मोदी सरकार द्वारा तेल कंपनियों को हो रहे घाटे का दावा करने के विपरीत, सच्चाई यह बताई जा रही है कि अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच इन कंपनियों ने भारी मुनाफा कमाया है। जनवरी से मार्च 2026 की अवधि में देश की तीन प्रमुख तेल कंपनियों का कुल मुनाफा 41% रहा है, जो सरकार के दावों के ठीक उलट है। आंकड़ों के अनुसार, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) ने 11,377.51 करोड़ रुपए, HPCL ने 4,901.50 करोड़ रुपए और BPCL ने 3,191 करोड़ रुपए का मुनाफा कमाया है। इन तीनों तेल कंपनियों का कुल मुनाफा 19,470 करोड़ रुपए रहा है। इन मुनाफे के आंकड़ों का साफ मतलब है कि मोदी सरकार चाहे तो जनता को महंगाई से राहत दे सकती है और तेल के दाम घटा सकती है। लेकिन, आरोप है कि सरकार आज भी बड़ी बेशर्मी के साथ वैश्विक संकट का बहाना दे रही है, तेल की कीमतें बढ़ा रही है और जनता की जेब काट रही है। पोस्ट में यह भी दावा किया गया है कि नरेंद्र मोदी ने ठान लिया है कि कुछ भी हो जाए, जनता पर महंगाई का हंटर चलाते रहना है और उनके पैसों पर मौज उड़ाते रहना है।
मोदी सरकार द्वारा तेल कंपनियों को हो रहे घाटे का दावा करने के विपरीत, सच्चाई यह बताई जा रही है कि अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच इन कंपनियों ने भारी मुनाफा कमाया है। जनवरी से मार्च 2026 की अवधि में देश की तीन प्रमुख तेल कंपनियों का कुल मुनाफा 41% रहा है, जो सरकार के दावों के ठीक उलट है। आंकड़ों के अनुसार, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) ने 11,377.51 करोड़ रुपए, HPCL ने 4,901.50 करोड़ रुपए और BPCL ने 3,191 करोड़ रुपए का मुनाफा कमाया है। इन तीनों तेल कंपनियों का कुल मुनाफा 19,470 करोड़ रुपए रहा है। इन मुनाफे के आंकड़ों का साफ मतलब है कि मोदी सरकार चाहे तो जनता को महंगाई से राहत दे सकती है और तेल के दाम घटा सकती है। लेकिन, आरोप है कि सरकार आज भी बड़ी बेशर्मी के साथ वैश्विक संकट का बहाना दे रही है, तेल की कीमतें बढ़ा रही है और जनता की जेब काट रही है। पोस्ट में यह भी दावा किया गया है कि नरेंद्र मोदी ने ठान लिया है कि कुछ भी हो जाए, जनता पर महंगाई का हंटर चलाते रहना है और उनके पैसों पर मौज उड़ाते रहना है।
- मोदी सरकार लगातार तेल कंपनियों के घाटे का रोना रो रही है, जबकि सच्चाई इसके बिल्कुल उलट है। अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच देश की प्रमुख तेल कंपनियों ने भारी मुनाफा कमाया है। जनवरी से मार्च 2026 की अवधि में, देश की तीन बड़ी तेल कंपनियों का कुल मुनाफा 41% दर्ज किया गया है। इन आंकड़ों के अनुसार, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) ने 11,377.51 करोड़ रुपए, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) ने 4,901.50 करोड़ रुपए और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) ने 3,191 करोड़ रुपए का मुनाफा दर्ज किया है। इन तीनों कंपनियों का कुल मुनाफा ₹19,470 करोड़ रहा है। ये आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि मोदी सरकार यदि चाहे तो जनता को महंगाई से राहत दे सकती है और तेल के दाम घटा सकती है। हालांकि, सरकार आज भी 'बड़ी बेशर्मी के साथ' वैश्विक संकट का बहाना दे रही है, तेल की कीमतें लगातार बढ़ा रही है और जनता की जेब काट रही है। ऐसा प्रतीत होता है कि नरेंद्र मोदी ने यह ठान लिया है कि कुछ भी हो जाए, जनता पर महंगाई का हंटर चलाते रहना है और उनके पैसों पर मौज उड़ाते रहना है।1
- Post by Anil Paswan1
- नालंदा जिले के राजगीर में चल रहे मलमास मेला 2026 के दौरान कल रात एक हृदय विदारक घटना हो गई, जिसमें नवादा निवासी प्लस टू के छात्र अमन की सुनामी झूले से गिरकर मौत हो गई। यह घटना काफी दर्दनाक बताई जा रही है। घटना के बारे में मिली जानकारी के अनुसार, झूले में लगा सेफ्टी बेल्ट अचानक टूट गया। सेफ्टी बेल्ट टूटने के कारण अमन कुमार अपनी सीट से गिरकर सामने के पाइप से टकराया और सीधे जमीन पर जा गिरा। गंभीर रूप से घायल अमन को तुरंत राजगीर अस्पताल ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उसे पावापुरी VIMS रेफर कर दिया गया। पावापुरी में उसकी तबीयत बिगड़ने पर उसे आगे के इलाज के लिए पटना रेफर किया गया, लेकिन पटना ले जाने के क्रम में ही उसने दम तोड़ दिया।1
- पटना जिले के बख्तियारपुर प्रखंड अंतर्गत सीढ़ी घाट पर गंगा दशहरा के अवसर पर सोमवार की शाम एक भव्य महा गंगा आरती का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बिहार सरकार के स्वास्थ्य मंत्री निशन्त कुमार ने भाग लिया और माँ गंगा की पूजा-अर्चना में शामिल हुए, जिससे घाट परिसर पूरी तरह भक्तिमय माहौल में डूब गया। मंत्री निशन्त कुमार शाम करीब 7 बजे कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। वैदिक मंत्रोच्चार और गंगा पूजन से कार्यक्रम की शुरुआत हुई, जिसमें जजमान बनने के बाद उन्होंने विधि-विधान से माँ गंगा की आराधना की। इसके उपरांत भव्य गंगा आरती शुरू हुई, जिसे उन्होंने पूरे समय ध्यानपूर्वक बैठकर देखा और सुना। सीढ़ी घाट को बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार का ड्रीम प्रोजेक्ट माना जाता है। पर्यटन विभाग द्वारा यहाँ प्रत्येक बुधवार को भी भव्य गंगा आरती आयोजित की जाती है, लेकिन गंगा दशहरा को लेकर इस बार का कार्यक्रम विशेष रूप से भव्य रहा। इस अवसर पर करीब पांच हजार श्रद्धालुओं की उपस्थिति दर्ज की गई, और उनके लिए भंडारे की भी व्यवस्था की गई थी। घाट पर रोशनी, गूंजते शंख, मंत्रोच्चार और गंगा आरती का दृश्य लोगों को वाराणसी के घाटों की याद दिला रहा था। इस मौके पर अच्युतानंद याजी, बख्तियारपुर विधायक अरुण कुमार साह, नीतीश कुमार के बड़े भाई सतीश कुमार सहित कई जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य लोग मौजूद रहे। स्थानीय लोगों ने व्यक्त किया कि अब बख्तियारपुर का सीढ़ी घाट भी धार्मिक पर्यटन का एक बड़ा केंद्र बनता जा रहा है, और विधायक अरुण कुमार साह ने इस आयोजन को क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने वाला तथा लोगों के आस्था के प्रति जुड़ाव को बढ़ाने वाला बताया।1
- पटना जिले के भदौर थाना क्षेत्र के बकावां गांव में 24 मई 2026 की रात राघवेंद्र कुमार के घर में चोरी की एक बड़ी वारदात हुई थी। चोरों ने घर से सोना-चांदी के आभूषणों के साथ-साथ नकदी भी चुरा ली थी। इस घटना के बाद, पीड़ित के लिखित आवेदन पर भदौर थाना में मामला दर्ज किया गया, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने महज पांच घंटे के गहन अनुसंधान के बाद चोरी गई सभी संपत्ति को बरामद कर लिया। बरामद किए गए सामानों में एक मंगलसूत्र, झुमका, सोने की चेन, चांदी के पायल, चांदी की चेन और कुल 24 हजार रुपये नकदी शामिल हैं। इस मामले में पुलिस ने 23 वर्षीय सत्यम कुमार को गिरफ्तार किया है, जबकि घटना से जुड़े दो विधि-विरुद्ध बालकों को भी निरुद्ध किया गया है।1
- शेखपुरा शहर के गिरीहिंडा मोहल्ला स्थित खीरी पोखर में सौंदर्यीकरण कार्य करा रहे संवेदक पर बिजली विभाग को चूना लगाने का गंभीर आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि संवेदक ने बिना किसी वैध बिजली कनेक्शन के ही मोटर लगाकर पूरे तालाब का पानी सुखा दिया, जिससे बिजली विभाग के सरकारी राजस्व को हजारों रुपये की भारी क्षति पहुँची है। स्थानीय लोगों के अनुसार, खीरी पोखर के सौंदर्यीकरण कार्य पर लगभग डेढ़ करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं। इस कार्य के दौरान तालाब से पानी निकालने के लिए बड़े मोटर पंप का उपयोग किया गया, जिसके लिए न तो कोई विभागीय अनुमति ली गई और न ही बिजली कनेक्शन। इस मामले को लेकर स्थानीय लोगों में काफी नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि एक ओर आम उपभोक्ताओं पर बिजली चोरी के लिए कड़ी कार्रवाई की जाती है, वहीं दूसरी ओर बड़े कार्यों में खुलेआम नियमों की अनदेखी की जा रही है। इस संबंध में विभागीय अधिकारियों से मामले की जाँच कर उचित कार्रवाई की मांग की गई है।1
- मोदी सरकार द्वारा तेल कंपनियों को हो रहे घाटे का दावा करने के विपरीत, सच्चाई यह बताई जा रही है कि अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच इन कंपनियों ने भारी मुनाफा कमाया है। जनवरी से मार्च 2026 की अवधि में देश की तीन प्रमुख तेल कंपनियों का कुल मुनाफा 41% रहा है, जो सरकार के दावों के ठीक उलट है। आंकड़ों के अनुसार, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) ने 11,377.51 करोड़ रुपए, HPCL ने 4,901.50 करोड़ रुपए और BPCL ने 3,191 करोड़ रुपए का मुनाफा कमाया है। इन तीनों तेल कंपनियों का कुल मुनाफा 19,470 करोड़ रुपए रहा है। इन मुनाफे के आंकड़ों का साफ मतलब है कि मोदी सरकार चाहे तो जनता को महंगाई से राहत दे सकती है और तेल के दाम घटा सकती है। लेकिन, आरोप है कि सरकार आज भी बड़ी बेशर्मी के साथ वैश्विक संकट का बहाना दे रही है, तेल की कीमतें बढ़ा रही है और जनता की जेब काट रही है। पोस्ट में यह भी दावा किया गया है कि नरेंद्र मोदी ने ठान लिया है कि कुछ भी हो जाए, जनता पर महंगाई का हंटर चलाते रहना है और उनके पैसों पर मौज उड़ाते रहना है।1
- देश की जनता ने बढ़ती महंगाई को लेकर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है, सीधा निशाना नरेंद्र मोदी पर साधते हुए आरोप लगाए हैं। जनता का कहना है कि नरेंद्र मोदी एक दिन उनके हाथों में कटोरा थमा देंगे। उनका आरोप है कि मोदी को देश और बढ़ती महंगाई से कोई मतलब नहीं है, और उनका रवैया 'मस्तराम मस्ती में आग लगे बस्ती में' जैसा है।1
- नालंदा में हुए एक हादसे के बाद, राजगीर के एसडीपीओ संजीत कुमार गुप्ता ने एक बयान जारी करते हुए बताया है कि इस मामले में झूला संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है और संबंधित झूले को जब्त कर लिया गया है। एसडीपीओ गुप्ता ने युवक की मौत की बात भी स्वीकार की है। इसके साथ ही, मामले की आगे की जांच के लिए एफएसएल की टीम को बुलाया गया है, और तत्काल प्रभाव से कई अन्य झूलों को भी बंद करवा दिया गया है।1