*बेटी की शादी पर पानी का संकट, बेबस पिता की पुकार* लातेहार जिले के मनिका प्रखंड की राखीकला पंचायत अंतर्गत लंका गांव उच्चावाल टोला, जो आदिम जनजाति बहुल क्षेत्र है, आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। यहां के निवासी रामलाल परहिया अपनी बेटी की शादी को लेकर गहरे संकट में हैं, क्योंकि गांव में पानी की भारी कमी है। उन्होंने डीसी जनता दरबार, पीएचडी विभाग, प्रखंड कार्यालय और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से कई बार गुहार लगाई, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ। सरकार द्वारा जनजातीय विकास के नाम पर करोड़ों खर्च किए जाने के बावजूद हालात जस के तस हैं। शादी जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर पानी की अनुपलब्धता ने परिवार की चिंता बढ़ा दी है। यह स्थिति प्रशासनिक उदासीनता को उजागर करती है।। हेल्पलाइन में भी कोई राहत नहीं मिला। *बेटी की शादी पर पानी का संकट, बेबस पिता की पुकार* लातेहार जिले के मनिका प्रखंड की राखीकला पंचायत अंतर्गत लंका गांव उच्चावाल टोला, जो आदिम जनजाति बहुल क्षेत्र है, आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। यहां के निवासी रामलाल परहिया अपनी बेटी की शादी को लेकर गहरे संकट में हैं, क्योंकि गांव में पानी की भारी कमी है। उन्होंने डीसी जनता दरबार, पीएचडी विभाग, प्रखंड कार्यालय और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से कई बार गुहार लगाई, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ। सरकार द्वारा जनजातीय विकास के नाम पर करोड़ों खर्च किए जाने के बावजूद हालात जस के तस हैं। शादी जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर पानी की अनुपलब्धता ने परिवार की चिंता बढ़ा दी है। यह स्थिति प्रशासनिक उदासीनता को उजागर करती है।। हेल्पलाइन में भी कोई राहत नहीं मिला।
*बेटी की शादी पर पानी का संकट, बेबस पिता की पुकार* लातेहार जिले के मनिका प्रखंड की राखीकला पंचायत अंतर्गत लंका गांव उच्चावाल टोला, जो आदिम जनजाति बहुल क्षेत्र है, आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। यहां के निवासी रामलाल परहिया अपनी बेटी की शादी को लेकर गहरे संकट में हैं, क्योंकि गांव में पानी की भारी कमी है। उन्होंने डीसी जनता दरबार, पीएचडी विभाग, प्रखंड कार्यालय और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से कई बार गुहार लगाई, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ। सरकार द्वारा जनजातीय विकास के नाम पर करोड़ों खर्च किए जाने के बावजूद हालात जस के तस हैं। शादी जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर पानी की अनुपलब्धता ने परिवार की चिंता बढ़ा दी है। यह स्थिति प्रशासनिक उदासीनता को उजागर करती है।। हेल्पलाइन में भी कोई राहत नहीं मिला। *बेटी की शादी पर पानी का संकट, बेबस पिता की पुकार* लातेहार जिले के मनिका प्रखंड की राखीकला पंचायत अंतर्गत लंका गांव उच्चावाल टोला, जो आदिम जनजाति बहुल क्षेत्र है, आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। यहां के निवासी रामलाल परहिया अपनी बेटी की शादी को लेकर गहरे संकट में हैं, क्योंकि गांव में पानी की भारी कमी है। उन्होंने डीसी जनता दरबार, पीएचडी विभाग, प्रखंड कार्यालय और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से कई बार गुहार लगाई, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ। सरकार द्वारा जनजातीय विकास के नाम पर करोड़ों खर्च किए जाने के बावजूद हालात जस के तस हैं। शादी जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर पानी की अनुपलब्धता ने परिवार की चिंता बढ़ा दी है। यह स्थिति प्रशासनिक उदासीनता को उजागर करती है।। हेल्पलाइन में भी कोई राहत नहीं मिला।
- *बेटी की शादी पर पानी का संकट, बेबस पिता की पुकार* लातेहार जिले के मनिका प्रखंड की राखीकला पंचायत अंतर्गत लंका गांव उच्चावाल टोला, जो आदिम जनजाति बहुल क्षेत्र है, आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। यहां के निवासी रामलाल परहिया अपनी बेटी की शादी को लेकर गहरे संकट में हैं, क्योंकि गांव में पानी की भारी कमी है। उन्होंने डीसी जनता दरबार, पीएचडी विभाग, प्रखंड कार्यालय और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से कई बार गुहार लगाई, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ। सरकार द्वारा जनजातीय विकास के नाम पर करोड़ों खर्च किए जाने के बावजूद हालात जस के तस हैं। शादी जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर पानी की अनुपलब्धता ने परिवार की चिंता बढ़ा दी है। यह स्थिति प्रशासनिक उदासीनता को उजागर करती है।। हेल्पलाइन में भी कोई राहत नहीं मिला।1
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- ओड़िशा का प्रसिद्ध Konark Sun Temple देश का ऐसा मंदिर जहाँ पूजा नहीं होता है बहुत बड़ा रहस्य छुपा है मंदिर के गर्भ मे आज तक कोई नहीं जान पाया #newsindian7241