IPL 2026 में महेंद्र सिंह धोनी के मैदान पर न उतरने से उनके IPL सफर के खत्म होने की अटकलें लगने लगी हैं। यह पहली बार देखा गया कि 'थाला' पूरे सीज़न अपनी टीम चेन्नई सुपर किंग्स के साथ रहे, लेकिन मैदान पर एक भी मैच खेलने नहीं उतरे, जिससे फैंस के मन में बड़े सवाल उठ रहे हैं। पोस्ट में इस बात पर विचार किया गया है कि क्या उनकी चोट इसके पीछे की वजह थी, या फिर चेन्नई सुपर किंग्स में युवाओं को मौका देने के लिए यह एक बड़ा फैसला लिया गया। इस स्थिति ने चेपॉक में फैंस को भावुक कर दिया है, जिनकी आँखें नम हैं और दिल में एक ही सवाल है कि क्या 'थाला' अगले सीज़न, IPL 2027 में फिर मैदान पर लौटेंगे। धोनी के बिना IPL 2026 का गुज़रना कईयों के लिए एक युग के अंत जैसा है, जिसके चलते उनके भविष्य पर बड़े खुलासे की चर्चा की जा रही है। फैंस से भी यह पूछा गया है कि क्या 'माही' को एक और सीज़न खेलना चाहिए।
IPL 2026 में महेंद्र सिंह धोनी के मैदान पर न उतरने से उनके IPL सफर के खत्म होने की अटकलें लगने लगी हैं। यह पहली बार देखा गया कि 'थाला' पूरे सीज़न अपनी टीम चेन्नई सुपर किंग्स के साथ रहे, लेकिन मैदान पर एक भी मैच खेलने नहीं उतरे, जिससे फैंस के मन में बड़े सवाल उठ रहे हैं। पोस्ट में इस बात पर विचार किया गया है कि क्या उनकी चोट इसके पीछे की वजह थी, या फिर चेन्नई सुपर किंग्स में युवाओं को मौका देने के लिए यह एक बड़ा फैसला लिया गया। इस स्थिति ने चेपॉक में फैंस को भावुक कर दिया है, जिनकी आँखें नम हैं और दिल में एक ही सवाल है कि क्या 'थाला' अगले सीज़न, IPL 2027 में फिर मैदान पर लौटेंगे। धोनी के बिना IPL 2026 का गुज़रना कईयों के लिए एक युग के अंत जैसा है, जिसके चलते उनके भविष्य पर बड़े खुलासे की चर्चा की जा रही है। फैंस से भी यह पूछा गया है कि क्या 'माही' को एक और सीज़न खेलना चाहिए।
- बिहार के बाढ़ अनुमंडल अंतर्गत हाथीदह थाना क्षेत्र में राजेंद्र सेतु के नीचे गंगा नदी में डूब रहे एक व्यक्ति को स्थानीय नाविकों की मुस्तैदी से बचाया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नाविकों ने साहस दिखाते हुए उसे नदी से बाहर निकाला, जिसके बाद एक बस चालक ने घायल व्यक्ति को तुरंत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। हालांकि, अस्पताल पहुंचते ही स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर लापरवाही सामने आई। आरोप है कि लगभग एक घंटे तक व्यक्ति का उचित इलाज शुरू नहीं किया गया, जिससे उसकी हालत और अधिक बिगड़ गई। परिजनों और स्थानीय निवासियों ने चिकित्सकों पर उदासीनता बरतने का गंभीर आरोप लगाया। बाद में, औपचारिकता पूरी करने के बाद मरीज को बेहतर उपचार के लिए पटना पीएमसीएच भेज दिया गया। जब इस मामले में चिकित्सकों से सवाल किए गए, तो उन्होंने स्पष्ट जवाब देने से कतराते हुए बात टालने की कोशिश की। इस पूरी घटना ने एक बार फिर बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि सरकार द्वारा पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराने के बावजूद, चिकित्सकीय लापरवाही के कारण कई मरीजों की जान जोखिम में पड़ जाती है।1
- पटना जिले के बाढ़-2 अनुमंडल अंतर्गत भदौर थाना क्षेत्र में हुई लाखों रुपये की जेवरात चोरी की एक बड़ी घटना का पुलिस ने महज पांच घंटे के भीतर सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। 24 मई 2026 की रात बकावों गांव निवासी राघवेन्द्र कुमार सिंह के घर से करीब पांच लाख रुपये मूल्य के सोना-चांदी के जेवरात और नकद रुपये चोरी कर लिए गए थे। इस सूचना के मिलते ही भदौर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए थाना कांड संख्या 80/26 दर्ज कर जांच शुरू की। वरीय अधिकारियों के निर्देश पर थानाध्यक्ष शत्रुधन कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई, जिसने तकनीकी और स्थानीय सूचना के आधार पर ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू की। पुलिस की सक्रियता का परिणाम रहा कि मात्र पांच घंटे के भीतर चोरी की इस घटना का पर्दाफाश हो गया। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने सत्यम कुमार नामक एक आरोपी को गिरफ्तार किया और दो विधि-विरुद्ध बालकों को निरुद्ध किया। ये सभी आरोपी बकावों गांव के ही निवासी बताए जा रहे हैं। छापेमारी में पुलिस ने चोरी गए सोने का मंगलसूत्र, झुमका, चेन, तीन जोड़ी चांदी का पायल सहित कुल 24 हजार रुपये नकद भी बरामद किए हैं, जिसमें सभी चोरी गए जेवरात शामिल हैं। पीड़ित परिवार ने पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की है। इस सफल अभियान में थानाध्यक्ष शत्रुधन कुमार, प्रशिक्षु पुलिस अवर निरीक्षक दिव्या कुमारी, सहायक अवर निरीक्षक संजय कुमार, थाना सशस्त्र बल और अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। पुलिस अब सभी आरोपियों से गहन पूछताछ कर आगे की आवश्यक कार्रवाई में जुटी हुई है।1
- समस्तीपुर जिले के हलई थाना क्षेत्र स्थित ररियाही गांव में एक साठ वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति सरकार के प्रति अपना विरोध जताने के लिए एक टावर पर चढ़ गए। बुजुर्ग का यह कदम उन्हें पेंशन न मिलने के कारण उठाया गया।1
- ग्रुप केंद्र मोकामाघाट में आयोजित दीक्षांत परेड समारोह के दौरान सर्वश्रेष्ठ कंटिंजेंट प्लाटून के परिणाम घोषित किए गए। इस आयोजन में प्लाटूनों का मूल्यांकन उत्कृष्ट अनुशासन, शानदार कदमताल और परेड में बेहतरीन प्रदर्शन के आधार पर किया गया। परिणामों के अनुसार, प्लाटून नंबर-7 ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, वहीं प्लाटून नंबर-4 दूसरे स्थान पर रही और प्लाटून नंबर-1 को तीसरा स्थान मिला। विजेता प्लाटूनों को अधिकारियों द्वारा सम्मानित किया गया, और इस उपलब्धि पर सभी प्रशिक्षु महिला जवानों में काफी उत्साह देखने को मिला।1
- वैशाली जिले के पानापुर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ सरकारी दवाइयों को एक पोखर में फेंके जाने की सूचना मिली है। इस घटना की जानकारी मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। स्थानीय लोगों ने पोखर में बड़ी मात्रा में सरकारी मेडिसिन पड़ी देखी, जिसके बाद उन्होंने तुरंत इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को दी। इस मामले ने सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में कथित भ्रष्टाचार और लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- डॉ भीमराव अंबेडकर संघर्ष विचार मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल पासवान हैं।1
- सोशल मीडिया पर लगातार यह सवाल उठ रहा है कि क्या भारत रूस से सस्ता कच्चा तेल लेना छोड़कर अमेरिका से महंगा तेल खरीद रहा है, और यदि ऐसा है तो इसके पीछे असली वजह क्या है। यह वीडियो भारत की तेल राजनीति और वैश्विक कूटनीति का पूरा सच सामने लाने का दावा करता है। वीडियो में इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि रूस-यूक्रेन युद्ध, अमेरिकी प्रतिबंध, रुपये-रूबल व्यापार और शिपिंग-बीमा के खर्चों का भारत की तेल नीति पर क्या असर पड़ता है। इसमें गहराई से बताया जाएगा कि कैसे ये कारक देश की क्रूड ऑयल खरीदने की रणनीति को प्रभावित करते हैं। यह भी बताया जाएगा कि भारत अपने "नेशनल इंटरेस्ट" को ध्यान में रखते हुए किस तरह हर देश से संतुलन बनाकर तेल खरीदता है। इसका अर्थ यह है कि भारत न तो रूस का अंध समर्थन करता है और न ही अमेरिका पर पूरी तरह निर्भर रहता है। यह पूरी कहानी आसान भाषा में, गहराई के साथ और सच्चाई के करीब बताई जाएगी, और दर्शकों से अपनी राय कमेंट में देने का आग्रह किया गया है।1
- पटना जिले के बाढ़ अनुमंडल अंतर्गत घोसवरी थाना क्षेत्र के नारायणपुर गांव में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया। खेलते-खेलते नदी में डूबने से अमरजीत महतो के 4 वर्षीय मासूम बेटे की मौत हो गई। बताया गया कि बच्चा अपने घर के पास अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था, तभी वह नदी किनारे पहुंच गया और गहरे पानी में चला गया। काफी देर तक बच्चे के नजर न आने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान बच्चे को नदी से बाहर निकाला गया और तुरंत बाढ़ अनुमंडलीय अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है, और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।1
- पटना जिले के बख्तियारपुर प्रखंड अंतर्गत सीढ़ी घाट पर गंगा दशहरा के अवसर पर सोमवार की शाम एक भव्य महा गंगा आरती का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बिहार सरकार के स्वास्थ्य मंत्री निशन्त कुमार ने भाग लिया और माँ गंगा की पूजा-अर्चना में शामिल हुए, जिससे घाट परिसर पूरी तरह भक्तिमय माहौल में डूब गया। मंत्री निशन्त कुमार शाम करीब 7 बजे कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। वैदिक मंत्रोच्चार और गंगा पूजन से कार्यक्रम की शुरुआत हुई, जिसमें जजमान बनने के बाद उन्होंने विधि-विधान से माँ गंगा की आराधना की। इसके उपरांत भव्य गंगा आरती शुरू हुई, जिसे उन्होंने पूरे समय ध्यानपूर्वक बैठकर देखा और सुना। सीढ़ी घाट को बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार का ड्रीम प्रोजेक्ट माना जाता है। पर्यटन विभाग द्वारा यहाँ प्रत्येक बुधवार को भी भव्य गंगा आरती आयोजित की जाती है, लेकिन गंगा दशहरा को लेकर इस बार का कार्यक्रम विशेष रूप से भव्य रहा। इस अवसर पर करीब पांच हजार श्रद्धालुओं की उपस्थिति दर्ज की गई, और उनके लिए भंडारे की भी व्यवस्था की गई थी। घाट पर रोशनी, गूंजते शंख, मंत्रोच्चार और गंगा आरती का दृश्य लोगों को वाराणसी के घाटों की याद दिला रहा था। इस मौके पर अच्युतानंद याजी, बख्तियारपुर विधायक अरुण कुमार साह, नीतीश कुमार के बड़े भाई सतीश कुमार सहित कई जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य लोग मौजूद रहे। स्थानीय लोगों ने व्यक्त किया कि अब बख्तियारपुर का सीढ़ी घाट भी धार्मिक पर्यटन का एक बड़ा केंद्र बनता जा रहा है, और विधायक अरुण कुमार साह ने इस आयोजन को क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने वाला तथा लोगों के आस्था के प्रति जुड़ाव को बढ़ाने वाला बताया।1