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हाथरस के अग्निवीर सचिन पौनियां को शहीद का दर्जा, 7 माह बाद गांव में दी गई श्रद्धांजलि..... हाथरस के मुरसान क्षेत्र के गांव करील निवासी अग्निवीर सचिन पौनियां को उत्तराखंड आपदा में लापता होने के सात महीने बाद शहीद का दर्जा दिया गया। सोमवार को उनके पैतृक गांव में सेना की टुकड़ी ने पहुंचकर सलामी दी और भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। 23 वर्षीय सचिन 5 अगस्त 2025 को धराली क्षेत्र में बादल फटने की घटना के दौरान बचाव कार्य में लापता हो गए थे। प्रशासन द्वारा अनंतिम रूप से मृत घोषित किए जाने के बाद अब उन्हें आधिकारिक शहीद का सम्मान मिला है। गांव में शोक के साथ गर्व का माहौल है और बड़ी संख्या में लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे।
Sunil kumar
हाथरस के अग्निवीर सचिन पौनियां को शहीद का दर्जा, 7 माह बाद गांव में दी गई श्रद्धांजलि..... हाथरस के मुरसान क्षेत्र के गांव करील निवासी अग्निवीर सचिन पौनियां को उत्तराखंड आपदा में लापता होने के सात महीने बाद शहीद का दर्जा दिया गया। सोमवार को उनके पैतृक गांव में सेना की टुकड़ी ने पहुंचकर सलामी दी और भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। 23 वर्षीय सचिन 5 अगस्त 2025 को धराली क्षेत्र में बादल फटने की घटना के दौरान बचाव कार्य में लापता हो गए थे। प्रशासन द्वारा अनंतिम रूप से मृत घोषित किए जाने के बाद अब उन्हें आधिकारिक शहीद का सम्मान मिला है। गांव में शोक के साथ गर्व का माहौल है और बड़ी संख्या में लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे।
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- ईद मिलन कार्यक्रम का हुआ आयोजन ।4
- हाथरस के मुरसान क्षेत्र के गांव करील निवासी अग्निवीर सचिन पौनियां को उत्तराखंड आपदा में लापता होने के सात महीने बाद शहीद का दर्जा दिया गया। सोमवार को उनके पैतृक गांव में सेना की टुकड़ी ने पहुंचकर सलामी दी और भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। 23 वर्षीय सचिन 5 अगस्त 2025 को धराली क्षेत्र में बादल फटने की घटना के दौरान बचाव कार्य में लापता हो गए थे। प्रशासन द्वारा अनंतिम रूप से मृत घोषित किए जाने के बाद अब उन्हें आधिकारिक शहीद का सम्मान मिला है। गांव में शोक के साथ गर्व का माहौल है और बड़ी संख्या में लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे।1
- 📍 इगलास में आज लगे सम्पूर्ण समाधान दिवस में… ऐसे ही कई चेहरे दिखे… कुछ थके हुए… कुछ उम्मीद से भरे हुए… कोई अपनी ज़मीन के लिए आया था… तो कोई न्याय की तलाश में… डीएम संजीव रंजन और एसएसपी नीरज कुमार जादौन ने… हर फरियादी की बात सुनी… धैर्य से… संवेदनशीलता के साथ… लेकिन… 👉 34 शिकायतों में से सिर्फ 8 का ही निस्तारण हो सका… बाकी लोग… अपनी फाइलों के साथ… फिर एक इंतज़ार लेकर लौट गए… सबसे ज्यादा शिकायतें… राजस्व विभाग से थीं… जहां अक्सर कागज़ों में उलझ जाती हैं ज़िंदगियां… डीएम ने कहा— “हर समस्या का समाधान होगा… और न्याय में देरी… अब बर्दाश्त नहीं होगी…” पर सवाल अब भी वही है… क्या इन चेहरों पर अगली बार मुस्कान होगी… या फिर उम्मीदें… फिर किसी तारीख पर टल जाएंगी…1
- Post by AP NEWS NEWS1
- इगलास तहसील सभागार में आज आयोजित हुआ संपूर्ण समाधान दिवस. डीएम अलीगढ़ राजीव रंजन व एसएसपी नीरज जादौन ने सुनी फरियादियों की शिकायतें. वहीं डीएम अलीगढ़ ने अपने सभी अधीनस्थ अधकारियों निर्देश देते हुए कहा की संपूर्ण समाधान दिवस में आने वाली शिकायतों का 7 दिवस के अंदर निस्तारण होना चाहिए. कोई भी फरियादी तहसील व दफ्तरों के चक्कर लगाता ना घूमे. वहीं आज संपूर्ण समाधान दिवस में सभी विभागों से कुल 34 शिकायतें प्राप्त हुई हैं. जिनमें से कुछ शिकायतों पर निस्तारण कराने के लिए टीम को भेजा गया है. वहीं पुलिस से संबंधित शिकायतों को एसएसपी अलीगढ़ द्वारा सुनकर उनका निस्तारण कराया है. बतादें की शनिवार को ईद की छुट्टी होने के कारण आज सोमवार को तहसील इगलास के सभागार में संपूर्ण समाधान दिवस आयोजित हुआ है.1
- सासनी । तहसील सासनी के सभागार में सोमवार को 'तहसील संपूर्ण समाधान दिवस' का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी (DM) अतुल वत्स और पुलिस अधीक्षक (SP) चिरंजीवी नाथ सिन्हा ने संयुक्त रूप से की। समाधान दिवस के दौरान कुल आठ शिकायतें दर्ज की गईं, जिन्हें संबंधित विभागों के अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए सौंप दिया गया। जिलाधिकारी अतुल वत्स ने उपस्थित अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि जनशिकायतों का निस्तारण समय सीमा के भीतर और पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधीक्षक चिरंजीवी नाथ सिन्हा ने पुलिस विभाग से संबंधित मामलों को सुना और अधीनस्थ अधिकारियों को मौके पर जाकर निष्पक्ष जांच करने के निर्देश दिए। दर्ज की गई शिकायतों में मुख्य रूप से राजस्व विभाग और भूमि विवाद से संबंधित मामले शामिल रहे। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी नीरज शर्मा , तहसीलदार डॉली यादव, और तहसील स्तर के अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य जनता की समस्याओं का मौके पर ही समाधान कर उन्हें राहत पहुँचाना रहा।2
- हाथरस में बेमौसम बारिश से हुए नुकसान के मुआवजे को लेकर मुख्यमंत्री के नाम सौंपा जाएगा ज्ञापन हाथरस। भारतीय किसान संघ की मासिक बैठक रविवार को जिला कार्यालय पर उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड के संगठन मंत्री शिवकांत दीक्षित के सानिध्य में संपन्न हुई। बैठक में मुख्य रूप से आगामी 21 अप्रैल को अखिल भारतीय किसान संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष के. साईं रेड्डी के जनपद आगमन और प्रस्तावित 'ग्राम समिति सम्मेलन' को ऐतिहासिक बनाने हेतु रणनीति तैयार की गई। प्रदेश उपाध्यक्ष चौ. गुलबीर सिंह और कोषाध्यक्ष ऋषि कुमार जायसवाल ने आगामी कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष का आगमन जनपद के किसानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस दौरान ब्रज प्रांत और जिला कार्यकारिणी के पदाधिकारियों के साथ-साथ सभी विकास खंडों के अध्यक्ष व मंत्रियों को सम्मेलन को सफल बनाने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में हाल ही में हुई असमय वर्षा और आंधी-तूफान से किसानों की फसलों को हुए भारी नुकसान पर गहरा दुख व्यक्त किया गया। निर्णय लिया गया कि प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिलाने हेतु जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक मांग पत्र (ज्ञापन) सौंपा जाएगा। बैठक का संचालन जिला मंत्री वीरपाल सिंह ने किया। इस अवसर पर ब्रज प्रांत उपाध्यक्ष अनिल गुप्ता, महामंत्री धर्मेंद्र जी, जिला अध्यक्ष चौ. राजपाल सिंह, जिला महिला प्रमुख चौ. माधवी सिंह, रघुवर दयाल शर्मा, आशा देवी, रेणु देवी, योगेंद्र सिंह, मुकेश पाठक, संजीव शर्मा, जयगोपाल, दुष्यंत प्रताप सिंह और राम किशन शर्मा सहित दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित रहे। जिला अध्यक्ष चौ. राजपाल सिंह के अध्यक्षीय संबोधन के साथ बैठक का समापन हुआ।3
- हाथरस में गैस सिलेंडरों की कमी के चलते नगर पालिका स्थित श्याम गैस एजेंसी पर सोमवार सुबह से ही उपभोक्ताओं की लंबी कतारें लग गईं। गैस लेने पहुंचे लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली। उपभोक्ताओं का आरोप है कि बुकिंग के बावजूद समय पर सिलेंडर नहीं मिल रहा, जिससे घरेलू कामकाज प्रभावित हो रहा है। साथ ही सप्लाई अनियमित होने और कुछ मामलों में निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली की भी शिकायतें सामने आई हैं। लोगों ने प्रशासन से व्यवस्था सुधारने और एजेंसियों पर कार्रवाई की मांग की है।1