निडर भारत न्यूज़ से पत्रकार आकाश कोहली की रिपोर्ट 📍 पातालपानी पातालपानी पार्किंग परिसर में स्थापित भगवान टंट्या भील की प्रतिमा पर श्रद्धालुओं और आगंतुकों को लंबे समय से फूल-माला अर्पित करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। प्रतिमा की ऊंचाई अधिक होने के कारण लोग आसानी से माला नहीं पहना पाते थे। कई बार आदिवासी समाज के लोग और जनप्रतिनिधि माला चढ़ाने की कोशिश करते थे, लेकिन उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण यह कार्य करना कठिन हो जाता था। हाल ही में जब नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार पातालपानी दौरे पर पहुंचे, तब आदिवासी समाज के लोगों ने उनसे इस समस्या को लेकर मांग रखी कि प्रतिमा तक आसानी से पहुंचने के लिए एक सीढ़ी या मंच (प्लेटफॉर्म) बनाया जाए, ताकि जो भी श्रद्धालु या अतिथि आए, वह बिना किसी परेशानी के भगवान टंट्या भील की प्रतिमा पर माला अर्पित कर सके। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने समाज की इस मांग को स्वीकार करते हुए कहा कि इसके निर्माण में जितना भी खर्च आएगा, वह स्वयं वहन करेंगे। उनके आश्वासन के बाद कार्यकर्ताओं ने पहल करते हुए प्रतिमा के पास माला चढ़ाने के लिए एक सीढ़ीनुमा व्यवस्था का निर्माण कर उसे पूर्ण कर दिया। अब श्रद्धालु आसानी से प्रतिमा तक पहुंचकर माला अर्पित कर पा रहे हैं। इस पहल के लिए आदिवासी समाज के लोगों और स्थानीय नागरिकों ने नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया। इस अवसर पर महू विधानसभा आदिवासी कांग्रेस अध्यक्ष रामप्रसाद बारोट, दिनेश कटारे और सहित समाज के कई लोगों ने उमंग सिंघार को इस सराहनीय पहल के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। निडर भारत न्यूज़ से पत्रकार आकाश कोहली की रिपोर्ट 📍 पातालपानी पातालपानी पार्किंग परिसर में स्थापित भगवान टंट्या भील की प्रतिमा पर श्रद्धालुओं और आगंतुकों को लंबे समय से फूल-माला अर्पित करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। प्रतिमा की ऊंचाई अधिक होने के कारण लोग आसानी से माला नहीं पहना पाते थे। कई बार आदिवासी समाज के लोग और जनप्रतिनिधि माला चढ़ाने की कोशिश करते थे, लेकिन उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण यह कार्य करना कठिन हो जाता था। हाल ही में जब नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार पातालपानी दौरे पर पहुंचे, तब आदिवासी समाज के लोगों ने उनसे इस समस्या को लेकर मांग रखी कि प्रतिमा तक आसानी से पहुंचने के लिए एक सीढ़ी या मंच (प्लेटफॉर्म) बनाया जाए, ताकि जो भी श्रद्धालु या अतिथि आए, वह बिना किसी परेशानी के भगवान टंट्या भील की प्रतिमा पर माला अर्पित कर सके। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने समाज की इस मांग को स्वीकार करते हुए कहा कि इसके निर्माण में जितना भी खर्च आएगा, वह स्वयं वहन करेंगे। उनके आश्वासन के बाद कार्यकर्ताओं ने पहल करते हुए प्रतिमा के पास माला चढ़ाने के लिए एक सीढ़ीनुमा व्यवस्था का निर्माण कर उसे पूर्ण कर दिया। अब श्रद्धालु आसानी से प्रतिमा तक पहुंचकर माला अर्पित कर पा रहे हैं। इस पहल के लिए आदिवासी समाज के लोगों और स्थानीय नागरिकों ने नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया। इस अवसर पर महू विधानसभा आदिवासी कांग्रेस अध्यक्ष रामप्रसाद बारोट, दिनेश कटारे और सहित समाज के कई लोगों ने उमंग सिंघार को इस सराहनीय पहल के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।
निडर भारत न्यूज़ से पत्रकार आकाश कोहली की रिपोर्ट 📍 पातालपानी पातालपानी पार्किंग परिसर में स्थापित भगवान टंट्या भील की प्रतिमा पर श्रद्धालुओं और आगंतुकों को लंबे समय से फूल-माला अर्पित करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। प्रतिमा की ऊंचाई अधिक होने के कारण लोग आसानी से माला नहीं पहना पाते थे। कई बार आदिवासी समाज के लोग और जनप्रतिनिधि माला चढ़ाने की कोशिश करते थे, लेकिन उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण यह कार्य करना कठिन हो जाता था। हाल ही में जब नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार पातालपानी दौरे पर पहुंचे, तब आदिवासी समाज के लोगों ने उनसे इस समस्या को लेकर मांग रखी कि प्रतिमा तक आसानी से पहुंचने के लिए एक सीढ़ी या मंच (प्लेटफॉर्म) बनाया जाए, ताकि जो भी श्रद्धालु या अतिथि आए, वह बिना किसी परेशानी के भगवान टंट्या भील की प्रतिमा पर माला अर्पित कर सके। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने समाज की इस मांग को स्वीकार करते हुए कहा कि इसके निर्माण में जितना भी खर्च आएगा, वह स्वयं वहन करेंगे। उनके आश्वासन के बाद कार्यकर्ताओं ने पहल करते हुए प्रतिमा के पास माला चढ़ाने के लिए एक सीढ़ीनुमा व्यवस्था का निर्माण कर उसे पूर्ण कर दिया। अब श्रद्धालु आसानी से प्रतिमा तक पहुंचकर माला अर्पित कर पा रहे हैं। इस पहल के लिए आदिवासी समाज के लोगों और स्थानीय नागरिकों ने नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया। इस अवसर पर महू विधानसभा आदिवासी कांग्रेस अध्यक्ष रामप्रसाद बारोट, दिनेश कटारे और सहित समाज के कई लोगों ने उमंग सिंघार को इस सराहनीय पहल के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। निडर भारत न्यूज़ से पत्रकार आकाश कोहली की रिपोर्ट 📍 पातालपानी पातालपानी पार्किंग परिसर में स्थापित भगवान टंट्या भील की प्रतिमा पर श्रद्धालुओं और आगंतुकों को लंबे समय से फूल-माला अर्पित करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। प्रतिमा की ऊंचाई अधिक होने के कारण लोग आसानी से माला नहीं पहना पाते थे। कई बार आदिवासी समाज के लोग और जनप्रतिनिधि माला चढ़ाने की कोशिश करते थे, लेकिन उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण यह कार्य करना कठिन हो जाता था। हाल ही में जब नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार पातालपानी दौरे पर पहुंचे, तब आदिवासी समाज के लोगों ने उनसे इस समस्या को लेकर मांग रखी कि प्रतिमा तक आसानी से पहुंचने के लिए एक सीढ़ी या मंच (प्लेटफॉर्म) बनाया जाए, ताकि जो भी श्रद्धालु या अतिथि आए, वह बिना किसी परेशानी के भगवान टंट्या भील की प्रतिमा पर माला अर्पित कर सके। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने समाज की इस मांग को स्वीकार करते हुए कहा कि इसके निर्माण में जितना भी खर्च आएगा, वह स्वयं वहन करेंगे। उनके आश्वासन के बाद कार्यकर्ताओं ने पहल करते हुए प्रतिमा के पास माला चढ़ाने के लिए एक सीढ़ीनुमा व्यवस्था का निर्माण कर उसे पूर्ण कर दिया। अब श्रद्धालु आसानी से प्रतिमा तक पहुंचकर माला अर्पित कर पा रहे हैं। इस पहल के लिए आदिवासी समाज के लोगों और स्थानीय नागरिकों ने नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया। इस अवसर पर महू विधानसभा आदिवासी कांग्रेस अध्यक्ष रामप्रसाद बारोट, दिनेश कटारे और सहित समाज के कई लोगों ने उमंग सिंघार को इस सराहनीय पहल के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।
- इंदौर–बेटमा से सामने आया एक चौंकाने वाला मामला, जहां एक ट्रांसजेंडर व्यक्ति ने शोषण और जबरन लिंग परिवर्तन कराने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित का कहना है कि उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ रखा गया, मारपीट की गई और जबरन लिंग परिवर्तन के लिए दबाव बनाया गया। आरोप है कि इस दौरान उससे पैसे भी मांगे गए और विरोध करने पर उसे डराया-धमकाया गया। किसी तरह मौका पाकर पीड़ित वहां से भाग निकला और वापस इंदौर पहुंचकर पूरी घटना बताई। दूसरी ओर, मामले में आरोपियों पर पैसे लेकर भागने जैसे उल्टे आरोप भी लगाए जा रहे हैं। दोनों पक्षों के आरोपों के बीच मामला उलझता नजर आ रहा है। अब सवाल यह है कि सच क्या है और पीड़ित को न्याय कब मिलेगा? पुलिस जांच के बाद ही पूरे मामले का खुलासा हो सकेगा।1
- Post by Dinesh Chandra Rathore1
- निडर भारत न्यूज़ से पत्रकार आकाश कोहली की रिपोर्ट 📍 पातालपानी पातालपानी पार्किंग परिसर में स्थापित भगवान टंट्या भील की प्रतिमा पर श्रद्धालुओं और आगंतुकों को लंबे समय से फूल-माला अर्पित करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। प्रतिमा की ऊंचाई अधिक होने के कारण लोग आसानी से माला नहीं पहना पाते थे। कई बार आदिवासी समाज के लोग और जनप्रतिनिधि माला चढ़ाने की कोशिश करते थे, लेकिन उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण यह कार्य करना कठिन हो जाता था। हाल ही में जब नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार पातालपानी दौरे पर पहुंचे, तब आदिवासी समाज के लोगों ने उनसे इस समस्या को लेकर मांग रखी कि प्रतिमा तक आसानी से पहुंचने के लिए एक सीढ़ी या मंच (प्लेटफॉर्म) बनाया जाए, ताकि जो भी श्रद्धालु या अतिथि आए, वह बिना किसी परेशानी के भगवान टंट्या भील की प्रतिमा पर माला अर्पित कर सके। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने समाज की इस मांग को स्वीकार करते हुए कहा कि इसके निर्माण में जितना भी खर्च आएगा, वह स्वयं वहन करेंगे। उनके आश्वासन के बाद कार्यकर्ताओं ने पहल करते हुए प्रतिमा के पास माला चढ़ाने के लिए एक सीढ़ीनुमा व्यवस्था का निर्माण कर उसे पूर्ण कर दिया। अब श्रद्धालु आसानी से प्रतिमा तक पहुंचकर माला अर्पित कर पा रहे हैं। इस पहल के लिए आदिवासी समाज के लोगों और स्थानीय नागरिकों ने नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया। इस अवसर पर महू विधानसभा आदिवासी कांग्रेस अध्यक्ष रामप्रसाद बारोट, दिनेश कटारे और सहित समाज के कई लोगों ने उमंग सिंघार को इस सराहनीय पहल के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।1
- Post by Ck_news1
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- न्यू व्यापार मकोड़ा मकोड़ा मकोड़ा 1 मकोड़े की कीमत भारतीय मुद्रा से 65 से 70 रुपए1
- केंद्रीय जेल में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के दौरान कृष्ण जन्मोत्सव बड़े ही उत्साह के साथ मनाया गया। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म प्रसंग पर कथा स्थल भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन कर नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की के जयकारे लगाए। पूरे आयोजन में भक्ति और उल्लास का माहौल देखने को मिला।1