सीसी रोड निर्माण में भारी अनियमितता का आरोप, ग्रामीणों में आक्रोश सीसी रोड निर्माण में भारी अनियमितता का आरोप, ग्रामीणों में आक्रोश (सोनभद्र)। ग्रामीणों ने मुख्य मार्ग एनएच-39 से मुडिसेमर को जाने वाली प्रधानमंत्री सड़क पर चल रहे सीसी निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है। ग्रामीणों ओम प्रकाश का कहना है कि यह निर्माण कार्य मानकों के बिल्कुल विपरीत किया जा रहा है, जिससे सड़क की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। सीसी रोड निर्माण में सीमेंट, गिट्टी और बालू मानक के विपरीत डाली जा रही है। निर्माण कार्य बेहद लापरवाही और मनमाने तरीके से किया जा रहा है। राजेश कुमार का आरोप है कि ठेकेदार द्वारा अधिकतर काम रात के समय कराया जा रहा है, ताकि दिन के उजाले में घटिया निर्माण की पोल न खुल सके। इस कारण सड़क की सतह सही तरीके से नहीं बन पा रही है और यह आशंका जताई जा रही है कि यह सड़क कुछ ही दिनों में उखड़ जाएगी। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता की किसी भी स्तर पर जांच नहीं की जा रही है। न तो संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचकर निरीक्षण कर रहे हैं और न ही सामग्री की जांच की जा रही है। इससे ग्रामीणों में यह संदेह गहराता जा रहा है कि इस पूरे मामले में अधिकारियों और ठेकेदार की मिलीभगत हो सकती है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस कार्य में बंदरबांट कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि यह सड़क स्थानीय लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी मार्ग से बच्चों का स्कूल आना-जाना, मरीजों का अस्पताल पहुंचना और रोजमर्रा की जरूरतों की पूर्ति होती है। यदि सड़क घटिया बनी तो इससे ग्रामीणों को लंबे समय तक परेशानी झेलनी पड़ेगी। ग्रामीणों की मांग है कि निर्माण कार्य को तत्काल रोक कर जांच कराई जाए। साथ ही, मानक के अनुसार गुणवत्ता पूर्ण सीसी रोड का निर्माण कराया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सही कार्रवाई नहीं हुई तो यह मामला केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे उत्तर प्रदेश सरकार की छवि को बदनाम करने का षड्यंत्र भी माना जाएगा। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी न होने पर वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
सीसी रोड निर्माण में भारी अनियमितता का आरोप, ग्रामीणों में आक्रोश सीसी रोड निर्माण में भारी अनियमितता का आरोप, ग्रामीणों में आक्रोश (सोनभद्र)। ग्रामीणों ने मुख्य मार्ग एनएच-39 से मुडिसेमर को जाने वाली प्रधानमंत्री सड़क पर चल रहे सीसी निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है। ग्रामीणों ओम प्रकाश का कहना है कि यह निर्माण कार्य मानकों के बिल्कुल विपरीत किया जा रहा है, जिससे सड़क की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। सीसी रोड निर्माण में सीमेंट, गिट्टी और बालू मानक के विपरीत डाली जा रही है। निर्माण कार्य बेहद लापरवाही और मनमाने तरीके से किया जा रहा है। राजेश कुमार का आरोप है कि ठेकेदार द्वारा अधिकतर काम रात के समय कराया जा रहा है, ताकि दिन के उजाले में घटिया निर्माण की पोल न खुल सके। इस कारण सड़क की सतह सही तरीके से नहीं बन पा रही है और यह आशंका जताई जा रही है कि यह सड़क कुछ ही दिनों में उखड़ जाएगी। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता की किसी भी स्तर पर जांच नहीं की जा रही है। न तो संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचकर निरीक्षण कर रहे हैं और न ही सामग्री की जांच की जा रही है। इससे ग्रामीणों में यह संदेह गहराता जा रहा है कि इस पूरे मामले में अधिकारियों और ठेकेदार की मिलीभगत हो सकती है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस कार्य में बंदरबांट कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि यह सड़क स्थानीय लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी मार्ग से बच्चों का स्कूल आना-जाना, मरीजों का अस्पताल पहुंचना और रोजमर्रा की जरूरतों की पूर्ति होती है। यदि सड़क घटिया बनी तो इससे ग्रामीणों को लंबे समय तक परेशानी झेलनी पड़ेगी। ग्रामीणों की मांग है कि निर्माण कार्य को तत्काल रोक कर जांच कराई जाए। साथ ही, मानक के अनुसार गुणवत्ता पूर्ण सीसी रोड का निर्माण कराया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सही कार्रवाई नहीं हुई तो यह मामला केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे उत्तर प्रदेश सरकार की छवि को बदनाम करने का षड्यंत्र भी माना जाएगा। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी न होने पर वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
- सोनभद्र। जनपद में अवैध खनन और परिवहन पर सख्ती के लिए जिलाधिकारी सोनभद्र द्वारा कड़े आदेश-निर्देश जारी किए जाने के बावजूद जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। आरोप है कि दिनदहाड़े ही नहीं, बल्कि रात के अंधेरे में भी बिना उचित प्रकाश व्यवस्था के बड़ी-बड़ी जेसीबी, पोकलेन और लिफ्टिंग मशीनों के सहारे नदी की मुख्य धारा को मोड़कर खुलेआम रेत खनन किया जा रहा है। मामला जुगैल थाना क्षेत्र के भगवा इलाके का बताया जा रहा है, जहां कथित रूप से रुद्रा माइनिंग द्वारा प्रतिबंधित मशीनों से रेत निकासी का खेल जारी है। सूत्रों का दावा है कि नदी की प्राकृतिक धारा को कृत्रिम रूप से बदलकर बड़े पैमाने पर बालू निकाली जा रही है, जिससे पर्यावरण और जलीय जीवों पर गंभीर संकट मंडरा रहा है। पर्यावरण पर गहराता खतरा विशेषज्ञों का मानना है कि नदी की मुख्य धारा को मोड़ना और भारी मशीनों से खनन करना न केवल जलस्तर को प्रभावित करता है, बल्कि इससे नदी की पारिस्थितिकी तंत्र भी असंतुलित हो जाता है। जलीय जीवों के आवास नष्ट होने का खतरा बढ़ जाता है और आसपास के गांवों में कटान व बाढ़ की आशंका भी प्रबल हो सकती है। ‘सफेदपोश संरक्षण’ के आरोप स्थानीय सूत्रों का यह भी कहना है कि कथित रेत व्यवसायियों को कुछ प्रभावशाली लोगों का संरक्षण प्राप्त है, जिसके चलते जिम्मेदार विभाग कार्रवाई से कतरा रहे हैं। दिन-रात चल रही मशीनों की आवाज और ट्रकों की आवाजाही से ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर अब तक ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। जिम्मेदार विभाग मौन खनन विभाग, प्रदूषण नियंत्रण विभाग और स्थानीय प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। आखिर प्रतिबंधित मशीनों से खनन की अनुमति किस आधार पर दी जा रही है? यदि अनुमति नहीं है तो कार्रवाई क्यों नहीं हो रही?1
- जनपद सोनभद्र के विभिन्न कॉलेजों व स्कूलों में यूपी बोर्ड की परीक्षा आज से शुरू परीक्षा को नकल विहीन करने के लिए प्रशासन प्रयासरत1
- Post by Buro chief Sonbhadra Kameshwar Buro Chief1
- सोनभद्र में परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत रसोइयों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से भेजा है। माध्यमिक भारतीय रसोईया वेलफेयर एसोसिएशन उ०प्र० ने वर्ष 2004 से लंबित न्यूनतम मानदेय के अंतर बकाया, स्थायीकरण और रसोइयों के कल्याण से जुड़ी मांगों के शीघ्र निस्तारण की मांग की है। एसोसिएशन ने बताया कि परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत रसोइये प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत बहुत कम मानदेय पर कार्य कर रहे हैं, जिससे उनका जीविकोपार्जन कठिन हो रहा है। संगठन का कहना है कि इतने कम मानदेय में परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल है। ज्ञापन में प्रमुख मांगें रखी गई हैं, जिनमें रसोइयों से 11 माह के बजाय पूरे 12 माह कार्य लिए जाने और तदनुसार मानदेय देने की बात शामिल है। इसके अतिरिक्त, रसोइयों का नवीनीकरण स्वतः करने, प्रस्तावित प्रतिबंधों को समाप्त करने, मातृत्व अवकाश, मेडिकल सुविधा और 14 आकस्मिक अवकाश प्रदान करने की भी मांग की गई है। मृतक रसोइयों के स्थान पर उनके परिवार के सदस्य को नियुक्ति तथा न्याय पंचायत स्तर पर स्थानांतरण की व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी अपील की गई है।1
- Post by Mustaf Ahamad1
- अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी डाला के सीएसआर के तहत कुपोषित और अति कुपोषित बच्चो को बुधवार दोपहर 12 बजे त्रैमासिक पोषण किट का वितरण किया गया। यह वितरण डाला सेक्टर सी क्षेत्र में स्थित आंगनवाड़ी केंद्र पर उड़ान सेवा समिति के सहयोग से किया गया। पोषण किट में मुरमुरा,गुड़,भुना चना अन्य पोषक सामग्री शामिल थी।यह पोषण किट कुपोषित और अति कुपोषित बच्चो को दिया गया। इस मौके पर दर्जनों बच्चे उनकी मातायें, उड़ान सेवा समिति एनजीओ की मीनू चौबे और मुख्य सेविका नेहा भी मौजूद थीं।3
- Post by @PappuKumar-ky6qb you tube my channel1
- *जनपद – सोनभद्र* *✨ मिशन शक्ति 5.0 के अंतर्गत महिला सुरक्षा एवं साइबर सतर्कता अभियान सफलतापूर्वक सम्पन्न-* जनपद सोनभद्र में महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं सशक्तिकरण के उद्देश्य से मिशन शक्ति 5.0 के तहत व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अभियान का मुख्य फोकस महिला सुरक्षा, आत्मरक्षा प्रशिक्षण, विधिक अधिकारों की जानकारी एवं साइबर अपराधों से बचाव रहा। पुलिस अधीक्षक सोनभद्र श्री अभिषेक वर्मा के निर्देशन में तथा क्षेत्राधिकारी यातायात डॉ. चारु द्विवेदी (सहायक नोडल अधिकारी, मिशन शक्ति 5.0) के नेतृत्व में जनपद के समस्त थाना क्षेत्रों में पुलिस टीमों द्वारा विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों के अंतर्गत विद्यालयों, महाविद्यालयों, कोचिंग संस्थानों, बाजारों एवं ग्राम सभाओं में महिलाओं एवं बालिकाओं के साथ संवाद स्थापित कर उन्हें सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्रदान की गईं। अभियान के दौरान गुड टच-बैड टच, आत्मरक्षा के सरल उपाय, महिला उत्पीड़न से संबंधित विधिक प्रावधानों, हेल्पलाइन सेवाओं एवं साइबर अपराधों के विभिन्न तरीकों के बारे में विस्तार से बताया गया। साथ ही ऑनलाइन फ्रॉड, फर्जी कॉल/लिंक, सोशल मीडिया दुरुपयोग, बैंकिंग धोखाधड़ी एवं OTP साझा न करने के संबंध में विशेष सतर्कता बरतने की अपील की गई। पुलिस द्वारा यह भी अवगत कराया गया कि किसी भी प्रकार की छेड़छाड़, उत्पीड़न, घरेलू हिंसा या साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल पुलिस या संबंधित हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें। प्रत्येक शिकायत पर त्वरित एवं विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। *📢 महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबर-* 📞 112 – आपातकालीन सेवा 📞 1090 / 1091 – महिला सुरक्षा हेल्पलाइन 📞 181 – महिला हेल्पलाइन 📞 1930 – साइबर अपराध हेल्पलाइन 📞 1076 – मुख्यमंत्री हेल्पलाइन *सोनभद्र पुलिस महिला सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्ध है एवं मिशन शक्ति 5.0 के अंतर्गत यह अभियान सतत रूप से संचालित किया जाता रहेगा।*4