कौशांबी जिले के सराय अकिल थाना क्षेत्र के नन्ददौली का पुरवा गांव में एक ट्यूबवेल ऑपरेटर गुलाब रैदास को गोली मार दी गई। इस वारदात को मुजीम नामक व्यक्ति ने अंजाम दिया, जो घटना के तुरंत बाद मौके से फरार हो गया। घायल गुलाब रैदास को परिजनों और ग्रामीणों की मदद से गंभीर हालत में जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों के अनुसार गोली लगने के कारण उनकी हालत नाजुक बनी हुई है और उनका इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही सराय अकिल थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि गोलीबारी का कारण पुरानी रंजिश हो सकती है। गोली चलने की इस घटना से नन्ददौली का पुरवा गांव में दहशत का माहौल है, जिसके मद्देनजर पुलिस ने गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है। पुलिस घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य जुटा रही है। थाना प्रभारी ने बताया कि पीड़ित के परिजनों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस फरार आरोपी मुजीम की तलाश में लगातार दबिश दे रही है और उसे जल्द से जल्द गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया है। पुलिस इस घटना के पीछे के असली और विस्तृत कारणों का पता लगाने में जुटी हुई है।
कौशांबी जिले के सराय अकिल थाना क्षेत्र के नन्ददौली का पुरवा गांव में एक ट्यूबवेल ऑपरेटर गुलाब रैदास को गोली मार दी गई। इस वारदात को मुजीम नामक व्यक्ति ने अंजाम दिया, जो घटना के तुरंत बाद मौके से फरार हो गया। घायल गुलाब रैदास को परिजनों और ग्रामीणों की मदद से गंभीर हालत में जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों के अनुसार गोली लगने के कारण उनकी हालत नाजुक बनी हुई है और उनका इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही सराय अकिल थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि गोलीबारी का कारण पुरानी रंजिश हो सकती है। गोली चलने की इस घटना से नन्ददौली का पुरवा गांव में दहशत का माहौल है, जिसके मद्देनजर पुलिस ने गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है। पुलिस घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य जुटा रही है। थाना प्रभारी ने बताया कि पीड़ित के परिजनों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस फरार आरोपी मुजीम की तलाश में लगातार दबिश दे रही है और उसे जल्द से जल्द गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया है। पुलिस इस घटना के पीछे के असली और विस्तृत कारणों का पता लगाने में जुटी हुई है।
- कौशाम्बी में, APK फाइल के जरिए ठगी करने वाले एक साइबर अपराधी को कानपुर नगर से गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान विनय कुमार वर्मा के रूप में हुई है, जो मोबाइल फोन हैक करके लोगों के पैसे उड़ाता था। विनय कुमार वर्मा क्रेडिट कार्ड, CVV और OTP जैसी संवेदनशील जानकारी चुराकर धोखाधड़ी करता था। इस गिरोह के खिलाफ कई राज्यों में साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज हैं और इसने ₹11.12 लाख रुपये से अधिक की ठगी की है।1
- प्रयागराज के बहादुरपुर क्षेत्र में, झूंसी थाना अंतर्गत, गुरुवार, 04 जून 2026 की शाम लगभग 6 बजे एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसमें एक अज्ञात युवक की मौके पर ही मृत्यु हो गई। यह घटना चकहरिहरबन, झूंसी स्थित जीटी रोड पर घटी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, युवक सड़क पार कर रहा था तभी अंदावा से चुंगी की ओर जा रही एक तेज रफ्तार पल्सर बाइक (नंबर UP32RB9291) ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि युवक गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ा और वहीं दम तोड़ दिया। हादसे के बाद घटनास्थल पर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई, जिन्होंने पुलिस को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही झूंसी थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची, शव को अपने कब्जे में लिया और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी। हालांकि, मृतक युवक की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है।1
- कौशांबी के थाना सराय अकिल क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम इमली गांव में एक बगीचे से मिले महिला के शव के मामले का पुलिस ने सफल अनावरण कर लिया है। इस घटना के संबंध में पुलिस ने एक अभियुक्त को गिरफ्तार भी किया है। यह जानकारी अपर पुलिस अधीक्षक कौशांबी श्रीमती अमिता सिंह द्वारा एक वीडियो बाइट के माध्यम से दी गई है।1
- उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले के कोखराज थाना क्षेत्र में गंगा नदी में बिना किसी आधिकारिक अनुमति के जहर डालकर मछलियों को मारने का अवैध धंधा बेरोकटोक जारी है। आरोप है कि कुछ लोग रोजाना लाखों रुपये की मछलियां इस तरह से निकालकर बेच रहे हैं। इस अवैध गतिविधि के कारण न सिर्फ गंगा का जलीय जीवन खतरे में है, बल्कि नदी का पानी भी जहरीला होता जा रहा है। इस अवैध कारोबार को रोकने के लिए मत्स्य विभाग और कोखराज थाना पुलिस एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराते हुए अपनी-अपनी जवाबदेही से पल्ला झाड़ रहे हैं। मत्स्य विभाग का कहना है कि अवैध शिकार को रोकना पुलिस की जिम्मेदारी है, वहीं पुलिस का तर्क है कि नदी में मछली पकड़ने की निगरानी मत्स्य विभाग का कार्य है। दोनों विभागों के बीच जारी इस खींचतान का सीधा लाभ अवैध कारोबारियों को मिल रहा है, जिससे उनके हौसले बुलंद हैं। स्थानीय मछुआरों और पर्यावरण प्रेमियों ने इस बात पर चिंता व्यक्त की है कि जहर डालने से छोटी-बड़ी सभी प्रकार की मछलियां मर जाती हैं, जिससे गंगा का पूरा पारिस्थितिकी तंत्र बिगड़ रहा है। इसके साथ ही, जहरीली मछलियों के बाजार में पहुंचने से आम लोगों के स्वास्थ्य पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है। शिकायतें मिलने के बावजूद इस मामले में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। लोगों ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए गंगा में जहर डालकर मछली मारने वाले गिरोह पर सख्त कार्रवाई करने की अपील की है। साथ ही, उन्होंने इस अवैध कारोबार को रोकने की जिम्मेदारी तय करने और नदी में पेट्रोलिंग बढ़ाने की भी मांग की है। दोषियों के खिलाफ रासुका लगाने की भी मांग उठ रही है। इस संबंध में मत्स्य विभाग के अधिकारी और कोखराज थाना प्रभारी से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन कोई आधिकारिक बयान प्राप्त नहीं हो सका।1
- कौशांबी के कोखराज थाने में 'नारी शक्ति मिशन' और महिला सम्मान के सरकारी दावों की ज़मीनी हक़ीक़त पूरी तरह उलट नज़र आई, जहाँ न्याय की उम्मीद में पहुँची फरियादी महिलाओं को बैठने के लिए कुर्सी तक नसीब नहीं हुई और उन्हें थाने परिसर के बाहर ज़मीन पर बैठना पड़ा। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि थाने में कुछ ख़ास लोगों को तो कुर्सी और सम्मानजनक स्थान मिल जाता है, लेकिन पीड़ित महिलाएँ घंटों ज़मीन पर बैठकर अपनी बारी का इंतज़ार करने को मजबूर होती हैं। इन महिलाओं ने बताया कि वे सुबह से न्याय के लिए आई थीं, लेकिन उन्हें न तो बैठने की जगह मिली और न ही उनकी बात ठीक से सुनी गई। यह स्थिति तब सामने आई है जब सरकार 'मिशन शक्ति' जैसे अभियान चला रही है और हर थाने में महिला हेल्प डेस्क के साथ-साथ बैठने की उचित व्यवस्था के निर्देश भी दिए गए हैं। कोखराज थाने की इन तस्वीरों ने सरकारी दावों की पोल खोल दी है, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि जब थाने में ही महिलाओं को सम्मान नहीं मिलेगा, तो उन्हें न्याय कैसे मिलेगा? क्षेत्र में चर्चा है कि थाने की इस अव्यवस्था और कथित अनियमितताओं को लेकर लगातार खबरें प्रकाशित होने तथा शिकायतें मिलने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है, जिससे लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि आख़िर किसके संरक्षण में थाने में यह स्थिति बनी हुई है। इस मामले में कोखराज थाना प्रभारी से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। हालाँकि, उच्च अधिकारियों ने इस घटना का संज्ञान लेते हुए जाँच की बात कही है।1