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बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व प्रबंधन को पिछले 11 दिनों से लापता कॉलर वाली मादा बाघिन को सुरक्षित ढूंढ निकालने में बड़ी सफलता मिली है। इस बाघिन की जीपीएस और वीएचएफ लोकेशन 1 जुलाई की दोपहर लगभग 2:00 बजे के बाद से मिलनी बंद हो गई थी, जिसके बाद से ही पार्क प्रबंधन लगातार उसकी खोज में जुटा हुआ था। आखिरकार रविवार, 12 जुलाई को बाघिन को उसके होम रेंज में ही सुरक्षित खोज लिया गया। बाघिन की लोकेशन खोने के तुरंत बाद वन परिक्षेत्र अधिकारी के नेतृत्व में पांच सुरक्षा श्रमिकों और बीट गार्डों के दल ने सघन खोज अभियान शुरू किया था। सफलता न मिलने पर खोजी दल का दायरा बढ़ाते हुए पांच-पांच सदस्यों की तीन अलग-अलग टीमें बनाई गईं। प्रतिकूल परिस्थितियों और लगातार हो रही बारिश के कारण जब सफलता नहीं मिली, तो प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक मध्य प्रदेश के मार्गदर्शन में क्षेत्र संचालक द्वारा एक विशेष खोज दल गठित किया गया। इस दल में बांधवगढ़ के वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश तोमर और वाइल्डलाइफ कंजर्वेशन ट्रस्ट (WCT) के डॉ. प्रशांत देशमुख को भी शामिल किया गया था। इस अभियान को सफल बनाने के लिए दो प्रशिक्षित हाथियों, महावतों, चार रिसीवर एंटीना और संभावित स्थानों पर ट्रैप कैमरों की मदद ली गई। खोजी दल ने बेहद जोखिम उठाते हुए लगभग 100 वर्ग किलोमीटर के वन क्षेत्र में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया। आखिरकार, ग्रामीणों से मिली सूचनाओं के विश्लेषण और डॉग स्क्वाड की मदद से निडर खोजी दल ने सबसे पहले बाघिन के पदचिन्ह ढूंढे। इसके बाद वहां हाथियों के दल को भेजा गया और बाघिन को सफलतापूर्वक खोज लिया गया। वह पूरी तरह से स्वस्थ और सुरक्षित है, हालांकि उसका रेडियो कॉलर पूरी तरह से काम करना बंद कर चुका है।

1 hr ago
user_Ashutosh tripathi
Ashutosh tripathi
Court reporter मानपुर, उमरिया, मध्य प्रदेश•
1 hr ago
8a1c0ca3-0904-4792-84db-da75d9897d2d

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व प्रबंधन को पिछले 11 दिनों से लापता कॉलर वाली मादा बाघिन को सुरक्षित ढूंढ निकालने में बड़ी सफलता मिली है। इस बाघिन की जीपीएस और वीएचएफ लोकेशन 1 जुलाई की दोपहर लगभग 2:00 बजे के बाद से मिलनी बंद हो गई थी, जिसके बाद से ही पार्क प्रबंधन लगातार उसकी खोज में जुटा हुआ था। आखिरकार रविवार, 12 जुलाई को बाघिन को उसके होम रेंज में ही सुरक्षित खोज लिया गया। बाघिन की लोकेशन खोने के तुरंत बाद वन परिक्षेत्र अधिकारी के नेतृत्व में पांच सुरक्षा श्रमिकों और बीट गार्डों के दल ने सघन खोज अभियान शुरू किया था। सफलता न मिलने पर खोजी दल का दायरा बढ़ाते हुए पांच-पांच सदस्यों की तीन अलग-अलग टीमें बनाई गईं। प्रतिकूल परिस्थितियों और लगातार हो रही बारिश के कारण जब सफलता नहीं मिली, तो प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक मध्य प्रदेश के मार्गदर्शन में क्षेत्र संचालक द्वारा एक विशेष खोज दल गठित किया गया। इस दल में बांधवगढ़ के वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश तोमर और वाइल्डलाइफ कंजर्वेशन ट्रस्ट (WCT) के डॉ. प्रशांत देशमुख को भी शामिल किया गया था। इस अभियान को सफल बनाने के लिए दो प्रशिक्षित हाथियों, महावतों, चार रिसीवर एंटीना और संभावित स्थानों पर ट्रैप कैमरों की मदद ली गई। खोजी दल ने बेहद जोखिम उठाते हुए लगभग 100 वर्ग किलोमीटर के वन क्षेत्र में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया। आखिरकार, ग्रामीणों से मिली सूचनाओं के विश्लेषण और डॉग स्क्वाड की मदद से निडर खोजी दल ने सबसे पहले बाघिन के पदचिन्ह ढूंढे। इसके बाद वहां हाथियों के दल को भेजा गया और बाघिन को सफलतापूर्वक खोज लिया गया। वह पूरी तरह से स्वस्थ और सुरक्षित है, हालांकि उसका रेडियो कॉलर पूरी तरह से काम करना बंद कर चुका है।

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  • बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 1 जुलाई से लापता कॉलर लगी मादा बाघिन को आखिरकार 12 जुलाई 2026 को सफलतापूर्वक खोज लिया गया है। फील्ड डायरेक्टर डॉ. अनुपम सहाय ने बताया कि इस बाघिन की जीपीएस/वीएचएफ लोकेशन 1 जुलाई 2026 की दोपहर लगभग 2:00 बजे के बाद से प्राप्त नहीं हो रही थी। लोकेशन बंद होने के तत्काल बाद से ही वन परिक्षेत्र अधिकारी के नेतृत्व में सुरक्षा श्रमिकों और बीट गार्डों द्वारा सघन गश्त और खोज अभियान शुरू किया गया था। खोज अभियान को व्यापक बनाने के लिए पहले पांच-पांच सदस्यों की तीन टीमें बनाई गईं, लेकिन लगातार भारी बारिश के चलते लोकेशन नहीं मिल पाई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक मध्य प्रदेश के मार्गदर्शन में क्षेत्र संचालक द्वारा एक विशेष खोज दल का गठन किया गया। इस दल में वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश तोमर और वाइल्डलाइफ कंजर्वेशन ट्रस्ट (WCT) के डॉ. प्रशांत देशमुख को शामिल किया गया। अभियान में दो प्रशिक्षित हाथियों, महावतों और वीएचएफ सर्च के लिए चार रिसीवर एंटीना का उपयोग किया गया। इसके साथ ही ट्रैप कैमरों और काफी जोखिमपूर्ण पदचिन्हों को ढूंढने का सहारा भी लिया गया। लगभग 100 वर्ग किलोमीटर के वन क्षेत्र में लगातार हुई बारिश के बावजूद आज डॉग स्क्वाड और ग्रामीणों से मिली सूचनाओं के विश्लेषण के बाद खोजी दल ने सबसे पहले बाघिन के पदचिन्ह खोज निकाले। इसके बाद हाथियों के दल की मदद से बाघिन को उसके होम रेंज में ही सफलतापूर्वक ढूंढ लिया गया। बाघिन पूरी तरह स्वस्थ और सुरक्षित है, लेकिन उसका रेडियो कॉलर पूरी तरह काम करना बंद कर चुका है। अब इस बाघिन की भविष्य में मॉनिटरिंग के लिए भोपाल मुख्यालय से मार्गदर्शन प्राप्त करने की कार्यवाही की जा रही है।
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    बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 1 जुलाई से लापता कॉलर लगी मादा बाघिन को आखिरकार 12 जुलाई 2026 को सफलतापूर्वक खोज लिया गया है। फील्ड डायरेक्टर डॉ. अनुपम सहाय ने बताया कि इस बाघिन की जीपीएस/वीएचएफ लोकेशन 1 जुलाई 2026 की दोपहर लगभग 2:00 बजे के बाद से प्राप्त नहीं हो रही थी। लोकेशन बंद होने के तत्काल बाद से ही वन परिक्षेत्र अधिकारी के नेतृत्व में सुरक्षा श्रमिकों और बीट गार्डों द्वारा सघन गश्त और खोज अभियान शुरू किया गया था।

खोज अभियान को व्यापक बनाने के लिए पहले पांच-पांच सदस्यों की तीन टीमें बनाई गईं, लेकिन लगातार भारी बारिश के चलते लोकेशन नहीं मिल पाई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक मध्य प्रदेश के मार्गदर्शन में क्षेत्र संचालक द्वारा एक विशेष खोज दल का गठन किया गया। इस दल में वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश तोमर और वाइल्डलाइफ कंजर्वेशन ट्रस्ट (WCT) के डॉ. प्रशांत देशमुख को शामिल किया गया। अभियान में दो प्रशिक्षित हाथियों, महावतों और वीएचएफ सर्च के लिए चार रिसीवर एंटीना का उपयोग किया गया। इसके साथ ही ट्रैप कैमरों और काफी जोखिमपूर्ण पदचिन्हों को ढूंढने का सहारा भी लिया गया।

लगभग 100 वर्ग किलोमीटर के वन क्षेत्र में लगातार हुई बारिश के बावजूद आज डॉग स्क्वाड और ग्रामीणों से मिली सूचनाओं के विश्लेषण के बाद खोजी दल ने सबसे पहले बाघिन के पदचिन्ह खोज निकाले। इसके बाद हाथियों के दल की मदद से बाघिन को उसके होम रेंज में ही सफलतापूर्वक ढूंढ लिया गया। बाघिन पूरी तरह स्वस्थ और सुरक्षित है, लेकिन उसका रेडियो कॉलर पूरी तरह काम करना बंद कर चुका है। अब इस बाघिन की भविष्य में मॉनिटरिंग के लिए भोपाल मुख्यालय से मार्गदर्शन प्राप्त करने की कार्यवाही की जा रही है।
    user_Ashutosh tripathi
    Ashutosh tripathi
    Court reporter मानपुर, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    48 min ago
  • शहडोल के जयसिंहनगर क्षेत्र में स्थित ग्राम बराटोला के नजदीकी जंगल में एक बाघ को घूमते हुए देखा गया है। बाघ की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद स्थानीय स्तर पर सुरक्षा को लेकर चेतावनी जारी की गई है और लोगों को फिलहाल जंगल की ओर न जाने के लिए कहा गया है। बराटोला के अलावा ग्राम अंतौली, ठेगरहा, अटरिया और बैरिया से लगे जंगलों के पास रहने वाले ग्रामीणों से विशेष निवेदन किया गया है कि वे पूटू पिहिरी निकालने के लिए जंगल के भीतर न जाएं। इसके साथ ही बच्चों को भी जंगल की तरफ भेजने से पूरी तरह बचने तथा हर समय सावधान, सतर्क और सुरक्षित रहने की अपील की गई है।
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    शहडोल के जयसिंहनगर क्षेत्र में स्थित ग्राम बराटोला के नजदीकी जंगल में एक बाघ को घूमते हुए देखा गया है। बाघ की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद स्थानीय स्तर पर सुरक्षा को लेकर चेतावनी जारी की गई है और लोगों को फिलहाल जंगल की ओर न जाने के लिए कहा गया है।

बराटोला के अलावा ग्राम अंतौली, ठेगरहा, अटरिया और बैरिया से लगे जंगलों के पास रहने वाले ग्रामीणों से विशेष निवेदन किया गया है कि वे पूटू पिहिरी निकालने के लिए जंगल के भीतर न जाएं। इसके साथ ही बच्चों को भी जंगल की तरफ भेजने से पूरी तरह बचने तथा हर समय सावधान, सतर्क और सुरक्षित रहने की अपील की गई है।
    user_Angad Tiwari
    Angad Tiwari
    पत्रकार जयसिंहनगर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    15 hrs ago
  • उमरिया जिले के ग्राम जरहा के निवासी प्रिंस शर्मा ने 'ब्रह्मांड एकता जिंदाबाद' का संकल्प लिया है। उनका दृढ़ता से मानना है कि समाज सेवा ही वास्तव में राष्ट्र सेवा है।
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    उमरिया जिले के ग्राम जरहा के निवासी प्रिंस शर्मा ने 'ब्रह्मांड एकता जिंदाबाद' का संकल्प लिया है। उनका दृढ़ता से मानना है कि समाज सेवा ही वास्तव में राष्ट्र सेवा है।
    user_News 24 Umaria
    News 24 Umaria
    Local News Reporter बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    22 hrs ago
  • शहडोल रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म क्रमांक-1 पर संचालित स्टॉल क्रमांक-2 और 4 में खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, स्वच्छता और नियमों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। मेसर्स एस.एल. कछवाहा एंड संस द्वारा संचालित इन स्टॉलों में भारतीय रेलवे, आईआरसीटीसी और भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। प्लेटफॉर्म और उसके बाहर हो रही ये सभी गतिविधियां सर्वोच्च सत्ता के कैमरे में भी कैद हैं। मामले की सत्यता जानने के लिए जब पत्रकारों की टीम ने मौके का दौरा किया, तो वहाँ का नजारा बेहद भयावह था। यात्रियों को रेल आहार के नाम पर परोसा जाने वाला भोजन किसी स्वच्छ रसोई के बजाय अत्यंत अस्वच्छ और गुणवत्ता विहीन स्थानों पर तैयार किया जा रहा है। जिस जगह पर चाय बनाई जाती है, उसके आसपास गंदगी का अंबार लगा हुआ है। साथ ही, एक गुमटीनुमा किचन में समोसा और आलू बंडा जैसी खाद्य सामग्रियां तैयार करने के दौरान साफ-सफाई के बुनियादी मानकों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। यह स्थिति न केवल रेलवे और आईआरसीटीसी की कैटरिंग नीति का उल्लंघन है, बल्कि फ़ूड सेफ्टी एंड स्टैण्डर्ड्स एक्ट, 2006 तथा FSSAI के खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता मानकों की भी गंभीर अवहेलना है। स्टेशन पर यात्रियों की सेहत के साथ खिलवाड़ करते हुए स्वच्छता और खाद्य गुणवत्ता के नियमों को पूरी तरह तिलांजलि दे दी गई है।
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    शहडोल रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म क्रमांक-1 पर संचालित स्टॉल क्रमांक-2 और 4 में खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, स्वच्छता और नियमों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। मेसर्स एस.एल. कछवाहा एंड संस द्वारा संचालित इन स्टॉलों में भारतीय रेलवे, आईआरसीटीसी और भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। प्लेटफॉर्म और उसके बाहर हो रही ये सभी गतिविधियां सर्वोच्च सत्ता के कैमरे में भी कैद हैं।

मामले की सत्यता जानने के लिए जब पत्रकारों की टीम ने मौके का दौरा किया, तो वहाँ का नजारा बेहद भयावह था। यात्रियों को रेल आहार के नाम पर परोसा जाने वाला भोजन किसी स्वच्छ रसोई के बजाय अत्यंत अस्वच्छ और गुणवत्ता विहीन स्थानों पर तैयार किया जा रहा है। जिस जगह पर चाय बनाई जाती है, उसके आसपास गंदगी का अंबार लगा हुआ है। साथ ही, एक गुमटीनुमा किचन में समोसा और आलू बंडा जैसी खाद्य सामग्रियां तैयार करने के दौरान साफ-सफाई के बुनियादी मानकों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।

यह स्थिति न केवल रेलवे और आईआरसीटीसी की कैटरिंग नीति का उल्लंघन है, बल्कि फ़ूड सेफ्टी एंड स्टैण्डर्ड्स एक्ट, 2006 तथा FSSAI के खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता मानकों की भी गंभीर अवहेलना है। स्टेशन पर यात्रियों की सेहत के साथ खिलवाड़ करते हुए स्वच्छता और खाद्य गुणवत्ता के नियमों को पूरी तरह तिलांजलि दे दी गई है।
    user_राहुल सिंह राणा
    राहुल सिंह राणा
    Newspaper advertising department सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • चंदिया में हिंदू बहनों के साथ हुए लव जिहाद के विरोध में विश्व हिंदू परिषद् और बजरंग दल उमरिया जिला द्वारा कलेक्टर परिसर में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने इस मामले के आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए एक ज्ञापन भी सौंपा है। इस प्रदर्शन के दौरान संगठन के कार्यकर्ताओं ने जिहादी मानसिकता के अपराधी मोहम्मद हारुन खान एवं इश्तियाक मौलाना के घरों को जमींदोज करने की मांग की। इसके साथ ही मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने और अपराधियों को जल्द से जल्द फांसी की सजा देने की जोरदार मांग उठाई गई। इस विरोध प्रदर्शन में विश्व हिंदू परिषद् उमरिया जिला अध्यक्ष सुरेश द्विवेदी जी, चंदिया प्रखंड अध्यक्ष खुल्लू शर्मा जी, चंदिया प्रखंड संयोजक गौरव वर्मा जी, मातृशक्ति प्रांत सहसंयोजिका श्रीमती निधि श्रीवास्तव दीदी, श्रीमती सपना दहिया दीदी, जिला मंत्री श्रीमती सुषमा गुप्ता दीदी और मातृशक्ति जिला संयोजिका कामना साहू दीदी उपस्थित रहीं। इसके अलावा पवन तिवारी जी, प्रदीप सेन जी, चंदिया प्रखंड उपाध्यक्ष चिराग लोकचंदानी, चंदिया प्रखंड सहसंयोजक गुड्डू कुशवाहा जी, शिवांश अग्रवाल जी, संदीप बाधवा जी, पवन त्रिपाठी जी, उपेंद्र सिंह जी, सोनू विश्वकर्मा जी, शिवम् तिवारी जी, गोविंद द्विवेदी जी, डॉ अखिलेश तिवारी जी, श्री राकेश शर्मा जी, श्री विभूति गौतम जी, निक्की रजक जी, जया श्रीवास्तव जी सहित सैकड़ों अन्य कार्यकर्ता भी इसमें शामिल हुए।
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    चंदिया में हिंदू बहनों के साथ हुए लव जिहाद के विरोध में विश्व हिंदू परिषद् और बजरंग दल उमरिया जिला द्वारा कलेक्टर परिसर में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने इस मामले के आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए एक ज्ञापन भी सौंपा है।

इस प्रदर्शन के दौरान संगठन के कार्यकर्ताओं ने जिहादी मानसिकता के अपराधी मोहम्मद हारुन खान एवं इश्तियाक मौलाना के घरों को जमींदोज करने की मांग की। इसके साथ ही मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने और अपराधियों को जल्द से जल्द फांसी की सजा देने की जोरदार मांग उठाई गई।

इस विरोध प्रदर्शन में विश्व हिंदू परिषद् उमरिया जिला अध्यक्ष सुरेश द्विवेदी जी, चंदिया प्रखंड अध्यक्ष खुल्लू शर्मा जी, चंदिया प्रखंड संयोजक गौरव वर्मा जी, मातृशक्ति प्रांत सहसंयोजिका श्रीमती निधि श्रीवास्तव दीदी, श्रीमती सपना दहिया दीदी, जिला मंत्री श्रीमती सुषमा गुप्ता दीदी और मातृशक्ति जिला संयोजिका कामना साहू दीदी उपस्थित रहीं। इसके अलावा पवन तिवारी जी, प्रदीप सेन जी, चंदिया प्रखंड उपाध्यक्ष चिराग लोकचंदानी, चंदिया प्रखंड सहसंयोजक गुड्डू कुशवाहा जी, शिवांश अग्रवाल जी, संदीप बाधवा जी, पवन त्रिपाठी जी, उपेंद्र सिंह जी, सोनू विश्वकर्मा जी, शिवम् तिवारी जी, गोविंद द्विवेदी जी, डॉ अखिलेश तिवारी जी, श्री राकेश शर्मा जी, श्री विभूति गौतम जी, निक्की रजक जी, जया श्रीवास्तव जी सहित सैकड़ों अन्य कार्यकर्ता भी इसमें शामिल हुए।
    user_पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    Insurance Agent सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • छिंदवाड़ा से मां शारदा के दर्शन के लिए निकली विवेक बंटी साहू की धार्मिक पदयात्रा रविवार को मैहर जिले के घुनवारा पहुंची, जहां करीब 200 से अधिक श्रद्धालुओं के जत्थे का स्थानीय नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया। पदयात्रा के घुनवारा पहुंचने पर मैहर विधायक श्रीकांत चतुर्वेदी ने भी मौके पर पहुंचकर श्रद्धालुओं का स्वागत किया और उनका हालचाल जाना। विधायक ने मां शारदा से सभी यात्रियों की यात्रा के सफल, सुरक्षित और मंगलमय होने की प्रार्थना की। यात्रा के दौरान श्रद्धालु लगातार भजन-कीर्तन और जयकारों के साथ आगे बढ़ते रहे, जिससे पूरे मार्ग में धार्मिक माहौल बना रहा। इस दौरान विभिन्न स्थानों पर सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों द्वारा श्रद्धालुओं के लिए जलपान व अन्य जरूरी व्यवस्थाएं भी की गईं। पदयात्रियों ने इस यात्रा को समाज में एकता, सद्भाव और सनातन संस्कृति के प्रति समर्पण का संदेश बताया। घुनवारा में स्वागत कार्यक्रम के दौरान आयोजनकर्ताओं ने विधायक श्रीकांत चतुर्वेदी का आभार व्यक्त किया और यह पदयात्रा रात्रि विश्राम के बाद मां शारदा की नगरी मैहर की ओर रवाना होगी।
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    छिंदवाड़ा से मां शारदा के दर्शन के लिए निकली विवेक बंटी साहू की धार्मिक पदयात्रा रविवार को मैहर जिले के घुनवारा पहुंची, जहां करीब 200 से अधिक श्रद्धालुओं के जत्थे का स्थानीय नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया। पदयात्रा के घुनवारा पहुंचने पर मैहर विधायक श्रीकांत चतुर्वेदी ने भी मौके पर पहुंचकर श्रद्धालुओं का स्वागत किया और उनका हालचाल जाना। विधायक ने मां शारदा से सभी यात्रियों की यात्रा के सफल, सुरक्षित और मंगलमय होने की प्रार्थना की।

यात्रा के दौरान श्रद्धालु लगातार भजन-कीर्तन और जयकारों के साथ आगे बढ़ते रहे, जिससे पूरे मार्ग में धार्मिक माहौल बना रहा। इस दौरान विभिन्न स्थानों पर सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों द्वारा श्रद्धालुओं के लिए जलपान व अन्य जरूरी व्यवस्थाएं भी की गईं। पदयात्रियों ने इस यात्रा को समाज में एकता, सद्भाव और सनातन संस्कृति के प्रति समर्पण का संदेश बताया। घुनवारा में स्वागत कार्यक्रम के दौरान आयोजनकर्ताओं ने विधायक श्रीकांत चतुर्वेदी का आभार व्यक्त किया और यह पदयात्रा रात्रि विश्राम के बाद मां शारदा की नगरी मैहर की ओर रवाना होगी।
    user_Tej pratap Kacher
    Tej pratap Kacher
    Local News Reporter मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    43 min ago
  • उमरिया के मानपुर विधानसभा क्षेत्र के दौरे के दौरान विधायक मीना सिंह का एक बेहद सरल और आत्मीय अंदाज देखने को मिला। क्षेत्र भ्रमण पर निकलीं विधायक मीना सिंह की नजर जब सड़क किनारे बोरी में रखकर पुटू (जंगली मशरूम) बेच रही एक बुजुर्ग महिला पर पड़ी, तो उन्होंने बिना देर किए अपना काफिला रुकवा दिया। वे गाड़ी से उतरकर सीधे बुजुर्ग महिला के पास पहुंचीं और उनके व साथ में मौजूद बच्चों का हालचाल जाना। उन्होंने महिला से पुटू खरीदा और स्थानीय वन उपज व ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने का संदेश दिया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो रविवार को सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसके बाद से पूरे जिले में इसकी खूब चर्चा हो रही है। पुटू खरीदने के बाद विधायक मीना सिंह ने अपने पारंपरिक भोजन की यादें भी साझा कीं। उन्होंने कहा कि बरसात का मौसम हमेशा से जंगलों की प्राकृतिक उपज का समय रहा है। पहले के समय में जब गांवों में ताजी सब्जियां आसानी से नहीं मिलती थीं, तब लोग जंगलों से मिलने वाले पुटू, पीहरी और चकौड़ा की भाजी जैसे पौष्टिक वन उत्पादों से अपने भोजन का स्वाद बढ़ाते थे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आधुनिक जीवनशैली के बीच भी इन पारंपरिक खाद्य पदार्थों का महत्व कम नहीं हुआ है और इन्हें संरक्षित किया जाना बेहद जरूरी है। विधायक ने आसपास मौजूद लोगों और आम जनता से भी अपील की कि वे सड़क किनारे वन उपज बेचने वाले ग्रामीणों से ही खरीदारी करें। उन्होंने कहा कि इससे एक ओर लोगों को प्राकृतिक और पौष्टिक भोजन मिलेगा, तो दूसरी ओर जंगलों पर निर्भर रहने वाले गरीब परिवारों की आय में भी बढ़ोतरी होगी। उनका मानना है कि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना ही आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था की दिशा में एक बड़ा कदम है। बिना किसी औपचारिकता के सड़क किनारे बैठकर बुजुर्ग महिला से सहज बातचीत करने का विधायक का यह अंदाज वहां मौजूद लोगों को बेहद पसंद आया। विधायक के इस अपनत्व को देखकर बुजुर्ग महिला भी भावुक हो गईं। लोगों द्वारा मोबाइल में रिकॉर्ड किया गया यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और विधायक मीना सिंह के इस सादगी भरे जनसरोकारी अंदाज की लोग जमकर सराहना कर रहे हैं।
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    उमरिया के मानपुर विधानसभा क्षेत्र के दौरे के दौरान विधायक मीना सिंह का एक बेहद सरल और आत्मीय अंदाज देखने को मिला। क्षेत्र भ्रमण पर निकलीं विधायक मीना सिंह की नजर जब सड़क किनारे बोरी में रखकर पुटू (जंगली मशरूम) बेच रही एक बुजुर्ग महिला पर पड़ी, तो उन्होंने बिना देर किए अपना काफिला रुकवा दिया। वे गाड़ी से उतरकर सीधे बुजुर्ग महिला के पास पहुंचीं और उनके व साथ में मौजूद बच्चों का हालचाल जाना। उन्होंने महिला से पुटू खरीदा और स्थानीय वन उपज व ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने का संदेश दिया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो रविवार को सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसके बाद से पूरे जिले में इसकी खूब चर्चा हो रही है।

पुटू खरीदने के बाद विधायक मीना सिंह ने अपने पारंपरिक भोजन की यादें भी साझा कीं। उन्होंने कहा कि बरसात का मौसम हमेशा से जंगलों की प्राकृतिक उपज का समय रहा है। पहले के समय में जब गांवों में ताजी सब्जियां आसानी से नहीं मिलती थीं, तब लोग जंगलों से मिलने वाले पुटू, पीहरी और चकौड़ा की भाजी जैसे पौष्टिक वन उत्पादों से अपने भोजन का स्वाद बढ़ाते थे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आधुनिक जीवनशैली के बीच भी इन पारंपरिक खाद्य पदार्थों का महत्व कम नहीं हुआ है और इन्हें संरक्षित किया जाना बेहद जरूरी है।

विधायक ने आसपास मौजूद लोगों और आम जनता से भी अपील की कि वे सड़क किनारे वन उपज बेचने वाले ग्रामीणों से ही खरीदारी करें। उन्होंने कहा कि इससे एक ओर लोगों को प्राकृतिक और पौष्टिक भोजन मिलेगा, तो दूसरी ओर जंगलों पर निर्भर रहने वाले गरीब परिवारों की आय में भी बढ़ोतरी होगी। उनका मानना है कि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना ही आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था की दिशा में एक बड़ा कदम है।

बिना किसी औपचारिकता के सड़क किनारे बैठकर बुजुर्ग महिला से सहज बातचीत करने का विधायक का यह अंदाज वहां मौजूद लोगों को बेहद पसंद आया। विधायक के इस अपनत्व को देखकर बुजुर्ग महिला भी भावुक हो गईं। लोगों द्वारा मोबाइल में रिकॉर्ड किया गया यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और विधायक मीना सिंह के इस सादगी भरे जनसरोकारी अंदाज की लोग जमकर सराहना कर रहे हैं।
    user_Tapas Gupta
    Tapas Gupta
    पाली, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में नेशनल हाईवे-43 स्थित देवगांव रेलवे क्रॉसिंग के डायवर्सन मार्ग पर रविवार को एक बड़ा सड़क हादसा टल गया। सतना से शहडोल जा रही गहरवार ट्रेवल्स की एक यात्री बस अचानक सड़क किनारे बने गहरे गड्ढे में उतर गई। राहत की बात यह रही कि बस में सवार सभी 25 यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं और किसी को भी चोट नहीं आई है। बस चालक फैज ने बताया कि देवगांव डायवर्सन से गुजरते समय अचानक सामने से एक कार आ गई थी। आमने-सामने की टक्कर से बचाने के लिए उन्होंने सूझबूझ दिखाते हुए बस को सड़क के किनारे मोड़ा, जिससे बस का पहिया डायवर्सन मार्ग पर बने गहरे गड्ढे में उतर गया और बस वहां असंतुलित होकर फंस गई। बस के अचानक गड्ढे में उतरते ही यात्रियों के बीच कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई और लोग घबराकर बाहर निकलने की कोशिश करने लगे। हालांकि, चालक और अन्य लोगों की मदद से सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस घटना के बाद बदहाल देवगांव रेलवे क्रॉसिंग डायवर्सन मार्ग की स्थिति पर भी गंभीर सवाल उठने लगे हैं। यात्रियों का कहना है कि यह मार्ग लंबे समय से खराब हालत में है और सड़क के बीच व किनारों पर बने गहरे गड्ढे लगातार हादसों को न्योता दे रहे हैं। घटना के बाद बस को गड्ढे से बाहर निकालने के प्रयास शुरू किए गए, जिससे कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से इस डायवर्सन मार्ग की तत्काल मरम्मत कराने और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम करने की मांग की है ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे को रोका जा सके।
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    मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में नेशनल हाईवे-43 स्थित देवगांव रेलवे क्रॉसिंग के डायवर्सन मार्ग पर रविवार को एक बड़ा सड़क हादसा टल गया। सतना से शहडोल जा रही गहरवार ट्रेवल्स की एक यात्री बस अचानक सड़क किनारे बने गहरे गड्ढे में उतर गई। राहत की बात यह रही कि बस में सवार सभी 25 यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं और किसी को भी चोट नहीं आई है।

बस चालक फैज ने बताया कि देवगांव डायवर्सन से गुजरते समय अचानक सामने से एक कार आ गई थी। आमने-सामने की टक्कर से बचाने के लिए उन्होंने सूझबूझ दिखाते हुए बस को सड़क के किनारे मोड़ा, जिससे बस का पहिया डायवर्सन मार्ग पर बने गहरे गड्ढे में उतर गया और बस वहां असंतुलित होकर फंस गई। बस के अचानक गड्ढे में उतरते ही यात्रियों के बीच कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई और लोग घबराकर बाहर निकलने की कोशिश करने लगे। हालांकि, चालक और अन्य लोगों की मदद से सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

इस घटना के बाद बदहाल देवगांव रेलवे क्रॉसिंग डायवर्सन मार्ग की स्थिति पर भी गंभीर सवाल उठने लगे हैं। यात्रियों का कहना है कि यह मार्ग लंबे समय से खराब हालत में है और सड़क के बीच व किनारों पर बने गहरे गड्ढे लगातार हादसों को न्योता दे रहे हैं। घटना के बाद बस को गड्ढे से बाहर निकालने के प्रयास शुरू किए गए, जिससे कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से इस डायवर्सन मार्ग की तत्काल मरम्मत कराने और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम करने की मांग की है ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे को रोका जा सके।
    user_Tapas Gupta
    Tapas Gupta
    पाली, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
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