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दिल्ली के शाहदरा रेलवे स्टेशन पर ₹14 एमआरपी (MRP) वाली रेल नीर पानी की बोतल ₹20 में दी जा रही है। सिर्फ शाहदरा ही नहीं, बल्कि दिल्ली रेलवे स्टेशन से लेकर दिल्ली के आनंद विहार रेलवे स्टेशन पर भी सामानों को तय एमआरपी से अधिक कीमत पर दिया जा रहा है। रेलवे यात्रियों (पब्लिक) के लिए पानी की बोतल से जुड़े इस मुद्दे पर गहरी नाराजगी व्यक्त की गई है और सवाल उठाया गया है कि पता नहीं हमारी सरकार इस ओर क्या ध्यान दे रही है।
RAJA SINGH RAJPUTANA
दिल्ली के शाहदरा रेलवे स्टेशन पर ₹14 एमआरपी (MRP) वाली रेल नीर पानी की बोतल ₹20 में दी जा रही है। सिर्फ शाहदरा ही नहीं, बल्कि दिल्ली रेलवे स्टेशन से लेकर दिल्ली के आनंद विहार रेलवे स्टेशन पर भी सामानों को तय एमआरपी से अधिक कीमत पर दिया जा रहा है। रेलवे यात्रियों (पब्लिक) के लिए पानी की बोतल से जुड़े इस मुद्दे पर गहरी नाराजगी व्यक्त की गई है और सवाल उठाया गया है कि पता नहीं हमारी सरकार इस ओर क्या ध्यान दे रही है।
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- पश्चिम चंपारण के रामनगर प्रखंड स्थित बड़ा बेलवा गांव के समीप मसान नदी के किनारे एक बाघ ने गाय के बछड़े को अपना शिकार बना लिया है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत फैल गई है और ग्रामीणों के बीच भय का माहौल बना हुआ है। जानकारी के अनुसार, बुधवार शाम कृष्णा यादव अपने मवेशियों को चराने के लिए मसान नदी के किनारे गए थे। इसी दौरान वहां पहले से घात लगाकर बैठे बाघ ने अचानक हमला कर गाय के बछड़े को दबोच लिया, जिससे आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने फौरन इसकी सूचना वन विभाग के राघिया रेंज कार्यालय को दी, जिसके बाद मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने बाघ की ट्रैकिंग शुरू कर दी है। वन अधिकारियों के मुताबिक, यह बाघ पिछले करीब एक सप्ताह से रिहायशी इलाके के आसपास लगातार देखा जा रहा है, जिससे लोगों की चिंता बढ़ गई है। वन विभाग ने ग्रामीणों से अकेले जंगल या नदी किनारे न जाने और मवेशियों को खुले में न छोड़ने की अपील की है। लगातार रिहायशी इलाकों में बाघ की इस मौजूदगी ने लोगों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और अब सबकी निगाहें वन विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं।1
- रोहित शर्मा साल 2027 के वर्ल्ड कप में खेलेंगे।1
- सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 20 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं. इस आंदोलन की शुरुआत कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने की थी, जिसमें पिछले महीने 28 जून को सोनम वांगचुक भी शामिल हो गए थे. प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितता के मामले में कॉकरोच जनता पार्टी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांग रही है. हालांकि, इस अनशन को लेकर केंद्र सरकार बहुत हरकत में नहीं दिख रही है, लेकिन सोनम वांगचुक के इस आंदोलन की चर्चा अंतरराष्ट्रीय मीडिया में अच्छी-खासी हो रही है.1
- बिहार के सुगौली क्षेत्र से होकर प्रवाहित होने वाली सिकरहना नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण पानी वहां बने एक अर्धनिर्मित बांध से बेहद तेजी से बाहर निकल रहा है।1
- बिहार के पूर्वी चंपारण के मोतिहारी में प्रशांत किशोर ने बंटी यादव के परिजनों से मुलाकात की है। परिजनों से मिलने के बाद उन्होंने बड़ा बयान देते हुए कहा कि उनके आँसुओं का हिसाब लिया जाएगा और न्याय की लड़ाई अब और भी तेज होगी। इस बयान के सामने आने के बाद से पूरे क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक चर्चाएं बेहद तेज हो गई हैं।1
- चनपटिया के पकड़ीहार (वार्ड-14) में सिकरहना नदी किनारे और रिहायशी इलाके के पास नगर पंचायत द्वारा कचरा डंप किए जाने के विरोध में शुक्रवार की दोपहर ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि इससे नदी प्रदूषित हो रही है, दुर्गंध फैल रही है और आसपास की खेती योग्य भूमि के बंजर होने का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों ने नगर पंचायत पर सफाई एजेंसी से मिलीभगत का आरोप लगाते हुए आबादी से दूर वैज्ञानिक डंपिंग यार्ड बनाने की मांग की है। उनका कहना है कि सफाई और कचरा प्रबंधन पर हर माह 20 लाख रुपये से अधिक खर्च होने के बावजूद व्यवस्था संतोषजनक नहीं है। पूर्व पार्षद कुंती देवी सहित कई ग्रामीणों ने बताया कि छठ घाट के पास कचरा डंप होने से लोगों की आस्था और जनस्वास्थ्य दोनों प्रभावित हो रहे हैं। वहीं, नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) हेमंत कुमार ने कहा कि शिकायत मिलने के बाद संबंधित स्थान पर फिलहाल कचरा डंपिंग बंद करा दी गई है और आगे स्थायी समाधान की दिशा में कार्रवाई की जाएगी।1
- पश्चिम चंपारण के बेतिया अंतर्गत गौनाहा प्रखंड की बेलसंडी पंचायत में स्थित राजकीय मध्य विद्यालय बेलसंडी इन दिनों तालाब का रूप ले चुका है। विद्यालय का पूरा प्रांगण और मुख्य प्रवेश मार्ग पूरी तरह जलमग्न हो गया है। हालात इस कदर खराब हैं कि बच्चों को घुटने भर गंदे पानी और कीचड़ से होकर स्कूल जाना पड़ रहा है, जिससे उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य दोनों पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। विद्यालय परिसर में जलनिकासी की कोई समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण पंचायत भवन से लेकर विद्यालय तक मुख्य सड़क पर पानी जमा है। इससे न केवल स्कूली बच्चों, बल्कि आम लोगों को भी आने-जाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस जलभराव के कारण पढ़ाई भी बुरी तरह प्रभावित हो रही है और कई बच्चों के लिए कक्षाओं तक पहुंचना बेहद मुश्किल हो गया है। हैरानी की बात यह है कि इसी विद्यालय परिसर में 7 जुलाई 2026 को सहयोग शिविर का आयोजन हुआ था, जिसमें मंत्री, जिलाधिकारी (डीएम), उप विकास आयुक्त (डीडीसी) सहित जिला और प्रखंड के कई वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे थे। उस समय भी पूरा परिसर कीचड़ और जलभराव से घिरा हुआ था, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों के निरीक्षण के बावजूद आज तक समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने प्रशासन की इस उदासीनता पर गहरा आक्रोश जताते हुए तत्काल जलनिकासी कराने और विद्यालय परिसर को जलभराव से मुक्त कराने की मांग की है।1
- विजय थलपति ने हिंदुओं के लिए बहुत बड़ी आवाज उठाई है। जो काम नेता लोग इतने सालों में भी नहीं कर पाए, उसे विजय थलपति ने महज 10 दिनों में ही करके दिखा दिया है। इतने सालों बाद हिंदुओं के लिए इस तरह की बड़ी आवाज उठाई गई है।1