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हरदोई में कानून बेदम! लुट गया सर्राफा व्यापारी, लुटेरों ने फोड़ दिया उसका सिर और लूट ले गए नगदी, ज्वेलरी से भरा बैग लेकिन तहरीर में वही बहुचर्चित तिकडमबाजी, लिखा कि कुछ ज्वेलरी, मतलब साथ कि पुलिस की दिमागी उपज से मिनीमाइज हो जाते हैं बड़े से बड़े संज्ञेय अपराधों के मुकदमे — हालांकि यह मामला तो मात्र बानगी है बांकी यह जो पब्लिक है, वह सब जानती है, फिर भी मारे दहशत से बोल नहीं पाती है क्योंकि पुलिस की ज़ुबान और हाथ बहूत लम्बे हैं जबकि पब्लिक बेचारी पुलिस के सामने इतनी बौनी है कि ज्यादा नहीं बोल सकती, वैसे भी जहाँ पत्रकार पुलिस की भाषणों में अपने भाषण जोड़कर पुलिस की वाहवाही का बखान करने और खुद ब खुद वाहवाही लूटने पर आमादा हों वहाँ सवाल तो उठेंगे ही हालांकि पत्रकार भी मजबूर हैं क्योंकि सर्वाधिकार नौकरशाहों के ही सुरक्षित हैं जबकि पत्रकार भी अधिकारों से बंचित और शोषित हैं? तभी तो आज तक किसी खोजी पत्रकार ने किसी भी लगड़ा ऑपरेशन की तह तक जाने की जुर्रत नहीं जुटाई और न सत्य सटीक तथ्य आधारित खबर चलाई आखिर इसी को तो नहीं कहते अंधेर नगरी —चौपट राज? कसमशाता समाज जानता है कि एक बार फिर दिनदहाड़े लूट से दहला हरदोई, पुलिस फिर “टीम गठित” मोड में, व्यापारी असुरक्षित! सड़क से दुकान तक अपराधियों का राज, लूट, चोरी, खौफ… हरदोई में कौन सुरक्षित? पुलिस की फाइलें चल रहीं, अपराधी खुले घूम रहे👇 👉 हरदोई में सर्राफा व्यापारी से दिनदहाड़े लूट 👉 तमंचे की बट से हमला, लाखों के जेवर और कैश लूटा 👉 6 नकाबपोश बदमाशों ने दिया वारदात को अंजाम 👉 पुलिस ने 6 टीमें बनाई, फिर भी अभी तक अपराधियों का सुराग नहीं लगा पाई 👉 शाहाबाद चोरी का खुलासा होने से पहले टड़ियावां में नई लूट पर उठे सवाल 👉 व्यापारी बोले—अब कहीं भी सुरक्षित नहीं, फिर भी नहीं कर सकते कहीं बबाल आखिर इसीलिए पुलिस की कार्यप्रणाली पर बार बार उठ रहे वही सवाल 👇 हरदोई में अपराध बेलगाम हैं…👇 सर्राफा व्यापारी सड़कों पर लुट -पिट रहे हैं… और पुलिस हर बार वही पुराना जवाब दे रही है…👇 ताजा मामला टड़ियावां थाना क्षेत्र का है… जहां बदमाशों ने दिनदहाड़े एक व्यापारी को निशाना बनाकर लाखों की लूट कर ली…👇 शुक्रवार सहमी शाम…गोपामऊ निवासी सर्राफा व्यापारी सर्वेश कुमार रस्तोगी दुकान बंद कर घर लौट रहे थे…तभी दो बाइकों पर सवार 4 नकाबपोश बदमाशों ने उन्हें घेर लिया…चलती बाइक को रुकवाया…और विरोध करने पर तमंचे की बट से सिर पर हमला कर दिया…भयभीत व्यापारी विवशताबश सरेंडर.. अच्छा ही हुआ जो सर्राफा व्यापारी बेचारा हुआ शिथिल अन्यथा होती धाँय - धाँय और उड़ जाती व्यापारी को खोपड़ी.. ऐसे तो उस बेचारे का सिर ही फूटा, टिंचर मरहम पट्टी दवा से ठीक हो जाएगी.. 👇 कुल मिलाकर डेढ़ लाख रुपये नकद और लाखों के सोने-चांदी के जेवर लूटकर बदमाश फरार हो गए…और फिर वही परम्परागत पुलिस प्रक्रिया शुरू हो गई 👇 घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची…जांच शुरू हुई…और फिर वही—“मुकदमा दर्ज… टीमें गठित…”लेकिन उठा बड़ा सवाल ये है कि—जब अपराध लगातार हो रहे हैं…तो ये पुलिस और यह पुलिस की ब्रांचेज और यह टीमें आखिर करती क्या हैं? तभी सवाल उठा 👇 शाहाबाद में चोरी का खुलासा अभी तक नहीं…और टड़ियावां में नई लूट…यानि अपराधी एक के बाद एक वारदात कर रहे हैं…और हरदोई में हालात ये हैं—👇 👉 न सड़क सुरक्षित 👉 न दुकान सुरक्षित 👉 न व्यापारी सुरक्षित अब सवाल सीधा है—क्या हरदोई में कानून का राज खत्म हो चुका है 👇 फिलहाल सबसे बड़ा सवाल— क्या हरदोई में अपराधियों को खुली छूट नहीं तो मनोबल बढ़ने के पीछे कहीं पुलिसिंग और दलाली की घुली मिली खिचड़ी तो नहीं? कहीं खाकी खादी अपराधी गठजोड़ की कहीं कच्ची खिचड़ी पक तो नहीं चुकी है? क्योंकि अर्सा एक बर्ष पूर्व उधरनपुर में ताबड़तोड़ चोरियों में एक सिपाही की संदिग्धता पर सवाल उठे थे! अब फिर दिनदहाड़े सर्राफा व्यापारी लूटा…उसका सिर फूटा…उसका लाखों का माल लेकर बदमाश फरार हो गए..और पुलिस—फिर वही “टीमें गठित” तो ऐसे में सवाल तो 👉 पुलिस से— होंगे ही 👇 आखिर अपराध क्यों नहीं रुक रहे?क्या केवल कागजी कार्रवाई ही सर्वोपरि है? 👉 व्यापारी संगठनों से भी सवाल —👇 तहरीर देते समय आपकी आवाज क्यों दब जाती है? क्या आप भी सिस्टम के दबाव में हैं? 👉 विपक्ष/जनप्रतिनिधि से भी सवाल — क्या कानून व्यवस्था पूरी तरह फेल हो चुकी है? सवाल का जबाब दें 👇 “हरदोई में अपराधी एक्टिव, पुलिस रिएक्टिव क्यों?” “घटना के बाद एक्शन… पहले रोकथाम क्यों नहीं?” “क्या लूट, चोरी, डकैती को छोटा दिखाने का खेल चल रहा है?” और मुख्यमंत्री कार्यालय का हर कर्मचारी भी सिर्फ हाथ मल रहा है, जनपद के जिलाधिकारी जिनकी कानून एवं व्यवस्था की धज्जियाँ जोड़ने की जिम्मेदारी होनी चाहिए, उन्हें कोई मतलब नहीं तो तहसीलों में उपजिलाधिकारी भी क्यों मतलब रखें, वो उधर कागजी घोड़ो पर ऐठे बैठे हैं और इधर एसडीएम शाहाबाद भी कागजी घोड़ों की लगाम पकड़े अपनी पीठ थपथपाने में मस्त हैं हालांकि सीधी भली जनता जिले भर की त्रस्त है। एक बार फिर 👇 🚨 हरदोई में हड़कंप! है 👉 4 बदमाश, 2 बाइक, खुली चुनौती! 👉 पुलिस फिर “टीमें गठित” मोड में ❗ सवाल ये नहीं कि लूट कैसे हुई… ❗ सवाल ये है कि हर रोज कहीं न कहीं अपराध क्यों हो रहे हैं? 👉 शाहाबाद की चोरी का खुलासा नहीं 👉 टड़ियावां में नई वारदात से दहशत है सवाल इसीलिए कि क्या हरदोई में कोई सुरक्षित नहीं?

2 hrs ago
user_OmdevDixit (Pappu Dixit)
OmdevDixit (Pappu Dixit)
Farmer हरदोई, हरदोई, उत्तर प्रदेश•
2 hrs ago

हरदोई में कानून बेदम! लुट गया सर्राफा व्यापारी, लुटेरों ने फोड़ दिया उसका सिर और लूट ले गए नगदी, ज्वेलरी से भरा बैग लेकिन तहरीर में वही बहुचर्चित तिकडमबाजी, लिखा कि कुछ ज्वेलरी, मतलब साथ कि पुलिस की दिमागी उपज से मिनीमाइज हो जाते हैं बड़े से बड़े संज्ञेय अपराधों के मुकदमे — हालांकि यह मामला तो मात्र बानगी है बांकी यह जो पब्लिक है, वह सब जानती है, फिर भी मारे दहशत से बोल नहीं पाती है क्योंकि पुलिस की ज़ुबान और हाथ बहूत लम्बे हैं जबकि पब्लिक बेचारी पुलिस के सामने इतनी बौनी है कि ज्यादा नहीं बोल सकती, वैसे भी जहाँ पत्रकार पुलिस की भाषणों में अपने भाषण जोड़कर पुलिस की वाहवाही का बखान करने और खुद ब खुद वाहवाही लूटने पर आमादा हों वहाँ सवाल तो उठेंगे ही हालांकि पत्रकार भी मजबूर हैं क्योंकि सर्वाधिकार नौकरशाहों के ही सुरक्षित हैं जबकि पत्रकार भी अधिकारों से बंचित और शोषित हैं? तभी तो आज तक किसी खोजी पत्रकार ने किसी भी लगड़ा ऑपरेशन की तह तक जाने की जुर्रत नहीं जुटाई और न सत्य सटीक तथ्य आधारित खबर चलाई आखिर इसी को तो नहीं कहते अंधेर नगरी —चौपट राज? कसमशाता समाज जानता है कि एक बार फिर दिनदहाड़े लूट से दहला हरदोई, पुलिस फिर “टीम गठित” मोड में, व्यापारी असुरक्षित! सड़क से दुकान तक अपराधियों का राज, लूट, चोरी, खौफ… हरदोई में कौन सुरक्षित? पुलिस की फाइलें चल रहीं, अपराधी खुले घूम रहे👇 👉 हरदोई में सर्राफा व्यापारी से दिनदहाड़े लूट 👉 तमंचे की बट से हमला, लाखों के जेवर और कैश लूटा 👉 6 नकाबपोश बदमाशों ने दिया वारदात को अंजाम 👉 पुलिस ने 6 टीमें बनाई, फिर भी अभी तक अपराधियों का सुराग नहीं लगा पाई 👉 शाहाबाद चोरी का खुलासा होने से पहले टड़ियावां में नई लूट पर उठे सवाल 👉 व्यापारी बोले—अब कहीं भी सुरक्षित नहीं, फिर भी नहीं कर सकते कहीं बबाल आखिर इसीलिए पुलिस की कार्यप्रणाली पर बार बार उठ रहे वही सवाल 👇 हरदोई में अपराध बेलगाम हैं…👇 सर्राफा व्यापारी सड़कों पर लुट -पिट रहे हैं… और पुलिस हर बार वही पुराना जवाब दे रही है…👇 ताजा मामला टड़ियावां थाना क्षेत्र का है… जहां बदमाशों ने दिनदहाड़े एक व्यापारी को निशाना बनाकर लाखों की लूट कर ली…👇 शुक्रवार सहमी शाम…गोपामऊ निवासी सर्राफा व्यापारी सर्वेश कुमार रस्तोगी दुकान बंद कर घर लौट रहे थे…तभी दो बाइकों पर सवार 4 नकाबपोश बदमाशों ने उन्हें घेर लिया…चलती बाइक को रुकवाया…और विरोध करने पर तमंचे की बट से सिर पर हमला कर दिया…भयभीत व्यापारी विवशताबश सरेंडर.. अच्छा ही हुआ जो सर्राफा व्यापारी बेचारा हुआ शिथिल अन्यथा होती धाँय - धाँय और उड़ जाती व्यापारी को खोपड़ी.. ऐसे तो उस बेचारे का सिर ही फूटा, टिंचर मरहम पट्टी दवा से ठीक हो जाएगी.. 👇 कुल मिलाकर डेढ़ लाख रुपये नकद और लाखों के सोने-चांदी के जेवर लूटकर बदमाश फरार हो गए…और फिर वही परम्परागत पुलिस प्रक्रिया शुरू हो गई 👇 घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची…जांच शुरू हुई…और फिर वही—“मुकदमा दर्ज… टीमें गठित…”लेकिन उठा बड़ा सवाल ये है कि—जब अपराध लगातार हो रहे हैं…तो ये पुलिस और यह पुलिस की ब्रांचेज और यह टीमें आखिर करती क्या हैं? तभी सवाल उठा 👇 शाहाबाद में चोरी का खुलासा अभी तक नहीं…और टड़ियावां में नई लूट…यानि अपराधी एक के बाद एक वारदात कर रहे हैं…और हरदोई में हालात ये हैं—👇 👉 न सड़क सुरक्षित 👉 न दुकान सुरक्षित 👉 न व्यापारी सुरक्षित अब सवाल सीधा है—क्या हरदोई में कानून का राज खत्म हो चुका है 👇 फिलहाल सबसे बड़ा सवाल— क्या हरदोई में अपराधियों को खुली छूट नहीं तो मनोबल बढ़ने के पीछे कहीं पुलिसिंग और दलाली की घुली मिली खिचड़ी तो नहीं? कहीं खाकी खादी अपराधी गठजोड़ की कहीं कच्ची खिचड़ी पक तो नहीं चुकी है? क्योंकि अर्सा एक बर्ष पूर्व उधरनपुर में ताबड़तोड़ चोरियों में एक सिपाही की संदिग्धता पर सवाल उठे थे! अब फिर दिनदहाड़े सर्राफा व्यापारी लूटा…उसका सिर फूटा…उसका लाखों का माल लेकर बदमाश फरार हो गए..और पुलिस—फिर वही “टीमें गठित” तो ऐसे में सवाल तो 👉 पुलिस से— होंगे ही 👇 आखिर अपराध क्यों नहीं रुक रहे?क्या केवल कागजी कार्रवाई ही सर्वोपरि है? 👉 व्यापारी संगठनों से भी सवाल —👇 तहरीर देते समय आपकी आवाज क्यों दब जाती है? क्या आप भी सिस्टम के दबाव में हैं? 👉 विपक्ष/जनप्रतिनिधि से भी सवाल — क्या कानून व्यवस्था पूरी तरह फेल हो चुकी है? सवाल का जबाब दें 👇 “हरदोई में अपराधी एक्टिव, पुलिस रिएक्टिव क्यों?” “घटना के बाद एक्शन… पहले रोकथाम क्यों नहीं?” “क्या लूट, चोरी, डकैती को छोटा दिखाने का खेल चल रहा है?” और मुख्यमंत्री कार्यालय का हर कर्मचारी भी सिर्फ हाथ मल रहा है, जनपद के जिलाधिकारी जिनकी कानून एवं व्यवस्था की धज्जियाँ जोड़ने की जिम्मेदारी होनी चाहिए, उन्हें कोई मतलब नहीं तो तहसीलों में उपजिलाधिकारी भी क्यों मतलब रखें, वो उधर कागजी घोड़ो पर ऐठे बैठे हैं और इधर एसडीएम शाहाबाद भी कागजी घोड़ों की लगाम पकड़े अपनी पीठ थपथपाने में मस्त हैं हालांकि सीधी भली जनता जिले भर की त्रस्त है। एक बार फिर 👇 🚨 हरदोई में हड़कंप! है 👉 4 बदमाश, 2 बाइक, खुली चुनौती! 👉 पुलिस फिर “टीमें गठित” मोड में ❗ सवाल ये नहीं कि लूट कैसे हुई… ❗ सवाल ये है कि हर रोज कहीं न कहीं अपराध क्यों हो रहे हैं? 👉 शाहाबाद की चोरी का खुलासा नहीं 👉 टड़ियावां में नई वारदात से दहशत है सवाल इसीलिए कि क्या हरदोई में कोई सुरक्षित नहीं?

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  • एनकाउंटर या 'वर्दी' का खेल?15 साल का 'मासूम' या खूंखार लुटेरा? संडीला पुलिस के 'सिंघम' अवतार पर उठे 1 लाख की लूट और किडनैपिंग के संगीन सवाल....शिकायत मानवाधिकार आयोग में..... #HardoiPolice #FakeEncounter #UPHRC #UttarPradeshPolice #JusticeForVivekYadav #CrimeNews #KhaakiKaKhauf #PoliceBrutality #HumanRightsViolation #HardoiNews #वर्दी_में_डाकू #पुलिस_का_कहर #संडीला_कांड #एक_लाख_की_लूट #फर्जी_मुठभेड़ #योगी_राज_में_ये_क्या_हुआ #खाकी_दागदार #न्याय_की_पुकार #Hardoi #UPPolice #Lucknow #HumanRightsCommission #Sandila #UPNews2026
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    एनकाउंटर या 'वर्दी' का खेल?15 साल का 'मासूम' या खूंखार लुटेरा? संडीला पुलिस के 'सिंघम' अवतार पर उठे 1 लाख की लूट और किडनैपिंग के संगीन सवाल....शिकायत मानवाधिकार आयोग में.....
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#Hardoi #UPPolice #Lucknow #HumanRightsCommission #Sandila #UPNews2026
    user_Manoj Sahara
    Manoj Sahara
    हरदोई, हरदोई, उत्तर प्रदेश•
    20 min ago
  • हरदोई में सर्राफा व्यापारी से लूट, तमंचे की बट मारकर बदमाशों ने जेवरात भरा बैग छीना, दुकान बंद कर घर जाते समय हुई वारदात से दहशत हरदोई। जनपद के टड़ियावां थाना क्षेत्र में शुक्रवार शाम एक सर्राफा व्यापारी के साथ लूट की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। बदमाशों ने व्यापारी को घेरकर तमंचे की बट से हमला किया और जेवरात व नकदी से भरा बैग लूटकर फरार हो गए। जानकारी के अनुसार, गोपामऊ कस्बे के मोहल्ला मिश्राना निवासी सर्वेश कुमार रस्तोगी टड़ियावां कस्बे में सर्राफा की दुकान चलाते हैं। शुक्रवार शाम करीब 5:30 बजे वह अपने बड़े पुत्र गौरव के साथ दुकान बंद कर बाइक से घर लौट रहे थे। जैसे ही वे बाजार पुरवा गांव के पास पहुंचे, तभी दो बाइकों पर सवार बदमाशों ने उन्हें घेर लिया। आरोप है कि हमलावरों ने पीछे से सर्वेश के सिर पर तमंचे की बट से वार कर दिया, जिससे वह और उनका पुत्र बाइक से गिर पड़े। इसके बाद बदमाशों ने उनकी बाइक की डिग्गी में रखा जेवरात से भरा बैग छीन लिया। बताया गया कि बैग में सोने-चांदी के आभूषणों के साथ करीब डेढ़ लाख रुपये नकद भी मौजूद थे। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की तलाश के लिए अपर पुलिस अधीक्षक मार्तंड प्रकाश सिंह व क्षेत्राधिकारी के नेतृत्व में छह टीमें गठित की गई हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही घटना का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है।
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    हरदोई में सर्राफा व्यापारी से लूट, तमंचे की बट मारकर बदमाशों ने जेवरात भरा बैग छीना, दुकान बंद कर घर जाते समय हुई वारदात से दहशत
हरदोई। जनपद के टड़ियावां थाना क्षेत्र में शुक्रवार शाम एक सर्राफा व्यापारी के साथ लूट की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। बदमाशों ने व्यापारी को घेरकर तमंचे की बट से हमला किया और जेवरात व नकदी से भरा बैग लूटकर फरार हो गए।
जानकारी के अनुसार, गोपामऊ कस्बे के मोहल्ला मिश्राना निवासी सर्वेश कुमार रस्तोगी टड़ियावां कस्बे में सर्राफा की दुकान चलाते हैं। शुक्रवार शाम करीब 5:30 बजे वह अपने बड़े पुत्र गौरव के साथ दुकान बंद कर बाइक से घर लौट रहे थे।
जैसे ही वे बाजार पुरवा गांव के पास पहुंचे, तभी दो बाइकों पर सवार बदमाशों ने उन्हें घेर लिया। आरोप है कि हमलावरों ने पीछे से सर्वेश के सिर पर तमंचे की बट से वार कर दिया, जिससे वह और उनका पुत्र बाइक से गिर पड़े। इसके बाद बदमाशों ने उनकी बाइक की डिग्गी में रखा जेवरात से भरा बैग छीन लिया।
बताया गया कि बैग में सोने-चांदी के आभूषणों के साथ करीब डेढ़ लाख रुपये नकद भी मौजूद थे। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की तलाश के लिए अपर पुलिस अधीक्षक मार्तंड प्रकाश सिंह व क्षेत्राधिकारी के नेतृत्व में छह टीमें गठित की गई हैं।
पुलिस का दावा है कि जल्द ही घटना का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है।
    user_रजनीश शर्मा चन्दन हरदोई
    रजनीश शर्मा चन्दन हरदोई
    Video Creator हरदोई, हरदोई, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • उत्तरप्रदेश के हरदोई से सबसे बड़ी खबर… धर्म पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर जेल जा चुका एक शख्स…अब करोड़ों की सरकारी जमीन पर कब्जे के आरोपों में घिरा है! इसलिए सवाल सीधा है — 👉 क्या कानून सिर्फ आम लोगों के लिए है? 👉 या रसूखदारों के लिए अलग संविधान चलता है? 👇 समझिए हरदोई के सवायजपुर इलाके से बड़ा खुलासा…आरोप है कि 1975 में ग्राम समाज की जमीन पर कब्जा कर जनता इंटर कॉलेज की नींव रखी गई…अब भूलेख के रिकॉर्ड खुद गवाही दे रहे हैं — 👉 7.79 हेक्टेयर जमीन 👉 15 खसरे 👉 और करोड़ों की कीमत यानि सवाल सिर्फ कब्जे का नहीं… 👉 पूरा सिस्टम कटघरे में है! 🔥 पहला सवाल: क्या सरकारी जमीन पर कब्जा करके कॉलेज खड़ा करना अपराध नहीं है? 🔥 दूसरा सवाल: 1999 में नामांतरण कैसे हुआ? 👉 किसके दबाव में हुआ? 👉 किसने फाइल पास की? 🔥 तीसरा सवाल: अगर जमीन “नवीन परती” थी… तो “मशरूक” बनने की कहानी क्या है? 🔥 चौथा सवाल: क्या यह पूरा खेल राजनीतिक संरक्षण का है? 🔥 पाँचवां और सबसे बड़ा सवाल: 👉 कब खाली होगी ये जमीन? 👉 कब चलेगा बुलडोज़र? सूत्र बताते हैं… 👉 पहले शिक्षक था… 👉 फिर विवादों में आया… 👉 और अब जमीन के खेल का बड़ा खिलाड़ी बन बैठा! और फिर सनातन समाज पर अपने साथियों के साथ चढ़ बैठा, और आखिर एक सभा में यही अकेला नहीं बल्कि इसके साथ कई सिरफिरे धर्म, सभ्यता, सनातन के विरुद्ध बोले लेकिन अभी तक जो कार्यवाही हुईं 👇 वह मामूली क्यों? कथित नेता के परिवार का दबदबा इतना कि…👇 👉 चुनाव में विरोध करने वालों पर कराए मुकदमे! 👇 क्या यही है लोकतंत्र? प्रशासन से सीधा सवाल 👇 तहसीलदार कहते हैं — “आपत्ति आएगी तो जांच करेंगे…” लेकिन सवाल ये है — 👉 क्या इतनी बड़ी जमीन पर कब्जे के लिए भी “आपत्ति” का इंतजार होगा? 👉 क्या प्रशासन खुद संज्ञान नहीं ले सकता? 👉क्या जनपद के डीएम और इलाके के एसडीएम को सत्ता विरोधी और समाज विरोधी शख्स की तानाशाही के मामलों में भी स्वतः संज्ञान लेने में दिक्क़त है? 👉 क्या डीएम चाहें तो मुख्यमंत्री के संज्ञान में मामले का ज्ञान नहीं दे सकते हैं? 👉क्या डीएम को भी कार्यवाही के लिए किसी अनुमति की आवश्यकता है? 👉देश में बुलडोज़र कार्रवाई की मिसालें दी जाती हैं…लेकिन यहां…👇 👉 दशकों से कब्जा… और सिर्फ जांच की बात! तो क्या ये मान लिया जाए कि — 👉 रसूखदारों के आगे कानून बेबस है? 👉क्या इस जिले में भूमाफियाओं के सामने कानून फेल है? 👉 क्या जिले भर के भूमाफियायों की राजस्व अभिलेखागार तक दखलअंदाजी की चर्चाएं सही है? 👉 क्या भूमाफियाओं के सामने प्रशासन वेवश है? 👉 आखिर कब तक चलता रहेगा जमीनों के कब्जे में प्रशासनिक मिलीभगत का ये खेल? 👉 आखिर कब होगी यदुनंदन एवं अन्य भू माफियाओं तथा मिले हुए अफसरों पर सख्त कार्रवाई? 👉 और कब यदुनंदन के कब्जे से सरकारी जमीन होगी कब्जा मुक्त? कुल मिलाकर जब तक नहीं होगी कब्ज़ामुक्त तब तक 👇 हम पूछेंगे… बार-बार पूछेंगे… क्योंकि ये सवाल सिर्फ जमीन का नहीं… 👉 न्याय और सिस्टम की साख का है! 👉 तो क्या सिस्टम अपनी साख बचाएगा?
    1
    उत्तरप्रदेश के हरदोई से सबसे बड़ी खबर…
धर्म पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर जेल जा चुका एक शख्स…अब करोड़ों की सरकारी जमीन पर कब्जे के आरोपों में घिरा है!
इसलिए सवाल सीधा है —
👉 क्या कानून सिर्फ आम लोगों के लिए है?
👉 या रसूखदारों के लिए अलग संविधान चलता है?
👇
समझिए हरदोई के सवायजपुर इलाके से बड़ा खुलासा…आरोप है कि 1975 में ग्राम समाज की जमीन पर कब्जा कर
जनता इंटर कॉलेज की नींव रखी गई…अब भूलेख के रिकॉर्ड खुद गवाही दे रहे हैं —
👉 7.79 हेक्टेयर जमीन
👉 15 खसरे
👉 और करोड़ों की कीमत
यानि सवाल सिर्फ कब्जे का नहीं…
👉 पूरा सिस्टम कटघरे में है!
🔥 पहला सवाल:
क्या सरकारी जमीन पर कब्जा करके कॉलेज खड़ा करना अपराध नहीं है?
🔥 दूसरा सवाल:
1999 में नामांतरण कैसे हुआ?
👉 किसके दबाव में हुआ?
👉 किसने फाइल पास की?
🔥 तीसरा सवाल:
अगर जमीन “नवीन परती” थी…
तो “मशरूक” बनने की कहानी क्या है?
🔥 चौथा सवाल:
क्या यह पूरा खेल राजनीतिक संरक्षण का है?
🔥 पाँचवां और सबसे बड़ा सवाल:
👉 कब खाली होगी ये जमीन?
👉 कब चलेगा बुलडोज़र?
सूत्र बताते हैं…
👉 पहले शिक्षक था…
👉 फिर विवादों में आया…
👉 और अब जमीन के खेल का बड़ा खिलाड़ी बन बैठा! और फिर सनातन समाज पर अपने साथियों के साथ चढ़ बैठा, और आखिर एक सभा में यही अकेला नहीं बल्कि इसके साथ कई सिरफिरे धर्म, सभ्यता, सनातन के विरुद्ध बोले लेकिन अभी तक जो कार्यवाही हुईं 👇
वह मामूली क्यों?
कथित नेता के परिवार का दबदबा इतना कि…👇
👉 चुनाव में विरोध करने वालों पर कराए मुकदमे! 👇
क्या यही है लोकतंत्र?
प्रशासन से सीधा सवाल 👇
तहसीलदार कहते हैं — “आपत्ति आएगी तो जांच करेंगे…”
लेकिन सवाल ये है —
👉 क्या इतनी बड़ी जमीन पर कब्जे के लिए भी “आपत्ति” का इंतजार होगा?
👉 क्या प्रशासन खुद संज्ञान नहीं ले सकता?
👉क्या जनपद के डीएम और इलाके के एसडीएम को सत्ता विरोधी और समाज विरोधी शख्स की तानाशाही के मामलों में भी स्वतः संज्ञान लेने में दिक्क़त है?
👉 क्या डीएम चाहें तो मुख्यमंत्री के संज्ञान में मामले का ज्ञान नहीं दे सकते हैं?
👉क्या डीएम को भी कार्यवाही के लिए किसी अनुमति की आवश्यकता है?
👉देश में बुलडोज़र कार्रवाई की मिसालें दी जाती हैं…लेकिन यहां…👇
👉 दशकों से कब्जा… और सिर्फ जांच की बात! 
तो क्या ये मान लिया जाए कि —
👉 रसूखदारों के आगे कानून बेबस है?
👉क्या इस जिले में भूमाफियाओं के सामने कानून फेल है?
👉 क्या जिले भर के भूमाफियायों की राजस्व अभिलेखागार तक दखलअंदाजी की चर्चाएं सही है?
👉 क्या भूमाफियाओं के सामने प्रशासन वेवश है?
👉 आखिर कब तक चलता रहेगा जमीनों के कब्जे में प्रशासनिक मिलीभगत का ये खेल?
👉 आखिर कब होगी यदुनंदन एवं अन्य भू माफियाओं तथा मिले हुए अफसरों पर सख्त कार्रवाई?
👉 और कब यदुनंदन के कब्जे से सरकारी जमीन होगी कब्जा मुक्त?
कुल मिलाकर जब तक नहीं होगी कब्ज़ामुक्त तब तक 👇
हम पूछेंगे… बार-बार पूछेंगे…
क्योंकि ये सवाल सिर्फ जमीन का नहीं…
👉 न्याय और सिस्टम की साख का है!
👉 तो क्या सिस्टम अपनी साख बचाएगा?
    user_OmdevDixit (Pappu Dixit)
    OmdevDixit (Pappu Dixit)
    Farmer हरदोई, हरदोई, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • jaago news ✍️ जनपद हरदोई। शुक्रवार को ग्राम बिहट, नेवादा में होली मिलन समारोह का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र के हजारों लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। *कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश सरकार की उच्च शिक्षा मंत्री रजनी तिवारी जी का आगमन हुआ।* उनके स्वागत में ग्रामीणों ने उत्साह और सम्मान के साथ भागीदारी निभाई, जिससे पूरे कार्यक्रम का माहौल उत्सवमय हो गया। अपने संबोधन में मंत्री रजनी तिवारी जी ने शाहाबाद क्षेत्र में कराए गए विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में अनेक योजनाओं के माध्यम से बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया गया है। विशेष रूप से शाहाबाद में बनाए गए ओवरब्रिज का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पहले यहां यात्री घंटों जाम में फंसे रहते थे, लेकिन अब इस समस्या से काफी हद तक राहत मिल गई है और आवागमन सुगम हो गया है। कार्यक्रम के दौरान ग्राम बिहट नेवादा के कुछ ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं मंत्री जी के समक्ष रखीं। उच्च शिक्षा मंत्री ने सभी की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। इससे उपस्थित लोगों में संतोष और विश्वास का वातावरण देखने को मिला। इस आयोजन में *ब्लाक प्रमुख टोडरपुर श्यामू जी* एवं ग्राम बिहट के प्रधान सूरज कुमार, टोडरपुर ब्लॉक के मंडल अध्यक्ष राघवेन्द्र सिंह, पूर्व प्रधान राम सहाय, पूर्व प्रधान भिस्मभर, अनिल सिंह कोटेदार (मसफना), कुलदीप सिंह (मसफना), पत्रकार आलोक सिंह (मसफना), राजीव द्विवेदी (मंडल उपाध्यक्ष), प्यारेलाल (केंद्र संयोजक), अवधेश , झल्लू (प्रधान कोठवा), राजीव (कोटेदार) सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने सामाजिक एकता, भाईचारे और आपसी सौहार्द का संदेश देते हुए ग्रामीणों में नई ऊर्जा का संचार किया।
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    jaago news ✍️ 
जनपद हरदोई। शुक्रवार को ग्राम बिहट, नेवादा में होली मिलन समारोह का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र के हजारों लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। *कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश सरकार की उच्च शिक्षा मंत्री रजनी तिवारी जी का आगमन हुआ।* उनके स्वागत में ग्रामीणों ने उत्साह और सम्मान के साथ भागीदारी निभाई, जिससे पूरे कार्यक्रम का माहौल उत्सवमय हो गया।
अपने संबोधन में मंत्री रजनी तिवारी जी ने शाहाबाद क्षेत्र में कराए गए विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में अनेक योजनाओं के माध्यम से बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया गया है। विशेष रूप से शाहाबाद में बनाए गए ओवरब्रिज का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पहले यहां यात्री घंटों जाम में फंसे रहते थे, लेकिन अब इस समस्या से काफी हद तक राहत मिल गई है और आवागमन सुगम हो गया है।
कार्यक्रम के दौरान ग्राम बिहट नेवादा के कुछ ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं मंत्री जी के समक्ष रखीं। उच्च शिक्षा मंत्री ने सभी की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। इससे उपस्थित लोगों में संतोष और विश्वास का वातावरण देखने को मिला।
इस आयोजन में *ब्लाक प्रमुख टोडरपुर श्यामू जी* एवं ग्राम बिहट के प्रधान सूरज कुमार, टोडरपुर ब्लॉक के मंडल अध्यक्ष राघवेन्द्र सिंह, पूर्व प्रधान राम सहाय, पूर्व प्रधान भिस्मभर, अनिल सिंह कोटेदार (मसफना), कुलदीप सिंह (मसफना), पत्रकार आलोक सिंह (मसफना), राजीव द्विवेदी (मंडल उपाध्यक्ष), प्यारेलाल (केंद्र संयोजक), अवधेश , झल्लू  (प्रधान कोठवा), राजीव (कोटेदार) सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम ने सामाजिक एकता, भाईचारे और आपसी सौहार्द का संदेश देते हुए ग्रामीणों में नई ऊर्जा का संचार किया।
    user_जागो न्यूज "उत्तर प्रदेश"
    जागो न्यूज "उत्तर प्रदेश"
    Lawyer हरदोई, हरदोई, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • #हरदोई।माता कौशल्या और प्रभु श्री राम के चरित्र पर कीचड़ उछालने वाला यदुनंदन लाल वर्मा एक बार फिर विवादों के घेरे में है। जिस शख्स ने अपनी कुत्सित सोच से करोड़ों हिंदुओं की आस्था को चोट पहुँचाई और जेल की सलाखों के पीछे दिन काटे, अब उसके 'लैंड माफिया' वाले चेहरे से पर्दा उठा है। ताजा खुलासे के मुताबिक, यह तथाकथित शिक्षक भोपतपुर नगला में 7.7957 हेक्टेयर (लगभग करोड़ों की कीमत) सरकारी जमीन पर कुंडली मारकर बैठा है।कहानी शुरू होती है साल 1975 में, जब सनातन विरोध के कारण वाई.एल. वर्मा को दुर्गा प्रसाद इंटर कॉलेज से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था। बेरोजगार होते ही इसने जालसाजी का खेल शुरू किया। भोपतपुर के सूरजपाल सिंह को गुमराह कर उनके सहयोग से सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा किया और 'जनता इंटर कॉलेज' खड़ा कर दिया। भूलेख विभाग के रिकॉर्ड अब इस अवैध साम्राज्य की चुगली कर रहे हैं। जांच में सामने आया है कि कुल 15 खसरों वाली इस बेशकीमती जमीन को हथियाने के लिए वर्मा ने अपनों को मोहरा बनाया। रिकॉर्ड्स में प्रबंधक के तौर पर पहले रिश्तेदार रामसेवक और फिर अपने साले खुशीराम का नाम दर्ज कराया। 1999 में तहसीलदार न्यायालय के संदिग्ध आदेशों के जरिए इस सरकारी जमीन का बंदरबांट किया गया।रकबा: 7.7957 हेक्टेयर सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा।पुराना रिकॉर्ड: 1975 के 'आकार पत्र-45' (हैंडराइटन रजिस्टर) में यह जमीन स्पष्ट रूप से सरकारी दर्ज है। फर्जीवाड़ा: खसरा नंबर 646, 650, 653, 655, 661, 666 समेत दर्जनों प्लॉट पर अवैध नामांतरण।धर्म का अपमान करने वाले इस 'सफेदपोश' जालसाज के काले कारनामों की फाइल अब खुल चुकी है। प्रशासन की नजरें अब इस करोड़ों की सरकारी जमीन को कब्जामुक्त कराने पर टिकी हैं।
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    #हरदोई।माता कौशल्या और प्रभु श्री राम के चरित्र पर कीचड़ उछालने वाला यदुनंदन लाल वर्मा एक बार फिर विवादों के घेरे में है। जिस शख्स ने अपनी कुत्सित सोच से करोड़ों हिंदुओं की आस्था को चोट पहुँचाई और जेल की सलाखों के पीछे दिन काटे, अब उसके 'लैंड माफिया' वाले चेहरे से पर्दा उठा है।
ताजा खुलासे के मुताबिक, यह तथाकथित शिक्षक भोपतपुर नगला में 7.7957 हेक्टेयर (लगभग करोड़ों की कीमत) सरकारी जमीन पर कुंडली मारकर बैठा है।कहानी शुरू होती है साल 1975 में, जब सनातन विरोध के कारण वाई.एल. वर्मा को दुर्गा प्रसाद इंटर कॉलेज से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था। बेरोजगार होते ही इसने जालसाजी का खेल शुरू किया। भोपतपुर के सूरजपाल सिंह को गुमराह कर उनके सहयोग से सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा किया और 'जनता इंटर कॉलेज' खड़ा कर दिया।
भूलेख विभाग के रिकॉर्ड अब इस अवैध साम्राज्य की चुगली कर रहे हैं। जांच में सामने आया है कि कुल 15 खसरों वाली इस बेशकीमती जमीन को हथियाने के लिए वर्मा ने अपनों को मोहरा बनाया। रिकॉर्ड्स में प्रबंधक के तौर पर पहले रिश्तेदार रामसेवक और फिर अपने साले खुशीराम का नाम दर्ज कराया। 1999 में तहसीलदार न्यायालय के संदिग्ध आदेशों के जरिए इस सरकारी जमीन का बंदरबांट किया गया।रकबा: 7.7957 हेक्टेयर सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा।पुराना रिकॉर्ड: 1975 के 'आकार पत्र-45' (हैंडराइटन रजिस्टर) में यह जमीन स्पष्ट रूप से सरकारी दर्ज है।
फर्जीवाड़ा: खसरा नंबर 646, 650, 653, 655, 661, 666 समेत दर्जनों प्लॉट पर अवैध नामांतरण।धर्म का अपमान करने वाले इस 'सफेदपोश' जालसाज के काले कारनामों की फाइल अब खुल चुकी है। प्रशासन की नजरें अब इस करोड़ों की सरकारी जमीन को कब्जामुक्त कराने पर टिकी हैं।
    user_प्रवीण कुमार
    प्रवीण कुमार
    Local News Reporter हरदोई, हरदोई, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • ✨ दिव्य दर्शन का अद्भुत नजारा, भक्तों की उमड़ी आस्था! ✨ ✍️ सुधीर अवस्थी ‘परदेशी’ …………………………………..........… हरदोई के बघौली क्षेत्र का सुन्नी गांव आज फिर भक्ति में डूबा नजर आया, जब प्राचीन माँ महिषासुर मर्दिनी मंदिर में भोले बाबा के श्रृंगार दर्शन ने श्रद्धालुओं का दिल जीत लिया। भोर की पहली किरण जैसे ही मंदिर परिसर में उतरी, वैसे ही घंटों-घड़ियालों की गूंज और आरती की मधुर ध्वनि ने ऐसा माहौल बनाया कि हर कोई बस “हर हर महादेव” के जयकारों में खो गया। भोले बाबा का मनमोहक श्रृंगार देख श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो उठे—आंखों में भक्ति, चेहरे पर सुकून और दिल में अटूट आस्था साफ झलक रही थी। कहा जाता है कि इस पावन धाम में जो भी सच्चे मन से माथा टेकता है, उसकी हर मनोकामना पूरी होती है—और यही विश्वास हर दिन यहां भक्तों की भीड़ खींच लाता है। 👉 यह मंदिर सिर्फ आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति की जीवित मिसाल है, जहां आज भी चमत्कारों की कहानियां हवा में तैरती हैं।
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    ✨ दिव्य दर्शन का अद्भुत नजारा, भक्तों की उमड़ी आस्था! ✨
✍️ सुधीर अवस्थी ‘परदेशी’
…………………………………..........…
हरदोई के बघौली क्षेत्र का सुन्नी गांव आज फिर भक्ति में डूबा नजर आया, जब प्राचीन माँ महिषासुर मर्दिनी मंदिर में भोले बाबा के श्रृंगार दर्शन ने श्रद्धालुओं का दिल जीत लिया।
भोर की पहली किरण जैसे ही मंदिर परिसर में उतरी, वैसे ही घंटों-घड़ियालों की गूंज और आरती की मधुर ध्वनि ने ऐसा माहौल बनाया कि हर कोई बस “हर हर महादेव” के जयकारों में खो गया।
भोले बाबा का मनमोहक श्रृंगार देख श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो उठे—आंखों में भक्ति, चेहरे पर सुकून और दिल में अटूट आस्था साफ झलक रही थी।
कहा जाता है कि इस पावन धाम में जो भी सच्चे मन से माथा टेकता है, उसकी हर मनोकामना पूरी होती है—और यही विश्वास हर दिन यहां भक्तों की भीड़ खींच लाता है।
👉 यह मंदिर सिर्फ आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति की जीवित मिसाल है, जहां आज भी चमत्कारों की कहानियां हवा में तैरती हैं।
    user_सुधीर अवस्थी 'परदेशी' (graminptrkar)
    सुधीर अवस्थी 'परदेशी' (graminptrkar)
    Local News Reporter हरदोई, हरदोई, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • हरदोई/बेहटा गोकुल दबंगों ने गरीब को किया गाली गलौज,की मारपीट,कई दिन बीत जाने के बाद भी नहीं हुई कार्यवाही पीड़ित दहशत में। #svbharatnew #HardoiNews ​#haroi #BehtaGokul ​#UPPolice ​#JusticeForPoor ​#HardoiPolice #BreakingNews #LatestUpdate #BigNews #ViralNews #BadiKhabar #TodayNews #NewsAlert #FlashNews #NewsReels #ShortNews #ReelNews #TrendingReels #NewsUpdate2026 #FastNews #ViralVideo
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    हरदोई/बेहटा गोकुल दबंगों ने गरीब को किया गाली गलौज,की मारपीट,कई दिन बीत जाने के बाद भी नहीं हुई कार्यवाही पीड़ित दहशत में। #svbharatnew #HardoiNews ​#haroi #BehtaGokul ​#UPPolice ​#JusticeForPoor ​#HardoiPolice #BreakingNews #LatestUpdate #BigNews #ViralNews #BadiKhabar #TodayNews #NewsAlert #FlashNews #NewsReels #ShortNews #ReelNews #TrendingReels #NewsUpdate2026 #FastNews #ViralVideo
    user_SV भारत न्यूज़ संवाददाता रामबाबू
    SV भारत न्यूज़ संवाददाता रामबाबू
    पत्रकार हरदोई, हरदोई, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • 👉 हरदोई में सर्राफा व्यापारी से दिनदहाड़े लूट 👉 तमंचे की बट से हमला, लाखों के जेवर और कैश लूटा 👉 6 नकाबपोश बदमाशों ने दिया वारदात को अंजाम 👉 पुलिस ने 6 टीमें बनाई, फिर भी अभी तक अपराधियों का सुराग नहीं लगा पाई 👉 शाहाबाद चोरी का खुलासा होने से पहले टड़ियावां में नई लूट पर उठे सवाल 👉 व्यापारी बोले—अब कहीं भी सुरक्षित नहीं, फिर भी नहीं कर सकते कहीं बबाल आखिर इसीलिए पुलिस की कार्यप्रणाली पर बार बार उठ रहे वही सवाल 👇 हरदोई में अपराध बेलगाम हैं…👇 सर्राफा व्यापारी सड़कों पर लुट -पिट रहे हैं… और पुलिस हर बार वही पुराना जवाब दे रही है…👇 ताजा मामला टड़ियावां थाना क्षेत्र का है… जहां बदमाशों ने दिनदहाड़े एक व्यापारी को निशाना बनाकर लाखों की लूट कर ली…👇 शुक्रवार सहमी शाम…गोपामऊ निवासी सर्राफा व्यापारी सर्वेश कुमार रस्तोगी दुकान बंद कर घर लौट रहे थे…तभी दो बाइकों पर सवार 4 नकाबपोश बदमाशों ने उन्हें घेर लिया…चलती बाइक को रुकवाया…और विरोध करने पर तमंचे की बट से सिर पर हमला कर दिया…भयभीत व्यापारी विवशताबश सरेंडर.. अच्छा ही हुआ जो सर्राफा व्यापारी बेचारा हुआ शिथिल अन्यथा होती धाँय - धाँय और उड़ जाती व्यापारी को खोपड़ी.. ऐसे तो उस बेचारे का सिर ही फूटा, टिंचर मरहम पट्टी दवा से ठीक हो जाएगी.. 👇 कुल मिलाकर डेढ़ लाख रुपये नकद और लाखों के सोने-चांदी के जेवर लूटकर बदमाश फरार हो गए…और फिर वही परम्परागत पुलिस प्रक्रिया शुरू हो गई 👇 घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची…जांच शुरू हुई…और फिर वही—“मुकदमा दर्ज… टीमें गठित…”लेकिन उठा बड़ा सवाल ये है कि—जब अपराध लगातार हो रहे हैं…तो ये पुलिस और यह पुलिस की ब्रांचेज और यह टीमें आखिर करती क्या हैं? तभी सवाल उठा 👇 शाहाबाद में चोरी का खुलासा अभी तक नहीं…और टड़ियावां में नई लूट…यानि अपराधी एक के बाद एक वारदात कर रहे हैं…और हरदोई में हालात ये हैं—👇 👉 न सड़क सुरक्षित 👉 न दुकान सुरक्षित 👉 न व्यापारी सुरक्षित अब सवाल सीधा है—क्या हरदोई में कानून का राज खत्म हो चुका है 👇 फिलहाल सबसे बड़ा सवाल— क्या हरदोई में अपराधियों को खुली छूट नहीं तो मनोबल बढ़ने के पीछे कहीं पुलिसिंग और दलाली की घुली मिली खिचड़ी तो नहीं? कहीं खाकी खादी अपराधी गठजोड़ की कहीं कच्ची खिचड़ी पक तो नहीं चुकी है? क्योंकि अर्सा एक बर्ष पूर्व उधरनपुर में ताबड़तोड़ चोरियों में एक सिपाही की संदिग्धता पर सवाल उठे थे! अब फिर दिनदहाड़े सर्राफा व्यापारी लूटा…उसका सिर फूटा…उसका लाखों का माल लेकर बदमाश फरार हो गए..और पुलिस—फिर वही “टीमें गठित” तो ऐसे में सवाल तो 👉 पुलिस से— होंगे ही 👇 आखिर अपराध क्यों नहीं रुक रहे?क्या केवल कागजी कार्रवाई ही सर्वोपरि है? 👉 व्यापारी संगठनों से भी सवाल —👇 तहरीर देते समय आपकी आवाज क्यों दब जाती है? क्या आप भी सिस्टम के दबाव में हैं? 👉 विपक्ष/जनप्रतिनिधि से भी सवाल — क्या कानून व्यवस्था पूरी तरह फेल हो चुकी है? सवाल का जबाब दें 👇 “हरदोई में अपराधी एक्टिव, पुलिस रिएक्टिव क्यों?” “घटना के बाद एक्शन… पहले रोकथाम क्यों नहीं?” “क्या लूट, चोरी, डकैती को छोटा दिखाने का खेल चल रहा है?” और मुख्यमंत्री कार्यालय का हर कर्मचारी भी सिर्फ हाथ मल रहा है, जनपद के जिलाधिकारी जिनकी कानून एवं व्यवस्था की धज्जियाँ जोड़ने की जिम्मेदारी होनी चाहिए, उन्हें कोई मतलब नहीं तो तहसीलों में उपजिलाधिकारी भी क्यों मतलब रखें, वो उधर कागजी घोड़ो पर ऐठे बैठे हैं और इधर एसडीएम शाहाबाद भी कागजी घोड़ों की लगाम पकड़े अपनी पीठ थपथपाने में मस्त हैं हालांकि सीधी भली जनता जिले भर की त्रस्त है। एक बार फिर 👇 🚨 हरदोई में हड़कंप! है 👉 4 बदमाश, 2 बाइक, खुली चुनौती! 👉 पुलिस फिर “टीमें गठित” मोड में ❗ सवाल ये नहीं कि लूट कैसे हुई… ❗ सवाल ये है कि हर रोज कहीं न कहीं अपराध क्यों हो रहे हैं? 👉 शाहाबाद की चोरी का खुलासा नहीं 👉 टड़ियावां में नई वारदात से दहशत है सवाल इसीलिए कि क्या हरदोई में कोई सुरक्षित नहीं?
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    👉 हरदोई में सर्राफा व्यापारी से दिनदहाड़े लूट
👉 तमंचे की बट से हमला, लाखों के जेवर और कैश लूटा
👉 6 नकाबपोश बदमाशों ने दिया वारदात को अंजाम
👉 पुलिस ने 6 टीमें बनाई, फिर भी अभी तक अपराधियों का सुराग नहीं लगा पाई 
👉 शाहाबाद चोरी का खुलासा होने से पहले टड़ियावां में नई लूट पर उठे सवाल 
👉 व्यापारी बोले—अब कहीं भी सुरक्षित नहीं, फिर भी नहीं कर सकते कहीं बबाल आखिर इसीलिए पुलिस की कार्यप्रणाली पर बार बार उठ रहे वही सवाल 👇
हरदोई में अपराध बेलगाम हैं…👇
सर्राफा व्यापारी सड़कों पर लुट -पिट रहे हैं… और पुलिस हर बार वही पुराना जवाब दे रही है…👇
ताजा मामला टड़ियावां थाना क्षेत्र का है… जहां बदमाशों ने दिनदहाड़े एक व्यापारी को निशाना बनाकर लाखों की लूट कर ली…👇
शुक्रवार सहमी शाम…गोपामऊ निवासी सर्राफा व्यापारी सर्वेश कुमार रस्तोगी दुकान बंद कर घर लौट रहे थे…तभी दो बाइकों पर सवार 4 नकाबपोश बदमाशों ने उन्हें घेर लिया…चलती बाइक को रुकवाया…और विरोध करने पर तमंचे की बट से सिर पर हमला कर दिया…भयभीत व्यापारी विवशताबश सरेंडर.. अच्छा ही हुआ जो सर्राफा व्यापारी बेचारा हुआ शिथिल अन्यथा होती धाँय - धाँय और उड़ जाती व्यापारी को खोपड़ी.. ऐसे तो उस बेचारे का सिर ही फूटा, टिंचर मरहम पट्टी दवा से ठीक हो जाएगी.. 👇
कुल मिलाकर डेढ़ लाख रुपये नकद और लाखों के सोने-चांदी के जेवर लूटकर बदमाश फरार हो गए…और फिर वही परम्परागत पुलिस प्रक्रिया शुरू हो गई 👇
घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची…जांच शुरू हुई…और फिर वही—“मुकदमा दर्ज… टीमें गठित…”लेकिन उठा बड़ा सवाल ये है कि—जब अपराध लगातार हो रहे हैं…तो ये पुलिस और यह पुलिस की ब्रांचेज और यह टीमें आखिर करती क्या हैं?
तभी सवाल उठा 👇
शाहाबाद में चोरी का खुलासा अभी तक नहीं…और टड़ियावां में नई लूट…यानि अपराधी एक के बाद एक वारदात कर रहे हैं…और हरदोई में हालात ये हैं—👇
👉 न सड़क सुरक्षित
👉 न दुकान सुरक्षित
👉 न व्यापारी सुरक्षित
अब सवाल सीधा है—क्या हरदोई में कानून का राज खत्म हो चुका है 👇
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल—
क्या हरदोई में अपराधियों को खुली छूट नहीं तो मनोबल बढ़ने के पीछे कहीं पुलिसिंग और दलाली की घुली मिली खिचड़ी तो नहीं? कहीं खाकी खादी अपराधी गठजोड़ की कहीं कच्ची खिचड़ी पक तो नहीं चुकी है? क्योंकि अर्सा एक बर्ष पूर्व उधरनपुर में ताबड़तोड़ चोरियों में एक सिपाही की संदिग्धता पर सवाल उठे थे!
अब फिर दिनदहाड़े सर्राफा व्यापारी लूटा…उसका सिर फूटा…उसका लाखों का माल लेकर बदमाश फरार हो गए..और पुलिस—फिर वही “टीमें गठित” तो ऐसे में सवाल तो 
👉 पुलिस से— होंगे ही 👇
आखिर अपराध क्यों नहीं रुक रहे?क्या केवल कागजी कार्रवाई ही सर्वोपरि है?
👉 व्यापारी संगठनों से भी सवाल —👇
तहरीर देते समय आपकी आवाज क्यों दब जाती है? क्या आप भी सिस्टम के दबाव में हैं?
👉 विपक्ष/जनप्रतिनिधि से भी सवाल —
क्या कानून व्यवस्था पूरी तरह फेल हो चुकी है? सवाल का जबाब दें 👇
“हरदोई में अपराधी एक्टिव, पुलिस रिएक्टिव क्यों?” “घटना के बाद एक्शन… पहले रोकथाम क्यों नहीं?” “क्या लूट, चोरी, डकैती को छोटा दिखाने का खेल चल रहा है?” और मुख्यमंत्री कार्यालय का हर कर्मचारी भी सिर्फ हाथ मल रहा है, जनपद के जिलाधिकारी जिनकी कानून एवं व्यवस्था की धज्जियाँ जोड़ने की जिम्मेदारी होनी चाहिए, उन्हें कोई मतलब नहीं तो तहसीलों में उपजिलाधिकारी भी क्यों मतलब रखें, वो उधर कागजी घोड़ो पर ऐठे बैठे हैं और इधर एसडीएम शाहाबाद भी कागजी घोड़ों की लगाम पकड़े अपनी पीठ थपथपाने में मस्त हैं हालांकि सीधी भली जनता जिले भर की त्रस्त है।
एक बार फिर 👇
🚨 हरदोई में हड़कंप! है 
👉 4 बदमाश, 2 बाइक, खुली चुनौती!
👉 पुलिस फिर “टीमें गठित” मोड में
❗ सवाल ये नहीं कि लूट कैसे हुई…
❗ सवाल ये है कि हर रोज कहीं न कहीं अपराध क्यों हो रहे हैं?
👉 शाहाबाद की चोरी का खुलासा नहीं
👉 टड़ियावां में नई वारदात से दहशत है 
सवाल इसीलिए कि क्या हरदोई में कोई सुरक्षित नहीं?
    user_OmdevDixit (Pappu Dixit)
    OmdevDixit (Pappu Dixit)
    Farmer हरदोई, हरदोई, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
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