धरियावद की ग्राम पंचायत नलवा में आयोजित ग्राम सेवा शिविर के दौरान किसान केशुलाल मीणा की जैविक खेती से आत्मनिर्भर बनने की सफलता की कहानी को प्रेरणा के तौर पर प्रस्तुत किया गया। तहसीलदार संदीप कुमार जैन की अध्यक्षता में हुए इस शिविर में जनप्रतिनिधियों, ग्रामीण लाभार्थियों और विभागीय अधिकारियों ने भाग लिया। ग्राम नलवा के निवासी केशुलाल मीणा ने कृषि विभाग की गोवर्धन जैविक उर्वरक योजना (GUJY) के तहत 10x6x2.5 फीट का वर्मी कम्पोस्ट बेड स्थापित किया, जिसके लिए उन्हें कृषि विभाग से 10 हजार रुपये का अनुदान भी मिला। केशुलाल मीणा ने बताया कि वे इस वर्मी कम्पोस्ट यूनिट से तैयार जैविक खाद का उपयोग अपने खेतों में कर रहे हैं, जिससे खेती की लागत कम हुई है, मिट्टी की उर्वरता बढ़ी है और फसल की गुणवत्ता में भी सुधार आया है। वर्तमान में, वे लगभग 0.5 हेक्टेयर क्षेत्र में जैविक खेती कर रहे हैं और अपने जैविक उत्पादों को बेहतर मूल्य पर बेचकर अतिरिक्त आय कमा रहे हैं। उन्होंने कृषि विभाग द्वारा आयोजित प्रशिक्षण, कृषक भ्रमण और प्रदर्शन कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लिया, जिससे उन्हें आधुनिक और जैविक खेती की नई तकनीकें सीखने को मिलीं। विभाग से मिली प्रेरणा और जानकारी को वह अन्य किसानों तक भी पहुँचा रहे हैं, जिससे क्षेत्र के कई और किसान जैविक खेती की ओर आकर्षित हो रहे हैं। केशुलाल मीणा ने इस बात पर जोर दिया कि कृषि विभाग और राजस्थान सरकार की योजनाओं का लाभ उठाकर किसान अपनी आय बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। उन्होंने जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए कृषि विभाग का आभार व्यक्त किया।
धरियावद की ग्राम पंचायत नलवा में आयोजित ग्राम सेवा शिविर के दौरान किसान केशुलाल मीणा की जैविक खेती से आत्मनिर्भर बनने की सफलता की कहानी को प्रेरणा के तौर पर प्रस्तुत किया गया। तहसीलदार संदीप कुमार जैन की अध्यक्षता में हुए इस शिविर में जनप्रतिनिधियों, ग्रामीण लाभार्थियों और विभागीय अधिकारियों ने भाग लिया। ग्राम नलवा के निवासी केशुलाल मीणा ने कृषि विभाग की गोवर्धन जैविक उर्वरक योजना (GUJY) के तहत 10x6x2.5 फीट का वर्मी कम्पोस्ट बेड स्थापित किया, जिसके लिए उन्हें कृषि विभाग से 10 हजार रुपये का अनुदान भी मिला। केशुलाल मीणा ने बताया कि वे इस वर्मी कम्पोस्ट यूनिट से तैयार जैविक खाद का उपयोग अपने खेतों में कर रहे हैं, जिससे खेती की लागत कम हुई है, मिट्टी की उर्वरता बढ़ी है और फसल की गुणवत्ता में भी सुधार आया है। वर्तमान में, वे लगभग 0.5 हेक्टेयर क्षेत्र में जैविक खेती कर रहे हैं और अपने जैविक उत्पादों को बेहतर मूल्य पर बेचकर अतिरिक्त आय कमा रहे हैं। उन्होंने कृषि विभाग द्वारा आयोजित प्रशिक्षण, कृषक भ्रमण और प्रदर्शन कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लिया, जिससे उन्हें आधुनिक और जैविक खेती की नई तकनीकें सीखने को मिलीं। विभाग से मिली प्रेरणा और जानकारी को वह अन्य किसानों तक भी पहुँचा रहे हैं, जिससे क्षेत्र के कई और किसान जैविक खेती की ओर आकर्षित हो रहे हैं। केशुलाल मीणा ने इस बात पर जोर दिया कि कृषि विभाग और राजस्थान सरकार की योजनाओं का लाभ उठाकर किसान अपनी आय बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। उन्होंने जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए कृषि विभाग का आभार व्यक्त किया।
- मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले के मुंदेड़ी में राहुल गांधी जी के जन्मदिन के अवसर पर एक विशेष समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस मध्यप्रदेश के अध्यक्ष कुंवर रणजीत सिंह शक्तावत का जोरदार और भव्य स्वागत हुआ। पाटीदार समाज ने रणजीत सिंह शक्तावत का सम्मान ढोल-नगाड़ों, पुष्पमाला, साफा पहनाकर और पुष्पवर्षा के साथ किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में समाजजन, किसान और कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिससे आयोजन स्थल पर जनसमर्थन का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला।1
- यह घोषणा की गई है कि गौ माता से संबंधित १६ एकड़ भूमि को जिन लोगों ने कथित रूप से हड़पा है, वे कभी फलीभूत नहीं हो पाएंगे। इस संदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि ऐसी भूमि का अधिग्रहण करने वालों को इसका कोई शुभ फल प्राप्त नहीं होगा।1
- बांसवाड़ा से प्राप्त जानकारी के अनुसार, उन व्यक्तियों को न्यायालय द्वारा दंडित किया गया है जो झूठे मुकदमे दर्ज करवाते हैं।1
- Post by Bapulal Ahari1
- कांग्रेस ने खाद्य, डीजल और बिजली से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर एक जनहित रोष प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन में एक बाइक रैली भी शामिल थी। प्रदर्शनकारियों ने मंदसौर में स्मार्ट मीटर, अत्यधिक बिजली बिलों और बहुचर्चित नीट घोटाले जैसे मामलों के विरोध में अपनी आवाज़ उठाई।1
- कुशलगढ़ वृत्त के तहत छोटा डूंगरा चौकी पुलिस और डीएसटी (जिला विशेष शाखा) ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए डूंगरा मार्ग पर अवैध बजरी से भरे एक डंपर को जब्त कर लिया है। यह कार्रवाई डीएसटी अधिकारी श्री भंवरलाल और पुलिस टीम द्वारा की गई। डंपर को जब्त करने के बाद उसे छोटा डूंगरा थाना परिसर में खड़ा कराया गया है, और खनन विभाग को इसकी सूचना दे दी गई है। प्रशासन द्वारा इस मामले में आगे की आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।1
- अपराध नियंत्रण और यातायात नियमों की पालना सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मंगलवाड़ थाना पुलिस ने दो अलग-अलग कार्रवाइयों में बड़ी सफलता हासिल की है। यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह के निर्देशानुसार अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकुल शर्मा (आरपीएस) के निर्देशन और डीएसपी बड़ीसादड़ी के सुपरविजन में की गई। पहली कार्रवाई 22 जून 2026 को चित्तौड़गढ़-उदयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग से छापरी गांव जाने वाले मार्ग पर नाकाबंदी के दौरान हुई। पुलिस ने एक संदिग्ध हीरो स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल को रोकने का प्रयास किया, जिस पर चालक ने भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उसे पकड़ लिया। तलाशी के दौरान, रामचन्द्र पुत्र नारायणलाल गाडरी निवासी भगीमों का खेड़ा, थाना भीण्डर (उदयपुर) और शम्भूलाल पुत्र गंगाराम गुर्जर निवासी नेगड़िया, थाना मंगलवाड़ के कब्जे से 19 ग्राम अवैध एमडीएमए (मिथाइलीनडाइऑक्सी मेथाम्फेटामाइन) पाउडर बरामद हुआ। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर मादक पदार्थ परिवहन में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली है। दूसरी कार्रवाई में, यातायात एवं सड़क सुरक्षा अभियान के तहत वाहनों की जांच की गई। इस दौरान, वाहनों में अवैध मॉडिफिकेशन, अनाधिकृत शब्द, चिन्ह और लेखन पाए जाने पर नौ मोटरसाइकिलों को राजस्थान पुलिस अधिनियम की धारा 38 के तहत जब्त किया गया। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे अपने वाहनों में किसी भी तरह का अवैध परिवर्तन, हूटर, फ्लैशर, लाल-नीली बत्ती, काली फिल्म या अनधिकृत चिन्हों का उपयोग न करें।3
- पुलिस ने एक आरोपी को फिल्मी अंदाज में गिरफ्तार किया है। बताया गया है कि पुलिस आठ दिनों तक वेश बदलकर आरोपी तक पहुंची और फिर उसे धर दबोचा।1
- कुशलगढ़ की हिरण नदी, जिसे कभी नगर की जीवनरेखा और आत्मा माना जाता था, आज अतिक्रमण और उपेक्षा के कारण अपना मूल स्वरूप खो रही है। कोटड़ा मार्ग से महादेव मंदिर की ओर बहने वाली यह नदी, जो पहले लगभग 50 मीटर चौड़ी और करीब 45 फीट गहरी हुआ करती थी, अब कई स्थानों पर संकरे नाले जैसी दिखती है, और कुछ हिस्सों में बच्चे क्रिकेट खेलते नजर आते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, नदी किनारों पर लगातार मिट्टी भरने, निर्माण सामग्री फेंकने और कचरा डालने से इसकी चौड़ाई और गहराई में भारी कमी आई है। पांडवसाथ मार्ग पर पूर्व में बनी सुरक्षा दीवार भी शिकायतों के बाद कायम नहीं रह सकी। क्षेत्रवासियों को आशंका है कि इस वर्ष तेज बारिश होने पर पांडवसाथ सहित आसपास के मोहल्लों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है, क्योंकि करीब दो वर्ष पहले भी भारी बारिश से क्षेत्र में नुकसान हुआ था। पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष राघवेश चरपोटा ने मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन से हिरण नदी पर हुए अतिक्रमण को हटाने, गहरीकरण और सफाई का काम कराने की मांग की है। उनका कहना है कि नदी के पुनर्जीवन से बेहतर जल निकासी होगी, भू-जल स्तर बढ़ेगा और भविष्य के जल संकट से राहत मिलेगी। क्षेत्रवासियों ने भी प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई कर हिरण नदी को उसके मूल स्वरूप में बहाल करने का आग्रह किया है।2