कुशलगढ़ की हिरण नदी, जिसे कभी नगर की जीवनरेखा और आत्मा माना जाता था, आज अतिक्रमण और उपेक्षा के कारण अपना मूल स्वरूप खो रही है। कोटड़ा मार्ग से महादेव मंदिर की ओर बहने वाली यह नदी, जो पहले लगभग 50 मीटर चौड़ी और करीब 45 फीट गहरी हुआ करती थी, अब कई स्थानों पर संकरे नाले जैसी दिखती है, और कुछ हिस्सों में बच्चे क्रिकेट खेलते नजर आते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, नदी किनारों पर लगातार मिट्टी भरने, निर्माण सामग्री फेंकने और कचरा डालने से इसकी चौड़ाई और गहराई में भारी कमी आई है। पांडवसाथ मार्ग पर पूर्व में बनी सुरक्षा दीवार भी शिकायतों के बाद कायम नहीं रह सकी। क्षेत्रवासियों को आशंका है कि इस वर्ष तेज बारिश होने पर पांडवसाथ सहित आसपास के मोहल्लों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है, क्योंकि करीब दो वर्ष पहले भी भारी बारिश से क्षेत्र में नुकसान हुआ था। पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष राघवेश चरपोटा ने मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन से हिरण नदी पर हुए अतिक्रमण को हटाने, गहरीकरण और सफाई का काम कराने की मांग की है। उनका कहना है कि नदी के पुनर्जीवन से बेहतर जल निकासी होगी, भू-जल स्तर बढ़ेगा और भविष्य के जल संकट से राहत मिलेगी। क्षेत्रवासियों ने भी प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई कर हिरण नदी को उसके मूल स्वरूप में बहाल करने का आग्रह किया है।
कुशलगढ़ की हिरण नदी, जिसे कभी नगर की जीवनरेखा और आत्मा माना जाता था, आज अतिक्रमण और उपेक्षा के कारण अपना मूल स्वरूप खो रही है। कोटड़ा मार्ग से महादेव मंदिर की ओर बहने वाली यह नदी, जो पहले लगभग 50 मीटर चौड़ी और करीब 45 फीट गहरी हुआ करती थी, अब कई स्थानों पर संकरे नाले जैसी दिखती है, और कुछ हिस्सों में बच्चे क्रिकेट खेलते नजर आते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, नदी किनारों पर लगातार मिट्टी भरने, निर्माण सामग्री फेंकने और कचरा डालने से इसकी चौड़ाई और गहराई में भारी कमी आई है। पांडवसाथ मार्ग पर पूर्व में बनी सुरक्षा दीवार भी शिकायतों के बाद कायम नहीं रह
सकी। क्षेत्रवासियों को आशंका है कि इस वर्ष तेज बारिश होने पर पांडवसाथ सहित आसपास के मोहल्लों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है, क्योंकि करीब दो वर्ष पहले भी भारी बारिश से क्षेत्र में नुकसान हुआ था। पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष राघवेश चरपोटा ने मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन से हिरण नदी पर हुए अतिक्रमण को हटाने, गहरीकरण और सफाई का काम कराने की मांग की है। उनका कहना है कि नदी के पुनर्जीवन से बेहतर जल निकासी होगी, भू-जल स्तर बढ़ेगा और भविष्य के जल संकट से राहत मिलेगी। क्षेत्रवासियों ने भी प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई कर हिरण नदी को उसके मूल स्वरूप में बहाल करने का आग्रह किया है।
- कुशलगढ़ वृत्त के तहत छोटा डूंगरा चौकी पुलिस और डीएसटी (जिला विशेष शाखा) ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए डूंगरा मार्ग पर अवैध बजरी से भरे एक डंपर को जब्त कर लिया है। यह कार्रवाई डीएसटी अधिकारी श्री भंवरलाल और पुलिस टीम द्वारा की गई। डंपर को जब्त करने के बाद उसे छोटा डूंगरा थाना परिसर में खड़ा कराया गया है, और खनन विभाग को इसकी सूचना दे दी गई है। प्रशासन द्वारा इस मामले में आगे की आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।1
- कुवैत से मिली खबर के अनुसार, दो एशियाई प्रवासियों को झूठी लड़ाई की खबर देने के आरोप में देश से निकाला जाएगा। यह निर्णय कुवैत में हुए इस घटनाक्रम से जुड़ा है।1
- बांसवाड़ा में गौ संरक्षण और संवर्धन के उद्देश्य से 'गौसम्मान आह्वान अभियान' के द्वितीय चरण की तैयारियों को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक गौ चिकित्सा केंद्र पर सम्पन्न हुई। इस बैठक में अभियान को अधिक प्रभावी, व्यापक और जनसहभागिता से जोड़ने के तरीकों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में मंचासीन मोहन गिरी महाराज, कांतिलाल पंड्या, पुरुषोत्तम सेवक, निर्दोष पंचाल और पवन राठौड़ जैसे वक्ताओं ने अपने विचार साझा करते हुए बताया कि गौ सेवा केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं है, बल्कि भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का एक अभिन्न अंग भी है। उन्होंने अभियान के दूसरे चरण में गांव-ढाणी, नगर और शहर में जाकर गौ संरक्षण के लिए लोगों को जागरूक करने और आगामी 27 जुलाई को जिला स्तर पर प्रार्थना-पत्र सौंपने हेतु अधिक से अधिक गौसेवकों को एकजुट होने का आह्वान किया। साथ ही, बांसवाड़ा जिले से 3 लाख लोगों के हस्ताक्षर युक्त मांग पत्र सौंपने की विस्तृत योजना भी बनाई गई। बैठक में उपस्थित मातृशक्ति और युवाओं ने हस्ताक्षर अभियान को सफल बनाने का संकल्प लिया। यह भी निर्णय किया गया कि आने वाले दिनों में व्यापक जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सभी वक्ताओं ने समाज के प्रत्येक वर्ग से इस महत्वपूर्ण अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। बैठक में बड़ी संख्या में गौसेवक उपस्थित रहे, और इसका संचालन नीरज पाठक ने किया।4
- प्रतापगढ़ जिले के देवल्दी में तस्कर भाइयों के एक अवैध फार्म हाउस पर बुलडोजर चलाकर कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई सरकारी भूमि पर किए गए अतिक्रमण को हटाने के लिए की गई, जिससे अवैध रूप से कब्जा की गई जमीन को खाली कराया गया।1
- समाज सेवी अहारी ने बच्चों की परवरिश को लेकर महत्वपूर्ण विचार साझा किए हैं। उनके अनुसार, बचपन से ही बच्चों में अच्छी आदतें डालनी चाहिए, जिससे वे बड़े होकर अभिभावकों के लिए परेशानी का सबब न बनें। अहारी ने जोर देकर कहा कि बच्चों को संस्कार अपने घर में ही मिलते हैं, जबकि शिक्षा उन्हें स्कूल में प्राप्त होती है।1
- कुशलगढ़ की हिरण नदी, जिसे कभी नगर की जीवनरेखा और आत्मा माना जाता था, आज अतिक्रमण और उपेक्षा के कारण अपना मूल स्वरूप खो रही है। कोटड़ा मार्ग से महादेव मंदिर की ओर बहने वाली यह नदी, जो पहले लगभग 50 मीटर चौड़ी और करीब 45 फीट गहरी हुआ करती थी, अब कई स्थानों पर संकरे नाले जैसी दिखती है, और कुछ हिस्सों में बच्चे क्रिकेट खेलते नजर आते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, नदी किनारों पर लगातार मिट्टी भरने, निर्माण सामग्री फेंकने और कचरा डालने से इसकी चौड़ाई और गहराई में भारी कमी आई है। पांडवसाथ मार्ग पर पूर्व में बनी सुरक्षा दीवार भी शिकायतों के बाद कायम नहीं रह सकी। क्षेत्रवासियों को आशंका है कि इस वर्ष तेज बारिश होने पर पांडवसाथ सहित आसपास के मोहल्लों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है, क्योंकि करीब दो वर्ष पहले भी भारी बारिश से क्षेत्र में नुकसान हुआ था। पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष राघवेश चरपोटा ने मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन से हिरण नदी पर हुए अतिक्रमण को हटाने, गहरीकरण और सफाई का काम कराने की मांग की है। उनका कहना है कि नदी के पुनर्जीवन से बेहतर जल निकासी होगी, भू-जल स्तर बढ़ेगा और भविष्य के जल संकट से राहत मिलेगी। क्षेत्रवासियों ने भी प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई कर हिरण नदी को उसके मूल स्वरूप में बहाल करने का आग्रह किया है।2
- प्रतापगढ़ जिले के धमोतर पंचायत समिति क्षेत्र के बावड़ीखेड़ा गांव में रविवार रात एक भीषण सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की मौके पर ही मौत हो गई। यह दुखद घटना रात करीब 9 बजकर 20 मिनट पर हुई, जिसमें मोकजी कुड़ी निवासी ओमप्रकाश पुत्र रूकनाथ ने दम तोड़ दिया। जानकारी के अनुसार, यह हादसा बाइक और ट्रक की आमने-सामने की जबरदस्त टक्कर के कारण हुआ, जिसकी वजह से युवक गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर ही दम तोड़ बैठा। इस दर्दनाक हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल व्याप्त है, और स्थानीय लोगों का कहना है कि इस हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन ली हैं। पुलिस ने मृतक के शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है। फिलहाल, पुलिस दुर्घटना के वास्तविक कारणों की जांच में जुटी हुई है।4