उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर में नगर कोतवाली की शाहगंज पुलिस चौकी में भाजपा नेत्री पूजा कसौधन द्वारा एक व्यक्ति को पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में थप्पड़ मारने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में चौकी प्रभारी मूकदर्शक बने हुए दिखाई दे रहे हैं, जबकि कथित तौर पर भाजपा नेत्री थप्पड़ मारने के बाद यह कहते हुए भी सुनाई देती हैं कि 'अब तुम अपनी औकात भूल जाओगे'। इस वायरल वीडियो की प्रामाणिकता पर सवाल उठाते हुए, यह घटना केवल एक थप्पड़ तक सीमित नहीं है, बल्कि कानून के सम्मान और उसकी धज्जियां उड़ाने का गंभीर प्रश्न खड़ा करती है। मूल प्रश्न यह है कि क्या किसी राजनीतिक पद या प्रभाव के बल पर पुलिस चौकी के भीतर किसी के साथ अभद्रता और मारपीट की जा सकती है, और यदि ऐसा हुआ तो पुलिस की भूमिका केवल तमाशबीन बनने की क्यों रही। यह भी बताया गया है कि संबंधित भाजपा नेत्री पहले भी कई विवादों को लेकर चर्चा में रही हैं, जिससे यह घटना और भी गंभीर सवाल खड़े करती है। अब सबकी निगाहें पुलिस प्रशासन और भाजपा संगठन दोनों पर टिकी हैं, यह देखने के लिए कि क्या इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई होगी या राजनीतिक दबाव में इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।
उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर में नगर कोतवाली की शाहगंज पुलिस चौकी में भाजपा नेत्री पूजा कसौधन द्वारा एक व्यक्ति को पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में थप्पड़ मारने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में चौकी प्रभारी मूकदर्शक बने हुए दिखाई दे रहे हैं, जबकि कथित तौर पर भाजपा नेत्री थप्पड़ मारने के बाद यह कहते हुए भी सुनाई देती हैं कि 'अब तुम अपनी औकात भूल जाओगे'। इस वायरल वीडियो की प्रामाणिकता पर सवाल उठाते हुए, यह घटना केवल एक थप्पड़ तक सीमित नहीं है, बल्कि कानून के सम्मान और उसकी धज्जियां उड़ाने का गंभीर प्रश्न खड़ा करती है। मूल प्रश्न यह है कि क्या किसी राजनीतिक पद या प्रभाव के बल पर पुलिस चौकी के भीतर किसी के साथ अभद्रता और मारपीट की जा सकती है, और यदि ऐसा हुआ तो पुलिस की भूमिका केवल तमाशबीन बनने की क्यों रही। यह भी बताया गया है कि संबंधित भाजपा नेत्री पहले भी कई विवादों को लेकर चर्चा में रही हैं, जिससे यह घटना और भी गंभीर सवाल खड़े करती है। अब सबकी निगाहें पुलिस प्रशासन और भाजपा संगठन दोनों पर टिकी हैं, यह देखने के लिए कि क्या इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई होगी या राजनीतिक दबाव में इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।
- सुल्तानपुर जिले के लम्भुआ में वकीलों ने उपजिलाधिकारी प्रीति जैन पर अभद्रता का गंभीर आरोप लगाया है। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रामसागर पाठक ने बताया कि उपजिलाधिकारी ने अधिवक्ता भएन्द्र जीत यादव के साथ अभद्र व्यवहार किया और उन्हें कोर्ट से बाहर निकल जाने के लिए कहा। इस घटना से आक्रोशित वकीलों ने 'उपजिलाधिकारी लम्भुआ मुर्दाबाद' के नारे लगाए और प्रदर्शन किया। अधिवक्ता सुषमा पाल और अन्य पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उपजिलाधिकारी पर उचित कार्यवाही नहीं की जाती, तब तक सभी अधिवक्ता न्यायिक कार्यों से विरत रहेंगे। बार एसोसिएशन के सचिव ने यह भी आरोप लगाया कि उपजिलाधिकारी के न्यायालय में आदेश पारित होने के बावजूद महीनों तक कोई कार्यवाही नहीं होती है, जिससे आम जनता को बेवजह परेशान होना पड़ता है। वकीलों ने इसे घोर लापरवाही बताते हुए न्याय की मांग की है।1
- सुलतानपुर के गोसाईगंज थाना क्षेत्र में 29 जून को युवक आजाद वर्मा की मौत के मामले में पुलिस ने एक सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि आजाद की मौत किसी हमले में नहीं हुई थी, बल्कि स्कॉर्पियो में नई अवैध पिस्टल चलाने के दौरान हुई एक्सीडेंटल फायरिंग के कारण हुई थी। गोली स्कॉर्पियो की सीट को चीरते हुए आजाद की कमर में लगी थी, जिससे उनकी जान चली गई। पुलिस के अनुसार, इस घटना के बाद आजाद के तीनों साथी घायल युवक को लेकर इधर-उधर घूमते रहे और बाद में सुलतानपुर होते हुए लखनऊ पहुंचे। इस दौरान, कथित तौर पर घटना को एक दूसरा रूप देने के लिए सोशल मीडिया पर भ्रामक वीडियो भी वायरल कराए गए, जिससे एक झूठी कहानी गढ़ी जा सके। वैज्ञानिक साक्ष्यों और तकनीकी जांच के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दो आरोपियों अभिषेक वर्मा पुत्र विजय बहादुर और अभिषेक वर्मा पुत्र रामजनक को लखनऊ के पीजीआई क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। उनकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त काली स्कॉर्पियो बरामद हुई, जिसमें अवैध पिस्टल, खोखा कारतूस, खून के निशान और सीट पर गोली के प्रवेश व निकास के स्पष्ट निशान मिले। पुलिस ने दोनों गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है, जबकि मामले में शामिल तीसरे फरार आरोपी की तलाश जारी है। इस मामले में आगे की विवेचना और विधिक कार्रवाई प्रक्रियाधीन है।1
- 8 जुलाई को हुई एक दुर्घटना के संबंध में क्षेत्राधिकारी द्वारा प्रदान की गई जानकारी को भ्रामक और मिथ्या बताया गया है। शिकायत के अनुसार, अधिकारी ने दुर्घटना का जो समय बताया, वह गलत है; वास्तविक घटना 1:00 बजे हुई थी। साथ ही, जिस व्यक्ति की दुर्घटना में मृत्यु हुई, वह ऑल सैंट स्कूल में कंडक्टर के रूप में कार्यरत थे। अधिकारियों द्वारा इस प्रकार की गलत और भ्रामक सूचना का दिया जाना बिल्कुल भी उचित नहीं है।1
- सुलतानपुर के गोसाईगंज थाना क्षेत्र में 29 जून को आजाद वर्मा की मौत के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि आजाद की मौत किसी हमले या साजिश का परिणाम नहीं, बल्कि एक स्कॉर्पियो में अवैध पिस्टल चलाने के दौरान हुई एक्सीडेंटल फायरिंग के कारण हुई थी। जब युवक गाड़ी में मौजूद नई अवैध पिस्टल का परीक्षण कर रहे थे, तब अचानक चली एक गोली सीट को चीरते हुए आजाद वर्मा की कमर में जा लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना के बाद आरोपी उन्हें अस्पताल ले जाने के बजाय इधर-उधर घुमाते रहे और अंततः लखनऊ ले गए। पुलिस की जांच में यह भी स्पष्ट हुआ है कि आरोपियों ने घटना को छिपाने और पुलिस को गुमराह करने के लिए सोशल मीडिया पर भ्रामक वीडियो और झूठी कहानियां फैलाई थीं। वैज्ञानिक साक्ष्यों, फॉरेंसिक जांच और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने अभिषेक वर्मा पुत्र विजय बहादुर और अभिषेक वर्मा पुत्र रामजनक को लखनऊ के पीजीआई क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त काली स्कॉर्पियो, अवैध पिस्टल, कारतूस का खोखा और सीट पर मौजूद खून के निशान व गोली के प्रवेश-निकास के साक्ष्य बरामद किए गए हैं। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है, जबकि घटना में शामिल तीसरे आरोपी की तलाश में दबिश दी जा रही है। सुलतानपुर पुलिस का कहना है कि विवेचना जारी है और फरार आरोपी की गिरफ्तारी के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इस खुलासे ने यह साबित कर दिया है कि वैज्ञानिक जांच के सामने सोशल मीडिया पर रची गई कोई भी झूठी कहानी टिक नहीं सकती।1
- सुल्तानपुर जिले के गोसाईगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कारी बहार गांव में मृतक बादल वर्मा से जुड़े मामले में पुलिस प्रशासन द्वारा एक बाइट जारी की गई है। पुलिस प्रशासन ने इस मामले को लेकर अपना बयान दिया है।1
- सुल्तानपुर के चांदा क्षेत्र के सोनवा गांव में गुरुवार दोपहर बिजली के खंभे पर चढ़े एक युवक को अचानक करंट लग गया, जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घायल युवक की पहचान सोनवा थाना चांदा निवासी 30 वर्षीय जियालाल निषाद पुत्र राजाराम निषाद के रूप में हुई। बताया गया है कि जियालाल दैनिक मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता है और गुरुवार दोपहर किसी कार्य से बिजली के खंभे पर चढ़ा था, तभी वह करंट की चपेट में आ गया। ग्रामीणों ने तत्काल उसे खंभे से नीचे उतारकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रतापपुर कमैचा पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसका उपचार किया। युवक की हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है।3