कौशांबी के कोखराज थाने में 'नारी शक्ति मिशन' और महिला सम्मान के सरकारी दावों की ज़मीनी हक़ीक़त पूरी तरह उलट नज़र आई, जहाँ न्याय की उम्मीद में पहुँची फरियादी महिलाओं को बैठने के लिए कुर्सी तक नसीब नहीं हुई और उन्हें थाने परिसर के बाहर ज़मीन पर बैठना पड़ा। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि थाने में कुछ ख़ास लोगों को तो कुर्सी और सम्मानजनक स्थान मिल जाता है, लेकिन पीड़ित महिलाएँ घंटों ज़मीन पर बैठकर अपनी बारी का इंतज़ार करने को मजबूर होती हैं। इन महिलाओं ने बताया कि वे सुबह से न्याय के लिए आई थीं, लेकिन उन्हें न तो बैठने की जगह मिली और न ही उनकी बात ठीक से सुनी गई। यह स्थिति तब सामने आई है जब सरकार 'मिशन शक्ति' जैसे अभियान चला रही है और हर थाने में महिला हेल्प डेस्क के साथ-साथ बैठने की उचित व्यवस्था के निर्देश भी दिए गए हैं। कोखराज थाने की इन तस्वीरों ने सरकारी दावों की पोल खोल दी है, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि जब थाने में ही महिलाओं को सम्मान नहीं मिलेगा, तो उन्हें न्याय कैसे मिलेगा? क्षेत्र में चर्चा है कि थाने की इस अव्यवस्था और कथित अनियमितताओं को लेकर लगातार खबरें प्रकाशित होने तथा शिकायतें मिलने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है, जिससे लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि आख़िर किसके संरक्षण में थाने में यह स्थिति बनी हुई है। इस मामले में कोखराज थाना प्रभारी से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। हालाँकि, उच्च अधिकारियों ने इस घटना का संज्ञान लेते हुए जाँच की बात कही है।
कौशांबी के कोखराज थाने में 'नारी शक्ति मिशन' और महिला सम्मान के सरकारी दावों की ज़मीनी हक़ीक़त पूरी तरह उलट नज़र आई, जहाँ न्याय की उम्मीद में पहुँची फरियादी महिलाओं को बैठने के लिए कुर्सी तक नसीब नहीं हुई और उन्हें थाने परिसर के बाहर ज़मीन पर बैठना पड़ा। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि थाने में कुछ ख़ास लोगों को तो कुर्सी और सम्मानजनक स्थान मिल जाता है, लेकिन पीड़ित महिलाएँ घंटों ज़मीन पर बैठकर अपनी बारी का इंतज़ार करने को मजबूर होती हैं। इन महिलाओं ने बताया कि वे सुबह से न्याय के लिए आई थीं, लेकिन उन्हें न तो बैठने की जगह मिली और न ही उनकी बात ठीक से सुनी गई। यह स्थिति तब सामने आई है जब सरकार 'मिशन शक्ति' जैसे अभियान चला रही है और हर थाने में महिला हेल्प डेस्क के साथ-साथ बैठने की उचित व्यवस्था के निर्देश भी दिए गए हैं। कोखराज थाने की इन तस्वीरों ने सरकारी दावों की पोल खोल दी है, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि जब थाने में ही महिलाओं को सम्मान नहीं मिलेगा, तो उन्हें न्याय कैसे मिलेगा? क्षेत्र में चर्चा है कि थाने की इस अव्यवस्था और कथित अनियमितताओं को लेकर लगातार खबरें प्रकाशित होने तथा शिकायतें मिलने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है, जिससे लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि आख़िर किसके संरक्षण में थाने में यह स्थिति बनी हुई है। इस मामले में कोखराज थाना प्रभारी से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। हालाँकि, उच्च अधिकारियों ने इस घटना का संज्ञान लेते हुए जाँच की बात कही है।
- उत्तर प्रदेश के संभल में वर्ष 1978 के सांप्रदायिक दंगों के पीड़ित रामशरण रस्तोगी के परिवार को योगी सरकार ने 150 गज भूमि का पट्टा सौंपा है। करीब 48 वर्ष बाद दंगा पीड़ित परिवार को यह मदद मिली है। प्रभारी मंत्री जेपीएस राठौर ने परिवार की तीसरी पीढ़ी को यह भूमि आवंटन पत्र प्रदान किया। इस दौरान मंत्री ने भवन निर्माण के लिए शिलान्यास और हवन-पूजन भी किया। यह भूमि अवैध कब्रिस्तान के कब्जे से मुक्त कराई गई सरकारी ज़मीन पर उपलब्ध कराई गई है। रामशरण रस्तोगी की हत्या 1978 के दंगों के दौरान उनकी दुकान में कर दी गई थी।1
- सराय अकिल थाना क्षेत्र के अंतर्गत इमली गांव स्थित एक बगीचे में मिले महिला के शव से जुड़ी घटना का पुलिस ने सफलतापूर्वक अनावरण कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। कौशांबी की अपर पुलिस अधीक्षक श्रीमती अमिता सिंह ने एक वीडियो बाइट के माध्यम से इस कार्रवाई की जानकारी दी है।1
- प्रयागराज नगर निगम ने गुरुवार, 04 जून 2026 को कीडगंज क्षेत्र में डेकोरेटिव पोल लाइट स्थापना कार्य का भूमि पूजन और शिलान्यास किया। इस परियोजना का शुभारंभ महापौर गणेश केसरवानी ने किया, जिन्होंने कहा कि इससे क्षेत्र में बेहतर प्रकाश व्यवस्था के साथ-साथ सौंदर्यीकरण को भी बढ़ावा मिलेगा। इस अवसर पर पार्षद मुकेश लारा, बब्बन प्रजापति, मयंक यादव, शिव नारायण यादव, सुरेंद्र यादव और हिमालय सोनकर सहित कई जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने नगर निगम की इस पहल का स्वागत करते हुए इसे क्षेत्र के विकास और सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया। नगर निगम ने यह भी जानकारी दी कि शहर में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार हेतु विकास कार्य जारी रखे जाएंगे।1
- प्रयागराज के कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित साउथ मलाका इलाके में एक मकान से एक ही परिवार के चार सदस्यों के शव मिलने की सनसनीखेज घटना के बाद पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। इस घटना के बाद इलाके में गश्त बढ़ा दी गई है। आज इस घटना के मद्देनजर पुलिस आयुक्त जोगिंदर कुमार, एडिशनल सीपी डॉ. अजय पाल शर्मा और डीसीपी क्राइम सागर जैन ने शहर के संवेदनशील क्षेत्रों में चलाए जा रहे विशेष गश्त अभियान का जायजा लिया। करेली और खुलदाबाद सहित सभी थानों को नियमित सत्यापन करने और अपराधियों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश जारी किए गए हैं।1
- कौशांबी जिले के सराय अकिल थाना क्षेत्र के नन्ददौली का पुरवा गांव में एक ट्यूबवेल ऑपरेटर गुलाब रैदास को गोली मार दी गई। इस वारदात को मुजीम नामक व्यक्ति ने अंजाम दिया, जो घटना के तुरंत बाद मौके से फरार हो गया। घायल गुलाब रैदास को परिजनों और ग्रामीणों की मदद से गंभीर हालत में जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों के अनुसार गोली लगने के कारण उनकी हालत नाजुक बनी हुई है और उनका इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही सराय अकिल थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि गोलीबारी का कारण पुरानी रंजिश हो सकती है। गोली चलने की इस घटना से नन्ददौली का पुरवा गांव में दहशत का माहौल है, जिसके मद्देनजर पुलिस ने गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है। पुलिस घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य जुटा रही है। थाना प्रभारी ने बताया कि पीड़ित के परिजनों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस फरार आरोपी मुजीम की तलाश में लगातार दबिश दे रही है और उसे जल्द से जल्द गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया है। पुलिस इस घटना के पीछे के असली और विस्तृत कारणों का पता लगाने में जुटी हुई है।1
- प्रयागराज के साउथ मलाका में हुए चर्चित चार हत्याकांड के संबंध में एक बड़ा खुलासा हुआ है। बताया गया है कि आरोपी सनी गुप्ता ने वारदात को अंजाम देने के बाद पूरी रात लाशों के साथ उसी घर में बिताई। अगली सुबह जब वह घर से बाहर निकल रहा था, तो सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया। इसी सीसीटीवी फुटेज की मदद से पुलिस कातिल सनी गुप्ता तक पहुँचने में कामयाब रही और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।1
- दिल्ली में हुए अग्निकांड के बाद से होटलों और रेस्टोरेंट में मेहमानों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस बीच, प्रयागराज में भी ऐसे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अग्निशमन सुरक्षा मानकों का जमकर उल्लंघन किया जा रहा है, जिस पर अग्निशमन विभाग की टीम केवल खानापूर्ति करने से बाज नहीं आ रही है। बृहस्पतिवार को शासन की ओर से सघन जांच अभियान चलाए जाने के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे, लेकिन विभागीय अफसरों ने इन निर्देशों को हल्के में लिया। सिविल लाइंस इलाके में 100 से अधिक होटल और रेस्टोरेंट होने के बावजूद, अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने इस महत्वपूर्ण क्षेत्र को छोड़कर जांच के लिए रामबाग का रुख किया। इस मामले पर पूछे गए सवालों पर भी अधिकारी गोलमोल जवाब देते रहे, जो दिल्ली अग्निकांड के बाद भी विभाग की लापरवाही और खानापूर्ति करने की प्रवृत्ति को दर्शाता है।1
- पाकिस्तान ने एक बार फिर भारत की जल परियोजनाओं पर गंभीर आपत्ति दर्ज कराई है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने आरोप लगाया है कि भारत चिनाब नदी के पानी को मोड़ने की योजना बना रहा है, जो सिंधु जल संधि का 'गंभीर उल्लंघन' है। पाकिस्तान का दावा है कि भारत की प्रस्तावित परियोजना के तहत हर साल 'बड़ी मात्रा में' पानी दूसरी दिशा में मोड़ा जाएगा। इस्लामाबाद ने इसे 'अंतरराष्ट्रीय जल कानूनों के खिलाफ' बताते हुए भारत पर पानी को 'हथियार' के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस मामले में हस्तक्षेप की अपील करते हुए कड़ी चेतावनी दी है कि यदि उसकी जल, खाद्य और आर्थिक सुरक्षा प्रभावित होती है, तो वह अपने हितों की रक्षा के लिए 'सभी विकल्प सुरक्षित रखता' है। यह बयान सिंधु जल संधि और भारत की विभिन्न जल परियोजनाओं को लेकर दोनों देशों के बीच बढ़ते विवाद के बीच सामने आया है।1