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लखनऊ के एक स्कूल में SSC GD की परीक्षा सर्वर न चलने के कारण रद्द कर दी गई, जिसके बाद छात्रों में भारी गुस्सा देखा गया। यह घटना ऐसे समय में हुई जब छात्र 46 डिग्री सेल्सियस की चिलचिलाती धूप में 100 किलोमीटर का सफर तय करके परीक्षा देने पहुंचे थे। सर्वर ठप पड़ने से परीक्षा रद्द होने पर छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। इस घटना को लेकर व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं, और टिप्पणी की गई है कि सिस्टम पूरी तरह सड़ चुका है तथा इसे बदलने की तत्काल आवश्यकता है।

19 hrs ago
user_आदर्श भारत TV
आदर्श भारत TV
TV News Anchor सदरपुर, गाजियाबाद•
19 hrs ago

लखनऊ के एक स्कूल में SSC GD की परीक्षा सर्वर न चलने के कारण रद्द कर दी गई, जिसके बाद छात्रों में भारी गुस्सा देखा गया। यह घटना ऐसे समय में हुई जब छात्र 46 डिग्री सेल्सियस की चिलचिलाती धूप में 100 किलोमीटर का सफर तय करके परीक्षा देने पहुंचे थे। सर्वर ठप पड़ने से परीक्षा रद्द होने पर छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। इस घटना को लेकर व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं, और टिप्पणी की गई है कि सिस्टम पूरी तरह सड़ चुका है तथा इसे बदलने की तत्काल आवश्यकता है।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में बुधवार सुबह से ही पत्रकार ललित चौधरी और अपूर्वा चौधरी को उनके ही घरों में नज़रबंद कर दिया गया है। पुलिस ने यह कदम पत्रकारों द्वारा बुलाए गए एक विशाल विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए उठाया है, जिसे पुलिस उत्पीड़न के खिलाफ आवाज़ उठाने के लिए निर्धारित किया गया था। इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए, अपूर्वा चौधरी ने पुलिस प्रशासन की तानाशाही पर सवाल उठाते हुए चुनौती दी है कि "आप मुझे कब तक रोकेंगे?" यह पूरा मामला सिद्धार्थ विहार जल निगम पुलिस थाने से शुरू हुआ था, जहाँ संपादक ललित चौधरी और पत्रकार अपूर्वा चौधरी, साथी पत्रकार सुमन मिश्रा के साथ हुए दुर्व्यवहार की शिकायत दर्ज कराने गए थे। आरोप है कि पुलिस की मौजूदगी में ही विरोधी पक्ष ने उनके साथ गाली-गलौज की। इसके बजाय कार्रवाई करने के, मौके पर तैनात उप-निरीक्षक आयुष कुमार और अन्य पुलिस अधिकारियों ने ललित चौधरी के साथ बेरहमी से मारपीट की, उन्हें घसीटा और अपशब्दों का इस्तेमाल किया। पीड़ितों का यह भी आरोप है कि जब उन्होंने विजयनगर पुलिस थाने के प्रभारी धर्मपाल से शिकायत की, तो उन्होंने सुनने के बजाय उन्हें धमकाकर थाने से बाहर निकाल दिया। इस घटना के बाद, एसीपी उपासना पांडे, डीसीपी सिटी और पुलिस कमिश्नर को फोन पर सूचित किया गया और अगले दिन एक लिखित शिकायत व ज्ञापन भी सौंपा गया। हालांकि, न्याय दिलाने के बजाय, मामले को 'ठंडे बस्ते में' डाल दिया गया और इसमें देरी की कोशिशें की गईं, जिससे दोषियों को लगातार बचाया जा रहा है और जाँच की दिशा में कोई जानकारी नहीं दी जा रही है। पुलिस की क्रूरता और न्याय न मिलने से हताश, पत्रकार अपूर्वा चौधरी पिछले कई दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर चेतावनी भी दी थी कि यदि दोषी सब-इंस्पेक्टर आयुष कुमार, स्टेशन इंचार्ज धर्मपाल और अन्य लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो उन्हें आत्महत्या करने पर मजबूर होना पड़ेगा, जिसके लिए गाजियाबाद पुलिस पूरी तरह से जिम्मेदार होगी। पत्रकारों का कहना है कि यह सब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की "ज़ीरो टॉलरेंस" नीति की अवहेलना है, और गाजियाबाद पुलिस पर उत्पीड़न, मारपीट और तानाशाही के गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। पुलिस प्रशासन के संवेदनहीन और तानाशाही रवैये के खिलाफ गाजियाबाद के पत्रकारों में भारी गुस्सा है। उन्होंने आज (बुधवार, 27 मई, 2026) जिला पुलिस आयुक्त के कार्यालय पर एक विशाल और अनिश्चितकालीन विरोध प्रदर्शन की घोषणा की थी। इसे दबाने के लिए, दर्जनों पुलिसकर्मियों ने ललित चौधरी और अपूर्वा चौधरी के पूरे सोसाइटी को एक छावनी में बदल दिया और उन्हें सुबह से ही नज़रबंद कर दिया। अब पत्रकारों को नज़रबंद किए जाने के बाद, गाजियाबाद के पत्रकार समुदाय में और भी अधिक रोष है। एकजुट पत्रकारों ने साफ तौर पर कहा है कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हो रहे इस अत्याचार को अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और पुलिस चाहे जो भी हथकंडा अपना ले, न्याय की यह लड़ाई रुकेगी नहीं।
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    उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में बुधवार सुबह से ही पत्रकार ललित चौधरी और अपूर्वा चौधरी को उनके ही घरों में नज़रबंद कर दिया गया है। पुलिस ने यह कदम पत्रकारों द्वारा बुलाए गए एक विशाल विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए उठाया है, जिसे पुलिस उत्पीड़न के खिलाफ आवाज़ उठाने के लिए निर्धारित किया गया था। इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए, अपूर्वा चौधरी ने पुलिस प्रशासन की तानाशाही पर सवाल उठाते हुए चुनौती दी है कि "आप मुझे कब तक रोकेंगे?"

यह पूरा मामला सिद्धार्थ विहार जल निगम पुलिस थाने से शुरू हुआ था, जहाँ संपादक ललित चौधरी और पत्रकार अपूर्वा चौधरी, साथी पत्रकार सुमन मिश्रा के साथ हुए दुर्व्यवहार की शिकायत दर्ज कराने गए थे। आरोप है कि पुलिस की मौजूदगी में ही विरोधी पक्ष ने उनके साथ गाली-गलौज की। इसके बजाय कार्रवाई करने के, मौके पर तैनात उप-निरीक्षक आयुष कुमार और अन्य पुलिस अधिकारियों ने ललित चौधरी के साथ बेरहमी से मारपीट की, उन्हें घसीटा और अपशब्दों का इस्तेमाल किया। पीड़ितों का यह भी आरोप है कि जब उन्होंने विजयनगर पुलिस थाने के प्रभारी धर्मपाल से शिकायत की, तो उन्होंने सुनने के बजाय उन्हें धमकाकर थाने से बाहर निकाल दिया।

इस घटना के बाद, एसीपी उपासना पांडे, डीसीपी सिटी और पुलिस कमिश्नर को फोन पर सूचित किया गया और अगले दिन एक लिखित शिकायत व ज्ञापन भी सौंपा गया। हालांकि, न्याय दिलाने के बजाय, मामले को 'ठंडे बस्ते में' डाल दिया गया और इसमें देरी की कोशिशें की गईं, जिससे दोषियों को लगातार बचाया जा रहा है और जाँच की दिशा में कोई जानकारी नहीं दी जा रही है। पुलिस की क्रूरता और न्याय न मिलने से हताश, पत्रकार अपूर्वा चौधरी पिछले कई दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर चेतावनी भी दी थी कि यदि दोषी सब-इंस्पेक्टर आयुष कुमार, स्टेशन इंचार्ज धर्मपाल और अन्य लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो उन्हें आत्महत्या करने पर मजबूर होना पड़ेगा, जिसके लिए गाजियाबाद पुलिस पूरी तरह से जिम्मेदार होगी। पत्रकारों का कहना है कि यह सब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की "ज़ीरो टॉलरेंस" नीति की अवहेलना है, और गाजियाबाद पुलिस पर उत्पीड़न, मारपीट और तानाशाही के गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं।

पुलिस प्रशासन के संवेदनहीन और तानाशाही रवैये के खिलाफ गाजियाबाद के पत्रकारों में भारी गुस्सा है। उन्होंने आज (बुधवार, 27 मई, 2026) जिला पुलिस आयुक्त के कार्यालय पर एक विशाल और अनिश्चितकालीन विरोध प्रदर्शन की घोषणा की थी। इसे दबाने के लिए, दर्जनों पुलिसकर्मियों ने ललित चौधरी और अपूर्वा चौधरी के पूरे सोसाइटी को एक छावनी में बदल दिया और उन्हें सुबह से ही नज़रबंद कर दिया। अब पत्रकारों को नज़रबंद किए जाने के बाद, गाजियाबाद के पत्रकार समुदाय में और भी अधिक रोष है। एकजुट पत्रकारों ने साफ तौर पर कहा है कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हो रहे इस अत्याचार को अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और पुलिस चाहे जो भी हथकंडा अपना ले, न्याय की यह लड़ाई रुकेगी नहीं।
    user_Duniya Direct news
    Duniya Direct news
    Voice of people गाज़ियाबाद, गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश•
    42 min ago
  • बेंगलुरु के शाहिद नगर में एक नदी या नाले में भारी मात्रा में कचरा जमा हो गया है, जिसे साफ करने के लिए कोई भी तैयार नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शिकायत करने के बावजूद, कल बकरीद होने के कारण कोई भी उनका फोन उठाने को राजी नहीं है। हालाँकि एक नाली से जुड़े फोन कॉल पर कार्रवाई की गई और कचरा हटा दिया गया, लेकिन इस नाले का कचरा या जिसे 'नाला का घोड़ा' कहा गया है, पूरी तरह से जमा हो गया है और उसे हटाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है।
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    बेंगलुरु के शाहिद नगर में एक नदी या नाले में भारी मात्रा में कचरा जमा हो गया है, जिसे साफ करने के लिए कोई भी तैयार नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शिकायत करने के बावजूद, कल बकरीद होने के कारण कोई भी उनका फोन उठाने को राजी नहीं है।

हालाँकि एक नाली से जुड़े फोन कॉल पर कार्रवाई की गई और कचरा हटा दिया गया, लेकिन इस नाले का कचरा या जिसे 'नाला का घोड़ा' कहा गया है, पूरी तरह से जमा हो गया है और उसे हटाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है।
    user_Momeen
    Momeen
    गाज़ियाबाद, गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • डोरस्टेप एयरकॉन गाज़ियाबाद द्वारा एसी की शिफ्टिंग और इंस्टॉलेशन की सेवाएँ उचित मूल्य पर प्रदान की जा रही हैं। ये सेवाएँ 90 दिनों की गारंटी के साथ उपलब्ध हैं। कंपनी खुद को कूलिंग विशेषज्ञ बताती है। सेवाओं के लिए 9211059296 पर संपर्क किया जा सकता है।
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    डोरस्टेप एयरकॉन गाज़ियाबाद द्वारा एसी की शिफ्टिंग और इंस्टॉलेशन की सेवाएँ उचित मूल्य पर प्रदान की जा रही हैं। ये सेवाएँ 90 दिनों की गारंटी के साथ उपलब्ध हैं। कंपनी खुद को कूलिंग विशेषज्ञ बताती है। सेवाओं के लिए 9211059296 पर संपर्क किया जा सकता है।
    user_DOORSTEP AIRCON  | AC Repair
    DOORSTEP AIRCON | AC Repair
    AC Repair गाज़ियाबाद, गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • दिल्ली के रोहिणी सेक्टर 13 स्थित सूर्या अपार्टमेंट में एक वारदात सामने आई है। इस घटना के मद्देनजर, लोगों से विशेष रूप से होशियार रहने और सतर्कता बरतने की अपील की गई है।
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    दिल्ली के रोहिणी सेक्टर 13 स्थित सूर्या अपार्टमेंट में एक वारदात सामने आई है। इस घटना के मद्देनजर, लोगों से विशेष रूप से होशियार रहने और सतर्कता बरतने की अपील की गई है।
    user_पत्रकार  धीरेंद्र त्रिपाठी
    पत्रकार धीरेंद्र त्रिपाठी
    Press advisory गाज़ियाबाद, गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • समाजवादी पार्टी प्रमुख और कन्नौज से सांसद अखिलेश यादव का एक पुराना वीडियो इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है।
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    समाजवादी पार्टी प्रमुख और कन्नौज से सांसद अखिलेश यादव का एक पुराना वीडियो इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है।
    user_सबसे तेज खबर उत्तर प्रदेश Sabse Tej Khabar Uttar Pradesh
    सबसे तेज खबर उत्तर प्रदेश Sabse Tej Khabar Uttar Pradesh
    Video Creator Ghaziabad, Uttar Pradesh•
    6 hrs ago
  • शहर से कचरा हटा दिया गया है।
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    शहर से कचरा हटा दिया गया है।
    user_Mohd Tariq
    Mohd Tariq
    गाज़ियाबाद, गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • गाजियाबाद में 21st Milestone Residency के निवासियों ने इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की सरकारी भूमि पर पिछले कुछ दिनों से जारी बड़े पैमाने पर वृक्ष कटाई को लेकर गंभीर चिंता और भारी रोष व्यक्त किया है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, यह क्षेत्र वर्षों से घने और बड़े पेड़ों से आच्छादित था, जो आसपास के पर्यावरण, वायु गुणवत्ता और तापमान संतुलन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण थे। हालांकि, हाल के दिनों में भारी संख्या में पुराने वृक्ष काटे जा चुके हैं, जिससे बड़ा क्षेत्र पूरी तरह खाली हो गया है। निवासियों का आरोप है कि अब तक किसी भी प्रकार की सार्वजनिक सूचना, पर्यावरणीय अनुमति अथवा वैधानिक प्रक्रिया की जानकारी उन्हें उपलब्ध नहीं कराई गई है, जिससे इस पूरे मामले पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार बढ़ते प्रदूषण और तापमान के बीच शहरी हरित क्षेत्र का इस प्रकार समाप्त किया जाना भविष्य के लिए अत्यंत खतरनाक संकेत है। 21st Milestone Residency के निवासियों ने इस संबंध में जिलाधिकारी गाजियाबाद, वन विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण एवं अन्य संबंधित विभागों को सामूहिक शिकायत भेजी है। उन्होंने मांग की है कि वृक्ष कटाई पर तत्काल रोक लगाई जाए, पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराई जाए, सभी अनुमतियाँ और स्वीकृतियाँ सार्वजनिक की जाएँ, अवैधता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं एजेंसियों पर कार्रवाई की जाए, पर्यावरणीय क्षति का आकलन कराया जाए और बड़े स्तर पर प्रतिपूरक वृक्षारोपण सुनिश्चित किया जाए। निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो वे इस मामले को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT), उच्च न्यायालय एवं अन्य वैधानिक मंचों तक ले जाएंगे। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह केवल पेड़ों की कटाई का मामला नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के पर्यावरणीय अधिकारों और सार्वजनिक हित से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मुद्दा है।
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    गाजियाबाद में 21st Milestone Residency के निवासियों ने इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की सरकारी भूमि पर पिछले कुछ दिनों से जारी बड़े पैमाने पर वृक्ष कटाई को लेकर गंभीर चिंता और भारी रोष व्यक्त किया है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, यह क्षेत्र वर्षों से घने और बड़े पेड़ों से आच्छादित था, जो आसपास के पर्यावरण, वायु गुणवत्ता और तापमान संतुलन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण थे। हालांकि, हाल के दिनों में भारी संख्या में पुराने वृक्ष काटे जा चुके हैं, जिससे बड़ा क्षेत्र पूरी तरह खाली हो गया है।

निवासियों का आरोप है कि अब तक किसी भी प्रकार की सार्वजनिक सूचना, पर्यावरणीय अनुमति अथवा वैधानिक प्रक्रिया की जानकारी उन्हें उपलब्ध नहीं कराई गई है, जिससे इस पूरे मामले पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार बढ़ते प्रदूषण और तापमान के बीच शहरी हरित क्षेत्र का इस प्रकार समाप्त किया जाना भविष्य के लिए अत्यंत खतरनाक संकेत है।

21st Milestone Residency के निवासियों ने इस संबंध में जिलाधिकारी गाजियाबाद, वन विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण एवं अन्य संबंधित विभागों को सामूहिक शिकायत भेजी है। उन्होंने मांग की है कि वृक्ष कटाई पर तत्काल रोक लगाई जाए, पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराई जाए, सभी अनुमतियाँ और स्वीकृतियाँ सार्वजनिक की जाएँ, अवैधता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं एजेंसियों पर कार्रवाई की जाए, पर्यावरणीय क्षति का आकलन कराया जाए और बड़े स्तर पर प्रतिपूरक वृक्षारोपण सुनिश्चित किया जाए।

निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो वे इस मामले को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT), उच्च न्यायालय एवं अन्य वैधानिक मंचों तक ले जाएंगे। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह केवल पेड़ों की कटाई का मामला नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के पर्यावरणीय अधिकारों और सार्वजनिक हित से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मुद्दा है।
    user_पत्रकार  धीरेंद्र त्रिपाठी
    पत्रकार धीरेंद्र त्रिपाठी
    Press advisory गाज़ियाबाद, गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • गाजियाबाद के लिंक रोड थाना क्षेत्र में स्थित 177 रामपुरी, सूर्य नगर की एक बिल्डिंग के बेसमेंट में ईवी कार चार्ज करते समय शॉर्ट सर्किट के कारण भीषण आग लग गई। आग इतनी तेज़ थी कि पूरी बिल्डिंग में घना धुआँ भर गया और इमारत की सीढ़ियाँ भी अवरुद्ध हो गईं। फायर विभाग को खबर मिली कि इस बिल्डिंग में लगभग 15 से 17 लोग फंसे हुए हैं। सूचना मिलने पर वैशाली और साहिबाबाद फायर स्टेशनों से कुल चार दमकल गाड़ियाँ तुरंत मौके पर पहुँचीं और आग बुझाने का काम शुरू किया। फायर सर्विस ने होज पाइपलाइन बिछाते हुए आग पर काबू पाने की कोशिश की। इस दौरान, बिल्डिंग में फंसे हुए लोग बगल वाली इमारत में कूदकर सुरक्षित बाहर निकल आए। इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई और सभी लोग सुरक्षित बताए गए हैं, हालाँकि चार्जिंग के दौरान लगी आग से ईवी कार पूरी तरह जलकर खाक हो गई।
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    गाजियाबाद के लिंक रोड थाना क्षेत्र में स्थित 177 रामपुरी, सूर्य नगर की एक बिल्डिंग के बेसमेंट में ईवी कार चार्ज करते समय शॉर्ट सर्किट के कारण भीषण आग लग गई। आग इतनी तेज़ थी कि पूरी बिल्डिंग में घना धुआँ भर गया और इमारत की सीढ़ियाँ भी अवरुद्ध हो गईं। फायर विभाग को खबर मिली कि इस बिल्डिंग में लगभग 15 से 17 लोग फंसे हुए हैं।

सूचना मिलने पर वैशाली और साहिबाबाद फायर स्टेशनों से कुल चार दमकल गाड़ियाँ तुरंत मौके पर पहुँचीं और आग बुझाने का काम शुरू किया। फायर सर्विस ने होज पाइपलाइन बिछाते हुए आग पर काबू पाने की कोशिश की। इस दौरान, बिल्डिंग में फंसे हुए लोग बगल वाली इमारत में कूदकर सुरक्षित बाहर निकल आए। इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई और सभी लोग सुरक्षित बताए गए हैं, हालाँकि चार्जिंग के दौरान लगी आग से ईवी कार पूरी तरह जलकर खाक हो गई।
    user_Pramod Singh
    Pramod Singh
    Media company गाज़ियाबाद, गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
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