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डिंडोरी जिले की ग्राम पंचायत छांटा के बैगान टोला निवासी ग्रामीण डिंडोरी कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर अंजू पवन भदोरिया से वन अधिकार पट्टा प्रदान करने की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि वे 1992 से वन विभाग की शासकीय जमीन पर रहते हुए खेती-बाड़ी कर अपना जीवन यापन कर रहे हैं। उन्होंने सरकार की योजना के तहत उन्हें वन अधिकार पट्टा दिए जाने का अनुरोध किया। कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीणों ने यह भी बताया कि वे एक विशेष जाति से आते हैं और उन्होंने मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार से सभी बैगा परिवारों को वन अधिकार पट्टा दिए जाने की अपील की।
Pradeep singh Rajput
डिंडोरी जिले की ग्राम पंचायत छांटा के बैगान टोला निवासी ग्रामीण डिंडोरी कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर अंजू पवन भदोरिया से वन अधिकार पट्टा प्रदान करने की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि वे 1992 से वन विभाग की शासकीय जमीन पर रहते हुए खेती-बाड़ी कर अपना जीवन यापन कर रहे हैं। उन्होंने सरकार की योजना के तहत उन्हें वन अधिकार पट्टा दिए जाने का अनुरोध किया। कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीणों ने यह भी बताया कि वे एक विशेष जाति से आते हैं और उन्होंने मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार से सभी बैगा परिवारों को वन अधिकार पट्टा दिए जाने की अपील की।
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- डिंडोरी के नर्मदा डैम घाट पर आयोजित ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर में बच्चों को राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीम ने आपदा प्रबंधन और तैराकी का गहन प्रशिक्षण प्रदान किया। टीम लीडर सब इंस्पेक्टर शिवराज पेंद्रो के नेतृत्व में, बच्चों को लाइफ जैकेट पहनने का सही तरीका सिखाया गया और नदी में सुरक्षित तैराकी का अभ्यास कराया गया। प्रशिक्षण के दौरान, प्रतिभागियों को बाढ़ और जल दुर्घटनाओं के समय बचाव के उपाय, डूबते हुए व्यक्ति की मदद करने के तरीके, और रस्सी की सहायता से लोगों को सुरक्षित निकालने की विभिन्न तकनीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। खेल प्रशिक्षक चेतराम अहिरवार ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह का प्रशिक्षण बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाता है और उन्हें आपातकालीन परिस्थितियों का सामना करने के लिए तैयार करता है। इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान एसडीआरएफ और खेल विभाग के कई अधिकारी-कर्मचारी भी उपस्थित रहे।1
- डिंडोरी जिले में नगरीय प्रशासन पुलिस के सहयोग से जिला मुख्यालय रानी अवंतीबाई चौराहा राज्य परिवहन बस स्टैंड प्रांगण और मुख्य मार्ग के किनारे अवैध रूप से लगाई गई दुकानों को हटाने की कार्रवाई कर रहा है। नगर परिषद डिंडोरी ने प्रतिबंधित क्षेत्र मुख्य मार्ग पर दुकान चलाने वाले अतिक्रमणकारियों को तत्काल दुकानें हटाने के निर्देश जारी किए हैं। जिला प्रशासन और नगरीय प्रशासन, पुलिस विभाग के साथ मिलकर मुख्य मार्ग के दोनों ओर तथा राज्य परिवहन बस स्टैंड प्रांगण और रानी अवंतीबाई स्मारक स्थल को अतिक्रमण मुक्त रखने का प्रयास कर रहे हैं। इन स्थानों पर बिना अनुमति दुकानें संचालित करने वाले छोटे व्यापारियों को विभागीय कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। मुख्य मार्ग के किनारे चलने वाली इन दुकानों से यातायात बाधित होता है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है और आवागमन में राहगीरों व वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इन समस्याओं के निवारण के लिए नगर परिषद डिंडोरी ने मुख्य मार्ग से दुकान संचालन की एक निश्चित दूरी तय की है। यदि संबंधित दुकानदार इन निर्देशों का पालन नहीं करते हैं, तो नगरीय प्रशासन द्वारा उनकी संपत्ति और सामग्री ज़ब्त करने की कड़ी कार्रवाई की जाएगी।1
- डिंडौरी जिले की कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने ग्राम पंचायत घुसिया माल के ढीमरटोला में पेयजल की लंबी समस्या का त्वरित समाधान कर प्रशासनिक संवेदनशीलता का एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया। यह कार्रवाई तब हुई जब कुछ दिन पूर्व ढीमरटोला के ग्रामीण पेयजल संकट को लेकर जनसुनवाई में कलेक्टर के पास पहुँचे थे। समस्या की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को दो दिनों के भीतर व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए थे और इन्हीं निर्देशों के क्रियान्वयन का जायजा लेने वे स्वयं गांव पहुँचीं। ग्रामीणों ने बताया कि पानी की कमी के कारण उन्हें कुओं में उतरकर पानी भरना पड़ रहा था। स्थिति का प्रत्यक्ष अवलोकन करने के बाद, कलेक्टर ने खराब पड़े बोरवेल में अपने समक्ष एक नया पंप लगवाकर उसे चालू कराया और घर-घर पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं भी करवाईं। उन्होंने स्वयं बोरवेल का पानी पीकर उसकी गुणवत्ता जाँची और बच्चों को भी पानी पिलाया। ग्रामीणों की सुविधा के लिए दो-दो हजार लीटर क्षमता की दो पानी टंकियां भी स्थापित की गईं और कम वोल्टेज की समस्या सामने आने पर तत्काल स्टेबलाइजर लगाने के निर्देश देकर व्यवस्था को सुचारु बनाया गया। इस दौरान उन्होंने जल जीवन मिशन के अंतर्गत किए गए कार्यों का निरीक्षण भी किया। कलेक्टर की इस मौजूदगी और त्वरित निर्णयों से गांव में उत्साह का माहौल बन गया, जहाँ ग्रामीणों ने पहली बार किसी वरिष्ठ अधिकारी को मौके पर खड़े होकर समस्या का समाधान करते देखा। ग्रामीणों को संबोधित करते हुए, कलेक्टर ने गर्मी के मौसम में पानी के सदुपयोग की अपील की और मोटर संचालन की जिम्मेदारी किसी जिम्मेदार व्यक्ति को सौंपने का सुझाव दिया ताकि पूरे गांव को समय पर पर्याप्त पानी मिल सके। निरीक्षण के दौरान, कलेक्टर ने जल संरक्षण का संदेश भी दिया। उन्होंने ग्रामीणों को सोखता टैंक निर्माण की जानकारी दी और उन्हें घरों में ऐसे टैंक बनाने के लिए प्रेरित किया, यह समझाते हुए कि इससे भूजल स्तर संरक्षित रहेगा और वर्षा जल संचयन को भी बढ़ावा मिलेगा। इस अवसर पर रामबाबू देवांगन, सुंदरलाल यादव, चेतराम अहिरवार, प्रमोद उपाध्याय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। कलेक्टर की इस पहल ने न केवल पेयजल संकट का समाधान किया, बल्कि प्रशासन और ग्रामीणों के बीच विश्वास की एक नई मिसाल भी कायम की है।2
- समनापुर क्षेत्र में नौतपा के दौरान हुई बारिश ने गर्मी का असर काफी कम कर दिया है। इस बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली है। किसान भी इस बारिश को फायदेमंद मान रहे हैं, क्योंकि इससे खेतों में नमी बढ़ी है और आगामी खरीफ सीजन की तैयारियों में भी मदद मिलेगी।1
- डिंडोरी जिले में नौतपा के दौरान पड़ रही भीषण गर्मी और उमस के बीच, शनिवार शाम करीब 5:00 बजे मौसम ने अचानक करवट बदली। मोहदा छांटा क्षेत्र में तेज आंधी-तूफान के साथ जोरदार बारिश शुरू हो गई, जिससे कुछ समय के लिए जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। दिनभर तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो रहा था, और तापमान लगातार ऊंचे स्तर पर बना हुआ था, जिससे आमजन गर्मी से काफी परेशान थे। शाम को अचानक आसमान में काले बादल छा गए और तेज हवाओं के साथ बारिश होने लगी। इस दौरान कई स्थानों पर लोगों को सुरक्षित जगहों पर भागना पड़ा, जबकि बाजारों और सड़कों पर आवाजाही प्रभावित हुई। तेज हवा के कारण पेड़ों की डालियां झूमने लगीं और कुछ क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति भी बाधित होने की सूचना मिली। हालांकि, इस अचानक हुई बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है। बारिश के बाद तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई, जिससे मौसम सुहावना हो गया, और किसानों व ग्रामीणों ने भी इस बारिश को गर्मी से राहत देने वाला बताया।2
- डिंडोरी जिले के समनापुर जनपद अंतर्गत देवलपुर गांव इस समय पीने के पानी की गंभीर समस्या से जूझ रहा है, जिससे गांव में त्राहि-त्राहि मची हुई है। गांव के सयाना मुखिया ने ब्लॉक कार्यालय पहुंचकर चेतावनी दी है कि एक सप्ताह पहले सूचना देने के बावजूद हैंडपंप नहीं बनाया गया है। ग्रामीणों की ओर से मुखिया ने प्रशासन से सवाल किया है कि पीने के पानी के लिए वे अब कहां जाएं।2
- एक बिजली के खंभे का तार नीचे झूल रहा है, जिसके कारण उसके सुधार कार्य की आवश्यकता है।1
- डिंडोरी जिला मुख्यालय स्थित शांति धाम में गंभीर अव्यवस्थाएं फैली हुई हैं, जिसके लिए नगरीय प्रशासन की घोर लापरवाही को मुख्य कारण बताया जा रहा है। इस उपेक्षा के चलते शांति धाम में असामाजिक तत्वों का डेरा जम गया है। असामाजिक तत्वों द्वारा शांति धाम के भीतर अवैध गतिविधियां भी संचालित की जा रही हैं, जिससे इलाके की शांति भंग होने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है। देखरेख के अभाव में, यहाँ बैठक के लिए लगाई गई रेस्टिंग चेयर भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो रही हैं और परिसर में भारी मात्रा में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। इतना ही नहीं, छाँव के लिए बनाए गए टिन शेड से भी लगातार टिन की चादरें गायब हो रही हैं। यह स्थिति इस सवाल को जन्म देती है कि जिला मुख्यालय के एकमात्र शांति धाम होने के बावजूद नगर परिषद डिंडोरी द्वारा इस पर नियमित रूप से ध्यान क्यों नहीं दिया जा रहा है। शांति धाम में व्याप्त इन अव्यवस्थाओं के मद्देनजर, क्षेत्रीय लोगों ने सुरक्षा कारणों से यहाँ एक चौकीदार की नियुक्ति की तत्काल मांग की है।1