गाजियाबाद में 21st Milestone Residency के निवासियों ने इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की सरकारी भूमि पर पिछले कुछ दिनों से जारी बड़े पैमाने पर वृक्ष कटाई को लेकर गंभीर चिंता और भारी रोष व्यक्त किया है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, यह क्षेत्र वर्षों से घने और बड़े पेड़ों से आच्छादित था, जो आसपास के पर्यावरण, वायु गुणवत्ता और तापमान संतुलन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण थे। हालांकि, हाल के दिनों में भारी संख्या में पुराने वृक्ष काटे जा चुके हैं, जिससे बड़ा क्षेत्र पूरी तरह खाली हो गया है। निवासियों का आरोप है कि अब तक किसी भी प्रकार की सार्वजनिक सूचना, पर्यावरणीय अनुमति अथवा वैधानिक प्रक्रिया की जानकारी उन्हें उपलब्ध नहीं कराई गई है, जिससे इस पूरे मामले पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार बढ़ते प्रदूषण और तापमान के बीच शहरी हरित क्षेत्र का इस प्रकार समाप्त किया जाना भविष्य के लिए अत्यंत खतरनाक संकेत है। 21st Milestone Residency के निवासियों ने इस संबंध में जिलाधिकारी गाजियाबाद, वन विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण एवं अन्य संबंधित विभागों को सामूहिक शिकायत भेजी है। उन्होंने मांग की है कि वृक्ष कटाई पर तत्काल रोक लगाई जाए, पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराई जाए, सभी अनुमतियाँ और स्वीकृतियाँ सार्वजनिक की जाएँ, अवैधता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं एजेंसियों पर कार्रवाई की जाए, पर्यावरणीय क्षति का आकलन कराया जाए और बड़े स्तर पर प्रतिपूरक वृक्षारोपण सुनिश्चित किया जाए। निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो वे इस मामले को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT), उच्च न्यायालय एवं अन्य वैधानिक मंचों तक ले जाएंगे। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह केवल पेड़ों की कटाई का मामला नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के पर्यावरणीय अधिकारों और सार्वजनिक हित से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मुद्दा है।
गाजियाबाद में 21st Milestone Residency के निवासियों ने इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की सरकारी भूमि पर पिछले कुछ दिनों से जारी बड़े पैमाने पर वृक्ष कटाई को लेकर गंभीर चिंता और भारी रोष व्यक्त किया है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, यह क्षेत्र वर्षों से घने और बड़े पेड़ों से आच्छादित था, जो आसपास के पर्यावरण, वायु गुणवत्ता और तापमान संतुलन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण थे। हालांकि, हाल के दिनों में भारी संख्या में पुराने
वृक्ष काटे जा चुके हैं, जिससे बड़ा क्षेत्र पूरी तरह खाली हो गया है। निवासियों का आरोप है कि अब तक किसी भी प्रकार की सार्वजनिक सूचना, पर्यावरणीय अनुमति अथवा वैधानिक प्रक्रिया की जानकारी उन्हें उपलब्ध नहीं कराई गई है, जिससे इस पूरे मामले पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार बढ़ते प्रदूषण और तापमान के बीच शहरी हरित क्षेत्र का इस प्रकार समाप्त किया जाना भविष्य
के लिए अत्यंत खतरनाक संकेत है। 21st Milestone Residency के निवासियों ने इस संबंध में जिलाधिकारी गाजियाबाद, वन विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण एवं अन्य संबंधित विभागों को सामूहिक शिकायत भेजी है। उन्होंने मांग की है कि वृक्ष कटाई पर तत्काल रोक लगाई जाए, पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराई जाए, सभी अनुमतियाँ और स्वीकृतियाँ सार्वजनिक की जाएँ, अवैधता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं एजेंसियों पर कार्रवाई की जाए, पर्यावरणीय क्षति
का आकलन कराया जाए और बड़े स्तर पर प्रतिपूरक वृक्षारोपण सुनिश्चित किया जाए। निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो वे इस मामले को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT), उच्च न्यायालय एवं अन्य वैधानिक मंचों तक ले जाएंगे। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह केवल पेड़ों की कटाई का मामला नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के पर्यावरणीय अधिकारों और सार्वजनिक हित से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मुद्दा है।
- गाजियाबाद में एसी सर्विस और रिपेयर की विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध हैं। अब घर बैठे एसी सर्विस और रिपेयर की सुविधा के साथ, ग्राहक अपनी एसी की सर्विसिंग से पहले और बाद के प्रदर्शन में स्पष्ट अंतर देख सकते हैं। अपनी एसी संबंधी समस्याओं के समाधान और विशेषज्ञ सेवा के लिए 9211059296 पर कॉल किया जा सकता है।2
- गाजियाबाद के मोदीनगर थाना क्षेत्र के ग्राम बेगमाबाद में एक प्लाट विवाद का केंद्र बना हुआ है। इसमें एक महिला खुद को पीड़ित साबित करने की कोशिश कर रही है और चुनिंदा पत्रकारों को बुलाकर बार-बार प्रेस वार्ता कर एक युवक पर गंभीर आरोप लगाकर प्रशासन पर मुकदमा दर्ज कराने का दबाव बना रही है। वहीं, कथित पीड़ित युवक कुणाल नेहरा का दावा है कि महिला झूठ बोल रही है और उसके पीछे गांव का हिस्ट्रीशीटर इसु नेहरा है, जिसने महिला की आड़ में उसका ₹60 लाख का प्लाट हथिया लिया है। कुणाल नेहरा के अनुसार, इसु नेहरा अवैध कॉलोनियां बसाने का काम करता है। 2023 में इसु नेहरा के कहने पर ही कुणाल ने अपने प्लाट की रजिस्ट्री महिला के नाम पर की थी, जिसके एवज में उसे ₹12 लाख के चेक और बाकी रकम बाद में घर आकर देने की बात कही गई थी। हालांकि, इसु नेहरा ने पैसे नहीं दिए और कुणाल को प्रॉपर्टी के काम में साझेदारी तथा एक वर्ष में ₹62 लाख से ₹1 करोड़ कमाने का झांसा देकर उसका प्लाट कब्जा लिया। कुणाल का आरोप है कि जब भी वह अपने प्लाट या प्रॉपर्टी के मुनाफे के पैसे मांगता था, इसु नेहरा उसे बहाना बनाकर टाल देता था। पीड़ित युवक ने यह भी कहा कि इसु नेहरा का यह तरीका है कि जो भी उससे पैसे मांगता है, वह उस पर फर्जी मुकदमा दर्ज करवा देता है। कुणाल नेहरा ने इसु नेहरा की एक ऑडियो क्लिप साझा करते हुए बताया कि हिस्ट्रीशीटर इसु नेहरा के हौसले इतने बुलंद हैं कि वह खुलेआम कह चुका है कि इस प्लाट के संबंध में उसने उपजिलाधिकारी मोदीनगर, तहसीलदार और लेखपाल को ₹5 लाख की रिश्वत भी दी है। फिलहाल, मोदीनगर के थाना प्रभारी और एसीपी प्रभाकर वर्मा इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रहे हैं। इस मामले में मोदीनगर के हिस्ट्रीशीटर और भूमाफिया इसु नेहरा पर महिला की आड़ में एक पीड़ित का ₹60 लाख का प्लाट कब्जाने का आरोप है।2
- छत्तीसगढ़ में मारुति सुजुकी शोरूम के CEO पर कंपनी की एक महिला कर्मचारी के साथ छेड़छाड़ का गंभीर आरोप लगा है। यह सफ़ेद टी-शर्ट और ब्लैक पेंट में दिख रहा शख्स शोरूम का CEO बताया गया है। छेड़छाड़ की घटना से गुस्साई महिला कर्मचारी ने पुलिस के सामने ही उसकी जमकर पिटाई कर दी। इतना ही नहीं, लड़की ने पहले उसके चेहरे पर स्याही फेंकी, जिसके बाद वहाँ खूब हंगामा हुआ। लड़की के साथ छेड़छाड़ करने की यह घटना कथित तौर पर CEO को बहुत महंगी पड़ी।1
- जनपद गाजियाबाद के थाना क्षेत्र साहिबाबाद के शहीद नगर स्थित जवाहर पार्क में, बिना नंबर प्लेट वाली स्कूटी पर सवार दो बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की। मौके पर मौजूद एक स्थानीय युवक ने बताया कि दोनों हमलावर हेलमेट पहने हुए थे, अचानक पहुंचे, कई राउंड फायरिंग की और फिर घटनास्थल से फरार हो गए। बदमाशों द्वारा की गई फायरिंग से एक गाड़ी और एक दुकान के शटर को नुकसान पहुँचा है। इस घटना के बाद से कॉलोनी के निवासियों और आसपास के पूरे क्षेत्र में डर का माहौल बना हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुँची है और मामले की जाँच में जुट गई है।2
- जनपद गाजियाबाद के थाना क्षेत्र इंदिरापुरम में पुलिस टीम ने जवाबी मुठभेड़ और आत्मरक्षा फायरिंग के दौरान एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने अभियुक्त के कब्जे से एक खोखा कारतूस, एक जिन्दा कारतूस, एक अवैध तमंचा, चोरी के दो आईफोन और घटना में प्रयुक्त एक मोटरसाइकिल बरामद की है। इस कार्रवाई की जानकारी पुलिस आयुक्त इंद्रापुरम सहायक श्री अभिषेक श्रीवास्तव द्वारा वीडियो बाइट के माध्यम से दी गई है। यह दुनिया डायरेक्ट राष्ट्रीय हिंदी समाचार पत्र के गाजियाबाद ब्यूरो चीफ हरीश कुमार की विशेष रिपोर्ट है।1
- लखनऊ के एक स्कूल में SSC GD की परीक्षा सर्वर न चलने के कारण रद्द कर दी गई, जिसके बाद छात्रों में भारी गुस्सा देखा गया। यह घटना ऐसे समय में हुई जब छात्र 46 डिग्री सेल्सियस की चिलचिलाती धूप में 100 किलोमीटर का सफर तय करके परीक्षा देने पहुंचे थे। सर्वर ठप पड़ने से परीक्षा रद्द होने पर छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। इस घटना को लेकर व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं, और टिप्पणी की गई है कि सिस्टम पूरी तरह सड़ चुका है तथा इसे बदलने की तत्काल आवश्यकता है।1
- देश में सीएनजी की कीमतें एक बार फिर बढ़ गई हैं, जिससे नागरिकों की चिंताएं बढ़ गई हैं। यह मूल्य वृद्धि देश में लगातार बढ़ रही महंगाई में एक और इजाफा है, जिसका सीधा असर गरीबों पर पड़ रहा है और उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।1
- गाजियाबाद जिले के चामुंडा चौकी निवासी आमिर, जो स्वर्गीय अनवर के बेटे हैं और बैटरी रिक्शा (मयूरी) की मरम्मत का काम करते हैं, 17 मई, 2026 को एक सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए। आमिर के अनुसार, वह अपने दोस्त के साथ मुरादनगर से गाजियाबाद किसी की मयूरी ठीक करने गए थे। रात में गाजियाबाद से लौटते समय, दुहाई ईस्टर्न पेरिफेरल हाईवे पार करते ही गलत दिशा से आ रही एक अज्ञात चार-पहिया गाड़ी ने उनकी स्प्लेंडर बाइक को सामने से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि आमिर के दाहिने पैर की हड्डी खिसक गई और उनके दो दांत टूट गए, वहीं उनके दोस्त सागर को भी गंभीर चोटें आईं। टक्कर मारने वाला वाहन चालक अपनी गाड़ी सहित मौके से फरार हो गया। पीड़ित आमिर के परिवार का आरोप है कि उन्होंने मुरादनगर पुलिस थाने में इस अज्ञात वाहन और उसके चालक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन इस घटना पर आज तक कोई भी कानूनी कार्रवाई नहीं की गई है। दुनिया डायरेक्ट राष्ट्रीय हिंदी समाचार पत्र के गाजियाबाद ब्यूरो चीफ हरीश कुमार की खास रिपोर्ट के अनुसार, पीड़ित परिवार अब न्याय पाने के लिए उच्च अधिकारियों के चक्कर काट रहा है।1
- गाजियाबाद के पॉश इलाके इंदिरापुरम स्थित शिप्रा सृष्टि सोसाइटी में, जो हैबिटेट सेंटर के ठीक पास है, 15वें माले के एक फ्लैट में भयंकर आग लग गई। आग इतनी भीषण थी कि इससे आसपास के मकानों में भी आग लगने का खतरा पैदा हो गया था। सूचना मिलते ही वैशाली फायर स्टेशन से तमाम आग बुझाने वाली गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और मोर्चा संभाला। दमकल विभाग ने अब आग पर पूरी तरह काबू पा लिया है। अच्छी बात यह रही कि इस अग्निकांड में कोई जनहानि नहीं हुई, हालांकि आग लगने से लाखों रुपये का घर का सामान जलकर खाक हो गया है। आग लगने का कारण अभी पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हो पाया है, और पुलिस फिलहाल इस मामले में जांच की बात कर रही है।1