पटना जिले के बख्तियारपुर प्रखंड अंतर्गत सीढ़ी घाट पर गंगा दशहरा के अवसर पर सोमवार की शाम एक भव्य महा गंगा आरती का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बिहार सरकार के स्वास्थ्य मंत्री निशन्त कुमार ने भाग लिया और माँ गंगा की पूजा-अर्चना में शामिल हुए, जिससे घाट परिसर पूरी तरह भक्तिमय माहौल में डूब गया। मंत्री निशन्त कुमार शाम करीब 7 बजे कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। वैदिक मंत्रोच्चार और गंगा पूजन से कार्यक्रम की शुरुआत हुई, जिसमें जजमान बनने के बाद उन्होंने विधि-विधान से माँ गंगा की आराधना की। इसके उपरांत भव्य गंगा आरती शुरू हुई, जिसे उन्होंने पूरे समय ध्यानपूर्वक बैठकर देखा और सुना। सीढ़ी घाट को बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार का ड्रीम प्रोजेक्ट माना जाता है। पर्यटन विभाग द्वारा यहाँ प्रत्येक बुधवार को भी भव्य गंगा आरती आयोजित की जाती है, लेकिन गंगा दशहरा को लेकर इस बार का कार्यक्रम विशेष रूप से भव्य रहा। इस अवसर पर करीब पांच हजार श्रद्धालुओं की उपस्थिति दर्ज की गई, और उनके लिए भंडारे की भी व्यवस्था की गई थी। घाट पर रोशनी, गूंजते शंख, मंत्रोच्चार और गंगा आरती का दृश्य लोगों को वाराणसी के घाटों की याद दिला रहा था। इस मौके पर अच्युतानंद याजी, बख्तियारपुर विधायक अरुण कुमार साह, नीतीश कुमार के बड़े भाई सतीश कुमार सहित कई जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य लोग मौजूद रहे। स्थानीय लोगों ने व्यक्त किया कि अब बख्तियारपुर का सीढ़ी घाट भी धार्मिक पर्यटन का एक बड़ा केंद्र बनता जा रहा है, और विधायक अरुण कुमार साह ने इस आयोजन को क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने वाला तथा लोगों के आस्था के प्रति जुड़ाव को बढ़ाने वाला बताया।
पटना जिले के बख्तियारपुर प्रखंड अंतर्गत सीढ़ी घाट पर गंगा दशहरा के अवसर पर सोमवार की शाम एक भव्य महा गंगा आरती का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बिहार सरकार के स्वास्थ्य मंत्री निशन्त कुमार ने भाग लिया और माँ गंगा की पूजा-अर्चना में शामिल हुए, जिससे घाट परिसर पूरी तरह भक्तिमय माहौल में डूब गया। मंत्री निशन्त कुमार शाम करीब 7 बजे कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। वैदिक मंत्रोच्चार और गंगा पूजन से कार्यक्रम की शुरुआत हुई, जिसमें जजमान बनने के बाद उन्होंने विधि-विधान से माँ गंगा की आराधना की। इसके उपरांत भव्य गंगा आरती शुरू हुई, जिसे उन्होंने पूरे समय ध्यानपूर्वक बैठकर देखा और सुना। सीढ़ी घाट को बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार का ड्रीम प्रोजेक्ट माना जाता है। पर्यटन विभाग द्वारा यहाँ प्रत्येक बुधवार को भी भव्य गंगा आरती आयोजित की जाती है, लेकिन गंगा दशहरा को लेकर इस बार का कार्यक्रम विशेष रूप से भव्य रहा। इस अवसर पर करीब पांच हजार श्रद्धालुओं की उपस्थिति दर्ज की गई, और उनके लिए भंडारे की भी व्यवस्था की गई थी। घाट पर रोशनी, गूंजते शंख, मंत्रोच्चार और गंगा आरती का दृश्य लोगों को वाराणसी के घाटों की याद दिला रहा था। इस मौके पर अच्युतानंद याजी, बख्तियारपुर विधायक अरुण कुमार साह, नीतीश कुमार के बड़े भाई सतीश कुमार सहित कई जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य लोग मौजूद रहे। स्थानीय लोगों ने व्यक्त किया कि अब बख्तियारपुर का सीढ़ी घाट भी धार्मिक पर्यटन का एक बड़ा केंद्र बनता जा रहा है, और विधायक अरुण कुमार साह ने इस आयोजन को क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने वाला तथा लोगों के आस्था के प्रति जुड़ाव को बढ़ाने वाला बताया।
- पटना जिले के बाढ़-2 अनुमंडल अंतर्गत भदौर थाना क्षेत्र में हुई लाखों रुपये की जेवरात चोरी की एक बड़ी घटना का पुलिस ने महज पांच घंटे के भीतर सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। 24 मई 2026 की रात बकावों गांव निवासी राघवेन्द्र कुमार सिंह के घर से करीब पांच लाख रुपये मूल्य के सोना-चांदी के जेवरात और नकद रुपये चोरी कर लिए गए थे। इस सूचना के मिलते ही भदौर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए थाना कांड संख्या 80/26 दर्ज कर जांच शुरू की। वरीय अधिकारियों के निर्देश पर थानाध्यक्ष शत्रुधन कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई, जिसने तकनीकी और स्थानीय सूचना के आधार पर ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू की। पुलिस की सक्रियता का परिणाम रहा कि मात्र पांच घंटे के भीतर चोरी की इस घटना का पर्दाफाश हो गया। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने सत्यम कुमार नामक एक आरोपी को गिरफ्तार किया और दो विधि-विरुद्ध बालकों को निरुद्ध किया। ये सभी आरोपी बकावों गांव के ही निवासी बताए जा रहे हैं। छापेमारी में पुलिस ने चोरी गए सोने का मंगलसूत्र, झुमका, चेन, तीन जोड़ी चांदी का पायल सहित कुल 24 हजार रुपये नकद भी बरामद किए हैं, जिसमें सभी चोरी गए जेवरात शामिल हैं। पीड़ित परिवार ने पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की है। इस सफल अभियान में थानाध्यक्ष शत्रुधन कुमार, प्रशिक्षु पुलिस अवर निरीक्षक दिव्या कुमारी, सहायक अवर निरीक्षक संजय कुमार, थाना सशस्त्र बल और अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। पुलिस अब सभी आरोपियों से गहन पूछताछ कर आगे की आवश्यक कार्रवाई में जुटी हुई है।1
- पटना जिले के भदौर थाना क्षेत्र के बकावां गांव में 24 मई 2026 की रात राघवेंद्र कुमार के घर में चोरी की एक बड़ी वारदात हुई थी। चोरों ने घर से सोना-चांदी के आभूषणों के साथ-साथ नकदी भी चुरा ली थी। इस घटना के बाद, पीड़ित के लिखित आवेदन पर भदौर थाना में मामला दर्ज किया गया, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने महज पांच घंटे के गहन अनुसंधान के बाद चोरी गई सभी संपत्ति को बरामद कर लिया। बरामद किए गए सामानों में एक मंगलसूत्र, झुमका, सोने की चेन, चांदी के पायल, चांदी की चेन और कुल 24 हजार रुपये नकदी शामिल हैं। इस मामले में पुलिस ने 23 वर्षीय सत्यम कुमार को गिरफ्तार किया है, जबकि घटना से जुड़े दो विधि-विरुद्ध बालकों को भी निरुद्ध किया गया है।1
- सोशल मीडिया पर लगातार यह सवाल उठ रहा है कि क्या भारत रूस से सस्ता कच्चा तेल लेना छोड़कर अमेरिका से महंगा तेल खरीद रहा है, और यदि ऐसा है तो इसके पीछे असली वजह क्या है। यह वीडियो भारत की तेल राजनीति और वैश्विक कूटनीति का पूरा सच सामने लाने का दावा करता है। वीडियो में इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि रूस-यूक्रेन युद्ध, अमेरिकी प्रतिबंध, रुपये-रूबल व्यापार और शिपिंग-बीमा के खर्चों का भारत की तेल नीति पर क्या असर पड़ता है। इसमें गहराई से बताया जाएगा कि कैसे ये कारक देश की क्रूड ऑयल खरीदने की रणनीति को प्रभावित करते हैं। यह भी बताया जाएगा कि भारत अपने "नेशनल इंटरेस्ट" को ध्यान में रखते हुए किस तरह हर देश से संतुलन बनाकर तेल खरीदता है। इसका अर्थ यह है कि भारत न तो रूस का अंध समर्थन करता है और न ही अमेरिका पर पूरी तरह निर्भर रहता है। यह पूरी कहानी आसान भाषा में, गहराई के साथ और सच्चाई के करीब बताई जाएगी, और दर्शकों से अपनी राय कमेंट में देने का आग्रह किया गया है।1
- समस्तीपुर जिले के खानपुर थाना क्षेत्र से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ एक युवक के साथ मारपीट का आरोप लगा है। यह आरोप है कि युवक ने पंचायत में कथित भ्रष्टाचार, विशेषकर मनरेगा घोटाले, के खिलाफ आवाज उठाई थी, जिसके बाद उसके साथ मारपीट की गई।1
- मोदी सरकार द्वारा तेल कंपनियों को हो रहे घाटे का दावा करने के विपरीत, सच्चाई यह बताई जा रही है कि अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच इन कंपनियों ने भारी मुनाफा कमाया है। जनवरी से मार्च 2026 की अवधि में देश की तीन प्रमुख तेल कंपनियों का कुल मुनाफा 41% रहा है, जो सरकार के दावों के ठीक उलट है। आंकड़ों के अनुसार, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) ने 11,377.51 करोड़ रुपए, HPCL ने 4,901.50 करोड़ रुपए और BPCL ने 3,191 करोड़ रुपए का मुनाफा कमाया है। इन तीनों तेल कंपनियों का कुल मुनाफा 19,470 करोड़ रुपए रहा है। इन मुनाफे के आंकड़ों का साफ मतलब है कि मोदी सरकार चाहे तो जनता को महंगाई से राहत दे सकती है और तेल के दाम घटा सकती है। लेकिन, आरोप है कि सरकार आज भी बड़ी बेशर्मी के साथ वैश्विक संकट का बहाना दे रही है, तेल की कीमतें बढ़ा रही है और जनता की जेब काट रही है। पोस्ट में यह भी दावा किया गया है कि नरेंद्र मोदी ने ठान लिया है कि कुछ भी हो जाए, जनता पर महंगाई का हंटर चलाते रहना है और उनके पैसों पर मौज उड़ाते रहना है।1
- मोदी सरकार लगातार तेल कंपनियों के घाटे का रोना रो रही है, जबकि सच्चाई इसके बिल्कुल उलट है। अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच देश की प्रमुख तेल कंपनियों ने भारी मुनाफा कमाया है। जनवरी से मार्च 2026 की अवधि में, देश की तीन बड़ी तेल कंपनियों का कुल मुनाफा 41% दर्ज किया गया है। इन आंकड़ों के अनुसार, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) ने 11,377.51 करोड़ रुपए, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) ने 4,901.50 करोड़ रुपए और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) ने 3,191 करोड़ रुपए का मुनाफा दर्ज किया है। इन तीनों कंपनियों का कुल मुनाफा ₹19,470 करोड़ रहा है। ये आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि मोदी सरकार यदि चाहे तो जनता को महंगाई से राहत दे सकती है और तेल के दाम घटा सकती है। हालांकि, सरकार आज भी 'बड़ी बेशर्मी के साथ' वैश्विक संकट का बहाना दे रही है, तेल की कीमतें लगातार बढ़ा रही है और जनता की जेब काट रही है। ऐसा प्रतीत होता है कि नरेंद्र मोदी ने यह ठान लिया है कि कुछ भी हो जाए, जनता पर महंगाई का हंटर चलाते रहना है और उनके पैसों पर मौज उड़ाते रहना है।1
- मोहिउद्दीननगर थाना क्षेत्र के हरैल गांव में जमीन के केवाला (रजिस्ट्री) के नाम पर दी गई राशि के गबन का एक गंभीर मामला सामने आया है। इस संबंध में झारखंड के गिरिडीह में कार्यरत एक जज के पति प्रभात कुमार सिंह ने स्थानीय थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है, जिसमें गांव के ही तीन लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है। थाने में दिए गए आवेदन के अनुसार, प्रभात कुमार सिंह ने गांव के दिनेश्वर सिंह से 7 कट्ठा 4 धुर जमीन खरीदने के लिए 25 लाख रुपये में सौदा तय किया था। इकरारनामा होने के बाद, उन्होंने विभिन्न खातों में कुल 11 लाख 51 हजार रुपये स्थानांतरित किए। इसके अतिरिक्त, इकरारनामे के प्रावधानों के तहत, उन्होंने उक्त जमीन पर मिट्टी भराई के काम में 50 हजार रुपये का खर्च भी वहन किया। पीड़ित का आरोप है कि आरोपियों ने राशि प्राप्त करने के बाद जल्द ही जमीन का केवाला करने का भरोसा दिलाया, लेकिन बाद में अपना इरादा बदलते हुए रजिस्ट्री करने से स्पष्ट इनकार कर दिया। प्रभात कुमार सिंह ने यह भी बताया कि उन्होंने ग्रामीणों को इस मामले की जानकारी दी थी और उनके माध्यम से कई बार रजिस्ट्री के लिए अनुरोध किया, परंतु आरोपियों ने उनकी बात नहीं मानी और उन्हें धमकी भी दी। उनका दावा है कि आरोपियों की मंशा शुरू से ही राशि गबन करने की थी। इस घटना के बाद, मंगलवार को थानाध्यक्ष सचिन कुमार ने बताया कि प्रभात कुमार सिंह के आवेदन के आधार पर थानाकांड संख्या 136/26 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब इस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है।1
- पटना जिले के बख्तियारपुर प्रखंड अंतर्गत सीढ़ी घाट पर गंगा दशहरा के अवसर पर सोमवार की शाम एक भव्य महा गंगा आरती का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बिहार सरकार के स्वास्थ्य मंत्री निशन्त कुमार ने भाग लिया और माँ गंगा की पूजा-अर्चना में शामिल हुए, जिससे घाट परिसर पूरी तरह भक्तिमय माहौल में डूब गया। मंत्री निशन्त कुमार शाम करीब 7 बजे कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। वैदिक मंत्रोच्चार और गंगा पूजन से कार्यक्रम की शुरुआत हुई, जिसमें जजमान बनने के बाद उन्होंने विधि-विधान से माँ गंगा की आराधना की। इसके उपरांत भव्य गंगा आरती शुरू हुई, जिसे उन्होंने पूरे समय ध्यानपूर्वक बैठकर देखा और सुना। सीढ़ी घाट को बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार का ड्रीम प्रोजेक्ट माना जाता है। पर्यटन विभाग द्वारा यहाँ प्रत्येक बुधवार को भी भव्य गंगा आरती आयोजित की जाती है, लेकिन गंगा दशहरा को लेकर इस बार का कार्यक्रम विशेष रूप से भव्य रहा। इस अवसर पर करीब पांच हजार श्रद्धालुओं की उपस्थिति दर्ज की गई, और उनके लिए भंडारे की भी व्यवस्था की गई थी। घाट पर रोशनी, गूंजते शंख, मंत्रोच्चार और गंगा आरती का दृश्य लोगों को वाराणसी के घाटों की याद दिला रहा था। इस मौके पर अच्युतानंद याजी, बख्तियारपुर विधायक अरुण कुमार साह, नीतीश कुमार के बड़े भाई सतीश कुमार सहित कई जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य लोग मौजूद रहे। स्थानीय लोगों ने व्यक्त किया कि अब बख्तियारपुर का सीढ़ी घाट भी धार्मिक पर्यटन का एक बड़ा केंद्र बनता जा रहा है, और विधायक अरुण कुमार साह ने इस आयोजन को क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने वाला तथा लोगों के आस्था के प्रति जुड़ाव को बढ़ाने वाला बताया।1