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गुजरात के सूरत शहर में 8 जुलाई 2026 की सुबह हुई मूसलाधार बारिश के बाद कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए। ड्रोन से ली गई तस्वीरों में शहर की अनेक सड़कें 3 से 4 फीट तक पानी में डूबी हुई दिखीं, जिससे भीषण जलभराव हो गया। इस स्थिति के कारण सैकड़ों वाहन पानी में फंस गए और कई गाड़ियां खराब हो गईं। भारी बारिश के चलते कई प्रमुख मार्गों पर आवागमन पूरी तरह से बाधित रहा, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों पर निगरानी बनाए रखते हुए जलनिकासी के लिए राहत कार्य शुरू किए, लेकिन लगातार बारिश के कारण हालात चुनौतीपूर्ण बने रहे।
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गुजरात के सूरत शहर में 8 जुलाई 2026 की सुबह हुई मूसलाधार बारिश के बाद कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए। ड्रोन से ली गई तस्वीरों में शहर की अनेक सड़कें 3 से 4 फीट तक पानी में डूबी हुई दिखीं, जिससे भीषण जलभराव हो गया। इस स्थिति के कारण सैकड़ों वाहन पानी में फंस गए और कई गाड़ियां खराब हो गईं। भारी बारिश के चलते कई प्रमुख मार्गों पर आवागमन पूरी तरह से बाधित रहा, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों पर निगरानी बनाए रखते हुए जलनिकासी के लिए राहत कार्य शुरू किए, लेकिन लगातार बारिश के कारण हालात चुनौतीपूर्ण बने रहे।
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- गुजरात के सूरत शहर में 8 जुलाई 2026 की सुबह हुई मूसलाधार बारिश के बाद कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए। ड्रोन से ली गई तस्वीरों में शहर की अनेक सड़कें 3 से 4 फीट तक पानी में डूबी हुई दिखीं, जिससे भीषण जलभराव हो गया। इस स्थिति के कारण सैकड़ों वाहन पानी में फंस गए और कई गाड़ियां खराब हो गईं। भारी बारिश के चलते कई प्रमुख मार्गों पर आवागमन पूरी तरह से बाधित रहा, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों पर निगरानी बनाए रखते हुए जलनिकासी के लिए राहत कार्य शुरू किए, लेकिन लगातार बारिश के कारण हालात चुनौतीपूर्ण बने रहे।1
- यह पोस्ट भारतीय गरीब उन्नयन पार्टी, जय श्री महाकाल और हिंदुराष्ट्र के समर्थन में जिंदाबाद के नारे लगाती है।1
- उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के सीमांत क्षेत्र धारचूला में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। ग्राम पंचायत उमचिया में नेकल गाड़ नदी के उफान पर आने से लगभग 90 परिवारों का तहसील मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। भारी बारिश के चलते सोबला-उमचिया मोटर मार्ग का डायवर्जन दोबारा बह गया है, जिसके परिणामस्वरूप इस रास्ते पर वाहनों और पैदल आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई है। ग्राम प्रधान हरेंद्र दानू ने बताया कि इस संपर्क टूटने से कई छात्र विद्यालय नहीं पहुंच पा रहे हैं, और ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मौजूदा परिस्थितियों में, पीएमजीएसवाई (PMGSY) की ओर से ग्रामीणों को उफनते नाले के पार जेसीबी मशीन की मदद से सुरक्षित पहुंचाया जा रहा है। इस मामले पर पिथौरागढ़ के अपर जिलाधिकारी योगेंद्र सिंह ने जानकारी दी है कि क्षतिग्रस्त पुल के स्थान पर एक नया पुल बनाया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक नया पुल तैयार नहीं हो जाता, तब तक प्रशासन ग्रामीणों की आवाजाही के लिए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित कर रहा है। इस मुश्किल घड़ी में, उत्तराखंड के धारचूला में उफनते नाले को पार करने के लिए जेसीबी मशीन ही ग्रामीणों का एकमात्र सहारा बनी हुई है।1
- गाजियाबाद के राम भैया भगत जी ने एक सवाल उठाया है। उन्होंने जानना चाहा है कि बालाजी महाराज का प्रसाद घर लाना उचित है या नहीं।1
- भारतीय जन क्रान्ति सेना ने सभी नागरिकों से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने और राष्ट्र धर्म निभाने की अपील की है। संगठन ने लोगों से अपने नेतृत्व से जुड़ने और सदस्य बनने का आह्वान किया है। जो भी इच्छुक व्यक्ति भारतीय जन क्रान्ति सेना से जुड़ना चाहते हैं, वे 9335966755 नंबर पर 'Join' लिखकर व्हाट्सएप कर सकते हैं।1
- दिल्ली में 13वें इंडियन स्टील मार्केट्स कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया, जहाँ उद्योग जगत के कई दिग्गजों ने हिस्सा लिया। इस सम्मेलन के दौरान, इन प्रमुख हस्तियों ने आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को लेकर चर्चा की और स्क्रैप से जुड़े पहलुओं पर अपनी राय रखी।1
- दक्षिण दिल्ली के जैतपुर क्षेत्र में टंकी रोड और शुक्र बाजार रोड पर हल्की बारिश होते ही गंभीर जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। सड़कों पर इतना पानी भर गया कि आसपास की कई दुकानों और मकानों में पानी घुस गया, जिससे स्थानीय निवासियों और व्यापारियों को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ा। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि नगर निगम (MCD) द्वारा नालों की नियमित सफाई नहीं की जाती, जिसके कारण बारिश का पानी निकल नहीं पाता और पूरी सड़कें जलमग्न हो जाती हैं। स्थानीय निवासी मोहित चौकन ने बताया है कि इस संबंध में MCD, PWD और बाढ़ एवं सिंचाई विभाग को कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें दी जा चुकी हैं, लेकिन अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है। आम जनता को हर बारिश में इन विभागों की लापरवाही का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। स्थानीय RWA अध्यक्ष सरजीत चौकन जी ने संबंधित विभागों से तत्काल नालों की सफाई कराने, जल निकासी की उचित व्यवस्था करने और भविष्य में जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है, ताकि लोगों को बार-बार इस परेशानी का सामना न करना पड़े।2