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सवालों के घेरे में वन विभाग—क्या सच में बच्चों के साथ हुआ दुर्व्यवहार?
MOHD ARIF
सवालों के घेरे में वन विभाग—क्या सच में बच्चों के साथ हुआ दुर्व्यवहार?
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- Post by समाचार Crime News1
- किन कारणों से अब सरकार के लिए गेहूं खरीद का लक्ष्य पूरा करना नामुमकिन सा होगा...जानने के लिए देखें और अपनी राय दें।1
- शेरपुर कला में गेहूं-गन्ने की फसल जलकर राख, देरी से पहुंची फायर ब्रिगेड पर किसानों का रोष। पूरनपुर,,,शेरपुर कला में भट्टे के पास लेब्रा तालाब के नजदीक किसानों के खेतों में सोमवार को भीषण आग लग गई। आग से गेहूं की तैयार फसल के साथ बीज के लिए खड़ी गन्ने की फसल पूरी तरह जलकर राख हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पूर्व प्रधान हाजी रियाजत नूर खान ने तुरंत फोन से प्रशासन को जानकारी दी। आरोप है कि फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर काफी देरी से पहुंची। इस बीच किसानों ने बड़ी मशक्कत कर खुद ही आग पर काबू पाया। देरी से पहुंचने पर किसानों ने फायर ब्रिगेड के खिलाफ नाराजगी जताई। किसानों के मुताबिक, जब तक फायर ब्रिगेड पहुंची, तब तक बीज वाला गन्ना पूरी तरह जल चुका था। दमकल कर्मियों ने सिर्फ खेत की मेड़ पर खड़े पेड़ों पर लगी आग बुझाने का काम किया।हाजी रियाजत नूर खान की सूचना पर राजस्व विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची। लेखपाल गौस मोहम्मद ने अपनी टीम के साथ खेतों का सर्वे कर नुकसान का आकलन किया। उन्होंने मौजूद किसानों को जल्द मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया।मौके पर फसल नुकसान झेलने वाले किसानों में इसारत नूर खान, मोहम्मद मियां, गुड्डू खान, इजाजत नूर खान समेत दर्जनों किसान व गांव के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।1
- बरेली के थाना इज्जतनगर क्षेत्र में सोशल मीडिया के दुरुपयोग का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, एक युवक द्वारा इंस्टाग्राम आईडी के माध्यम से महिलाओं पर अभद्र टिप्पणियां की गईं और उनका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया गया। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए थाना इज्जतनगर में सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। इस संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी नगर तृतीय पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच की जा रही है और आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से उपयोग करें और किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक सामग्री साझा करने से बचें।1
- रणथंभौर: जोन-3 में बाघ का शाही अंदाज, खुली जिप्सी में दीदार कर रोमांचित हुए पर्यटक सवाई माधोपुर | विश्व प्रसिद्ध रणथंभौर नेशनल पार्क से वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक बेहद सुखद खबर सामने आई है। पार्क के सबसे खूबसूरत और लोकप्रिय माने जाने वाले जोन संख्या 3 में पर्यटकों को बाघ का एक यादगार दीदार हुआ, जिसने सफारी पर निकले लोगों का दिन बना दिया। जिप्सी के सामने 'शाही चहलकदमी' मंगलवार सुबह की पाली में जब पर्यटकों का दल जिप्सी से जंगल भ्रमण पर था, तभी अचानक झाड़ियों के बीच से निकलकर एक विशाल बाघ मुख्य रास्ते पर आ गया। बाघ को इतने करीब और खुले अंदाज में देखकर पर्यटकों की सांसें थम गईं। बाघ ने बिना किसी हड़बड़ाहट के जिप्सी के सामने काफी देर तक चहलकदमी की और फिर पास ही स्थित झील के किनारे आराम फरमाने लगा। पर्यटकों में दिखा भारी उत्साह खुली जिप्सी में बाघ को महज कुछ ही फीट की दूरी पर देखकर पर्यटक गदगद हो गए। प्रकृति और वन्यजीवों की इस अद्भुत खूबसूरती को पर्यटकों ने अपने कैमरों और मोबाइल में कैद किया। सफारी से लौटे पर्यटकों ने बताया कि "यह उनके जीवन का सबसे यादगार अनुभव था। बाघ का इस तरह बेखौफ होकर घूमना रणथंभौर की असली पहचान है।" जोन-3: बाघों का पसंदीदा ठिकाना रणथंभौर का जोन-3 अपनी झीलों (पद्म तालाब, राजबाग और मलिक तालाब) और ऐतिहासिक किले के बैकड्रॉप के कारण बाघों की पहली पसंद माना जाता है। वर्तमान में यहाँ की शानदार साइटिंग ने पर्यटकों के बीच इस जोन का क्रेज और बढ़ा दिया है। विशेष नोट: हाल ही में रणथंभौर के जोन-9 में बाघ, लेपर्ड और कुनो से आए चीता (KP-2) के एक साथ देखे जाने की दुर्लभ घटना ने भी पूरी दुनिया का ध्यान रणथंभौर की ओर खींचा है।1
- मुख्य टाइटल: पूरनपुर नगर पालिका में बजट बैठक: ₹3.64 करोड़ के लाभ का बजट पेश, सीवर सफाई शुल्क भी तय। कैची टाइटल: अध्यक्ष शैलेन्द्र गुप्ता की मौजूदगी में पास हुआ 58 करोड़ का बजट, विधायक बाबूराम पासवान भी रहे मौजूद। 2. समाचार स्क्रिप्ट (News Script) (एंकर विजुअल/इंट्रो) "नमस्कार, आप देख रहे हैं upnewstv24 और मैं हूँ आपके साथ सरफराज अहमद खान। आज पूरनपुर नगर पालिका सभागार में अध्यक्ष शैलेन्द्र गुप्ता की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण विशेष बोर्ड बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में जहाँ पिछले साल के आय-व्यय का लेखा-जोखा रखा गया, वहीं आगामी वर्ष के लिए करोड़ों का बजट भी पास किया गया।" (वॉइस ओवर - बैठक के विजुअल के साथ) "बैठक की शुरुआत में लेखा प्रभारी दिनेश भारती ने वित्तीय वर्ष 2025-26 का विवरण पेश किया। आंकड़ों के मुताबिक, पिछले वर्ष कुल आय ₹28,51,37,213 रही, जबकि विकास कार्यों और अन्य मदों में ₹17,18,53,317 खर्च हुए। इस तरह नगर पालिका ने ₹11,32,83,896 का शुद्ध लाभ अर्जित किया।" (वॉइस ओवर - बजट विवरण) "बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु रहा वित्तीय वर्ष 2026-27 का प्रस्तावित बजट। सदन के सामने ₹58,21,00,000 की आय और ₹54,57,00,000 के व्यय का खाका खींचा गया। कुल ₹3,64,00,000 के लाभ वाले इस बजट को सदन ने सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी। साथ ही, जनता की सुविधा के लिए सीवर सेक्शन मशीन से टैंक सफाई का शुल्क अब ₹2000 निर्धारित किया गया है।" (क्लोजिंग) "इस मौके पर पूरनपुर विधायक बाबूराम पासवान, अधिशासी अधिकारी एज़ाज़ अहमद सहित सभी वार्डों के सभासद मौजूद रहे। सभी ने विकास कार्यों की गति को और तेज करने का संकल्प लिया। कैमरा सहयोगी के साथ, सरफराज अहमद खान, upnewstv24।"1
- बरेली में पुलिस और गोतस्करों के बीच मुठभेड़, एक तस्कर और एसआई योगेंद्र सिंह घायल, तमंचा और गोवंश पशु बरामद1
- उत्तर प्रदेश के पीलीभीत से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक मां को अपने बीमार बेटे के इलाज के लिए अपनी पायल तक बेचनी पड़ गई। यह घटना राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था और प्रशासनिक संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े करती है, क्योंकि इस मामले में खुद राज्यमंत्री की सिफारिशी चिट्ठी भी बेअसर साबित हुई। शहर के बल्लभ नगर की रहने वाली रामकली का बेटा श्यामसुंदर किडनी की गंभीर बीमारी से जूझ रहा है। बेटे की जान बचाने के लिए बेबस मां ने गन्ना राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार से गुहार लगाई थी। मंत्री ने संवेदनशीलता दिखाते हुए लखनऊ के केजीएमयू निदेशक के नाम पत्र भी लिखा, लेकिन अस्पताल में न तो मरीज को भर्ती किया गया और न ही किसी ने फोन उठाया। इलाज न मिलने और आर्थिक तंगी के कारण हारकर मां को अपनी पायल बेचनी पड़ी और वह भारी मन से बेटे के साथ वापस घर लौट आई। जब यह मामला सोशल मीडिया पर वायरल हुआ और प्रशासन की अनदेखी की तस्वीरें सामने आईं, तो जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने तत्काल मामले का संज्ञान लिया। सोमवार को कलेक्ट्रेट में आयोजित 'जनता दरबार' में रामकली ने अपनी आपबीती सुनाई। डीएम ज्ञानेंद्र सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत रेड क्रॉस सोसाइटी की ओर से पीड़ित परिवार को तत्काल 50 हजार की आर्थिक मदद प्रदान की गई। जिलाधिकारी ने एसडीएम सदर श्रद्धा सिंह के माध्यम से नई पायलें भी भेंट करवाईं! और भविष्य में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए महिला का नया राशन कार्ड बनवाया गया। डीएम के निर्देश के कुछ ही मिनटों के भीतर स्वास्थ्य विभाग की टीम पीड़ित के घर पहुंची। देर शाम जिलाधिकारी स्वयं पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे और श्यामसुंदर को बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि, "प्रशासन हर गरीब और लाचार व्यक्ति के साथ खड़ा है। पीड़ित परिवार को हर संभव सरकारी मदद मुहैया कराई जाएगी और इलाज में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।" यह मामला एक तरफ प्रशासनिक तत्परता की मिसाल पेश करता है, तो दूसरी तरफ बड़े अस्पतालों की उस कार्यशैली को भी उजागर करता है जहाँ मंत्री की चिट्ठी के बावजूद एक गरीब को इलाज के लिए दर-दर भटकना पड़ता है।1
- Post by Prashant mishra1