logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

*–प्रेस नोट–* *कासगंज पुलिस* *07.01.2026* *राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 के क्रम में "जीरो फेटेलिटी" हेतु यातायात पुलिस कासगंज द्वारा रैली निकालकर आमजन को किया गया जागरूक ।* *सड़क सुरक्षा, जीवन रक्षा।* *हेलमेट लगायें,जीवन बचायें।* माननीय मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार दिनांक 01.01.2026 से 31.012026 तक चलाये जा रहे राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 के क्रम में पुलिस अधीक्षक कासगंज सुश्री अंकिता शर्मा का निर्देशन व अपर पुलिस अधीक्षक कासगंज श्री सुशील कुमार के पर्यवेक्षण में आज दिनांक 07.01.2026 को क्षेत्राधिकारी यातायात श्री अमित कुमार एवं एआरटीओ श्री राम प्रकाश मिश्रा की उपस्थिति में प्रभारी यातायात द्वारा के0ए0 पीजी कॉलेज कासगंज के एन0एस0एस0 के छात्र/छात्राओं से राज कोल्ड तिराहे पर यातायात के नियमों का पालन कराया गया एवं छात्र/छात्राओं द्वारा आमजन को यातायात नियमों के बारे में जानकारी दी तथा पम्पलेट वितरण किये गये तथा राजकोल्ड तिराहे से सोरों गेट तक रैली निकाल कर आम जनमानस को यातायात नियमों के बारे में जागरूक किया गया तथा आमजनमानस को सड़क दुर्घटनाओं से बचाव हेतु दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट लगाने, चार पहिया वाहन चालकों को सीटबेल्ट के अनिवार्य उपयोग करने, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग ना करने, सवारी वाहन में क्षमता से अधिक सवारी बिठाना ना बिठाने, निर्धारित गति में वाहन चलाने एवं पूर्णतया यातायात नियमों का पालन करने हेतु जागरुक किया गया । *सोशल मीडिया सेल* *जनपद कासगंज*

1 day ago
user_रमन साहू इण्डिया खास न्यूज़ कासगंज ब्यूरो चीफ
रमन साहू इण्डिया खास न्यूज़ कासगंज ब्यूरो चीफ
Journalist कासगंज, कासगंज, उत्तर प्रदेश•
1 day ago

*–प्रेस नोट–* *कासगंज पुलिस* *07.01.2026* *राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 के क्रम में "जीरो फेटेलिटी" हेतु यातायात पुलिस कासगंज द्वारा रैली निकालकर आमजन को किया गया जागरूक ।* *सड़क सुरक्षा, जीवन रक्षा।* *हेलमेट लगायें,जीवन बचायें।* माननीय मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार दिनांक 01.01.2026 से 31.012026 तक चलाये जा रहे राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 के क्रम में पुलिस अधीक्षक कासगंज सुश्री अंकिता शर्मा का निर्देशन व अपर पुलिस अधीक्षक कासगंज श्री सुशील कुमार के पर्यवेक्षण में

आज दिनांक 07.01.2026 को क्षेत्राधिकारी यातायात श्री अमित कुमार एवं एआरटीओ श्री राम प्रकाश मिश्रा की उपस्थिति में प्रभारी यातायात द्वारा के0ए0 पीजी कॉलेज कासगंज के एन0एस0एस0 के छात्र/छात्राओं से राज कोल्ड तिराहे पर यातायात के नियमों का पालन कराया गया एवं छात्र/छात्राओं द्वारा आमजन को यातायात नियमों के बारे में जानकारी दी तथा पम्पलेट वितरण किये गये तथा राजकोल्ड तिराहे से सोरों गेट तक रैली निकाल कर आम जनमानस को यातायात

नियमों के बारे में जागरूक किया गया तथा आमजनमानस को सड़क दुर्घटनाओं से बचाव हेतु दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट लगाने, चार पहिया वाहन चालकों को सीटबेल्ट के अनिवार्य उपयोग करने, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग ना करने, सवारी वाहन में क्षमता से अधिक सवारी बिठाना ना बिठाने, निर्धारित गति में वाहन चलाने एवं पूर्णतया यातायात नियमों का पालन करने हेतु जागरुक किया गया । *सोशल मीडिया सेल* *जनपद कासगंज*

More news from Kasganj and nearby areas
  • Post by Aaryan K
    1
    Post by Aaryan K
    user_Aaryan K
    Aaryan K
    Farmer Patiyali, Kasganj•
    11 hrs ago
  • संत रामपाल महाराज कलयुग में भगवान हैं🤔
    1
    संत रामपाल महाराज कलयुग में  भगवान हैं🤔
    user_NEWS 81 INDIA
    NEWS 81 INDIA
    Journalist Aligarh, Uttar Pradesh•
    30 min ago
  • *पर्यावरण व विद्युत नियमों का खुला उल्लंघन: एटा के आराजीवीरहार गांव में हरे पीपल-बरगद के पेड़ों में मोटी कीलें ठोंककर गुजारी जा रही 11KV हाई टेंशन लाइन* *रवेन्द्र जादौन की खास रिपोर्ट एटा ✍️* एटा, 09 जनवरी 2026 ~ जनपद के उपखंड जलेसर अंतर्गत तखावन विद्युत उपकेंद्र के क्षेत्र में आने वाले गांव आराजी वीरहार में विद्युत विभाग की घोर लापरवाही व नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए एक आश्रम परिसर के विशाल हरे-भरे पीपल और बरगद के पवित्र वृक्षों में लोहे की मोटी कीलें ठोंककर 11KV हाई टेंशन लाइन गुजारी जा रही है। इस अमानवीय व पर्यावरण-विरोधी कृत्य का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे जनपद भर में आक्रोश फैल गया है। ग्रामीणों व पर्यावरण प्रेमियों का आरोप है कि यह कार्य न केवल पेड़ों की जान लेने वाला है, बल्कि मानव जीवन को भी खतरे में डाल रहा है। विद्युत विभाग के ठेकेदारों व कर्मियों द्वारा बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के सीधे जीवित वृक्षों में कीलें गाड़कर तार खींचना भारतीय विद्युत नियमों (Indian Electricity Rules, 1956) का सीधा उल्लंघन है। नियमों के अनुसार, ओवरहेड लाइनों के लिए पेड़ों को नुकसान पहुंचाना या उनमें कीलें ठोंकना सख्त वर्जित है। विभाग की जिम्मेदारी है कि लाइनें पोल्स या सुरक्षित संरचनाओं से गुजारी जाएं, न कि जीवित पेड़ों को मारकर या जख्मी कर। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने भी कई मामलों में स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पेड़ों पर तार लपेटना या कीलें ठोंकना बंद किया जाए, क्योंकि इससे पेड़ों की सेहत बिगड़ती है और पक्षियों सहित जीव-जंतुओं को खतरा होता है। इसके अलावा, पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 की धारा 3 के तहत केंद्र सरकार व संबंधित अधिकारियों को पर्यावरण की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने का अधिकार है। पवित्र पीपल व बरगद जैसे वृक्षों को जान बूझकर नुकसान पहुंचाना इस अधिनियम का स्पष्ट उल्लंघन है, जो प्रदूषण नियंत्रण व पर्यावरण सुधार पर जोर देता है। ऐसे कृत्य से पेड़ सूख सकते हैं, जिससे ऑक्सीजन की कमी, मिट्टी का क्षरण और जैव विविधता को गहरा नुकसान होगा। ग्रामीणों का कहना है कि आश्रम परिसर में ये विशाल वृक्ष दशकों पुराने हैं और धार्मिक-सांस्कृतिक महत्व रखते हैं। कीलें ठोंकने से पेड़ों में संक्रमण फैल सकता है, जिससे वे धीरे-धीरे मर जाएंगे। वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि कैसे मजदूर बेखौफ होकर यह कार्य कर रहे हैं, जबकि विभागीय अधिकारी मौन साधे बैठे हैं। *कठोर कार्रवाई की मांग* पर्यावरणविदों व स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी एटा, अधीक्षण अभियंता विद्युत व वन विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। दोषी ठेकेदारों व कर्मियों पर IPC की संबंधित धाराओं के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण अधिनियम व विद्युत नियमों के उल्लंघन में FIR दर्ज कर कड़ी सजा दी जाए। साथ ही, लाइन को वैकल्पिक पोल्स से गुजारकर पेड़ों को बचाया जाए। विद्युत विभाग की यह लापरवाही नई नहीं है। जनपद में पहले भी हाई टेंशन लाइनों से दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन सबक नहीं लिया जाता। यदि शीघ्र कार्यवाही नहीं हुई तो ग्रामीण बड़े आंदोलन की चेतावनी दे रहे हैं। यह मामला योगी सरकार के 'हरियाली अभियान' व 'पर्यावरण संरक्षण' के दावों पर भी सवाल खड़े करता है। आखिर कब तक विभागीय मनमानी से प्रकृति व जनता को खतरे में डाला जाता रहेगा ?
    1
    *पर्यावरण व विद्युत नियमों का खुला उल्लंघन: एटा के आराजीवीरहार गांव में हरे पीपल-बरगद के पेड़ों में मोटी कीलें ठोंककर गुजारी जा रही 11KV हाई टेंशन लाइन* 
*रवेन्द्र जादौन की खास रिपोर्ट एटा ✍️* 
एटा, 09 जनवरी 2026 ~ जनपद  के उपखंड जलेसर अंतर्गत तखावन विद्युत उपकेंद्र के क्षेत्र में आने वाले गांव आराजी वीरहार में विद्युत विभाग की घोर लापरवाही व नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए एक आश्रम परिसर के विशाल हरे-भरे पीपल और बरगद के पवित्र वृक्षों में लोहे की मोटी कीलें ठोंककर 11KV हाई टेंशन लाइन गुजारी जा रही है। इस अमानवीय व पर्यावरण-विरोधी कृत्य का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे जनपद भर में आक्रोश फैल गया है। ग्रामीणों व पर्यावरण प्रेमियों का आरोप है कि यह कार्य न केवल पेड़ों की जान लेने वाला है, बल्कि मानव जीवन को भी खतरे में डाल रहा है। विद्युत विभाग के ठेकेदारों व कर्मियों द्वारा बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के सीधे जीवित वृक्षों में कीलें गाड़कर तार खींचना भारतीय विद्युत नियमों (Indian Electricity Rules, 1956) का सीधा उल्लंघन है। नियमों के अनुसार, ओवरहेड लाइनों के लिए पेड़ों को नुकसान पहुंचाना या उनमें कीलें ठोंकना सख्त वर्जित है। विभाग की जिम्मेदारी है कि लाइनें पोल्स या सुरक्षित संरचनाओं से गुजारी जाएं, न कि जीवित पेड़ों को मारकर या जख्मी कर। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने भी कई मामलों में स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पेड़ों पर तार लपेटना या कीलें ठोंकना बंद किया जाए, क्योंकि इससे पेड़ों की सेहत बिगड़ती है और पक्षियों सहित जीव-जंतुओं को खतरा होता है। इसके अलावा, पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 की धारा 3 के तहत केंद्र सरकार व संबंधित अधिकारियों को पर्यावरण की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने का अधिकार है। पवित्र पीपल व बरगद जैसे वृक्षों को जान बूझकर नुकसान पहुंचाना इस अधिनियम का स्पष्ट उल्लंघन है, जो प्रदूषण नियंत्रण व पर्यावरण सुधार पर जोर देता है। ऐसे कृत्य से पेड़ सूख सकते हैं, जिससे ऑक्सीजन की कमी, मिट्टी का क्षरण और जैव विविधता को गहरा नुकसान होगा। ग्रामीणों का कहना है कि आश्रम परिसर में ये विशाल वृक्ष दशकों पुराने हैं और धार्मिक-सांस्कृतिक महत्व रखते हैं। कीलें ठोंकने से पेड़ों में संक्रमण फैल सकता है, जिससे वे धीरे-धीरे मर जाएंगे। वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि कैसे मजदूर बेखौफ होकर यह कार्य कर रहे हैं, जबकि विभागीय अधिकारी मौन साधे बैठे हैं। 
*कठोर कार्रवाई की मांग*  पर्यावरणविदों व स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी एटा, अधीक्षण अभियंता विद्युत व वन विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। दोषी ठेकेदारों व कर्मियों पर IPC की संबंधित धाराओं के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण अधिनियम व विद्युत नियमों के उल्लंघन में FIR दर्ज कर कड़ी सजा दी जाए। साथ ही, लाइन को वैकल्पिक पोल्स से गुजारकर पेड़ों को बचाया जाए। विद्युत विभाग की यह लापरवाही नई नहीं है। जनपद में पहले भी हाई टेंशन लाइनों से दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन सबक नहीं लिया जाता। यदि शीघ्र कार्यवाही  नहीं हुई तो ग्रामीण बड़े आंदोलन की चेतावनी दे रहे हैं। यह मामला योगी सरकार के 'हरियाली अभियान' व 'पर्यावरण संरक्षण' के दावों पर भी सवाल खड़े करता है। आखिर कब तक विभागीय मनमानी से प्रकृति व जनता को खतरे में डाला जाता रहेगा ?
    user_Ravendra Jadon पत्रकार
    Ravendra Jadon पत्रकार
    Journalist Jalesar, Etah•
    1 hr ago
  • *पर्यावरण व विद्युत नियमों का खुला उल्लंघन: एटा के आराजीवीरहार गांव में हरे पीपल-बरगद के पेड़ों में मोटी कीलें ठोंककर गुजारी जा रही 11KV हाई टेंशन लाइन* एटा, 09 जनवरी 2026: जनपद एटा के उपखंड जलेसर अंतर्गत तखावन विद्युत उपकेंद्र के क्षेत्र में आने वाले गांव आराजीवीरहार में विद्युत विभाग की घोर लापरवाही व नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए एक आश्रम परिसर के विशाल हरे-भरे पीपल और बरगद के पवित्र वृक्षों में लोहे की मोटी कीलें ठोंककर 11KV हाई टेंशन लाइन गुजारी जा रही है। इस अमानवीय व पर्यावरण-विरोधी कृत्य का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे जनपद भर में आक्रोश फैल गया है। ग्रामीणों व पर्यावरण प्रेमियों का आरोप है कि यह कार्य न केवल पेड़ों की जान लेने वाला है, बल्कि मानव जीवन को भी खतरे में डाल रहा है। विद्युत विभाग के ठेकेदारों व कर्मियों द्वारा बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के सीधे जीवित वृक्षों में कीलें गाड़कर तार खींचना भारतीय विद्युत नियमों (Indian Electricity Rules, 1956) का सीधा उल्लंघन है। नियमों के अनुसार, ओवरहेड लाइनों के लिए पेड़ों को नुकसान पहुंचाना या उनमें कीलें ठोंकना सख्त वर्जित है। विभाग की जिम्मेदारी है कि लाइनें पोल्स या सुरक्षित संरचनाओं से गुजारी जाएं, न कि जीवित पेड़ों को मारकर। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने भी कई मामलों में स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पेड़ों पर तार लपेटना या कीलें ठोंकना बंद किया जाए, क्योंकि इससे पेड़ों की सेहत बिगड़ती है और पक्षियों सहित जीव-जंतुओं को खतरा होता है।इसके अलावा, पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 की धारा 3 के तहत केंद्र सरकार व संबंधित अधिकारियों को पर्यावरण की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने का अधिकार है। पवित्र पीपल व बरगद जैसे वृक्षों को जानबूझकर नुकसान पहुंचाना इस अधिनियम का स्पष्ट उल्लंघन है, जो प्रदूषण नियंत्रण व पर्यावरण सुधार पर जोर देता है। ऐसे कृत्य से पेड़ सूख सकते हैं, जिससे ऑक्सीजन की कमी, मिट्टी का क्षरण और जैव विविधता को गहरा नुकसान होगा। ग्रामीणों का कहना है कि आश्रम परिसर में ये विशाल वृक्ष दशकों पुराने हैं और धार्मिक-सांस्कृतिक महत्व रखते हैं। कीलें ठोंकने से पेड़ों में संक्रमण फैल सकता है, जिससे वे धीरे-धीरे मर जाएंगे। वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि कैसे मजदूर बेखौफ होकर यह कार्य कर रहे हैं, जबकि विभागीय अधिकारी मौन साधे बैठे हैं।कठोर कार्रवाई की मांग: पर्यावरणविदों व स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी एटा, अधीक्षण अभियंता विद्युत व वन विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। दोषी ठेकेदारों व कर्मियों पर IPC की संबंधित धाराओं के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण अधिनियम व विद्युत नियमों के उल्लंघन में FIR दर्ज कर कड़ी सजा दी जाए। साथ ही, लाइन को वैकल्पिक पोल्स से गुजारकर पेड़ों को बचाया जाए। विद्युत विभाग की यह लापरवाही नई नहीं है। जनपद में पहले भी हाई टेंशन लाइनों से दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन सबक नहीं लिया जाता। यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीण बड़े आंदोलन की चेतावनी दे रहे हैं।यह मामला योगी सरकार के 'हरियाली अभियान' व 'पर्यावरण संरक्षण' के दावों पर भी सवाल खड़े करता है। आखिर कब तक विभागीय मनमानी से प्रकृति व जनता को खतरे में डाला जाता रहेगा?
    1
    *पर्यावरण व विद्युत नियमों का खुला उल्लंघन: एटा के आराजीवीरहार गांव में हरे पीपल-बरगद के पेड़ों में मोटी कीलें ठोंककर गुजारी जा रही 11KV हाई टेंशन लाइन* 
एटा, 09 जनवरी 2026: जनपद एटा के उपखंड जलेसर अंतर्गत तखावन विद्युत उपकेंद्र के क्षेत्र में आने वाले गांव आराजीवीरहार में विद्युत विभाग की घोर लापरवाही व नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए एक आश्रम परिसर के विशाल हरे-भरे पीपल और बरगद के पवित्र वृक्षों में लोहे की मोटी कीलें ठोंककर 11KV हाई टेंशन लाइन गुजारी जा रही है। इस अमानवीय व पर्यावरण-विरोधी कृत्य का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे जनपद भर में आक्रोश फैल गया है। ग्रामीणों व पर्यावरण प्रेमियों का आरोप है कि यह कार्य न केवल पेड़ों की जान लेने वाला है, बल्कि मानव जीवन को भी खतरे में डाल रहा है। विद्युत विभाग के ठेकेदारों व कर्मियों द्वारा बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के सीधे जीवित वृक्षों में कीलें गाड़कर तार खींचना भारतीय विद्युत नियमों (Indian Electricity Rules, 1956) का सीधा उल्लंघन है। नियमों के अनुसार, ओवरहेड लाइनों के लिए पेड़ों को नुकसान पहुंचाना या उनमें कीलें ठोंकना सख्त वर्जित है। विभाग की जिम्मेदारी है कि लाइनें पोल्स या सुरक्षित संरचनाओं से गुजारी जाएं, न कि जीवित पेड़ों को मारकर। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने भी कई मामलों में स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पेड़ों पर तार लपेटना या कीलें ठोंकना बंद किया जाए, क्योंकि इससे पेड़ों की सेहत बिगड़ती है और पक्षियों सहित जीव-जंतुओं को खतरा होता है।इसके अलावा, पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 की धारा 3 के तहत केंद्र सरकार व संबंधित अधिकारियों को पर्यावरण की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने का अधिकार है। पवित्र पीपल व बरगद जैसे वृक्षों को जानबूझकर नुकसान पहुंचाना इस अधिनियम का स्पष्ट उल्लंघन है, जो प्रदूषण नियंत्रण व पर्यावरण सुधार पर जोर देता है। ऐसे कृत्य से पेड़ सूख सकते हैं, जिससे ऑक्सीजन की कमी, मिट्टी का क्षरण और जैव विविधता को गहरा नुकसान होगा। ग्रामीणों का कहना है कि आश्रम परिसर में ये विशाल वृक्ष दशकों पुराने हैं और धार्मिक-सांस्कृतिक महत्व रखते हैं। कीलें ठोंकने से पेड़ों में संक्रमण फैल सकता है, जिससे वे धीरे-धीरे मर जाएंगे। वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि कैसे मजदूर बेखौफ होकर यह कार्य कर रहे हैं, जबकि विभागीय अधिकारी मौन साधे बैठे हैं।कठोर कार्रवाई की मांग: पर्यावरणविदों व स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी एटा, अधीक्षण अभियंता विद्युत व वन विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। दोषी ठेकेदारों व कर्मियों पर IPC की संबंधित धाराओं के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण अधिनियम व विद्युत नियमों के उल्लंघन में FIR दर्ज कर कड़ी सजा दी जाए। साथ ही, लाइन को वैकल्पिक पोल्स से गुजारकर पेड़ों को बचाया जाए। विद्युत विभाग की यह लापरवाही नई नहीं है। जनपद में पहले भी हाई टेंशन लाइनों से दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन सबक नहीं लिया जाता। यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीण बड़े आंदोलन की चेतावनी दे रहे हैं।यह मामला योगी सरकार के 'हरियाली अभियान' व 'पर्यावरण संरक्षण' के दावों पर भी सवाल खड़े करता है। आखिर कब तक विभागीय मनमानी से प्रकृति व जनता को खतरे में डाला जाता रहेगा?
    user_आदित्य कुमार  पत्रकार
    आदित्य कुमार पत्रकार
    Journalist जलेसर, एटा, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • प्रजापति समाज से ही भारत का मंगल प्रारम्भ होता है माहनवई जलेसर गिरीश दक्ष सेनाध्यक्ष जलेसर
    1
    प्रजापति समाज  से ही भारत  
का मंगल प्रारम्भ होता है
माहनवई जलेसर  गिरीश दक्ष सेनाध्यक्ष जलेसर
    user_गिरीश प्रजापति Prajapati
    गिरीश प्रजापति Prajapati
    जलेसर, एटा, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते नसबंदी के बाद भी 64 महिलाएं गर्भवती हो गईं। स्वास्थ्य विभाग ने गर्भवती महिलाओं को मुआवजा दिया है। इनमें करीब 8 गर्भवती महिलाएं ऐसी हैं, जिनको मुआवजे की लिस्ट से बाहर कर दिया गया है, क्योंकि उन्होंने इस बारे में जानकारी देरी से दी थी।
    1
    उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते नसबंदी के बाद भी 64 महिलाएं गर्भवती हो गईं। स्वास्थ्य विभाग ने गर्भवती महिलाओं को मुआवजा दिया है। इनमें करीब 8 गर्भवती महिलाएं ऐसी हैं, जिनको मुआवजे की लिस्ट से बाहर कर दिया गया है, क्योंकि उन्होंने इस बारे में जानकारी देरी से दी थी।
    user_Bholu singh
    Bholu singh
    Atrauli, Aligarh•
    14 hrs ago
  • Himachal Pradesh Bus Crash: हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में शुक्रवार को एक निजी बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई है। हादसे में अभी तक बारह लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई घायल हैं। रेस्क्यू टीम बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। फिलहाल कई लोगों के फंसे होने की आशंका है।
    1
    Himachal Pradesh Bus Crash: हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में शुक्रवार को एक निजी बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई है। हादसे में अभी तक बारह लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई घायल हैं। रेस्क्यू टीम बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। फिलहाल कई लोगों के फंसे होने की आशंका है।
    user_DIYORARA BUDAUN 24
    DIYORARA BUDAUN 24
    Journalist बदायूँ, बदायूँ, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • एटा Big ब्रोकिंग ग्राम सचिवालय पर बच्चों को खेलने को लेकर हुआ विवाद बच्चों को खेलने को लेकर दो पक्षों में चले लाठी डंडे, पथराव लाठी डंडे का पथराव का वीडियो हुआ सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में युवक पथराव करते हुए दिख रहा है दो समुदायों में चले लाठी डंडे और पथराव थाना कोतवाली अवागढ़ ग्राम तिसार पंचायत सचिवालय को लेकर हुआ था विवाद
    1
    एटा Big ब्रोकिंग 
ग्राम सचिवालय पर बच्चों को खेलने को लेकर हुआ विवाद
बच्चों को खेलने को लेकर दो पक्षों में चले लाठी डंडे, पथराव
लाठी डंडे का पथराव का वीडियो हुआ सोशल मीडिया पर वायरल
वीडियो में युवक पथराव करते हुए दिख रहा है
दो समुदायों में चले लाठी डंडे और पथराव
थाना कोतवाली अवागढ़ ग्राम तिसार पंचायत सचिवालय को लेकर हुआ था विवाद
    user_आदित्य कुमार  पत्रकार
    आदित्य कुमार पत्रकार
    Journalist जलेसर, एटा, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.