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पुर्वी चम्पारण एक महत्वपूर्ण इतिहास है जहां महात्मा गांधी 1917 में आंदोलन किया था चम्पारण सत्या ग्रहण भारत में पहली बार इस आंदोलन का शुरुआत किया गया था आज में चम्पारण पहुंचते हैं तो गर्भ होता है आज पहुंचकर मान खुश होता है इतना डेवलप्ड किया गया है बहुत अच्छा डिज़ाइन किया गया है
Raju Kumar
पुर्वी चम्पारण एक महत्वपूर्ण इतिहास है जहां महात्मा गांधी 1917 में आंदोलन किया था चम्पारण सत्या ग्रहण भारत में पहली बार इस आंदोलन का शुरुआत किया गया था आज में चम्पारण पहुंचते हैं तो गर्भ होता है आज पहुंचकर मान खुश होता है इतना डेवलप्ड किया गया है बहुत अच्छा डिज़ाइन किया गया है
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- Post by Santu Kumar SAH1
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- मामला दरभंगा जिला के पतौर थाना क्षेत्र के खैरा पंचायत की बताई जा रही है जहां बृहस्पतिवार को लगभग 3 बजे सांध्य वर्तमान मुखिया के परिवार और दूसरा पक्ष में मिट्टी भरने को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ जिसमें एक पक्ष प्रेम कुमार सिंह, मणिकांत सिंह और केशव सिंह को चोट आई है जिनका इलाज डीएमसीएच में हुआ तो वहीं दूसरा पक्ष मुखिया के परिवार के लोगों को भी चोट लगी है इनका उपचार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में हुआ! प्रथम पक्ष ने DMCH में बताया कि वह अपने केवाला वाली जमीन और उससे सटे हुए सरकारी जमीन जो उसके दखल कब्जा में वर्षों से है उस पर मिट्टी भरने का कार्य कर रहे थे! इस कार्य के दौरान कुछ मिट्टी बगल के प्लॉट जो वर्तमान मुखिया का है उसमें गिर गया जिसको लेकर दोनों पक्ष में बहस हुई और फिर वर्तमान मुखिया की ओर से प्रथम पक्ष के साथ मारपीट की गई जिसमें तीन लोग घायल हो गए जिनका इलाज डीएमसीएच में करवाया गया ! वही वर्तमान मुखिया शशिकला देवी का पुत्र सुभाष कुमार सिंह का दावा है कि जिस जमीन पर प्रथम पक्ष मिट्टी भर रहे थे वह उनके नाम से है और उनके दखल कब्जा में है जिसपर प्रथम पक्ष जबरन कब्जा करना चाहते थे जीसको लेकर विवाद हुआ ! वहीं प्रथम पक्ष प्रेम कुमार सिंह ने कई गंभीर आरोप भी मुखिया पर लगाए हैं जो जांच का विषय है! दूसरा पक्ष मुखिया शशि कला देवी के पुत्र सुभाष कुमार का दावा है कि पत्थर बाजी प्रथम पक्ष अर्थात मणिकांत सिंह की और शुरू की गई जीसमें दोनों पक्ष के लोग घायल हुए हैं और अपनी जमीन को बचाने के लिए दूसरा पक्ष मुखिया जी का परिवार है उन्होंने रोकथाम की कोशिश की! वही फायरिंग होने की बात को पूरी तरह से दूसरे पक्ष ने नकार दिया और कहा कि यह केवल अफवाह फैलाने वाली बात है!पतौर थाना अध्यक्ष ने बताया कि: यह मामला जमीन को लेकर आपसी विवाद (बारचस्व की लड़ाई) का है घटनास्थल पर फायरिंग की कोई पुष्टि नहीं हुई है अभी तक किसी भी पक्ष से लिखित आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है दोनों पक्षों के बीच सामाजिक स्तर पर समझौते की बात चल रही है मामला पूरी तरह से जमीन विवाद से जुड़ा हुआ है, जिसमें दोनों पक्ष एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। फिलहाल पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आवेदन मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- मिट्टी भरने को लेकर दो पक्ष में हुआ विवाद, दोनों ओर से कई लोग घायल खैरा पंचायत के मुखिया पर मारपीट करने और जबरन भूमि पर कब्जा करने का गंभीर आरोप पीड़ित पक्ष ने लगाया मुखिया शशिकला देवी के पुत्र का दवा जमीन उनकी है और उनके दखल कब्जे में है जिस पर जबरन कब्जा किया जा रहा था1