उत्तराखंड के बागेश्वर जिले के बैजनाथ धाम में सावन के सोमवार के अवसर पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। दूर-दूर से पहुंच रहे श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक कर सुख-शांति, समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना कर रहे हैं। मंदिर परिसर में भोर से ही लंबी कतारें लगी रहीं और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना का क्रम चलता रहा। श्रद्धालुओं का कहना है कि इस पावन धाम में भगवान कार्तिकेय का जन्म हुआ था और भोलेनाथ के साथ यहां माता पार्वती भी मूर्ति रूप में विराजमान हैं। इसी आस्था के कारण बड़ी संख्या में भक्त यहां मनोकामनाएं लेकर पहुंचते हैं और मानते हैं कि यहां सच्चे मन से मांगी गई प्रार्थना अवश्य पूरी होती है। मंदिर के पुजारियों के अनुसार, इस स्थान की मान्यता अत्यंत प्राचीन और गहरी है। भगवान कार्तिकेय की जन्मस्थली होने के कारण इस क्षेत्र का नाम कार्तिकेयपुर पड़ा, जबकि यहां शिव के साथ माता पार्वती की भी विधि-विधान से पूजा होती है।
उत्तराखंड के बागेश्वर जिले के बैजनाथ धाम में सावन के सोमवार के अवसर पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। दूर-दूर से पहुंच रहे श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक कर सुख-शांति, समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना कर रहे हैं। मंदिर परिसर में भोर से ही लंबी कतारें लगी रहीं और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना का क्रम चलता रहा। श्रद्धालुओं का कहना है कि इस पावन धाम में भगवान कार्तिकेय का जन्म हुआ था और भोलेनाथ के साथ यहां माता पार्वती भी मूर्ति रूप में विराजमान हैं। इसी आस्था के कारण बड़ी संख्या में भक्त यहां मनोकामनाएं लेकर पहुंचते हैं और मानते हैं कि यहां सच्चे मन से मांगी गई प्रार्थना अवश्य पूरी होती है। मंदिर के पुजारियों के अनुसार, इस स्थान की मान्यता अत्यंत प्राचीन और गहरी है। भगवान कार्तिकेय की जन्मस्थली होने के कारण इस क्षेत्र का नाम कार्तिकेयपुर पड़ा, जबकि यहां शिव के साथ माता पार्वती की भी विधि-विधान से पूजा होती है।
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- सोमवार को मां शारदा आरती का सावन माह मनाया गया बड़ी धूमधाम से श्री राधा शरणम सेवा समिति के तत्वाधान में देवभूमि, उत्तराखंड, जिला ,चंपावत, बनबसा, में सोमवार को 27 तारीख सातवां महीना 2026 को मां शारदा, आरती, का सावन माह, मनाया गया बड़ी धूमधाम से, श्री राधा शरणम् सेवा समिति के, तत्वाधान में मां, शारदा नदी घाट, पर मनाया गया बड़ी धूमधाम से, मां शारदा आरती का,सावन माह, पिछले, 12 वर्षों से कराई जा ,रही है,मां शारदा आरती सावन माह के दूसरे ,सोमवार को, शारदा घाट बनबसा में ,संपन्न हुई। खराब मौसम, और बारिश के ,बाबजूद भी, भक्तों की ,आस्था देखते ही बनती है। जन कल्याण के, लिए की जाने वाली ,माँ शारदा आरती, श्री राधा शरणम् सेवा समिति के, तत्वाधान में ,सावन माह के,प्रत्येक सोमवार को ,बनबसा शारदा घाट पर, आयोजित कराई जाती है। समिति के संस्थापक, कपिल भार्गव ने बताया कि, हम सनातनी परंपरा को आगे बढ़ाने के साथ साथ ,युवाओं को भी इस आरती से जोड़ने का प्रयास कर रहे है, साथ ही नशे आदि जैसे गलत ,आदतों में युवा न पड़े ,और ईश्वर के स्वरूप को पहचाने हम, इस आरती और इसी तरह के, अन्य धार्मिक आयोजनों के, द्वार प्रयास करते हैं। आज का युवा जो, कई समस्यों से ग्रसित एवं कुंठित है ,उन के लिए हरि नाम ही एक मात्र, मार्ग है, जिस पर चलकर ,पथ भ्रष्ट होने से बचा जा सकता है। आरती में मुख्य रूप से, संजय जोशी, केसर सिंह खोलिया, गिरीश जोशी बैठे इस के अलावा अभिषेक गोयल, नीरज कापड़ी,तरूण,सुशील,दीपक सक्सेना,राजकुमार पारीक, अमरजीत सिंह, चंद्रशेखर भट्ट, शिव नारायण साहू आदि उपस्थित रहे बनबसा से संवाददाता उमेश विश्वकर्मा आप बने रहिए भारत पब्लिक न्यूज़ के साथ चैनल को लाइक सब्सक्राइब शेयर करें तब तक के लिए नमस्कार1
- *"हानि पहुंचाने वाली बाहरी शक्तियां सक्रिय हैं उन्हें अवसर न दें हम"* *-डॉ. मोहन भागवत, सरसंघचालक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ*1
- उत्तराखंड के नैनीताल जिले के विकासखंड कोटाबाग की दूरस्थ ग्राम पंचायत रियाड में शिक्षा, जनसुनवाई और डिजिटल सुविधाओं को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल देखने को मिली। विकासखंड कोटाबाग की ग्राम पंचायत रियाड में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मेधावी छात्रों को सम्मानित किया गया। देवरानी देवी मेमोरियल ट्रस्ट, पटना की ओर से प्रत्येक मेधावी छात्र को ₹2,100 की प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान ग्राम पंचायत की खुली बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं। अधिकारियों ने समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। इसी अवसर पर ऋचा फाउंडेशन द्वारा ग्राम पंचायत रियाड में स्मार्टपुर डिजिटल सेंटर का उद्घाटन किया गया। इस केंद्र के शुरू होने से अब ग्रामीणों को ऑनलाइन सेवाओं के लिए लगभग 30 किलोमीटर दूर नहीं जाना पड़ेगा। इससे समय और धन दोनों की बचत होगी तथा सरकारी एवं अन्य डिजिटल सेवाएं गांव में ही उपलब्ध हो सकेंगी। कार्यक्रम में ब्लॉक प्रमुख मनीषा जंतवाल, खंड विकास अधिकारी श्वेता सैनी, विकासखंड कोटाबाग के कर्मचारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।3
- पिथौरागढ़, 27 जुलाई। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में अपर जिलाधिकारी योगेन्द्र सिंह ने जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों की समस्याएं सुनकर संबंधित विभागों को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए। जनसुनवाई के दौरान पूर्व जिला पंचायत सदस्य एवं पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष जगत सिंह खाती ने सड़क, पुल और वन भूमि हस्तांतरण से जुड़े कई महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दे प्रशासन के समक्ष रखे। उन्होंने तुलानी–चण्डिका घाट रामगंगा नदी पर प्रस्तावित 80 मीटर मोटर पुल का मामला उठाते हुए बताया कि यह परियोजना वर्ष 2006 से स्वीकृत है और मुख्यमंत्री घोषणा में भी शामिल है। उन्होंने पुल तक पहुंचने के लिए वन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया शीघ्र पूरी कर निर्माण के लिए धनराशि स्वीकृत करने की मांग की। इसके अलावा बेरीनाग–रीठा–रैतोली–मुवानी मोटर मार्ग के शेष लगभग 5 किलोमीटर निर्माण, पोखरी–चौली–चण्डिका घाट मार्ग के अंतिम 1.77 किलोमीटर सड़क निर्माण तथा अगरून बैंड–आंवलाघाट मोटर मार्ग को विधिवत स्वीकृति देकर डामरीकरण और सुधारीकरण कराने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। जगत सिंह खाती ने देवलथल क्षेत्र की मेलापानी–देवलथल, देवलथल–उड़ाई, बुंगाछीना–हरिनंदा मंदिर, मसराडी–मरौठ सहित कई क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत, गलाती–रमतौली (सेकला) मोटर मार्ग का निर्माण शुरू कराने तथा अंबेडकर गांव पेटखोला सड़क के डामरीकरण की भी मांग की। जनसुनवाई में अन्य नागरिकों ने भी अपनी समस्याएं रखीं। मढ़धूर निवासी हिम्मत राम ने सोलर लाइट लगाने, सामाजिक कार्यकर्ता शिव सिंह सुगड़ा ने बंदरों और जंगली सूअरों से फसलों को हो रहे नुकसान पर सोलर फेंसिंग एवं मुआवजे की मांग की। वहीं बंगापानी क्षेत्र में श्रम कार्ड बनाने और नवीनीकरण के लिए विशेष शिविर लगाने का अनुरोध भी किया गया। इसके अलावा जाखनी वार्ड में स्कूल मार्ग की मरम्मत, स्ट्रीट लाइट, आर्थिक सहायता, मुख्यमंत्री राहत कोष से उपचार व्यय की प्रतिपूर्ति तथा गोरी नदी पर संचालित ट्रॉलियों के पास यात्री शेड निर्माण जैसे कई जनहित के मुद्दे भी जनसुनवाई में उठाए गए। अपर जिलाधिकारी योगेन्द्र सिंह ने सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को निर्धारित समय सीमा में जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने और प्रत्येक प्रकरण पर आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े मामलों का प्रभावी एवं त्वरित समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।4
- उत्तराखंड के चम्पावत जिले में 27 जुलाई 2026 को आयोजित जनता मिलन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के अनुरूप जिला प्रशासन ने आमजन की समस्याओं पर प्राथमिकता के साथ सुनवाई की। जिलाधिकारी मनीष कुमार ने स्वयं जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे लोगों की शिकायतें सुनीं और अधिकांश मामलों का मौके पर ही निस्तारण कराया। कार्यक्रम में कुल 96 आवेदन एवं शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें प्रधानमंत्री आवास योजना, राशन कार्ड, किसान सम्मान निधि, सड़क, पेयजल, भूमि, सुरक्षा दीवार, सोलर स्ट्रीट लाइट और अन्य विकास कार्यों से जुड़े मामले शामिल रहे। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। जनता मिलन की सबसे बड़ी उपलब्धि रही कि 12 पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान भारत कार्ड मौके पर ही बनाकर उन्हें स्वास्थ्य सुरक्षा योजना से जोड़ा गया। जिलाधिकारी मनीष कुमार ने कहा कि जनसमस्याओं का त्वरित समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाना हमारी जिम्मेदारी है।1
- मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्राकृतिक एवं जैविक खेती को प्रोत्साहित करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को जनपद नैनीताल में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मिली है। विकासखण्ड कोटाबाग के ग्राम गिनती गांव में नाबार्ड के वित्तीय सहयोग से स्थापित जैव नियंत्रण उत्पादन इकाई (Bio-Control Production Unit) किसानों के लिए समर्पित कर दी गई है। यह पहल प्रदेश में टिकाऊ कृषि, पर्यावरण संरक्षण तथा किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर के कीट विज्ञान विभाग एवं कास्तकार विकास समिति के संयुक्त प्रयासों से स्थापित इस परियोजना की कुल लागत ₹43.57 लाख है, जिसमें नाबार्ड द्वारा ₹30.90 लाख का अनुदान उपलब्ध कराया गया है। परियोजना का उद्देश्य किसानों को स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण जैव नियंत्रण एजेंट उपलब्ध कराना, रासायनिक कीटनाशकों पर निर्भरता कम करना तथा प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देना है। इस परियोजना के माध्यम से किसानों को वैज्ञानिक एवं पर्यावरण अनुकूल कीट प्रबंधन तकनीकों का लाभ मिलेगा। स्थानीय स्तर पर तैयार किए जाने वाले जैव नियंत्रण उत्पाद खेती की लागत कम करने के साथ-साथ मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, सुरक्षित खाद्य उत्पादन एवं पर्यावरण संतुलन को भी मजबूत करेंगे। इससे प्रदेश में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के राज्य सरकार के प्रयासों को नई गति मिलेगी। परियोजना के अंतर्गत किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण, खेतों में प्रदर्शन कार्यक्रम, तकनीकी मार्गदर्शन तथा जैव नियंत्रण उत्पादों के उपयोग की वैज्ञानिक जानकारी भी उपलब्ध कराई जा रही है। इसके साथ ही यह उत्पादन इकाई प्रशिक्षण, अनुसंधान एवं कृषि नवाचार का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनकर क्षेत्र के किसानों को दीर्घकालिक लाभ प्रदान करेगी। नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक मुकेश बेलवाल ने कहा कि नाबार्ड ग्रामीण विकास, कृषि नवाचार एवं सतत आजीविका संवर्धन के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन एवं मृदा स्वास्थ्य संरक्षण की चुनौतियों को देखते हुए जैव नियंत्रण आधारित तकनीकों का महत्व लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह उत्पादन इकाई किसानों को गुणवत्तापूर्ण जैव नियंत्रण उत्पाद उपलब्ध कराने के साथ-साथ प्राकृतिक एवं जैविक खेती को नई दिशा प्रदान करेगी। साथ ही यह परियोजना किसान उत्पादक संगठनों, कृषि उद्यमिता, मूल्य संवर्धन तथा नवाचार आधारित कृषि गतिविधियों को भी मजबूती प्रदान करेगी। किसानों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे सुरक्षित, कम लागत वाली एवं टिकाऊ कृषि व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। विशेषज्ञों ने भी किसानों से जैव नियंत्रण तकनीकों को अपनाने तथा रासायनिक कीटनाशकों के विवेकपूर्ण उपयोग का आह्वान किया। उत्तराखण्ड सरकार की किसान हितैषी नीतियों एवं नाबार्ड के सहयोग से स्थापित यह जैव नियंत्रण उत्पादन इकाई भविष्य में नैनीताल सहित प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में प्राकृतिक एवं जैविक खेती के विस्तार का एक अनुकरणीय मॉडल बनेगी। यह पहल किसानों की आय बढ़ाने, पर्यावरण संरक्षण तथा आत्मनिर्भर कृषि व्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगी।4
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