पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, बालाघाट में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया ओणम पर्व वारासिवनी। ओणम के पावन अवसर पर पीएम श्री स्कूल जवाहर नवोदय विद्यालय, वारासिवनी बालाघाट में गुरुवार 27 अगस्त को भव्य ओणम समारोह का आयोजन किया गया। नवोदय विद्यालय समिति की माइग्रेशन नीति के अंतर्गत जवाहर नवोदय विद्यालय, वारासिवनी बालाघाट का संबंध जवाहर नवोदय विद्यालय, पथानामथिट्टा, केरल से है। इसी सांस्कृतिक आदान-प्रदान के अंतर्गत विद्यालय में प्रत्येक वर्ष ओणम पर्व उत्साहपूर्वक मनाया जाता है। ओणम केरल का सबसे प्रमुख और लोकप्रिय त्योहार है। यह केवल फसल का त्योहार ही नहीं, बल्कि एक ऐसा सांस्कृतिक उत्सव भी है, जो पूरे विश्व में रहने वाले मलयाली समुदाय को एकता के सूत्र में बांधता है। ओणम को राजा महाबली के वार्षिक आगमन की स्मृति में मनाया जाता है। राजा महाबली का शासन समानता, समृद्धि, न्याय और खुशहाली के स्वर्ण युग के रूप में याद किया जाता है। यह पर्व दस दिनों तक मनाया जाता है, जिसकी शुरुआत अथम से होती है और समापन सबसे महत्वपूर्ण दिन थिरुवोनम पर होता है। इनमें प्रथम ओणम और थिरुवोनम का विशेष महत्व है। ओणम का संबंध राजा महाबली, जिन्हें मावेली भी कहा जाता है, की पौराणिक कथा से है। हिंदू पौराणिक मान्यताओं के अनुसार महाबली केरल के एक दयालु और न्यायप्रिय राजा थे। उनका राज्य समृद्धि से भरपूर था, जहाँ लोग बिना अपराध और असमानता के सुखपूर्वक जीवन व्यतीत करते थे। महाबली की बढ़ती लोकप्रियता और शक्ति से देवता चिंतित हो गए। भगवान विष्णु ने वामन अवतार धारण कर एक अनुष्ठान के दौरान राजा महाबली के पास जाकर उनसे अपने तीन पग के बराबर भूमि मांगी। उदार राजा ने उनकी मांग स्वीकार कर ली। इसके बाद वामन ने अपना विराट रूप धारण कर दो पगों में स्वर्ग और पृथ्वी को नाप लिया। तीसरे पग के लिए महाबली ने अपना सिर प्रस्तुत कर दिया और भगवान विष्णु ने उन्हें पाताल लोक भेज दिया। राजा महाबली की भक्ति, त्याग और निस्वार्थ भाव से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने उन्हें वरदान दिया कि वे वर्ष में एक बार अपनी प्रजा से मिलने के लिए पृथ्वी पर आ सकेंगे।राजा महाबली के इसी वार्षिक आगमन की खुशी में ओणम मनाया जाता है। आज प्रातः केरल से आए माइग्रेशन विद्यार्थियों ने कला शिक्षक के.एल. निखारे के मार्गदर्शन में ओणम के अवसर पर एक सुंदर और विशाल रंगोली (पूक्कलम) तैयार की। विद्यार्थियों ने मेस कर्मचारियों तथा दोनों मलयालम शिक्षकों के सहयोग से विद्यालय की मेस में पारंपरिक ओणम भोज तैयार किया। डॉ. बी. सिंह, माइग्रेशन प्रभारी तथा दोनों मलयालम शिक्षकों अम्मू वी नाथ और श्रीमती निधिषा एस कुमार के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने दोपहर के भोजन के समय सभी को पारंपरिक भोज परोसा। सायंकाल एक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्राचार्य संदीप कुमार जैन द्वारा दीप प्रज्वलित करके किया गया। माइग्रेशन विद्यार्थियों ने अपनी स्थानीय पारंपरिक वेशभूषा में धार्मिक एवं लोक नृत्यों की सुंदर प्रस्तुतियाँ दीं। कार्यक्रम का निर्देशन संगीत शिक्षक उमेश नागपुरे के मार्गदर्शन में किया गया। विद्यार्थियों द्वारा मनमोहक मोहिनीअट्टम नृत्य भी प्रस्तुत किया गया। सभी विद्यार्थियों एवं स्टाफ सदस्यों ने ओणम समारोह का भरपूर आनंद लिया। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य संदीप कुमार जैन ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए ओणम पर्व के सांस्कृतिक एवं धार्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों से राजा महाबली के जीवन से दानशीलता, निस्वार्थता और भक्ति जैसे गुणों को सीखने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में श्रीमती अम्मू वी. नाथ, टीजीटी मलयालम ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर विद्यालय के उप-प्राचार्य रणबीर सिंह, भोजराम पटेल, डी.पी. कटरे, ओम खोंड, जी.एस. पारधी, श्रीमती यशोधरा सिंह, दीपेश जैन, के.एल. निखारे, उमेश नागपुरे, अविनाश सिंह, विवेक पटेल, प्रशांत बी. कापटे, श्रीमती सुनीता कुमारी, श्रीमती रजनी बिसेन, श्रीमती सुभांगी, अंकुर दुबे, अंशुमान त्रिपाठी सहित विद्यालय के समस्त स्टाफ सदस्य एवं उनके परिवारजन उपस्थित रहे। ओणम समारोह ने विद्यालय में विविध संस्कृतियों के बीच एकता, भाईचारे और सांस्कृतिक आदान-प्रदान की भावना को और मजबूत किया।
पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, बालाघाट में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया ओणम पर्व वारासिवनी। ओणम के पावन अवसर पर पीएम श्री स्कूल जवाहर नवोदय विद्यालय, वारासिवनी बालाघाट में गुरुवार 27 अगस्त को भव्य ओणम समारोह का आयोजन किया गया। नवोदय विद्यालय समिति की माइग्रेशन नीति के अंतर्गत जवाहर नवोदय विद्यालय, वारासिवनी बालाघाट का संबंध जवाहर नवोदय विद्यालय, पथानामथिट्टा, केरल से है। इसी सांस्कृतिक आदान-प्रदान के अंतर्गत विद्यालय में प्रत्येक वर्ष ओणम पर्व उत्साहपूर्वक मनाया जाता है। ओणम केरल का सबसे प्रमुख और लोकप्रिय त्योहार है। यह केवल फसल का त्योहार ही नहीं, बल्कि एक ऐसा सांस्कृतिक उत्सव भी है, जो पूरे विश्व में रहने वाले मलयाली समुदाय को एकता के सूत्र में बांधता है। ओणम को राजा महाबली के वार्षिक आगमन की स्मृति में मनाया जाता है। राजा महाबली का शासन समानता, समृद्धि, न्याय और खुशहाली के स्वर्ण युग के रूप में याद किया जाता है। यह पर्व दस दिनों तक मनाया जाता है, जिसकी शुरुआत अथम से
होती है और समापन सबसे महत्वपूर्ण दिन थिरुवोनम पर होता है। इनमें प्रथम ओणम और थिरुवोनम का विशेष महत्व है। ओणम का संबंध राजा महाबली, जिन्हें मावेली भी कहा जाता है, की पौराणिक कथा से है। हिंदू पौराणिक मान्यताओं के अनुसार महाबली केरल के एक दयालु और न्यायप्रिय राजा थे। उनका राज्य समृद्धि से भरपूर था, जहाँ लोग बिना अपराध और असमानता के सुखपूर्वक जीवन व्यतीत करते थे। महाबली की बढ़ती लोकप्रियता और शक्ति से देवता चिंतित हो गए। भगवान विष्णु ने वामन अवतार धारण कर एक अनुष्ठान के दौरान राजा महाबली के पास जाकर उनसे अपने तीन पग के बराबर भूमि मांगी। उदार राजा ने उनकी मांग स्वीकार कर ली। इसके बाद वामन ने अपना विराट रूप धारण कर दो पगों में स्वर्ग और पृथ्वी को नाप लिया। तीसरे पग के लिए महाबली ने अपना सिर प्रस्तुत कर दिया और भगवान विष्णु ने उन्हें पाताल लोक भेज दिया। राजा महाबली की भक्ति, त्याग और निस्वार्थ भाव से प्रसन्न होकर भगवान
विष्णु ने उन्हें वरदान दिया कि वे वर्ष में एक बार अपनी प्रजा से मिलने के लिए पृथ्वी पर आ सकेंगे।राजा महाबली के इसी वार्षिक आगमन की खुशी में ओणम मनाया जाता है। आज प्रातः केरल से आए माइग्रेशन विद्यार्थियों ने कला शिक्षक के.एल. निखारे के मार्गदर्शन में ओणम के अवसर पर एक सुंदर और विशाल रंगोली (पूक्कलम) तैयार की। विद्यार्थियों ने मेस कर्मचारियों तथा दोनों मलयालम शिक्षकों के सहयोग से विद्यालय की मेस में पारंपरिक ओणम भोज तैयार किया। डॉ. बी. सिंह, माइग्रेशन प्रभारी तथा दोनों मलयालम शिक्षकों अम्मू वी नाथ और श्रीमती निधिषा एस कुमार के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने दोपहर के भोजन के समय सभी को पारंपरिक भोज परोसा। सायंकाल एक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्राचार्य संदीप कुमार जैन द्वारा दीप प्रज्वलित करके किया गया। माइग्रेशन विद्यार्थियों ने अपनी स्थानीय पारंपरिक वेशभूषा में धार्मिक एवं लोक नृत्यों की सुंदर प्रस्तुतियाँ दीं। कार्यक्रम का निर्देशन संगीत शिक्षक उमेश नागपुरे के
मार्गदर्शन में किया गया। विद्यार्थियों द्वारा मनमोहक मोहिनीअट्टम नृत्य भी प्रस्तुत किया गया। सभी विद्यार्थियों एवं स्टाफ सदस्यों ने ओणम समारोह का भरपूर आनंद लिया। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य संदीप कुमार जैन ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए ओणम पर्व के सांस्कृतिक एवं धार्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों से राजा महाबली के जीवन से दानशीलता, निस्वार्थता और भक्ति जैसे गुणों को सीखने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में श्रीमती अम्मू वी. नाथ, टीजीटी मलयालम ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर विद्यालय के उप-प्राचार्य रणबीर सिंह, भोजराम पटेल, डी.पी. कटरे, ओम खोंड, जी.एस. पारधी, श्रीमती यशोधरा सिंह, दीपेश जैन, के.एल. निखारे, उमेश नागपुरे, अविनाश सिंह, विवेक पटेल, प्रशांत बी. कापटे, श्रीमती सुनीता कुमारी, श्रीमती रजनी बिसेन, श्रीमती सुभांगी, अंकुर दुबे, अंशुमान त्रिपाठी सहित विद्यालय के समस्त स्टाफ सदस्य एवं उनके परिवारजन उपस्थित रहे। ओणम समारोह ने विद्यालय में विविध संस्कृतियों के बीच एकता, भाईचारे और सांस्कृतिक आदान-प्रदान की भावना को और मजबूत किया।
- Seoni News: जब गांव की चौपाल पर पहुंचीं Collector Neha Meena, ग्रामीणों ने खुलकर रखीं समस्याएं | BS News Network1
- ब्लॉक कांग्रेस कमेटी मोहगांव में बढ़ती मंहगाई को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन आपको बता दें कि अभी हाल ही में बड़ी तेजी से चीनी गुड़ दुग्ध तेल की बढ़ गई है और पहले से पेट्रोल डीजल की दम भी बढ़ गई सभी चीज के दम बढ़ गई है इसी के विरोध में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी मोहगांव द्वारा आज दिनांक 27 2026 को प्रदर्शन कर मंहगाई कम करने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा गया है1
- बीजाडांडी में आजीविका की बहनों ने सीईओ और एसडीएम को बांधा रक्षासूत्र अधिकारियों ने सराही महिलाओं की स्वरोजगार गतिविधियां बीजाडांडी में आजीविका की बहनों ने सीईओ और एसडीएम को बांधा रक्षासूत्र अधिकारियों ने सराही महिलाओं की स्वरोजगार गतिविधियां 27 अगस्त गुरूवार करीब एक बजे मंडला सीईओ बीजाडांडी पहुंचे। जहां उन्होंने आजीविका मिशन की बहनों से मुलाकात कर उनसे रक्षासूत्र बंधवाया। बताया गया कि मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के तहत विकासखंड बीजाडांडी में शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में शामिल होने पहुंचे जिला पंचायत सीईओ शाश्वत सिंह मीना ने क्षेत्र में आजीविका और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार से निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस अवसर पर स्वरागिनी आजीविका महिला संकुल स्तरीय परिसंघ की बहनों ने संकुल कार्यालय बीजाडांडी में सीईओ शाश्वत सिंह मीना और एसडीएम निवास सीएल वर्मा को पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ राखी बांधकर रक्षाबंधन का पर्व मनाया। सीईओ श्री मीना और एसडीएम श्री वर्मा ने महिलाओं के इस स्नेहपूर्ण स्वागत को स्वीकारते हुए उनसे आत्मीय बातचीत की। दोनों अधिकारियों ने आजीविका मिशन के तहत महिलाओं द्वारा की जा रही स्वरोजगार गतिविधियों की जमकर सराहना की। इस दौरान नायब तहसीलदार बीजाडांडी आलोक सोनी, विकासखंड प्रबंधक साहेब लाल सूर्यवंशी सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। 000000000000000000000000000001
- सम्बल योजना में लापरवाही मजबूर हो रहे हैं परेशान प्रशासन सुस्त मध्यप्रदेश जिला मण्डला बम्हनी बंजर नगर यहां पवन बंशकार जी ने कैमरे पर अपनी व्यथा सुनाई सम्बल योजना पत्नी का स्वर्गवास हुआ 2 साल पहले पर सहायता राशि वर्तमान तक नहीं मिली मदद न ही जनप्रतिनिधि कर रहे न प्रशासन अपंग व्यक्ति कहां जाए1
- मंडला - नैनपुर में चकोर नदी से मिली बाइक, पुलिस ने थाने पहुंचाई नैनपुर, नगर में लगातार हो रही बाइक चोरी की घटनाओं के बीच चकोर नदी से एक मोटरसाइकिल बरामद होने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, आज कुछ बच्चों को चकोर नदी के अंदर एक मोटरसाइकिल दिखाई दी। बच्चों ने हिम्मत दिखाते हुए बाइक को नदी से बाहर निकाला और इसकी सूचना नैनपुर पुलिस को दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस स्टाफ मौके पर पहुंचा और मोटरसाइकिल को अपने कब्जे में लेकर नैनपुर थाने पहुंचाया। फिलहाल पुलिस द्वारा बाइक के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर यह पता लगाया जा रहा है कि मोटरसाइकिल किसके नाम पर दर्ज है और इसे नदी में किसने डाला। बाइक चोरी की घटनाओं के बीच नदी से मोटरसाइकिल मिलने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।1
- छुईखदान में बाल विवाह और साइबर अपराध के प्रति जागरूकता शिविर, छुईखदान में बाल विवाह और साइबर अपराध के प्रति जागरूकता शिविर, 27 अगस्त गुरुवार को दोपहर तीन बजे मिली जानकारी अनुसार शासकीय हाई स्कूल घिरघोली में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शन में जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर में छात्र-छात्राओं को निःशुल्क विधिक सहायता, बाल विवाह, पॉक्सो एक्ट, घरेलू हिंसा, नशामुक्ति और साइबर अपराध से बचाव की जानकारी दी गई। पीएलवी सुनील कुमार ने बाल विवाह रोकने और बच्चों को लैंगिक अपराधों से बचाने के लिए जागरूकता अभियान की जानकारी दी। उन्होंने निःशुल्क कानूनी सलाह के लिए नालसा हेल्पलाइन 15100 पर संपर्क करने की अपील की। थाना छुईखदान की पीएसआई कुसुम पात्रे और निशा विंध्यराज ने साइबर ठगी से बचाव के उपाय बताए। उन्होंने लॉटरी, इनाम, कैशबैक, लकी ड्रॉ और बीमा जैसे फर्जी ऑफरों से सावधान रहने की अपील करते हुए साइबर हेल्पलाइन 1930 की जानकारी दी। शिविर में स्कूल के प्राचार्य अनिल जंघेल, शिक्षक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।1
- प्रज्ञादीप बौद्ध विहार कटंगी में धम्मदेशना का आयोजन, भंते विनय रखिक्ता जी ने दिया करुणा-मैत्री का संदेश1
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- नारायणगंज के बाजार हुए गुलजार, भद्रा का साया नहीं होने से बहनों में भारी उत्साह नारायणगंज के बाजार हुए गुलजार, भद्रा का साया नहीं होने से बहनों में भारी उत्साह रंग, बिरंगी राखियों से सजा बाजार भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास के पावन पर्व रक्षाबंधन को लेकर नारायणगंज में उत्साहित का माहौल है। क्षेत्र के बाजारों में रौनक और चहल-पहल बढ गई है। रक्षाबंधन की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं और रंग-बिरंगी राखियों की दुकानों से बाजार पूरी तरह सज गए हैं। सुबह से ही बाजारों में बहनों की भारी भीड़ उमड़ रही है। रक्षाबंधन के एक दिन पहले 27 अगस्त गुरूवार दोपहर तीन बजे के बाद से बाजार में रौनक आ गई। वहीं बहनें अपने भाइयों की कलाई सजाने के लिए अपनी पसंद की आकर्षक राखियां बड़े चाव से खरीदी की। व्यापारियों ने बताया कि इस बार बाजार में हर वर्ग और पसंद को ध्यान में रखते हुए राखियों की विशाल वैरायटी उपलब्ध है। साधारण धागे वाली और डिजाइनर राखियों की कीमत 10 रुपये से लेकर 300 रुपये तक है। बच्चों के लिए कार्टून और लाइट वाली राखियां विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। बताया गया कि सामान्य राखियों के अलावा इस साल चांदी की राखियों का क्रेज भी काफी देखने को मिल रहा है। जो बहनें अपने भाइयों के लिए कुछ खास और यादगार खरीदना चाहती हैं, वे चांदी की सुंदर और नक्काशीदार राखियों की खरीदारी की इसके साथ ही मिठाई और गिफ्ट शॉप्स पर भी भाइयों और बहनों की भीड़ देखी जा रही है। इस वर्ष का रक्षाबंधन ज्योतिषीय दृष्टि से भी बेहद खास और शुभ है। पंडितों और ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस वर्ष रक्षाबंधन के पर्व पर अशुभ माने जाने वाले भद्रा काल का साया नहीं पड़ रहा है। इस वर्ष भद्रा काल सूर्योदय से पहले ही समाप्त हो रहा है, जिसके कारण राखी बांधने के लिए सुबह का समय अत्यंत शुभ माना जा रहा है। भद्रा न होने के कारण मिले इस निर्बाध शुभ मुहूर्त ने लोगों के बीच त्योहार की खुशियों और उत्साह को दोगुना कर दिया है। 00000000000000000000000000001