बुधवार को कन्नौज में तिर्वा के गांधी चौक पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज का भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर उन्होंने गौमाता की महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि गाय हमारी माता है और उसकी रक्षा करना हम सभी का दायित्व है। शंकराचार्य बेला से कन्नौज की ओर जा रहे थे, जब उनके आगमन की सूचना पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय लोग गांधी चौक पर जमा हो गए। लोगों ने उन्हें पुष्पमालाएं पहनाकर और जयघोष के साथ उनका अभिनंदन किया। जनसमूह को संबोधित करते हुए शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने स्पष्ट किया कि गाय केवल एक पशु नहीं है, बल्कि भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा में माता के समान पूजनीय है। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी व्यक्ति को गाय को मात्र पशु नहीं कहना चाहिए, क्योंकि यह हमारी आस्था, संस्कृति और जीवन मूल्यों का प्रतीक है। उन्होंने हर नागरिक से गाय की रक्षा और सेवा को अपना नैतिक कर्तव्य मानने का आह्वान किया। शंकराचार्य ने भारत की सनातन संस्कृति में गाय के विशेष महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि इसके संरक्षण से समाज में करुणा, संवेदना और धार्मिक मूल्य मजबूत होते हैं। उन्होंने लोगों से गौसेवा और गौसंरक्षण के लिए आगे आने और आने वाली पीढ़ियों को भी इसका महत्व बताने का आग्रह किया। अपने उद्बोधन के अंत में, उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि “गाय का अपमान राष्ट्र का अपमान है,” और हमें अपनी संस्कृति, परंपराओं तथा धार्मिक विरासत की रक्षा के लिए सदैव सजग रहना होगा। बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने उनके विचारों का स्वागत किया।
बुधवार को कन्नौज में तिर्वा के गांधी चौक पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज का भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर उन्होंने गौमाता की महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि गाय हमारी माता है और उसकी रक्षा करना हम सभी का दायित्व है। शंकराचार्य बेला से कन्नौज की ओर जा रहे थे, जब उनके आगमन की सूचना पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय लोग गांधी चौक पर जमा हो गए। लोगों ने उन्हें पुष्पमालाएं पहनाकर और जयघोष के साथ उनका अभिनंदन किया। जनसमूह को संबोधित करते हुए शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने स्पष्ट किया कि गाय केवल एक पशु नहीं है, बल्कि भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा में माता के समान पूजनीय है। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी व्यक्ति को गाय को मात्र पशु नहीं कहना चाहिए, क्योंकि यह हमारी आस्था, संस्कृति और जीवन मूल्यों का प्रतीक है। उन्होंने हर नागरिक से गाय की रक्षा और सेवा को अपना नैतिक कर्तव्य मानने का आह्वान किया। शंकराचार्य ने भारत की सनातन संस्कृति में गाय के विशेष महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि इसके संरक्षण से समाज में करुणा, संवेदना और धार्मिक मूल्य मजबूत होते हैं। उन्होंने लोगों से गौसेवा और गौसंरक्षण के लिए आगे आने और आने वाली पीढ़ियों को भी इसका महत्व बताने का आग्रह किया। अपने उद्बोधन के अंत में, उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि “गाय का अपमान राष्ट्र का अपमान है,” और हमें अपनी संस्कृति, परंपराओं तथा धार्मिक विरासत की रक्षा के लिए सदैव सजग रहना होगा। बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने उनके विचारों का स्वागत किया।
- सोशल मीडिया पर एक चौंकाने वाला वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कथित तौर पर एक व्यक्ति को जानवरों का चारा खाते हुए देखा जा सकता है। इस दौरान वहाँ मौजूद लोग उसे देखकर अचंभित रह जाते हैं। कुछ लोग इस दृश्य को आस्था से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि अन्य इसे एक अनोखी परंपरा का हिस्सा बता रहे हैं। हालांकि, इस वायरल वीडियो के स्थान और इसके पीछे की वास्तविक सच्चाई की अभी तक कोई पुष्टि नहीं हो सकी है।1
- हरदोई जिले के मल्लावां कस्बे स्थित प्रसिद्ध श्री बजरंगबली (हनुमान) मंदिर परिसर में बड़े मंगलवार के अवसर पर रामचरितमानस सुंदरकांड पाठ का भव्य आयोजन किया गया। यह धार्मिक कार्यक्रम वरिष्ठ भाजपा नेता राजेश पाठक द्वारा शाम के समय संपन्न कराया गया, जिसमें सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित हुए। कार्यक्रम के दौरान सभी भक्तगण भजन-पूजन के साथ भक्तिमय माहौल में पूरी तरह लीन हो गए। सुंदरकांड पाठ के समापन के उपरांत, सभी श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य आयोजक, वरिष्ठ भाजपा नेता राजेश पाठक ने उपस्थित सभी लोगों को शुभकामनाएं भी दीं। मंटू पाठक, विकास पाठक, संदीप पाठक, अनुज शुक्ला, अजय शर्मा सहित कई गणमान्य व्यक्ति और सैकड़ों अन्य श्रद्धालु इस आयोजन में शामिल हुए, जहाँ प्रसाद का वितरण भी किया गया।4
- दरपुर बरेठी में नाली का निर्माण न होने के कारण विवाद उत्पन्न हो गया है। स्थानीय स्तर पर इस मुद्दे को लेकर गतिरोध बना हुआ है।1
- उन्नाव के सदर कोतवाली क्षेत्र से एक मामला सामने आया है, जहाँ एक महिला ने अपने देवर सहित तीन लोगों पर घर में घुसकर मारपीट और छेड़छाड़ करने का गंभीर आरोप लगाया है। महिला के अनुसार, इस हमले में उनके हाथ की हड्डी टूट गई है और उनके पति भी घायल हुए हैं। पीड़ित महिला ने पुलिस पर मामले में कोई कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है, साथ ही उन्होंने आरोपियों से अपनी जान का खतरा भी बताया है। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।1
- जो भी व्यक्ति डीजे गाड़ी की बुकिंग करवाना चाहता है, वह संपर्क कर सकता है। यह सेवा उन सभी के लिए उपलब्ध है जिन्हें डीजे गाड़ी की आवश्यकता है।1
- हरदोई के शाहाबाद क्षेत्र में 3 जून को एक चर्चित ढाबे पर ग्राहक के साथ हुई बर्बर मारपीट की घटना ने कानून-व्यवस्था और आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार, शाहजहाँपुर नईवस्ती निवासी उत्कर्ष नामक युवक का शराब के नशे में ढाबे के कर्मचारियों से विवाद हो गया। इसके बाद ढाबा संचालकों, कर्मचारियों और अन्य मौजूद लोगों ने कानून को अपने हाथ में लेते हुए युवक की बेरहमी से पिटाई कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, उत्कर्ष को पहले लात-घूंसों, जूतों और चप्पलों से पीटा गया। आरोप है कि हमलावरों का गुस्सा शांत न होने पर उसे गिरा-गिराकर, घसीट-घसीटकर और दौड़ा-दौड़ाकर लाठी-डंडों से मारा गया। जान बचाने के लिए युवक सड़क किनारे खड़े एक ट्रक से टकराकर उसके नीचे घुसने की कोशिश करने लगा, लेकिन उसे वहाँ से खींचकर बाहर निकाला गया और मारपीट जारी रखी गई। इतना ही नहीं, आरोप है कि उत्कर्ष को बांधकर पीटा गया और बार-बार जान से मारने की धमकियाँ भी दी गईं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि ग्राहक ने अभद्रता की थी तो ढाबा प्रबंधन को पुलिस को सूचना देनी चाहिए थी, न कि इस तरह की हिंसा करनी चाहिए थी, जो किसी भी सभ्य समाज में अस्वीकार्य है। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुँचकर युवक को बचाया और उसे तथा ढाबे से दो अन्य युवकों को कोतवाली ले गई। इन तीनों का मेडिकल परीक्षण कराया गया, जिसके बाद अगले दिन बुधवार को उन्हें निरोधात्मक कार्रवाई के तहत एसडीएम न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें जमानत मिल गई। इस घटना के बाद क्षेत्र में यह चर्चा का विषय है कि क्या किसी निजी प्रतिष्ठान को इस प्रकार से कानून अपने हाथ में लेकर किसी नागरिक को दंडित करने का अधिकार है? स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि आरोप सही हैं तो यह केवल मारपीट का मामला नहीं, बल्कि हत्या के प्रयास जैसा गंभीर आपराधिक कृत्य है, जिसकी निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए थी, लेकिन पुलिस द्वारा की गई 'मात्र निरोधात्मक कार्रवाई' पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।1
- जनपद कन्नौज के छिबरामऊ कोतवाली क्षेत्र स्थित विजय नगला निवासी किसान उपदेश (पुत्र बेचेलाल) की काली नदी में डूबने से मृत्यु हो गई। बताया जा रहा है कि उपदेश अपने खेत में पानी लगाने के लिए नदी किनारे गए थे, जहाँ वह गहरे पानी में चले गए और डूब गए। काफी देर तक घर न लौटने पर ग्रामीणों ने उनकी तलाश शुरू की। स्थानीय लोगों ने नदी में खोजबीन के बाद उनका शव बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुँची, शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने की कार्रवाई की, और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस घटना के बाद परिवार में मातम का माहौल है। ग्रामीणों के अनुसार, मृतक उपदेश के परिवार में उनकी पत्नी, एक बेटा और एक बेटी हैं। अचानक हुई इस घटना से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस इस मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई कर रही है।1
- एक वायरल वीडियो में सामने आई एक दर्दनाक घटना में, केवल दो सेकंड की जल्दबाजी एक मां और उसके मासूम बच्चे की जान लेने का कारण बन गई। ट्रेन के सामने की गई एक छोटी सी गलती पल भर में एक भीषण और दुखद हादसे में तब्दील हो गई। यह घटना एक मार्मिक चेतावनी देती है कि जीवन अनमोल है, इसलिए कभी भी ऐसी जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए जो सब कुछ छीन ले।1