अहमदाबाद में भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के करेंसी चेस्ट से ₹8.7 करोड़ की सनसनीखेज चोरी का खुलासा हुआ है, जिसने बैंकिंग सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह चोरी बैंक ऑफ बड़ौदा की गांधी रोड स्थित शाखा से हुई, जहाँ RBI का करेंसी चेस्ट स्थित था। इस मामले का मुख्य आरोपी हर्षसिद्ध कडियार है, जो बैंक में 'जूनियर जॉइंट कस्टोडियन' के रूप में कार्यरत था और उसने एक-दो दिन नहीं, बल्कि पूरी योजना के साथ महीनों तक इस वारदात को अंजाम दिया। आरोपी हर्षसिद्ध कडियार ने चोरी के लिए बेहद शातिर तरीका अपनाया। उसने करेंसी चेस्ट से ₹500 के नोटों की 174 गड्डियाँ, जिनकी कुल कीमत ₹8.7 करोड़ थी, निकालीं और उन्हें पुराने लोहे के बक्सों में छिपा दिया। इसके बाद, उसने सुरक्षा गार्डों को यह भरोसा दिलाया कि वह बैंक का पुराना 'कबाड़' बाहर फेंकने जा रहा है। आरोपी का मानना था कि बैंक का सीसीटीवी फुटेज 90 दिनों (3 महीने) के बाद खुद ही डिलीट हो जाएगा। फुटेज डिलीट होने का इंतजार करने के बाद, वह चुपचाप मेडिकल छुट्टी लेकर फरार हो गया। इस चोरी का खुलासा RBI के नियमित निरीक्षण से पहले बैंक द्वारा किए गए एक आंतरिक ऑडिट के दौरान हुआ, जब करेंसी चेस्ट में नकदी कम पाई गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए 15 मई को तुरंत पुलिस में FIR दर्ज की गई। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी ने चोरी की रकम को उड़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी; उसने चंद्रखेड़ा इलाके में एक आलीशान बंगला और एक दुकान खरीदी, बड़ी रकम क्रिप्टोकरेंसी में लगाई, एक कमर्शियल वाहन भी खरीदा और अपनी एक महिला सहकर्मी को ₹28 लाख नकद दिए। क्राइम ब्रांच ने मुख्य आरोपी हर्षसिद्ध कडियार और उसके दो सहयोगियों (मजदूरों) को गिरफ्तार कर लिया है, तथा अब तक करीब ₹2.91 करोड़ की संपत्ति और नकदी बरामद की जा चुकी है। बाकी रकम की बरामदगी के लिए पूछताछ जारी है। यह मामला न केवल एक बड़े बैंक में सुरक्षा की खामियों को उजागर करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि कैसे भीतर बैठे लोग ही भरोसे का फायदा उठाकर इतनी बड़ी साजिश को अंजाम दे सकते हैं।
अहमदाबाद में भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के करेंसी चेस्ट से ₹8.7 करोड़ की सनसनीखेज चोरी का खुलासा हुआ है, जिसने बैंकिंग सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह चोरी बैंक ऑफ बड़ौदा की गांधी रोड स्थित शाखा से हुई, जहाँ RBI का करेंसी चेस्ट स्थित था। इस मामले का मुख्य आरोपी हर्षसिद्ध कडियार है, जो बैंक में 'जूनियर जॉइंट कस्टोडियन' के रूप में कार्यरत था और उसने एक-दो दिन नहीं, बल्कि पूरी योजना के साथ महीनों तक इस वारदात को अंजाम दिया। आरोपी हर्षसिद्ध कडियार ने चोरी के लिए बेहद शातिर तरीका अपनाया। उसने करेंसी चेस्ट से ₹500 के नोटों की 174 गड्डियाँ, जिनकी कुल कीमत ₹8.7 करोड़ थी, निकालीं और उन्हें पुराने लोहे के बक्सों में छिपा दिया। इसके बाद, उसने सुरक्षा गार्डों को यह भरोसा दिलाया कि वह बैंक का पुराना 'कबाड़' बाहर फेंकने जा रहा है। आरोपी का मानना था कि बैंक का सीसीटीवी फुटेज 90 दिनों (3 महीने) के बाद खुद ही डिलीट हो जाएगा। फुटेज डिलीट होने का इंतजार करने के बाद, वह चुपचाप मेडिकल छुट्टी लेकर फरार हो गया। इस चोरी का खुलासा RBI के नियमित निरीक्षण से पहले बैंक द्वारा किए गए एक आंतरिक ऑडिट के दौरान हुआ, जब करेंसी चेस्ट में नकदी कम पाई गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए 15 मई को तुरंत पुलिस में FIR दर्ज की गई। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी ने चोरी की रकम को उड़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी; उसने चंद्रखेड़ा इलाके में एक आलीशान बंगला और एक दुकान खरीदी, बड़ी रकम क्रिप्टोकरेंसी में लगाई, एक कमर्शियल वाहन भी खरीदा और अपनी एक महिला सहकर्मी को ₹28 लाख नकद दिए। क्राइम ब्रांच ने मुख्य आरोपी हर्षसिद्ध कडियार और उसके दो सहयोगियों (मजदूरों) को गिरफ्तार कर लिया है, तथा अब तक करीब ₹2.91 करोड़ की संपत्ति और नकदी बरामद की जा चुकी है। बाकी रकम की बरामदगी के लिए पूछताछ जारी है। यह मामला न केवल एक बड़े बैंक में सुरक्षा की खामियों को उजागर करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि कैसे भीतर बैठे लोग ही भरोसे का फायदा उठाकर इतनी बड़ी साजिश को अंजाम दे सकते हैं।
- नरसिंहपुर जिले में अवैध कारोबार पर पूरी तरह से अंकुश लगाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना के निर्देश पर नरसिंहपुर पुलिस लगातार कड़ी कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में, एसडीओपी नरसिंहपुर, श्री मनोज गुप्ता के नेतृत्व में थाना करेली और सिंगपुर चौकी पुलिस ने सट्टा कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कुल 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक ऋषिकेश मीना द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इन सटोरियों पर की गई कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे से सट्टा पट्टी और लगभग 28 हजार रुपये की नगद राशि जब्त की गई। सभी गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध पब्लिक गैंबलिंग एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।1
- नरसिंहपुर जिले के सुआतला थाना क्षेत्र अंतर्गत रामपुरा घाट पर एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहाँ रेत से भरा ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से एक 35 वर्षीय युवक की असामयिक मृत्यु हो गई। इस घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। मिली जानकारी के अनुसार, रामपुरा निवासी 35 वर्षीय सूरज पटेल रेत लेने के लिए रामपुरा घाट पर पहुँचा था। बताया जा रहा है कि ट्रैक्टर में रेत लोड की जा रही थी, तभी अचानक ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलट गया। इस हादसे में सूरज वाहन की चपेट में आ गया और गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के तुरंत बाद मौके पर मौजूद परिजनों और स्थानीय निवासियों ने तत्परता दिखाते हुए घायल सूरज को एक निजी वाहन से उपचार के लिए करेली अस्पताल रवाना किया। हालांकि, गंभीर चोटों के कारण सूरज ने अस्पताल पहुँचने से पहले ही दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए करेली के शासकीय अस्पताल भेजा गया है, जहाँ डॉक्टरों द्वारा प्रक्रिया की जा रही है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।1
- सिंह के पंचायत मेहरा गांव की महिला सरपंच ने लगाए गंभीर आरोप जुआ सट्टा और अवैध शराब की गांव में हो रही बिक्री पुलिस की मिली भगत का भी जिक्र1
- सियावर आश्रम के महंत गोविंद राजपूत के एक निर्णय ने नर्मदा तट पर अपनी रोजी-रोटी चलाने वाले करीब एक दर्जन परिवारों को गहरे संकट में डाल दिया है, जिससे उनके आंसू छलक उठे हैं। बरमान स्थित नर्मदा तट पर पिछले 15 वर्षों से नारियल, प्रसाद और अगरबत्ती बेचकर जीवन यापन करने वाले इन छोटे दुकानदारों की दुकानें हटाई जा रही हैं। दुकानदारों का कहना है कि वे सरकारी जमीन पर दुकान लगाए हुए हैं, लेकिन महंत अपनी जमीन बताकर उन्हें बलपूर्वक हटवा रहे हैं, जिसमें कथित तौर पर जिला प्रशासन भी महंत का साथ दे रहा है। इस कार्रवाई के दौरान, दुकानदारों का सामान जैसे नारियल और अगरबत्ती फेंक दिया गया, जिससे उन्हें हजारों रुपए का नुकसान हुआ है। इन परिवारों ने कलेक्टर की जनसुनवाई में पहुँचकर अपनी गुहार लगाई है, क्योंकि इस निर्णय से वे भुखमरी की कगार पर पहुँच गए हैं। नरसिंहपुर की जनता यह सवाल उठा रही है कि जब एक मंदिर के महंत ही ऐसा करेंगे, तो आम लोगों से क्या उम्मीद की जा सकती है। फिलहाल, उस भूमि की न तो सरकार को आवश्यकता है और न ही मंदिर के महंत वहां कोई कार्य या खेती कर रहे हैं, फिर भी ऐसा निर्णय क्यों लिया जा रहा है, यह एक बड़ा प्रश्न है।1
- नर्मदा नदी के किनारे दुकान लगाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करने वाले लगभग एक दर्जन परिवार कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। ये परिवार अपनी आजीविका के संबंध में कलेक्टर कार्यालय पहुंचे थे।1
- कांग्रेस द्वारा दिए गए अल्टीमेटम के बाद नरसिंहपुर प्रशासन हरकत में आया और शहर की मुख्य सड़क से अवैध ब्रेकरों को हटा दिया गया। एसपी बंगले के पास बने तीन अवैध ब्रेकरों को हटाने से आम जनता को बड़ी राहत मिली है। इन अवैध ब्रेकरों को हटाने के साथ ही नरसिंहपुर में चल रहा 'अवैध ब्रेकर' विवाद भी समाप्त हो गया। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद कांग्रेस ने अपना प्रस्तावित आंदोलन स्थगित कर दिया है। इसे जनता की जीत और कांग्रेस के दबाव का सीधा असर माना जा रहा है।1
- नरसिंहपुर जिले के सुआतला थाना क्षेत्र अंतर्गत रामपुरा घाट पर एक दर्दनाक हादसा हो गया, जहाँ रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से एक 35 वर्षीय युवक की जान चली गई। बताया गया है कि यह युवक रामपुरा घाट पर रेत लेने गया था, तभी यह घटना घटी।1
- सिंहपुर पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने यह कार्रवाई सट्टा की पट्टी काटते हुए एक व्यक्ति को रंगे हाथों पकड़ने के बाद की।1