बनाया जाएगा। क्षेत्र की इस संवेदनशील स्थिति पर मीडिया और स्थानीय प्रशासन की नजर बनी हुई है।1