सियावर आश्रम के महंत गोविंद राजपूत के एक निर्णय ने नर्मदा तट पर अपनी रोजी-रोटी चलाने वाले करीब एक दर्जन परिवारों को गहरे संकट में डाल दिया है, जिससे उनके आंसू छलक उठे हैं। बरमान स्थित नर्मदा तट पर पिछले 15 वर्षों से नारियल, प्रसाद और अगरबत्ती बेचकर जीवन यापन करने वाले इन छोटे दुकानदारों की दुकानें हटाई जा रही हैं। दुकानदारों का कहना है कि वे सरकारी जमीन पर दुकान लगाए हुए हैं, लेकिन महंत अपनी जमीन बताकर उन्हें बलपूर्वक हटवा रहे हैं, जिसमें कथित तौर पर जिला प्रशासन भी महंत का साथ दे रहा है। इस कार्रवाई के दौरान, दुकानदारों का सामान जैसे नारियल और अगरबत्ती फेंक दिया गया, जिससे उन्हें हजारों रुपए का नुकसान हुआ है। इन परिवारों ने कलेक्टर की जनसुनवाई में पहुँचकर अपनी गुहार लगाई है, क्योंकि इस निर्णय से वे भुखमरी की कगार पर पहुँच गए हैं। नरसिंहपुर की जनता यह सवाल उठा रही है कि जब एक मंदिर के महंत ही ऐसा करेंगे, तो आम लोगों से क्या उम्मीद की जा सकती है। फिलहाल, उस भूमि की न तो सरकार को आवश्यकता है और न ही मंदिर के महंत वहां कोई कार्य या खेती कर रहे हैं, फिर भी ऐसा निर्णय क्यों लिया जा रहा है, यह एक बड़ा प्रश्न है।
सियावर आश्रम के महंत गोविंद राजपूत के एक निर्णय ने नर्मदा तट पर अपनी रोजी-रोटी चलाने वाले करीब एक दर्जन परिवारों को गहरे संकट में डाल दिया है, जिससे उनके आंसू छलक उठे हैं। बरमान स्थित नर्मदा तट पर पिछले 15 वर्षों से नारियल, प्रसाद और अगरबत्ती बेचकर जीवन यापन करने वाले इन छोटे दुकानदारों की दुकानें हटाई जा रही हैं। दुकानदारों का कहना है कि वे सरकारी जमीन पर दुकान लगाए हुए हैं, लेकिन महंत अपनी जमीन बताकर उन्हें बलपूर्वक हटवा रहे हैं, जिसमें कथित तौर पर जिला प्रशासन भी महंत का साथ दे रहा है। इस कार्रवाई के दौरान, दुकानदारों का सामान जैसे नारियल और अगरबत्ती फेंक दिया गया, जिससे उन्हें हजारों रुपए का नुकसान हुआ है। इन परिवारों ने कलेक्टर की जनसुनवाई में पहुँचकर अपनी गुहार लगाई है, क्योंकि इस निर्णय से वे भुखमरी की कगार पर पहुँच गए हैं। नरसिंहपुर की जनता यह सवाल उठा रही है कि जब एक मंदिर के महंत ही ऐसा करेंगे, तो आम लोगों से क्या उम्मीद की जा सकती है। फिलहाल, उस भूमि की न तो सरकार को आवश्यकता है और न ही मंदिर के महंत वहां कोई कार्य या खेती कर रहे हैं, फिर भी ऐसा निर्णय क्यों लिया जा रहा है, यह एक बड़ा प्रश्न है।
- अहमदाबाद में भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के करेंसी चेस्ट से ₹8.7 करोड़ की सनसनीखेज चोरी का खुलासा हुआ है, जिसने बैंकिंग सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह चोरी बैंक ऑफ बड़ौदा की गांधी रोड स्थित शाखा से हुई, जहाँ RBI का करेंसी चेस्ट स्थित था। इस मामले का मुख्य आरोपी हर्षसिद्ध कडियार है, जो बैंक में 'जूनियर जॉइंट कस्टोडियन' के रूप में कार्यरत था और उसने एक-दो दिन नहीं, बल्कि पूरी योजना के साथ महीनों तक इस वारदात को अंजाम दिया। आरोपी हर्षसिद्ध कडियार ने चोरी के लिए बेहद शातिर तरीका अपनाया। उसने करेंसी चेस्ट से ₹500 के नोटों की 174 गड्डियाँ, जिनकी कुल कीमत ₹8.7 करोड़ थी, निकालीं और उन्हें पुराने लोहे के बक्सों में छिपा दिया। इसके बाद, उसने सुरक्षा गार्डों को यह भरोसा दिलाया कि वह बैंक का पुराना 'कबाड़' बाहर फेंकने जा रहा है। आरोपी का मानना था कि बैंक का सीसीटीवी फुटेज 90 दिनों (3 महीने) के बाद खुद ही डिलीट हो जाएगा। फुटेज डिलीट होने का इंतजार करने के बाद, वह चुपचाप मेडिकल छुट्टी लेकर फरार हो गया। इस चोरी का खुलासा RBI के नियमित निरीक्षण से पहले बैंक द्वारा किए गए एक आंतरिक ऑडिट के दौरान हुआ, जब करेंसी चेस्ट में नकदी कम पाई गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए 15 मई को तुरंत पुलिस में FIR दर्ज की गई। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी ने चोरी की रकम को उड़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी; उसने चंद्रखेड़ा इलाके में एक आलीशान बंगला और एक दुकान खरीदी, बड़ी रकम क्रिप्टोकरेंसी में लगाई, एक कमर्शियल वाहन भी खरीदा और अपनी एक महिला सहकर्मी को ₹28 लाख नकद दिए। क्राइम ब्रांच ने मुख्य आरोपी हर्षसिद्ध कडियार और उसके दो सहयोगियों (मजदूरों) को गिरफ्तार कर लिया है, तथा अब तक करीब ₹2.91 करोड़ की संपत्ति और नकदी बरामद की जा चुकी है। बाकी रकम की बरामदगी के लिए पूछताछ जारी है। यह मामला न केवल एक बड़े बैंक में सुरक्षा की खामियों को उजागर करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि कैसे भीतर बैठे लोग ही भरोसे का फायदा उठाकर इतनी बड़ी साजिश को अंजाम दे सकते हैं।1
- नरसिंहपुर जिले में चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना के निर्देश पर चलाए जा रहे सघन अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने गाडरवारा और सुआतला थाना क्षेत्रों में हुई कुल 9 चोरी की वारदातों का पर्दाफाश करते हुए तीन शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। इन गिरफ्तारियों के साथ, पुलिस ने लगभग ₹28 लाख मूल्य का चोरी का मशरूका और घटना में प्रयुक्त वाहन बरामद किए हैं। गाडरवारा पुलिस ने 5 मई 2026 को आनंद विहार कॉलोनी में हुई चोरी के बाद एक विशेष टीम गठित की। तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर, पुलिस ने जिला सागर निवासी राजकुमार उर्फ राकेश उर्फ रक्कू दुबे को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान, आरोपी ने गाडरवारा, करेली और सिहोरा क्षेत्रों में कुल 7 वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया, जिनमें सूने मकान, पान दुकान और मोटरसाइकिल चोरी की घटनाएं शामिल हैं। आरोपी के पास से ₹17 लाख मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण, जैसे कंगन, हार और मंगलसूत्र बरामद किए गए हैं। राजकुमार उर्फ राकेश उर्फ रक्कू दुबे का लंबा आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और उस पर विभिन्न थानों में कई मामले दर्ज हैं। इसी क्रम में, सुआतला पुलिस ने बरमान कला स्थित हनुमान मंदिर और ग्राम लोलरी में हुई चोरी की घटनाओं का भी खुलासा किया। पुलिस ने आरोपी सुंदर जाटव और उसके साथी टीकाराम चौधरी को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से चांदी का छत्र, मुकुट, सोने-चांदी के जेवरात और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल सहित लगभग ₹11 लाख का मशरूका बरामद हुआ है। मुख्य आरोपी सुंदर जाटव भी एक आदतन अपराधी है, जिसके विरुद्ध नरसिंहपुर सहित जबलपुर, छिंदवाड़ा, नर्मदापुरम और रायसेन जिलों में नकबजनी के कई मामले दर्ज हैं। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी गाडरवारा निरीक्षक अशोक सिंह चौहान, चौकी प्रभारी सिहोरा उप निरीक्षक विजयपाल सिंह, चौकी प्रभारी बरमान उप निरीक्षक आशीष बोपचे सहित विशेष पुलिस टीम के सदस्यों की भूमिका सराहनीय रही।4
- नरसिंहपुर जिले के करेली थाना क्षेत्र में पुलिस ने सट्टा कारोबारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान, सट्टा पट्टी काटते हुए कुल 12 आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने इन आरोपियों के कब्जे से सट्टा पट्टी के साथ ही ₹27,460 नकद राशि जब्त की। गिरफ्तार किए गए सभी 12 आरोपियों के विरुद्ध पब्लिक गैंबलिंग (मध्य प्रदेश) एक्ट की धारा 4 ए के तहत प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्यवाही शुरू कर दी गई है।1
- मानसून से उत्पन्न होने वाली संभावित चुनौतियों से निपटने की तैयारी में नरसिंहपुर का पुलिस-प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है। इसी क्रम में, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) द्वारा बरमान घाट पर बचाव कार्यों का एक 'मॉक ड्रिल' आयोजित किया गया। यह अभ्यास मानसून के दौरान किसी भी आपातकालीन स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारियों का मूल्यांकन करने के उद्देश्य से किया गया।1
- गोटेगांव के ग्राम भड़री में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के दौरान, कथा व्यास श्री विपिन महाराज जी ने यह महत्वपूर्ण बात कही कि इस कथा के मात्र श्रवण से मनुष्य भवसागर से पार हो सकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सच्चा धर्म कभी दिखावे का विषय नहीं होता। महाराज श्री के अनुसार, सनातन धर्म की वास्तविक पहचान माता-पिता की सेवा करने, गरीब कन्याओं के विवाह में सहयोग देने और धर्म का सदुपयोग करने में निहित है। उन्होंने यह भी बताया कि वह घर अत्यंत सौभाग्यशाली होता है जहाँ बुजुर्गों का सम्मान किया जाता है, बच्चों में संस्कार होते हैं और धार्मिक वातावरण बना रहता है। इसके अतिरिक्त, श्री विपिन महाराज ने गंगा दशहरा के महत्व का वर्णन करते हुए राम नाम और राम स्तुति की महिमा पर भी प्रकाश डाला। यह भक्तिमय आयोजन प्रतिदिन शाम 4 बजे से 7 बजे तक आयोजित किया जा रहा है, जो 30 मई तक चलेगा। आयोजन समिति ने समस्त क्षेत्रवासियों से इस कथा में शामिल होकर धर्म लाभ लेने की अपील की है।1
- गोटेगांव के ग्राम भड़री में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में कथा व्यास विपिन महाराज जी ने आतंकवादियों और बलात्कारियों के लिए तत्काल फांसी की सजा की पुरजोर वकालत की। उन्होंने तर्क दिया कि ऐसे अपराधियों पर सालों-साल कानूनी अदालतों में सुनवाई चलने से न केवल न्याय चाहने वाला टूट जाता है, बल्कि देश का पैसा और भोजन भी बर्बाद होता है। महाराज श्री ने कश्मीर में हुए पहलगामा आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की, जहाँ धर्म पूछकर हिंदू धर्म के लोगों को गोली मारी गई, और कहा कि इस घटना की जितनी निंदा की जाए वह कम है। महाराज जी ने देश को अंदर से खोखला कर रहे 'कामनवी' के रूप में देशद्रोहियों पर भी गंभीर आरोप लगाए, जिन्हें उन्होंने 'राक्षस' कहा। उन्होंने कहा कि ऐसे देशद्रोहियों को भारत में रहने का कोई हक नहीं है, और देश को सुरक्षित बनाने के लिए इन 'राक्षसों' को पहचानना आवश्यक है। महाभारत का प्रसंग सुनाते हुए, महाराज श्री ने दुर्योधन और अर्जुन के कृष्ण भगवान से मिलने का उदाहरण दिया, यह दर्शाने के लिए कि यदि व्यक्ति सत्य धर्म का पालन करे और सही कर्म करे, तो भगवान की सीधी नजर उस पर पड़ती है और उसका कल्याण होता है; अन्यथा, गलत काम करने पर दुर्योधन जैसा परिणाम होता है। उन्होंने साधु-संतों और भगवान का अपमान करने वालों की भी आलोचना की, खासकर उन लोगों की जो शास्त्रों के विपरीत गांजा, अफीम और धूम्रपान का सेवन करते हैं, और साधु परंपरा का सम्मान करने का आग्रह किया। महाराज जी ने ज्ञान की पुस्तकों के सड़कों पर बिकने और घरों में कुत्तों को पालने तथा गौमाता के बाहर घूमने की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए बच्चों को सही शिक्षा देने, गाय और ज्ञान का महत्व समझने पर जोर दिया। उन्होंने दृढ़तापूर्वक कहा कि हिंदू धर्म पहले भी था, अभी भी है और भविष्य में भी रहेगा, और इसे बिगाड़ने या बदनाम करने के प्रयास कभी सफल नहीं होंगे। उन्होंने घोषणा की कि साधु-संत परंपरा और क्षत्रिय वंश ने पहले भी धर्म की रक्षा की है और आगे भी करेगा, जिससे हिंदू सनातन धर्म 'जय श्री राम' के नारों के साथ निरंतर आगे बढ़ता रहेगा। इस अवसर पर पूजा पाठ आचार्य देवेंद्र अवस्थी, पंडित सुधीर शास्त्री, पंडित प्रदीप शास्त्री और पंडित सत्यम अवस्थी द्वारा किया जा रहा है। तृतीय दिवस की कथा में वरिष्ठ समाजसेवी इंजीनियर सरदार सिंह जी पटेल, गोटेगांव विधायक महेंद्र नागेश, पूर्व विधायक हाकम सिहं, पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष लाखन सिंह पटेल, सांसद प्रतिनिधि पंकज चौकसे, शक्ति राजपूत, निधान सिंह पटेल एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। प्रवचन का समय शाम 4:00 बजे से 7:00 बजे तक है, और कथा का समापन 31 तारीख को भंडारे के साथ किया जाएगा। आयोजन समिति ने सभी से कथा में शामिल होकर अपने जीवन को धन्य बनाने का आह्वान किया है।1
- नरसिंहपुर जिले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों के पास से 28 लाख रुपये के जेवरात बरामद किए गए हैं। इस गिरफ्तारी के साथ ही जिले में हुई कुल 9 चोरियों का भी खुलासा हो गया है।1
- नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा थाना क्षेत्र से एक विवाहित महिला के रहस्यमयी तरीके से लापता होने का मामला सामने आया है, जिसके 20 दिन बीत जाने के बाद भी कोई सुराग नहीं मिला है। इस मामले में परेशान पति घनश्याम नौरिया ने पुलिस अधीक्षक (SP) को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है, साथ ही स्थानीय पुलिस पर सहयोग न करने के गंभीर आरोप भी लगाए हैं। ग्राम तुमड़ा, थाना साईंखेड़ा निवासी घनश्याम नौरिया ने अपने आवेदन में बताया कि उनकी पत्नी पूजा नौरिया 07 मई 2026 को गाडरवारा में एक रिसॉर्ट में आयोजित शादी समारोह में शामिल होने गई थीं। पीड़ित का आरोप है कि वहाँ मौजूद राहुल नौरिया और सुनील नौरिया ने उनकी पत्नी को खाने में नशीला पदार्थ खिलाकर बेहोश कर दिया, जिसके बाद वे उसे जबरन उठाकर किसी गुप्त स्थान पर ले गए।1
- मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर में लगभग एक दर्जन परिवार अपनी दुकानों को कथित तौर पर JCB से तोड़े जाने की पीड़ा लेकर कलेक्टर की जनसुनवाई में पहुंचे। ग्राम पंचायत बरमान कलां के इन परिवारों का कहना है कि वे पिछले 16-17 वर्षों से मां नर्मदा के किनारे छोटी पूजा प्रसादी और श्रद्धालुओं से संबंधित दुकानों के माध्यम से अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे, लेकिन अब उनकी रोजी-रोटी पर हमला किया गया है। पीड़ित परिवारों ने आरोप लगाया कि सियावर आश्रम के महंत गोविंद राजपूत ने उनकी दुकानों को तोड़ दिया और उनमें रखा नारियल, प्रसाद, अगरबत्ती सहित अन्य सामान बाहर फेंक दिया। उनका दावा है कि कई दुकानों को तो पूरी तरह हटा दिया गया है। दुकानदारों ने यह भी बताया कि उन्होंने अपनी दुकानें आश्रम की जमीन से हटाकर पीछे स्थित शासकीय भूमि पर स्थापित कर ली थीं, इसके बावजूद उन्हें लगातार वहां से हटाने का दबाव बनाया जा रहा है। परिवारों ने आरोप लगाया कि एक ओर उन्हें उजाड़ा जा रहा है, वहीं दूसरी ओर हरे-भरे सागौन के पेड़ों को काटकर एक ढाबा संचालक को जगह दी गई है। पीड़ितों ने भावुक होकर बताया कि ये छोटी-सी दुकानें ही उनके परिवार की आजीविका का एकमात्र सहारा हैं और कई परिवार तो अपनी दुकानों में ही रहते व रात गुजारते हैं। यदि ये दुकानें हटा दी गईं, तो उनके छोटे-छोटे बच्चों के साथ बेघर होने की स्थिति उत्पन्न हो जाएगी। परिवारों ने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाते हुए कहा कि वे वर्षों से नर्मदा तट पर श्रद्धालुओं और परिक्रमा वासियों की सेवा करते आ रहे हैं, कई बार डूबते लोगों की जान बचाई है और जरूरतमंद यात्रियों को अपनी दुकानों में ठहरने की व्यवस्था भी दी है। जनसुनवाई में पहुंचे इन परिवारों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि उनकी दुकानों को न हटाया जाए और उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन यापन करने का अधिकार दिया जाए। पीड़ितों में कमला नोरिया, मनोहर नौरिया और सोमवती नौरिया शामिल हैं जिन्होंने अपनी बात रखी।3