राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ उपखंड क्षेत्र के डुंगरीपाड़ा गांव में वर्षों पुराने सती माता और हनुमान जी मंदिर तक जाने का रास्ता अतिक्रमण के कारण मुश्किल हो गया है। कुशलगढ़ से डुंगरा मुख्य सड़क से मात्र 50 फीट की दूरी पर स्थित इस मंदिर में भक्तों को आरती-दर्शन करने में इन दिनों काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि मंदिर के पास किसी की निजी जमीन है, जो मुख्य सड़क से सटी हुई है। इस जमीन पर तार फेंसिंग लगाकर मंदिर जाने वाले रास्ते को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। ग्रामीणों के अनुसार, जिस जगह यह तार फेंसिंग की गई है, वह सीधे मुख्य सड़क से सटी हुई है, जबकि नियमानुसार सड़क से 80 फीट जगह छोड़ना अनिवार्य होता है। इतना ही नहीं, आधे सड़क से भी बात करें तो मकान भी 40 फीट दूर बनाए जाते हैं, ऐसे में मुख्य सड़क पर ही तार फेंसिंग लगाकर अतिक्रमण करना गलत है। लोगों ने प्रशासन से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। उनकी मांग है कि ग्राम पंचायत, पटवारी और गिरदावर मौके पर जाकर अतिक्रमण करने वाले व्यक्ति से मंदिर तक जाने वालों के लिए रास्ता खुलवाएं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं होती, तो वे सेवा शिविर और उच्चाधिकारियों तक इस शिकायत को पहुंचाएंगे। इधर, राष्ट्रीय मानव धर्म सक्षा संघ के प्रमुख नरसिंह गिरी महाराज ने भी ग्रामीणों का समर्थन करते हुए कहा है कि उनका संगठन भी मंदिर तक जाने वाले रास्ते को खुलवाने के लिए उच्चाधिकारियों को अवगत कराएगा। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस अतिक्रमण पर क्या कार्रवाई करता है और क्या भक्तों के लिए मंदिर तक पहुंचने का रास्ता खुल पाता है या नहीं। इसका जवाब तो वक्त ही बताएगा।
राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ उपखंड क्षेत्र के डुंगरीपाड़ा गांव में वर्षों पुराने सती माता और हनुमान जी मंदिर तक जाने का रास्ता अतिक्रमण के कारण मुश्किल हो गया है। कुशलगढ़ से डुंगरा मुख्य सड़क से मात्र 50 फीट की दूरी पर स्थित इस मंदिर में भक्तों को आरती-दर्शन करने में इन दिनों काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि मंदिर के पास किसी की निजी जमीन
है, जो मुख्य सड़क से सटी हुई है। इस जमीन पर तार फेंसिंग लगाकर मंदिर जाने वाले रास्ते को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। ग्रामीणों के अनुसार, जिस जगह यह तार फेंसिंग की गई है, वह सीधे मुख्य सड़क से सटी हुई है, जबकि नियमानुसार सड़क से 80 फीट जगह छोड़ना अनिवार्य होता है। इतना ही नहीं, आधे सड़क से भी बात करें तो मकान भी 40 फीट दूर बनाए
जाते हैं, ऐसे में मुख्य सड़क पर ही तार फेंसिंग लगाकर अतिक्रमण करना गलत है। लोगों ने प्रशासन से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। उनकी मांग है कि ग्राम पंचायत, पटवारी और गिरदावर मौके पर जाकर अतिक्रमण करने वाले व्यक्ति से मंदिर तक जाने वालों के लिए रास्ता खुलवाएं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं होती, तो वे सेवा शिविर और उच्चाधिकारियों तक इस शिकायत
को पहुंचाएंगे। इधर, राष्ट्रीय मानव धर्म सक्षा संघ के प्रमुख नरसिंह गिरी महाराज ने भी ग्रामीणों का समर्थन करते हुए कहा है कि उनका संगठन भी मंदिर तक जाने वाले रास्ते को खुलवाने के लिए उच्चाधिकारियों को अवगत कराएगा। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस अतिक्रमण पर क्या कार्रवाई करता है और क्या भक्तों के लिए मंदिर तक पहुंचने का रास्ता खुल पाता है या नहीं। इसका जवाब तो वक्त ही बताएगा।
- राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ उपखंड क्षेत्र के डुंगरीपाड़ा गांव में वर्षों पुराने सती माता और हनुमान जी मंदिर तक जाने का रास्ता अतिक्रमण के कारण मुश्किल हो गया है। कुशलगढ़ से डुंगरा मुख्य सड़क से मात्र 50 फीट की दूरी पर स्थित इस मंदिर में भक्तों को आरती-दर्शन करने में इन दिनों काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि मंदिर के पास किसी की निजी जमीन है, जो मुख्य सड़क से सटी हुई है। इस जमीन पर तार फेंसिंग लगाकर मंदिर जाने वाले रास्ते को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। ग्रामीणों के अनुसार, जिस जगह यह तार फेंसिंग की गई है, वह सीधे मुख्य सड़क से सटी हुई है, जबकि नियमानुसार सड़क से 80 फीट जगह छोड़ना अनिवार्य होता है। इतना ही नहीं, आधे सड़क से भी बात करें तो मकान भी 40 फीट दूर बनाए जाते हैं, ऐसे में मुख्य सड़क पर ही तार फेंसिंग लगाकर अतिक्रमण करना गलत है। लोगों ने प्रशासन से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। उनकी मांग है कि ग्राम पंचायत, पटवारी और गिरदावर मौके पर जाकर अतिक्रमण करने वाले व्यक्ति से मंदिर तक जाने वालों के लिए रास्ता खुलवाएं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं होती, तो वे सेवा शिविर और उच्चाधिकारियों तक इस शिकायत को पहुंचाएंगे। इधर, राष्ट्रीय मानव धर्म सक्षा संघ के प्रमुख नरसिंह गिरी महाराज ने भी ग्रामीणों का समर्थन करते हुए कहा है कि उनका संगठन भी मंदिर तक जाने वाले रास्ते को खुलवाने के लिए उच्चाधिकारियों को अवगत कराएगा। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस अतिक्रमण पर क्या कार्रवाई करता है और क्या भक्तों के लिए मंदिर तक पहुंचने का रास्ता खुल पाता है या नहीं। इसका जवाब तो वक्त ही बताएगा।4
- बांसवाड़ा जिले में पानी के गंभीर अभाव का सामना करना पड़ रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, लोगों तक पानी का टैंकर कभी तीन तो कभी पांच दिन के अंतराल पर केवल एक बार ही पहुँच पाता है, जिसके कारण स्थानीय निवासियों को जल आपूर्ति के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।4
- बांसवाड़ा जिले के आनंदपुरी उपखंड मुख्यालय पर 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। पंचायत समिति परिसर में आयोजित इस ब्लॉक स्तरीय कार्यक्रम में स्थानीय ग्रामीणों, महिलाओं, अधिकारियों और कर्मचारियों ने सक्रिय रूप से योगाभ्यास किया। इस अवसर पर सभी प्रतिभागियों ने स्वस्थ जीवन जीने का संदेश दिया।1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर, बांसवाड़ा के मयूर नगर, लोधा स्थित आर एस डब्ल्यू एम लिमिटेड में एक भव्य योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य एलएनजे परिवार के सदस्यों के मानसिक और शारीरिक विकास को बढ़ावा देना था। महा प्रबंधक लीगल एवं पीआर मनोज शाह ने जानकारी देते हुए बताया कि कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्य संचालन अधिकारी शंभू कुमार शर्मा रहे। योग प्रचारक घनश्याम जोशी के सान्निध्य में मयूर परिवार के लगभग 150 अधिकारियों, कर्मचारियों और उनके परिजनों ने सामूहिक योगाभ्यास किया। मुख्य अतिथि शंभू कुमार शर्मा ने अपने संबोधन में प्रकृति से जुड़कर शरीर को स्वस्थ रखने पर जोर दिया और प्रतिदिन 20 से 25 मिनट योग के लिए निकालने की सलाह दी। योग प्रचारक घनश्याम जोशी ने योग के माध्यम से विभिन्न बीमारियों से बचाव एवं उपचार की जानकारी देते हुए महत्वपूर्ण योगासन भी करवाए। कार्यक्रम के दौरान, महा प्रबंधक प्रीतम गुजर ने सभी उपस्थित सदस्यों को नियमित योग करने और स्वस्थ जीवन अपनाने की शपथ दिलाई। संस्थान के श्रमिकों ने भी योग के माध्यम से स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने का संकल्प लिया। इस अवसर पर उच्च अधिकारी क्षितिज आनन्द, वीरेन्द्र कुमार चौधरी, नरेंद्र भंडारी, परेश हाटकर, महेश लडडा, देव गोपाल, उपेंद्र सिंह, मनोज्ञ लडडा सहित महिला क्लब सदस्य इंद्रा भंडारी, शशि द्विवेदी एवं ममता तिवारी सपरिवार उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन अभिमन्यु सिंह ने किया, जिन्होंने अंत में सभी का आभार व्यक्त किया।1
- नागणेश्वरी माताजी मंदिर, रावला परिसर कुआं में 15वां पाटोत्सव बड़े धूमधाम से मनाया गया। मंदिर के संरक्षक महिपाल सिंह राठौर ने बताया कि इस पाटोत्सव के तहत मुख्य यजमान प्रह्लाद सिंह और लोकेंद्र सिंह राठौर द्वारा पंडित जलज दवे एवं राज दवे की देखरेख में विशेष पूजा-अर्चना और हवन कार्य संपन्न किया गया। इसके पश्चात, ठाकुर महिपाल सिंह, प्रह्लाद सिंह, लोकेन्द्रसिंह सहित सभी क्षत्रिय समाजजनों ने मिलकर माताजी की आरती उतारी। कार्यक्रम के मुख्य यजमानों द्वारा महाप्रसाद का भी भव्य आयोजन किया गया। इस पाटोत्सव कार्यक्रम की एक खास विशेषता यह रही कि सभी क्षत्रिय समाज के पुरुषों ने सफेद पजामा-कुर्ता और साफा पहनकर एक समान वेशभूषा धारण की, जबकि क्षत्रिय महिलाएं पारंपरिक राजपूती वेशभूषा में उपस्थित थीं। इस पाटोत्सव में ठाकुर महिपाल सिंह, प्रह्लाद सिंह, हिम्मत सिंह, कुआं थानाधिकारी रघुवीरसिंह, नरपत सिंह, संग्राम सिंह, नागेंद्र सिंह, दिग्विजय सिंह, हनुमान सिंह, त्रिलोकेश्वर सिंह, गुणवंत सिंह, राजेन्द्र सिंह मांडव, जितेंद्र सिंह, वीरेंद्र सिंह, रविन्द्र सिंह, गजेंद्र सिंह दाड़ोदिया, भारत सिंह मटूवोट, भीम सिंह पाडली, चंद्रवीर सिंह वखतपुरा, प्रदीप सिंह गडा नाथजी, कमल प्रताप सिंह टेकला, महेन्द्र सिंह देवला, उदय सिंह गरीयता, हितेंद्र पाल सिंह, वीरेंद्र पाल सिंह, वीर बहादुर सिंह, निरंजन सिंह, भूपेंद्र पाल सिंह, हेमेंद्र सिंह, हरिश्चंद्र सिंह, तेज बहादुर सिंह, जयवर्धन सिंह, पोपट सिंह, जयवीर सिंह, लोकेंद्र सिंह, शैलेंद्र सिंह, हरेंद्र पाल सिंह, दीनदयाल सिंह मेड़ी, वैदिक पाल सिंह, टमर, धर्मवीर सिंह सहित अनेक क्षत्रिय महिलाएं और समाज के अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।3
- यह पाठ 'बुढ़ापे का सहारा' विषय पर आधारित एक कहानी प्रस्तुत करता है।1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर 21 जून को बांसवाड़ा के कुशलगढ़ स्थित मामा बालेश्वर दयाल राजकीय महाविद्यालय में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस आयोजन में योगाभ्यास के साथ-साथ मतदाता जागरूकता पर भी जोर दिया गया, जिसे "योग भी – वोट भी" थीम के तहत निर्वाचन साक्षरता क्लब (ELC) द्वारा संचालित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य उपस्थित विद्यार्थियों और अन्य लोगों को योग के महत्व और मतदान की उपयोगिता दोनों से अवगत कराना था। कार्यक्रम में योग प्रशिक्षक धर्मेन्द्र देवड़ा ने सभी प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास करवाया, साथ ही योग को एक स्वस्थ और संतुलित जीवन का आधार बताया। महाविद्यालय के प्राचार्य महेन्द्र कुमार देपन ने अपने उद्बोधन में विद्यार्थियों से नियमित योगाभ्यास, नशामुक्त जीवन शैली अपनाने तथा लोकतंत्र को सशक्त बनाने के लिए मतदान करने का संकल्प दिलाया। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि योग शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए एक प्रभावी माध्यम है, जबकि एक जागरूक मतदाता ही लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति है। प्रोफेसर लक्ष्मणलाल परमार ने भारतीय ज्ञान परंपरा में योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे जीवन का अभिन्न अंग बनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम का संचालन नरेन्द्र कुमार मकवाना ने किया, जिसमें महाविद्यालय के सभी आचार्यगण, शिक्षकगण, गणमान्यजन, पत्रकार बंधु और बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम के समापन पर, सभी उपस्थितजनों को योग और मतदाता जागरूकता की शपथ दिलाई गई। प्राचार्य महेन्द्र कुमार देपन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह कार्यक्रम उत्साह, अनुशासन और जन-जागरूकता के संदेश के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कुशलगढ़ उपखंड स्तर पर और ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में भी योग दिवस मनाया गया। इनमें मोहकमपुरा, बड़ी सरवा, पाटन, वरसाला, छोटी सरवा और बस्सी जैसे गाँव शामिल थे। ग्राम पंचायत भंवर्दा मुख्यालय पर भी योगासन कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया गया, जिसमें सरपंच साहब तेर सिंह, भाई प्रकाश जी, सी एस ओ दिलीप जी, राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय भोराज के प्रधानाध्यापक बलवंत सिंह गणावा, एएनएम, समस्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और ग्राम पंचायत के अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।3
- यूट्यूब पर 'dk Mahesh vlogs 117' नामक चैनल को सब्सक्राइब करने का आग्रह किया गया है। साथ ही, यह भी अनुरोध किया गया है कि इस चैनल को सभी दोस्तों के साथ शेयर करें।1