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बांसवाड़ा में गौ संरक्षण और संवर्धन के उद्देश्य से 'गौसम्मान आह्वान अभियान' के द्वितीय चरण की तैयारियों को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक गौ चिकित्सा केंद्र पर सम्पन्न हुई। इस बैठक में अभियान को अधिक प्रभावी, व्यापक और जनसहभागिता से जोड़ने के तरीकों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में मंचासीन मोहन गिरी महाराज, कांतिलाल पंड्या, पुरुषोत्तम सेवक, निर्दोष पंचाल और पवन राठौड़ जैसे वक्ताओं ने अपने विचार साझा करते हुए बताया कि गौ सेवा केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं है, बल्कि भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का एक अभिन्न अंग भी है। उन्होंने अभियान के दूसरे चरण में गांव-ढाणी, नगर और शहर में जाकर गौ संरक्षण के लिए लोगों को जागरूक करने और आगामी 27 जुलाई को जिला स्तर पर प्रार्थना-पत्र सौंपने हेतु अधिक से अधिक गौसेवकों को एकजुट होने का आह्वान किया। साथ ही, बांसवाड़ा जिले से 3 लाख लोगों के हस्ताक्षर युक्त मांग पत्र सौंपने की विस्तृत योजना भी बनाई गई। बैठक में उपस्थित मातृशक्ति और युवाओं ने हस्ताक्षर अभियान को सफल बनाने का संकल्प लिया। यह भी निर्णय किया गया कि आने वाले दिनों में व्यापक जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सभी वक्ताओं ने समाज के प्रत्येक वर्ग से इस महत्वपूर्ण अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। बैठक में बड़ी संख्या में गौसेवक उपस्थित रहे, और इसका संचालन नीरज पाठक ने किया।

5 hrs ago
user_Dharmendra Soni
Dharmendra Soni
कुशलगढ़, बांसवाड़ा, राजस्थान•
5 hrs ago

बांसवाड़ा में गौ संरक्षण और संवर्धन के उद्देश्य से 'गौसम्मान आह्वान अभियान' के द्वितीय चरण की तैयारियों को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक गौ चिकित्सा केंद्र पर सम्पन्न हुई। इस बैठक में अभियान को अधिक प्रभावी, व्यापक और जनसहभागिता से जोड़ने के तरीकों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में मंचासीन मोहन गिरी महाराज, कांतिलाल पंड्या,

पुरुषोत्तम सेवक, निर्दोष पंचाल और पवन राठौड़ जैसे वक्ताओं ने अपने विचार साझा करते हुए बताया कि गौ सेवा केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं है, बल्कि भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का एक अभिन्न अंग भी है। उन्होंने अभियान के दूसरे चरण में गांव-ढाणी, नगर और शहर में जाकर गौ संरक्षण के लिए लोगों

को जागरूक करने और आगामी 27 जुलाई को जिला स्तर पर प्रार्थना-पत्र सौंपने हेतु अधिक से अधिक गौसेवकों को एकजुट होने का आह्वान किया। साथ ही, बांसवाड़ा जिले से 3 लाख लोगों के हस्ताक्षर युक्त मांग पत्र सौंपने की विस्तृत योजना भी बनाई गई। बैठक में उपस्थित मातृशक्ति और युवाओं ने हस्ताक्षर अभियान को सफल बनाने

का संकल्प लिया। यह भी निर्णय किया गया कि आने वाले दिनों में व्यापक जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सभी वक्ताओं ने समाज के प्रत्येक वर्ग से इस महत्वपूर्ण अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। बैठक में बड़ी संख्या में गौसेवक उपस्थित रहे, और इसका संचालन नीरज पाठक ने किया।

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  • बांसवाड़ा में गौ संरक्षण और संवर्धन के उद्देश्य से 'गौसम्मान आह्वान अभियान' के द्वितीय चरण की तैयारियों को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक गौ चिकित्सा केंद्र पर सम्पन्न हुई। इस बैठक में अभियान को अधिक प्रभावी, व्यापक और जनसहभागिता से जोड़ने के तरीकों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में मंचासीन मोहन गिरी महाराज, कांतिलाल पंड्या, पुरुषोत्तम सेवक, निर्दोष पंचाल और पवन राठौड़ जैसे वक्ताओं ने अपने विचार साझा करते हुए बताया कि गौ सेवा केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं है, बल्कि भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का एक अभिन्न अंग भी है। उन्होंने अभियान के दूसरे चरण में गांव-ढाणी, नगर और शहर में जाकर गौ संरक्षण के लिए लोगों को जागरूक करने और आगामी 27 जुलाई को जिला स्तर पर प्रार्थना-पत्र सौंपने हेतु अधिक से अधिक गौसेवकों को एकजुट होने का आह्वान किया। साथ ही, बांसवाड़ा जिले से 3 लाख लोगों के हस्ताक्षर युक्त मांग पत्र सौंपने की विस्तृत योजना भी बनाई गई। बैठक में उपस्थित मातृशक्ति और युवाओं ने हस्ताक्षर अभियान को सफल बनाने का संकल्प लिया। यह भी निर्णय किया गया कि आने वाले दिनों में व्यापक जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सभी वक्ताओं ने समाज के प्रत्येक वर्ग से इस महत्वपूर्ण अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। बैठक में बड़ी संख्या में गौसेवक उपस्थित रहे, और इसका संचालन नीरज पाठक ने किया।
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    बांसवाड़ा में गौ संरक्षण और संवर्धन के उद्देश्य से 'गौसम्मान आह्वान अभियान' के द्वितीय चरण की तैयारियों को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक गौ चिकित्सा केंद्र पर सम्पन्न हुई। इस बैठक में अभियान को अधिक प्रभावी, व्यापक और जनसहभागिता से जोड़ने के तरीकों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में मंचासीन मोहन गिरी महाराज, कांतिलाल पंड्या, पुरुषोत्तम सेवक, निर्दोष पंचाल और पवन राठौड़ जैसे वक्ताओं ने अपने विचार साझा करते हुए बताया कि गौ सेवा केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं है, बल्कि भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का एक अभिन्न अंग भी है। उन्होंने अभियान के दूसरे चरण में गांव-ढाणी, नगर और शहर में जाकर गौ संरक्षण के लिए लोगों को जागरूक करने और आगामी 27 जुलाई को जिला स्तर पर प्रार्थना-पत्र सौंपने हेतु अधिक से अधिक गौसेवकों को एकजुट होने का आह्वान किया। साथ ही, बांसवाड़ा जिले से 3 लाख लोगों के हस्ताक्षर युक्त मांग पत्र सौंपने की विस्तृत योजना भी बनाई गई।

बैठक में उपस्थित मातृशक्ति और युवाओं ने हस्ताक्षर अभियान को सफल बनाने का संकल्प लिया। यह भी निर्णय किया गया कि आने वाले दिनों में व्यापक जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सभी वक्ताओं ने समाज के प्रत्येक वर्ग से इस महत्वपूर्ण अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। बैठक में बड़ी संख्या में गौसेवक उपस्थित रहे, और इसका संचालन नीरज पाठक ने किया।
    user_Dharmendra Soni
    Dharmendra Soni
    कुशलगढ़, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • बांसवाड़ा जिले के पाटन थाना पुलिस ने दो झूठे मुकदमों का पर्दाफाश करते हुए शिकायतकर्ताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की है। पुलिस जांच में दोनों ही मामले झूठे पाए गए, जिसके बाद न्यायालय में इस्तगासा पेश किया गया। अदालत ने इन झूठी शिकायतों के लिए शिकायतकर्ताओं पर आर्थिक दंड लगाया है।
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    बांसवाड़ा जिले के पाटन थाना पुलिस ने दो झूठे मुकदमों का पर्दाफाश करते हुए शिकायतकर्ताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की है। पुलिस जांच में दोनों ही मामले झूठे पाए गए, जिसके बाद न्यायालय में इस्तगासा पेश किया गया। अदालत ने इन झूठी शिकायतों के लिए शिकायतकर्ताओं पर आर्थिक दंड लगाया है।
    user_OFFICIAL NEWS EXPLAINER
    OFFICIAL NEWS EXPLAINER
    News Anchor बांसवाड़ा, राजस्थान•
    17 min ago
  • बांसवाड़ा जिले में पानी के गंभीर अभाव का सामना करना पड़ रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, लोगों तक पानी का टैंकर कभी तीन तो कभी पांच दिन के अंतराल पर केवल एक बार ही पहुँच पाता है, जिसके कारण स्थानीय निवासियों को जल आपूर्ति के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
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    बांसवाड़ा जिले में पानी के गंभीर अभाव का सामना करना पड़ रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, लोगों तक पानी का टैंकर कभी तीन तो कभी पांच दिन के अंतराल पर केवल एक बार ही पहुँच पाता है, जिसके कारण स्थानीय निवासियों को जल आपूर्ति के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
    user_Shankar lal Ninama
    Shankar lal Ninama
    अबापुरा, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    8 hrs ago
  • अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर, बांसवाड़ा के मयूर नगर, लोधा स्थित आर एस डब्ल्यू एम लिमिटेड में एक भव्य योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य एलएनजे परिवार के सदस्यों के मानसिक और शारीरिक विकास को बढ़ावा देना था। महा प्रबंधक लीगल एवं पीआर मनोज शाह ने जानकारी देते हुए बताया कि कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्य संचालन अधिकारी शंभू कुमार शर्मा रहे। योग प्रचारक घनश्याम जोशी के सान्निध्य में मयूर परिवार के लगभग 150 अधिकारियों, कर्मचारियों और उनके परिजनों ने सामूहिक योगाभ्यास किया। मुख्य अतिथि शंभू कुमार शर्मा ने अपने संबोधन में प्रकृति से जुड़कर शरीर को स्वस्थ रखने पर जोर दिया और प्रतिदिन 20 से 25 मिनट योग के लिए निकालने की सलाह दी। योग प्रचारक घनश्याम जोशी ने योग के माध्यम से विभिन्न बीमारियों से बचाव एवं उपचार की जानकारी देते हुए महत्वपूर्ण योगासन भी करवाए। कार्यक्रम के दौरान, महा प्रबंधक प्रीतम गुजर ने सभी उपस्थित सदस्यों को नियमित योग करने और स्वस्थ जीवन अपनाने की शपथ दिलाई। संस्थान के श्रमिकों ने भी योग के माध्यम से स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने का संकल्प लिया। इस अवसर पर उच्च अधिकारी क्षितिज आनन्द, वीरेन्द्र कुमार चौधरी, नरेंद्र भंडारी, परेश हाटकर, महेश लडडा, देव गोपाल, उपेंद्र सिंह, मनोज्ञ लडडा सहित महिला क्लब सदस्य इंद्रा भंडारी, शशि द्विवेदी एवं ममता तिवारी सपरिवार उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन अभिमन्यु सिंह ने किया, जिन्होंने अंत में सभी का आभार व्यक्त किया।
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    अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर, बांसवाड़ा के मयूर नगर, लोधा स्थित आर एस डब्ल्यू एम लिमिटेड में एक भव्य योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य एलएनजे परिवार के सदस्यों के मानसिक और शारीरिक विकास को बढ़ावा देना था।

महा प्रबंधक लीगल एवं पीआर मनोज शाह ने जानकारी देते हुए बताया कि कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्य संचालन अधिकारी शंभू कुमार शर्मा रहे। योग प्रचारक घनश्याम जोशी के सान्निध्य में मयूर परिवार के लगभग 150 अधिकारियों, कर्मचारियों और उनके परिजनों ने सामूहिक योगाभ्यास किया। मुख्य अतिथि शंभू कुमार शर्मा ने अपने संबोधन में प्रकृति से जुड़कर शरीर को स्वस्थ रखने पर जोर दिया और प्रतिदिन 20 से 25 मिनट योग के लिए निकालने की सलाह दी। योग प्रचारक घनश्याम जोशी ने योग के माध्यम से विभिन्न बीमारियों से बचाव एवं उपचार की जानकारी देते हुए महत्वपूर्ण योगासन भी करवाए।

कार्यक्रम के दौरान, महा प्रबंधक प्रीतम गुजर ने सभी उपस्थित सदस्यों को नियमित योग करने और स्वस्थ जीवन अपनाने की शपथ दिलाई। संस्थान के श्रमिकों ने भी योग के माध्यम से स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने का संकल्प लिया। इस अवसर पर उच्च अधिकारी क्षितिज आनन्द, वीरेन्द्र कुमार चौधरी, नरेंद्र भंडारी, परेश हाटकर, महेश लडडा, देव गोपाल, उपेंद्र सिंह, मनोज्ञ लडडा सहित महिला क्लब सदस्य इंद्रा भंडारी, शशि द्विवेदी एवं ममता तिवारी सपरिवार उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन अभिमन्यु सिंह ने किया, जिन्होंने अंत में सभी का आभार व्यक्त किया।
    user_गाण्डीव न्यूज नेटवर्क
    गाण्डीव न्यूज नेटवर्क
    बांसवाड़ा, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    13 hrs ago
  • यह पाठ 'बुढ़ापे का सहारा' विषय पर आधारित एक कहानी प्रस्तुत करता है।
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    यह पाठ 'बुढ़ापे का सहारा' विषय पर आधारित एक कहानी प्रस्तुत करता है।
    user_Shyam Pokra
    Shyam Pokra
    Hindi sahitya writer. Ratlam, Madhya Pradesh•
    13 hrs ago
  • Post by Bhiku Vasuniya
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    Post by Bhiku Vasuniya
    user_Bhiku Vasuniya
    Bhiku Vasuniya
    Farmer भावरा, अलीराजपुर, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ उपखंड क्षेत्र के डुंगरीपाड़ा गांव में वर्षों पुराने सती माता और हनुमान जी मंदिर तक जाने का रास्ता अतिक्रमण के कारण मुश्किल हो गया है। कुशलगढ़ से डुंगरा मुख्य सड़क से मात्र 50 फीट की दूरी पर स्थित इस मंदिर में भक्तों को आरती-दर्शन करने में इन दिनों काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि मंदिर के पास किसी की निजी जमीन है, जो मुख्य सड़क से सटी हुई है। इस जमीन पर तार फेंसिंग लगाकर मंदिर जाने वाले रास्ते को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। ग्रामीणों के अनुसार, जिस जगह यह तार फेंसिंग की गई है, वह सीधे मुख्य सड़क से सटी हुई है, जबकि नियमानुसार सड़क से 80 फीट जगह छोड़ना अनिवार्य होता है। इतना ही नहीं, आधे सड़क से भी बात करें तो मकान भी 40 फीट दूर बनाए जाते हैं, ऐसे में मुख्य सड़क पर ही तार फेंसिंग लगाकर अतिक्रमण करना गलत है। लोगों ने प्रशासन से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। उनकी मांग है कि ग्राम पंचायत, पटवारी और गिरदावर मौके पर जाकर अतिक्रमण करने वाले व्यक्ति से मंदिर तक जाने वालों के लिए रास्ता खुलवाएं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं होती, तो वे सेवा शिविर और उच्चाधिकारियों तक इस शिकायत को पहुंचाएंगे। इधर, राष्ट्रीय मानव धर्म सक्षा संघ के प्रमुख नरसिंह गिरी महाराज ने भी ग्रामीणों का समर्थन करते हुए कहा है कि उनका संगठन भी मंदिर तक जाने वाले रास्ते को खुलवाने के लिए उच्चाधिकारियों को अवगत कराएगा। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस अतिक्रमण पर क्या कार्रवाई करता है और क्या भक्तों के लिए मंदिर तक पहुंचने का रास्ता खुल पाता है या नहीं। इसका जवाब तो वक्त ही बताएगा।
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    राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ उपखंड क्षेत्र के डुंगरीपाड़ा गांव में वर्षों पुराने सती माता और हनुमान जी मंदिर तक जाने का रास्ता अतिक्रमण के कारण मुश्किल हो गया है। कुशलगढ़ से डुंगरा मुख्य सड़क से मात्र 50 फीट की दूरी पर स्थित इस मंदिर में भक्तों को आरती-दर्शन करने में इन दिनों काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने बताया कि मंदिर के पास किसी की निजी जमीन है, जो मुख्य सड़क से सटी हुई है। इस जमीन पर तार फेंसिंग लगाकर मंदिर जाने वाले रास्ते को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। ग्रामीणों के अनुसार, जिस जगह यह तार फेंसिंग की गई है, वह सीधे मुख्य सड़क से सटी हुई है, जबकि नियमानुसार सड़क से 80 फीट जगह छोड़ना अनिवार्य होता है। इतना ही नहीं, आधे सड़क से भी बात करें तो मकान भी 40 फीट दूर बनाए जाते हैं, ऐसे में मुख्य सड़क पर ही तार फेंसिंग लगाकर अतिक्रमण करना गलत है।

लोगों ने प्रशासन से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। उनकी मांग है कि ग्राम पंचायत, पटवारी और गिरदावर मौके पर जाकर अतिक्रमण करने वाले व्यक्ति से मंदिर तक जाने वालों के लिए रास्ता खुलवाएं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं होती, तो वे सेवा शिविर और उच्चाधिकारियों तक इस शिकायत को पहुंचाएंगे। इधर, राष्ट्रीय मानव धर्म सक्षा संघ के प्रमुख नरसिंह गिरी महाराज ने भी ग्रामीणों का समर्थन करते हुए कहा है कि उनका संगठन भी मंदिर तक जाने वाले रास्ते को खुलवाने के लिए उच्चाधिकारियों को अवगत कराएगा।

अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस अतिक्रमण पर क्या कार्रवाई करता है और क्या भक्तों के लिए मंदिर तक पहुंचने का रास्ता खुल पाता है या नहीं। इसका जवाब तो वक्त ही बताएगा।
    user_Dharmendra Soni
    Dharmendra Soni
    कुशलगढ़, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    9 hrs ago
  • यह पोस्ट झाबुआ जिले के राणापुर में हुई एक आदिवासी शादी के पारंपरिक रीति-रिवाजों और संस्कृति को प्रदर्शित करती है। इसमें आदिवासी समुदाय के विवाह समारोह के सुंदर दृश्यों को साझा किया गया है, जो उनकी समृद्ध संस्कृति की झलक प्रस्तुत करता है। पोस्ट में दर्शकों से यह भी पूछा गया है कि वे इस वीडियो को कहां से देख रहे हैं, और उन्हें टिप्पणी करके अपनी लोकेशन बताने के लिए आमंत्रित किया गया है।
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    यह पोस्ट झाबुआ जिले के राणापुर में हुई एक आदिवासी शादी के पारंपरिक रीति-रिवाजों और संस्कृति को प्रदर्शित करती है। इसमें आदिवासी समुदाय के विवाह समारोह के सुंदर दृश्यों को साझा किया गया है, जो उनकी समृद्ध संस्कृति की झलक प्रस्तुत करता है। पोस्ट में दर्शकों से यह भी पूछा गया है कि वे इस वीडियो को कहां से देख रहे हैं, और उन्हें टिप्पणी करके अपनी लोकेशन बताने के लिए आमंत्रित किया गया है।
    user_Mahesh Ajnar
    Mahesh Ajnar
    Psychologist रतलाम, रतलाम, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
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