शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती अपनी 'गविष्टि यात्रा' के तहत जनपद जालौन के जालौन नगर पहुंचे। यह यात्रा गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित कराने और गौ रक्षार्थ धर्मयुद्ध के आह्वान को लेकर निकाली जा रही है। जालौन पहुंचने पर उन्होंने जिला पंचायत सदस्य रामेंद्र त्रिपाठी के आवास पर विश्राम किया, जहां उनके आगमन की सूचना पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उनसे मिलने और दर्शन करने पहुंचे। इस दौरान आयोजित पत्रकार वार्ता में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अपनी यात्रा के उद्देश्यों को विस्तार से बताया। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश में अनेक गौशालाएं केवल कागजों में ही संचालित हो रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि जब उन्होंने इन गौशालाओं की वास्तविक स्थिति जानने का प्रयास किया, तो उन्हें प्रवेश से भी रोका गया। पत्रकार वार्ता के दौरान एक पत्रकार द्वारा सवाल के बीच में ही दूसरा प्रश्न पूछने पर शंकराचार्य नाराज भी हुए और उन्होंने इस पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने पुनः स्पष्ट किया कि उनकी गविष्टि यात्रा का लक्ष्य गौ संरक्षण के प्रति जन जागरण करना और गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग को हर व्यक्ति तक पहुंचाना है।
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती अपनी 'गविष्टि यात्रा' के तहत जनपद जालौन के जालौन नगर पहुंचे। यह यात्रा गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित कराने और गौ रक्षार्थ धर्मयुद्ध के आह्वान को लेकर निकाली जा रही है। जालौन पहुंचने पर उन्होंने जिला पंचायत सदस्य रामेंद्र त्रिपाठी के आवास पर विश्राम किया, जहां उनके आगमन की सूचना पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उनसे मिलने और दर्शन करने पहुंचे। इस दौरान आयोजित पत्रकार वार्ता में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अपनी यात्रा के उद्देश्यों को विस्तार से बताया। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश में अनेक गौशालाएं केवल कागजों में ही संचालित हो रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि जब उन्होंने इन गौशालाओं की वास्तविक स्थिति जानने का प्रयास किया, तो उन्हें प्रवेश से भी रोका गया। पत्रकार वार्ता के दौरान एक पत्रकार द्वारा सवाल के बीच में ही दूसरा प्रश्न पूछने पर शंकराचार्य नाराज भी हुए और उन्होंने इस पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने पुनः स्पष्ट किया कि उनकी गविष्टि यात्रा का लक्ष्य गौ संरक्षण के प्रति जन जागरण करना और गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग को हर व्यक्ति तक पहुंचाना है।
- कोंच के तजपुरा सानी गाँव के किसानों ने ओलावृष्टि मुआवजा वितरण में अनियमितता का आरोप लगाया है। किसानों का कहना है कि लेखपाल द्वारा मुआवजे के वितरण में रिश्वतखोरी और भेदभाव किया जा रहा है। इस संबंध में, पीड़ित किसानों ने उप-जिलाधिकारी (एसडीएम) से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।1
- मध्य प्रदेश ने पूरे देश में सर्वाधिक किसानों से गेहूं खरीदकर एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया है, जिससे राज्य इस मामले में नंबर-1 पर आ गया है। इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अन्नदाताओं को बधाई दी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उनकी सरकार किसान कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसानों के हित में लगातार कार्य करती रहेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह भी उल्लेख किया कि किसानों के लिए उनके द्वारा किए गए प्रयास अब सफल होने लगे हैं। इस सकारात्मक परिणाम के बाद, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए जनता के लिए एक संदेश भी जारी किया है।1
- औरैया में जिलाधिकारी औरैया और पुलिस अधीक्षक औरैया ने मानस सभागार कलेक्ट्रेट में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की। इस बैठक के दौरान, अधिकारियों द्वारा किए गए कार्यों की समीक्षा की गई और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक संपन्न होने के बाद, जिलाधिकारी औरैया और पुलिस अधीक्षक औरैया ने अपर जिलाधिकारी, अपर पुलिस अधीक्षक, PWD और NHAI के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ मिलकर जनपद के चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स का स्थलीय निरीक्षण किया। सभी अधिकारी व कर्मचारी एक ही वाहन में सवार होकर निरीक्षण स्थल पर पहुंचे। इस निरीक्षण के दौरान, पूर्व में हुई सड़क दुर्घटनाओं के कारणों, यातायात के दबाव, सड़क की भौगोलिक स्थिति, प्रकाश व्यवस्था, संकेतक बोर्ड, स्पीड ब्रेकर, अतिक्रमण और अन्य सुरक्षा मानकों की विस्तार से समीक्षा की गई। निरीक्षण के पश्चात, संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को सुरक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।4
- औरैया जिले में सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। जिलाधिकारी औरैया और पुलिस अधीक्षक औरैया ने मानस सभागार कलेक्ट्रेट औरैया में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की। इस बैठक में सड़क सुरक्षा से संबंधित कार्यों की समीक्षा की गई और उपस्थित संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। बैठक संपन्न होने के तुरंत बाद, जिलाधिकारी औरैया और पुलिस अधीक्षक औरैया, अपर जिलाधिकारी, अपर पुलिस अधीक्षक, तथा लोक निर्माण विभाग (PWD) एवं भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधिकारी व कर्मचारी एक ही वाहन पर सवार होकर जनपद के चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स का स्थलीय निरीक्षण करने निकले। इस दौरान उन्होंने पूर्व में घटित सड़क दुर्घटनाओं के कारणों, यातायात के दबाव, सड़क की भौगोलिक स्थिति, प्रकाश व्यवस्था, संकेतक बोर्ड, स्पीड ब्रेकर, अतिक्रमण और अन्य सुरक्षा मानकों की विस्तृत समीक्षा की। इस स्थलीय निरीक्षण और विस्तृत समीक्षा के आधार पर, संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को सुरक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए, ताकि भविष्य में सड़क दुर्घटनाओं को कम किया जा सके।3
- जनपद औरैया के फफूंद थाना क्षेत्र में एक नशे में धुत व्यक्ति द्वारा सड़क पर जमकर हंगामा किए जाने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि यह नशेबाज व्यक्ति पिछले करीब एक घंटे से थाना परिसर के ठीक सामने सड़क पर उत्पात मचा रहा है। इस घटना ने एक हाईवोल्टेज ड्रामा का रूप ले लिया है, जिसके कारण वाहन चालकों और राहगीरों में भय और दहशत का माहौल बना हुआ है।1
- जनपद जालौन में शनिवार देर शाम आए तेज आंधी-तूफान ने नगर और आसपास के क्षेत्रों में भारी तबाही मचा दी। अचानक बदले मौसम और तेज हवाओं के कारण शहर के विभिन्न हिस्सों में लाखों रुपये का व्यापक नुकसान हुआ, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। तेज आंधी के कारण दुकानों, मकानों, पेट्रोल पंपों, कोल्ड स्टोरेजों और मोबाइल टावरों सहित विभिन्न निर्माणों को भारी क्षति पहुँची। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तूफान की रफ्तार इतनी तेज थी कि कई स्थानों पर ई-रिक्शा तक असंतुलित होकर डगमगाते नजर आए, जिससे सड़कों पर अफरा-तफरी मच गई और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागते दिखाई दिए। आंधी के दौरान बड़ी संख्या में विशाल पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर गए, जिससे कई मार्गों पर यातायात बाधित हो गया। बिजली के खंभे और तार टूटने से कई इलाकों की विद्युत आपूर्ति भी प्रभावित हुई। तूफान का असर नगर के प्रमुख झंडा चौराहा पर भी दिखा, जहाँ स्थापित विशाल तिरंगा झंडा भी तेज हवाओं की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गया, जो लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस आंधी-तूफान ने कुछ ही मिनटों में लाखों रुपये का नुकसान पहुँचाया है। इसी के मद्देनजर प्रशासन द्वारा प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर नुकसान का आकलन किया जा रहा है, और फिलहाल राहत एवं बचाव कार्य जारी हैं। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि मौसम सामान्य होने तक अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करें।4